रोजा जंक्शन स्टेशन पर बीती देर रात नरमू (NARMO) के पदाधिकारियों ने वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस के लोको पायलट के साथ आलमनगर स्टेशन पर वेंडर द्वारा की गई कथित मारपीट के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। जब यही ट्रेन रोजा जंक्शन पर रुकी, तो नरमू पदाधिकारियों ने ट्रेन में मौजूद वेंडरों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस घटना के वीडियो और एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति जमीन पर गिरा हुआ दिख रहा है और उसके साथ मारपीट की गई है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब लोको पायलट राजेंद्र कुमार, जो लखनऊ से मुरादाबाद के लिए 15119 वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस पर कार्यरत थे, आलमनगर स्टेशन पर अपनी ट्रेन रुकने पर पेशाब करने के लिए इंजन से उतरकर पास के डिब्बे में जाने का प्रयास कर रहे थे। डिब्बे के गेट बंद होने के कारण उन्होंने उन्हें खुलवाने की कोशिश की, जिससे वहां मौजूद सवारियों और वेंडरों के साथ विवाद हो गया। आरोप है कि कुछ अनाधिकृत वेंडरों ने अक्सर गेट नहीं खोले और उनमें से एक वेंडर ने लोको पायलट के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और उन वेंडरों ने राजेंद्र कुमार के साथ मारपीट की। इस मारपीट में उन्हें काफी चोटें आईं और खून भी निकला। इस घटना के बाद जीआरपी मौके पर पहुंची और लोको पायलट तथा एक वेंडर को थाने ले गई। जब आलमनगर में हुई इस मारपीट की सूचना नरमू के मंडल मंत्री को मिली, तो संगठन के पदाधिकारी पहले से ही रोजा जंक्शन पर पहुँच गए थे। ट्रेन के आने से पहले ही उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर खड़े होकर रात 9 बजे नारेबाजी की। ट्रेन के रुकने के बाद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कोच के अंदर घुसकर दो लोगों को बाहर निकाला और उनके साथ मारपीट की। हालांकि, जीआरपी की सख्त फटकार के बाद पदाधिकारी वहां से हट गए और लगभग बीस मिनट बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। इस दौरान जीआरपी और आरपीएफ मौके पर तैनात रहे। जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि लोको पायलट से मारपीट के विरोध में नरमू के पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था और इस दौरान दो लोगों से मारपीट हुई है, जिसकी जांच जारी है।
रोजा जंक्शन स्टेशन पर बीती देर रात नरमू (NARMO) के पदाधिकारियों ने वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस के लोको पायलट के साथ आलमनगर स्टेशन पर वेंडर द्वारा की गई कथित मारपीट के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। जब यही ट्रेन रोजा जंक्शन पर रुकी, तो नरमू पदाधिकारियों ने ट्रेन में मौजूद वेंडरों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस घटना के वीडियो और एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति जमीन पर गिरा हुआ दिख रहा है और उसके साथ मारपीट की गई है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब लोको पायलट राजेंद्र कुमार, जो लखनऊ से मुरादाबाद के लिए 15119 वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस पर कार्यरत थे, आलमनगर स्टेशन पर अपनी ट्रेन रुकने पर पेशाब करने के लिए इंजन से उतरकर पास के डिब्बे में जाने का प्रयास कर रहे थे। डिब्बे के गेट बंद होने के कारण उन्होंने उन्हें खुलवाने की कोशिश की, जिससे वहां मौजूद सवारियों और वेंडरों के साथ विवाद हो गया। आरोप है कि कुछ अनाधिकृत वेंडरों ने अक्सर गेट नहीं खोले और उनमें से एक वेंडर ने लोको पायलट के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और उन वेंडरों ने राजेंद्र कुमार के साथ मारपीट की। इस मारपीट में उन्हें काफी चोटें आईं और खून भी निकला। इस घटना के बाद जीआरपी मौके पर पहुंची और लोको पायलट तथा एक वेंडर को थाने ले गई। जब आलमनगर में हुई इस मारपीट की सूचना नरमू के मंडल मंत्री को मिली, तो संगठन के पदाधिकारी पहले से ही रोजा जंक्शन पर पहुँच गए थे। ट्रेन के आने से पहले ही उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर खड़े होकर रात 9 बजे नारेबाजी की। ट्रेन के रुकने के बाद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कोच के अंदर घुसकर दो लोगों को बाहर निकाला और उनके साथ मारपीट की। हालांकि, जीआरपी की सख्त फटकार के बाद पदाधिकारी वहां से हट गए और लगभग बीस मिनट बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। इस दौरान जीआरपी और आरपीएफ मौके पर तैनात रहे। जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि लोको पायलट से मारपीट के विरोध में नरमू के पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था और इस दौरान दो लोगों से मारपीट हुई है, जिसकी जांच जारी है।
- किसी भी जाति, धर्म, वर्ग या समुदाय की बेटियों पर अभद्र टिप्पणी करना न केवल गलत है, बल्कि यह समाज की सभ्यता और संस्कारों के भी विरुद्ध है। बेटियों को हर परिवार की शान, सम्मान और भविष्य की आधारशिला बताया गया है, और उनका सम्मान करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। इस बात पर जोर दिया गया है कि एक सभ्य समाज वही कहलाता है जहां महिलाओं और बेटियों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि जाति या समुदाय के आधार पर किसी बेटी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुँचाता है। इसलिए, भाषा और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखते हुए सभी बेटियों का समान सम्मान करना अनिवार्य है, क्योंकि "बेटियां किसी जाति की नहीं, पूरे समाज की गरिमा होती हैं।" बेटियों को सम्मान का प्रतीक बताया गया है, न कि टिप्पणी का विषय।1
- एक युवती को प्रेम प्रसंग के जाल में फंसाकर उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए गए।1
- पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, नागरिकों से सप्ताह में कम से कम एक दिन पेट्रोलियम ईंधन रहित या न्यूनतम ईंधन खपत वाले परिवहन साधनों का उपयोग करने की अपील की गई है। इस पहल का लक्ष्य नागरिकों को जागरूक करना है कि वे अपनी यात्रा के लिए ऐसे विकल्प चुनें जो पर्यावरण के लिए बेहतर हों और ईंधन की बचत करें। यह आह्वान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप है, जिसमें नागरिकों को साइकिल, ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन जैसे साधनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। ऐसा करके न केवल महत्वपूर्ण ईंधन की बचत की जा सकती है, बल्कि प्रदूषण को कम करने और राष्ट्रीय हित में भी एक महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। यह ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का एक सामूहिक संकल्प है, जिसके तहत सप्ताह में एक दिन वैकल्पिक परिवहन अपनाने पर जोर दिया गया है।1
- बुखार आने पर यदि शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है, तो उन्हें पूरा करने के लिए घरेलू उपायों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस महत्वपूर्ण जानकारी से संबंधित वीडियो को लाइक और शेयर करने का आग्रह किया गया है।1
- आज शाहजहांपुर में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने अमेरिका में भारतीय झंडे के अपमान की घटना के विरोध में अपना गहरा रोष व्यक्त किया। शहीद पार्क के सामने इकट्ठा हुए कार्यकर्ताओं ने अमेरिकी झंडे को फाड़कर जलाया और स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की गरिमा तथा राष्ट्रध्वज की अवमानना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता मुन्ना ने कहा कि भारतीय झंडे का अपमान पूरे भारत की भावनाओं का अपमान है, और युवा कांग्रेस व एनएसयूआई हमेशा राष्ट्रहित की रक्षा के लिए आगे रहेंगे। उन्होंने सरकार से इस घटना की कड़ी निंदा करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाने की मांग की, ताकि भारत का अपमान करने वालों को जवाब मिल सके। युवा जिलाध्यक्ष राम जी अवस्थी एडवोकेट ने जोर देकर कहा कि भारत माता की आन-बान और शान हमारे झंडे में बसती है, और विदेश में झंडे के अपमान पर चुप नहीं रहा जा सकता। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रफी उल हसन ने अमेरिका में हुए इस घृणित कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि छात्र और युवा समाज राष्ट्र की रक्षा का सबसे बड़ा दायित्व महसूस करता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अर्चना बाल्मीकि ने भी कहा कि भारतीय झंडा हमारी मातृभूमि की पहचान है, और इसका अपमान किसी भी भारतीय महिला की आस्था पर चोट है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि महिलाएं राष्ट्र की गरिमा की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर डटकर खड़ी रहेंगी।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद से ताल्लुक रखने वाले बाबा जी ने अपनी शानदार आवाज़ में एक ग़ज़ल प्रस्तुत की है। श्रोताओं को बाबा जी की इस प्रस्तुति को सुनने के लिए आमंत्रित किया गया है, जो उनकी गायन प्रतिभा को दर्शाता है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की तैयारियों के तहत तिलहर स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में एक योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर के दौरान, योग प्रशिक्षक चिवनाथ पाल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए भी प्रेरित किया, जिससे आगामी योग दिवस के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं।1
- रोजा जंक्शन स्टेशन पर बीती देर रात नरमू (NARMO) के पदाधिकारियों ने वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस के लोको पायलट के साथ आलमनगर स्टेशन पर वेंडर द्वारा की गई कथित मारपीट के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। जब यही ट्रेन रोजा जंक्शन पर रुकी, तो नरमू पदाधिकारियों ने ट्रेन में मौजूद वेंडरों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस घटना के वीडियो और एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति जमीन पर गिरा हुआ दिख रहा है और उसके साथ मारपीट की गई है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब लोको पायलट राजेंद्र कुमार, जो लखनऊ से मुरादाबाद के लिए 15119 वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस पर कार्यरत थे, आलमनगर स्टेशन पर अपनी ट्रेन रुकने पर पेशाब करने के लिए इंजन से उतरकर पास के डिब्बे में जाने का प्रयास कर रहे थे। डिब्बे के गेट बंद होने के कारण उन्होंने उन्हें खुलवाने की कोशिश की, जिससे वहां मौजूद सवारियों और वेंडरों के साथ विवाद हो गया। आरोप है कि कुछ अनाधिकृत वेंडरों ने अक्सर गेट नहीं खोले और उनमें से एक वेंडर ने लोको पायलट के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और उन वेंडरों ने राजेंद्र कुमार के साथ मारपीट की। इस मारपीट में उन्हें काफी चोटें आईं और खून भी निकला। इस घटना के बाद जीआरपी मौके पर पहुंची और लोको पायलट तथा एक वेंडर को थाने ले गई। जब आलमनगर में हुई इस मारपीट की सूचना नरमू के मंडल मंत्री को मिली, तो संगठन के पदाधिकारी पहले से ही रोजा जंक्शन पर पहुँच गए थे। ट्रेन के आने से पहले ही उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर खड़े होकर रात 9 बजे नारेबाजी की। ट्रेन के रुकने के बाद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कोच के अंदर घुसकर दो लोगों को बाहर निकाला और उनके साथ मारपीट की। हालांकि, जीआरपी की सख्त फटकार के बाद पदाधिकारी वहां से हट गए और लगभग बीस मिनट बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। इस दौरान जीआरपी और आरपीएफ मौके पर तैनात रहे। जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि लोको पायलट से मारपीट के विरोध में नरमू के पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था और इस दौरान दो लोगों से मारपीट हुई है, जिसकी जांच जारी है।1