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नालियों की सफाई न होने की समस्या सामने आई है। यह मुद्दा विशेष रूप से नालों की असुविधाजनक स्थिति से जुड़ा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Rifakat Ali
नालियों की सफाई न होने की समस्या सामने आई है। यह मुद्दा विशेष रूप से नालों की असुविधाजनक स्थिति से जुड़ा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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- मथुरा में राधा कुंड से छटीकरा के पास एक इलेक्ट्रॉनिक बस ने एक ऑटो को भारी टक्कर मार दी। इस गंभीर हादसे में ऑटो में सवार श्रद्धालुओं को गहरी चोटें आई हैं, जिसके कारण राधा कुंड मार्ग पर भीषण जाम लग गया। टक्कर के आधे घंटे बाद भी कोई भी पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे सड़क पर भारी जाम की स्थिति बनी रही और यातायात बाधित रहा। ऑटो में बैठे श्रद्धालुओं ने बस चालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरी घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि जाम की स्थिति में मौके पर पहुंचकर उसे खुलवाना और रास्ता सुचारु करना प्रशासन का काम है।1
- पुण्य और धार्मिक आयोजनों के लिए सर्वश्रेष्ठ माने जाने वाले अधिक मास में शनिवार को पूर्णिमा के दिन लाखों भक्तों ने गिरिराज परिक्रमा की। इस दौरान अत्यधिक भीड़ और भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के कारण मंदिर दानघाटी पर भयंकर जाम की स्थिति बन गई। दूर-दूर से आए भक्तों ने गिरिराज जी को दूध और प्रसाद चढ़ाकर अपनी परिक्रमा पूरी की। भक्ति का यह सैलाब अधिक मास के 15 दिन पूरे कर चुका है और यह सिलसिला 15 जून तक जारी रहेगा। पुरुषोत्तम मास में उमड़े इस जनसैलाब के दौरान ब्रज चौरासी परिक्रमा में भी बुजुर्ग, बच्चे, महिला और पुरुष सभी भक्ति में लीन दिखाई दिए। पूरी गिरिराज तलहटी गिरिराज जी के जयकारों से गूँजती रही, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।1
- राज्य सरकार के निर्देशों के तहत जिले में संचालित वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 ग्रामीण विकास और स्वावलंबन का एक सशक्त माध्यम साबित हो रहा है। इस महाअभियान के अंतर्गत जहाँ जल एवं पर्यावरण संरक्षण के बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अभूतपूर्व कदम उठाए जा रहे हैं। इसी सकारात्मक पहल के फलस्वरूप ग्रामीण महिलाएँ राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) से जुड़कर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरक और सफल कहानी डीग जिले के बहताना गाँव की निवासी रीना कुमारी सैनी की है। वन्दे गंगा अभियान के तहत ग्रामीण सशक्तीकरण की मुहिम से प्रेरित होकर रीना ने स्वयं को राजीविका से जोड़ा और आज वे ग्रामीण अंचल में वित्तीय साक्षरता की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुकी हैं। रीना ने बताया कि वे अपने गाँव के ओम शांति राजीविका स्वयं सहायता समूह की एक सक्रिय सदस्य हैं और इसमें बीके के पद पर सेवाएँ दे रही हैं। इसके अतिरिक्त, वे ज्योति राजीविका महिला ग्राम संगठन से भी जुड़ी हुई हैं, जहाँ वे वीओए का दायित्व निभा रही हैं। रीना ने राजीविका के माध्यम से बैंक सखी का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया और वर्तमान में एक बैंक सखी के रूप में कार्यरत हैं, जो दूरदराज के ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने का उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। रीना ने साझा किया कि बैंक सखी के रूप में कार्य करते हुए उन्हें हर स्तर पर सकारात्मक सहयोग मिला है, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और वे आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर हो गई हैं। अपनी इस उल्लेखनीय सफलता, आर्थिक सुदृढ़ीकरण और आजीविका के नए एवं सम्मानजनक अवसर प्रदान करने के लिए उन्होंने राजस्थान सरकार और राजीविका का हृदय से आभार व्यक्त किया है। वन्दे गंगा अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं के जीवन में व्यापक बदलाव आ रहा है और रीना कुमारी सैनी राजीविका से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी हैं।1
- राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में चल रहा वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 ग्रामीण विकास और स्वावलंबन का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। इस महाभियान के तहत न केवल जल और पर्यावरण संरक्षण के उत्कृष्ट कार्य किए जा रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी सकारात्मक पहल के परिणामस्वरूप ग्रामीण महिलाएं राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) से जुड़कर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। डीग जिले के बहताना की निवासी रीना कुमारी सैनी ऐसी ही एक प्रेरक और सफल कहानी का हिस्सा हैं। वन्दे गंगा अभियान के तहत ग्रामीण सशक्तिकरण की मुहिम से प्रेरित होकर रीना ने खुद को राजीविका से जोड़ा। आज वह ग्रामीण अंचल में वित्तीय साक्षरता की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुकी हैं। रीना ने बताया कि वह अपने गांव के ओम शांति राजीविका स्वयं सहायता समूह की एक सक्रिय सदस्य हैं और उसमें बीके के पद पर सेवा दे रही हैं। इसके अतिरिक्त, वह ज्योति राजीविका महिला ग्राम संगठन से भी जुड़ी हुई हैं, जहां वह वीओए का दायित्व निभा रही हैं। राजीविका के माध्यम से बैंक सखी का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, वह वर्तमान में बैंक सखी के रूप में कार्यरत हैं और दूरदराज के ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। रीना ने साझा किया कि बैंक सखी के रूप में कार्य करते हुए उन्हें हर स्तर पर सकारात्मक सहयोग मिला है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर हो गई हैं। अपनी इस उल्लेखनीय सफलता, आर्थिक सुदृढ़ीकरण और आजीविका के नए एवं सम्मानजनक अवसर प्रदान करने के लिए उन्होंने राजस्थान सरकार और राजीविका का हृदय से आभार व्यक्त किया है, जो वन्दे गंगा अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं के जीवन में व्यापक बदलाव ला रहा है।1
- राजस्थान के डीग जिले के ग्राम दीदावली में सड़क किनारे लगा एक बिजली का खंभा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में गहरा डर और चिंता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह खंभा सड़क के बेहद करीब होने के कारण किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता है और वाहन चालकों के इससे टकराने की प्रबल संभावना बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया है कि इस खतरनाक खंभे को हटाने के लिए उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। वर्तमान में 84 कोस ब्रज परिक्रमा चल रही है, जिससे इस मार्ग पर श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। ऐसे में सड़क किनारे स्थित यह खंभा परिक्रमार्थियों और आमजन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा संकट बन गया है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग और प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए खंभे को तुरंत सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।3
- अयोध्या धाम में हनुमानगढ़ी और श्रीरामलला के दर्शन के लिए करोड़ों श्रद्धालु पहुँच रहे हैं, लेकिन इस दौरान वहाँ मौजूद 'VIP कल्चर' को लेकर आम भक्तों के मन में बड़े सवाल उठ रहे हैं। यह मुद्दा लगातार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या भगवान के दरबार में भी ऐसी विशेष व्यवस्थाएँ होनी चाहिए। एक तरफ़ जहाँ आम श्रद्धालु घंटों तक लंबी कतारों में खड़े होकर दर्शन का इंतजार करते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों को कथित तौर पर विशेष सुविधाएँ मिलने की बातें सामने आती रहती हैं। इसी असमानता को लेकर श्रद्धालु पूछ रहे हैं कि जब भगवान के सामने सभी भक्त समान हैं, तो फिर VIP और आम भक्तों में यह अंतर क्यों? यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या अयोध्या में दर्शन व्यवस्था पूरी तरह से समान और पारदर्शी नहीं होनी चाहिए, और क्या भगवान के दरबार से VIP कल्चर समाप्त होना चाहिए।1
- भागवत कथा, रामकथा, भजन संध्या, सुंदरकांड और रामायण जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान व्यापार न चलाने का निर्देश दिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ एकतरफा प्यार के चलते डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे की जान चली गई। यह मामला फिरोजाबाद से संबंधित है।1