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मध्य प्रदेश में जून माह के 21 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक मानसून की आधिकारिक एंट्री नहीं हुई है। हालांकि, मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि अगले 4 दिनों के भीतर प्रदेश के एक बड़े हिस्से में मानसून पहुंच सकता है और इसके साथ ही बारिश की गतिविधियां भी तेज होने की प्रबल संभावना है।
Ravindra
मध्य प्रदेश में जून माह के 21 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक मानसून की आधिकारिक एंट्री नहीं हुई है। हालांकि, मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि अगले 4 दिनों के भीतर प्रदेश के एक बड़े हिस्से में मानसून पहुंच सकता है और इसके साथ ही बारिश की गतिविधियां भी तेज होने की प्रबल संभावना है।
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- अशोकनगर में उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर और बिजली दरों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, उन्होंने कलेक्ट्रेट तक एक रैली निकाली, जिसमें उन्होंने संबंधित नीति को वापस लेने की मांग की।1
- मध्य प्रदेश के गुना स्थित म्याना गांव में पिछले 24 घंटे के भीतर बंद कमरों से एक के बाद एक शव मिलने से पूरे गांव में दहशत फैल गई। गांववालों को आसपास के मकान से सड़ने की दुर्गंध आने पर शक हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस को सबसे पहले 21 जून को ओम प्रकाश शर्मा का शव उनके खेत पर बने कमरे से मिला। इस मामले की जांच पूरी होती, इससे पहले ही अगले दिन पुलिस ने एक और कमरे से दो अन्य शव बरामद किए, जिनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल थे। क्षत-विक्षत और 2-3 दिन पुरानी लाशें देखकर पुलिस भी हैरान रह गई, उनकी पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गया था। इस ट्रिपल मर्डर केस की गंभीरता को देखते हुए, स्वयं पुलिस अधीक्षक हितीका वत्सल ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की और पुलिस टीम को जांच में लगाया। घटना के मात्र 7 घंटे के भीतर पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सीताराम जाटव ने अपनी मां बिंदा बाई के ओम प्रकाश शर्मा से अवैध संबंध और संपत्ति हड़पने के लालच में तीनों लोगों की हत्या कर दी।1
- माँ के अवैध संबंधों से बेहद नाराज़ एक बेटे ने एक खूनी साज़िश को अंजाम दिया। इस साज़िश के तहत, बेटे ने तीन लोगों का गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी।1
- मध्य प्रदेश के गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड का गुना पुलिस ने मात्र 7 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि अवैध संबंधों से उपजा विवाद और संपत्ति हड़पने की लालच ही इस जघन्य वारदात का मुख्य कारण बनी। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। यह मामला तब सामने आया जब 21 जून 2026 को म्याना स्थित ओमप्रकाश शर्मा के खेत पर बने मकान से दुर्गंध आने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने एक बंद कमरे से करीब 3 से 4 दिन पुराना, सड़ी-गली अवस्था में एक पुरुष का शव बरामद किया, जिसकी पहचान 56 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा के रूप में हुई। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने अपनी जांच शुरू की। अगले ही दिन, 22 जून को, उसी मकान के दूसरे बंद कमरे से भी दुर्गंध आने पर ताला खुलवाने पर एक महिला और एक पुरुष के शव मिले। महिला की पहचान बदरवास (जिला शिवपुरी) निवासी बिंदाबाई जाटव के रूप में हुई, जबकि दूसरे शव की प्रारंभिक पहचान रामकृष्ण जाटव के तौर पर की गई। लगातार शवों के मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक हितिका वासल स्वयं घटनास्थल पर पहुंचीं और जांच की निगरानी की। पुलिस ने मृतकों के परिजनों से पूछताछ की, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल, साइबर सेल, फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ तथा डॉग स्क्वॉड की मदद ली। जांच के दौरान, 18 जून की एक सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसकी पहचान म्याना थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी सुरेंद्र जाटव के रूप में हुई, जो मृतका बिंदाबाई का भांजा था। पूछताछ के दौरान बिंदाबाई के पुत्र सीताराम जाटव और सुरेंद्र जाटव के बयानों में विरोधाभास पाए जाने पर पुलिस का शक गहरा गया। कड़ी पूछताछ के बाद, दोनों आरोपियों ने हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने की बात कबूल कर ली। उन्होंने पुलिस को बताया कि बिंदाबाई के ओमप्रकाश शर्मा से अवैध संबंध थे, इसी बात से नाराज होकर और ओमप्रकाश शर्मा की संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से उन्होंने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर 18 जून की रात तीनों की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से शवों को अलग-अलग कमरों में बंद करके ताले लगा दिए गए थे। पुलिस ने इस मामले में सीताराम जाटव (32 वर्ष) और सुरेंद्र जाटव (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में एक तीसरे आरोपी की संलिप्तता भी सामने आई है जिसकी पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गुना पुलिस ने इस त्वरित कार्रवाई को वैज्ञानिक जांच, तत्काल प्रतिक्रिया और संवेदनशील पुलिसिंग का परिणाम बताया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले के अन्य पहलुओं की गहन जांच जारी है और फरार आरोपी को भी जल्द ही गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।2
- गुना पुलिस ने अपनी त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से एक सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मात्र 07 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में, म्याना थाना क्षेत्र में घटित इस जघन्य वारदात की गुत्थी सुलझाने में गुना पुलिस की सूक्ष्म विवेचना और पेशेवर दक्षता एक बार फिर साबित हुई है। मामले का खुलासा तब हुआ जब 21 जून 2026 को म्याना स्थित ओमप्रकाश शर्मा के खेत पर बने मकान से दुर्गंध आने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। वहां एक बंद कमरे से लगभग 3-4 दिन पुराना सड़ा-गला शव मिला, जिसकी पहचान ओमप्रकाश शर्मा (56 वर्ष) के रूप में हुई। अगले ही दिन, 22 जून 2026 को, उसी मकान के दूसरे बंद कमरे से भी दुर्गंध आने पर ताला खुलवाने पर एक महिला और एक पुरुष के शव बरामद हुए। महिला की पहचान बिन्दाबाई जाटव के रूप में हुई, जबकि दूसरे शव को शुरू में रामकृष्ण जाटव का माना गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और गहन जांच के निर्देश दिए, जिसकी वे लगातार मॉनीटरिंग कर रही थीं। पुलिस ने मृतकों के परिजनों और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की तथा कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 18 जून 2026 के एक फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसे पूछताछ के लिए पकड़ा गया। यह व्यक्ति मृतिका बिन्दाबाई की बहन का लड़का सुरेन्द्र जाटव निवासी ग्राम शाहपुर, थाना म्याना निकला। मृतिका बिन्दाबाई के पुत्र सीताराम जाटव और सुरेन्द्र जाटव के बयानों में विरोधाभास पाए जाने पर, उनसे कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि बिन्दाबाई के ओमप्रकाश शर्मा से अवैध संबंध थे, जिससे वे नाराज थे। साथ ही, ओमप्रकाश शर्मा की संपत्ति हड़पने के लालच में, उन्होंने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर 18 जून 2026 की रात को तीनों की गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से, उन्होंने शवों को अलग-अलग कमरों में बंद कर ताले लगा दिए थे। पुलिस ने आरोपी सीताराम जाटव (32 वर्ष) और सुरेन्द्र जाटव (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में एक अन्य आरोपी की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। गुना पुलिस की यह सफलता अपराधों के प्रति शून्य सहनशीलता, त्वरित प्रतिक्रिया और वैज्ञानिक जांच प्रणाली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, और मामले के शेष पहलुओं की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।1
- बीना में रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बेघर हुए परिवार अब अपने पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। सागर गेट से कादंबरी वाटिका तक रेल पटरी किनारे हटाए गए अतिक्रमण से प्रभावित इन परिवारों ने गांधी तिराहा पर धरना शुरू कर दिया है। इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है, जिस पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए संज्ञान लिया है। यह आंदोलन परिवारों द्वारा आवास की आस में किया जा रहा है।1
- मोहर्रम के आयोजनों की तैयारियों के संबंध में शाढ़ौरा थाना प्रभारी की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों के साथ-साथ पत्रकार भी मौजूद रहे, जहाँ आगामी मोहर्रम पर्व को लेकर चर्चा की गई।1
- विदिशा शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कई इलाकों में लोगों के घरों तक पहुँच रहे नलों के पानी में मृत कीड़े निकल रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि नलों से आने वाला पानी सिर्फ गंदा और बदबूदार ही नहीं, बल्कि इसमें मृत कीड़े भी दिखाई दे रहे हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इन गंभीर शिकायतों के बाद पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई दिनों से नलों में गंदा पानी आ रहा है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। पानी में मृत कीड़े मिलने की शिकायतों के लगातार बढ़ने के बाद नगर पालिका हरकत में आई। सीएमओ दुर्गेश ठाकुर ने बताया कि शिकायत वाले क्षेत्रों से पानी के सैंपल जाँच के लिए भेजे गए हैं और दो पानी की टंकियों की तत्काल सफाई कराई गई है। नगर पालिका अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किस कारण से पानी में मृत कीड़े पहुँच रहे हैं, वहीं वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पानी की गुणवत्ता की भी जाँच कराई जा रही है।4