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महोबा जिले के गहरौली स्वास्थ्य केंद्र में हुए प्रकरण में एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में दर्ज मुकदमे के बाद एक वीडियो सामने आया है जिसमें नामजद युवकों ने अपनी बात रखी है। वीडियो में युवकों ने अपने पक्ष को स्पष्ट किया है और कहा है कि उनके साथ अन्याय हुआ है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले में और गहराई से जांच की मांग उठने लगी है। स्थानीय लोग इस प्रकरण को लेकर काफी चिंतित हैं और चाहते हैं कि सच्चाई जल्द से जल्द सामने आए।
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
महोबा जिले के गहरौली स्वास्थ्य केंद्र में हुए प्रकरण में एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में दर्ज मुकदमे के बाद एक वीडियो सामने आया है जिसमें नामजद युवकों ने अपनी बात रखी है। वीडियो में युवकों ने अपने पक्ष को स्पष्ट किया है और कहा है कि उनके साथ अन्याय हुआ है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले में और गहराई से जांच की मांग उठने लगी है। स्थानीय लोग इस प्रकरण को लेकर काफी चिंतित हैं और चाहते हैं कि सच्चाई जल्द से जल्द सामने आए।
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- सोशल मीडिया पर झांसी जिला अस्पताल का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अस्पताल के कर्मचारियों पर मरीजों के साथ लापरवाही और बदसलूकी करने का आरोप लगाया गया है। वायरल वीडियो में दिख रहे व्यवहार से यूजर्स काफी नाराज हैं और कह रहे हैं कि ऐसे कर्मचारियों को नौकरी में नहीं रहना चाहिए जो मरीजों के साथ खिलवाड़ करें। लोग इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले पर अभी कोई बयान जारी नहीं हुआ है। अगर आप भी अस्पताल में किसी तरह की लापरवाही देखें तो इसकी शिकायत सीएमओ कार्यालय या 108/CM हेल्पलाइन पर कर सकते हैं।1
- जनता दल (यूनाइटेड) ने प्रदेश के करीब 46.79 लाख बिजली उपभोक्ताओं का कथित रूप से बिना सूचना विद्युत लोड बढ़ाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। जनता दल (यूनाइटेड) ने प्रदेश के करीब 46.79 लाख बिजली उपभोक्ताओं का कथित रूप से बिना सूचना विद्युत लोड बढ़ाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।1
- नौगांव। लुगासी चौकी प्रभारी ओसो गुप्ता के स्थानांतरण पर एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। सभी ने ओसो गुप्ता को पुष्पमालाओं और स्मृति चिन्हों से सम्मानित किया। समारोह के दौरान वक्ताओं ने ओसो गुप्ता के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुप्ता ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा। अपने संबोधन में ओसो गुप्ता ने सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लुगासी क्षेत्र से उन्हें हमेशा सहयोग और स्नेह मिला, जिसे वे जीवनभर याद रखेंगे। विदाई समारोह का माहौल भावुक रहा। उपस्थित लोगों ने ओसो गुप्ता के उज्ज्वल भविष्य और नई पदस्थापना के लिए शुभकामनाएं दीं।2
- बांदा के थाना जसपुरा क्षेत्र के ग्राम गड़रिया में सोमवार को पैतृक जमीन जोतने को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद हिंसक टकराव में बदल गया। इस घटना में कई लोग घायल हो गए। क्षेत्र में गोली चलने की अफवाहें फैलीं, लेकिन पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया। पुलिस ने बताया कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने किसी भी घायल में फायर इंजरी होने से इनकार किया। क्षेत्राधिकारी सदर सौरभ सिंह ने बताया कि यह मामला पैतृक जमीन के विवाद से जुड़ा है और पुलिस गहन जांच कर रही है। इस घटना से एक बार फिर यह याद दिलाता है कि जमीन के विवाद जब कानून की बजाय टकराव की राह पकड़ लेते हैं, तो सबसे पहले रिश्ते और फिर इंसान घायल होते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अफवाहों पर भरोसा करने की बजाय तथ्यों और जांच पर भरोसा करना चाहिए।1
- बांदा(उप्र), जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित की अध्यक्षता में विश्व विख्यात मिसाइल मैन भूतपूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम जी की पुण्य तिथि पर उन्हें याद कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अब्दुल कलाम जी ने चार दशक तक वैज्ञानिक और विज्ञान प्रशासक के रूप में बिताए। उनके कार्यकाल में भारत के नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम और सैन्य मिसाइल विकास के प्रयासों के लिए जाना जाने लगा। 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण में उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2002 में वे 11वें राष्ट्रपति के रूप में चुने गए। 27 जुलाई 2015 को शिलांग में भारतीय प्रबंधन संस्थान में व्याख्यान देते समय हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। तमिल नाडु के रामेश्वरम में उनके निवास पर उनकी स्मृतियां रखी गई हैं जिन्हें पर्यटक देखकर गर्व महसूस करते हैं। पुण्यतिथि के अवसर पर कार्यालय प्रभारी शिवबली सिंह, जिला महामंत्री / मीडिया प्रभारी सत्यप्रकाश द्विवेदी एडवोकेट, जिला सचिव हेमन्त कुमार वर्मा, जिला कंट्रोल रूम प्रभारी बी लाल भाई, जिला वक्ता राजेश कुमार गुप्ता, अशोक वर्धन कर्ण, के पी सेन, राजबहादुर गुप्ता, सर्वेश गुप्ता, दिलीप कुमार वर्मा, भोला विश्वकर्मा, सियाराम विश्वकर्मा, शब्बीर सौदागर, सुखदेव गांधी, सैय्यद वारिस अली, इस्लाम भाई, लालबाबू राजपूत, सरदार खान, अली बख्श आदि प्रमुख कांग्रेस जन उपस्थित रहे।1
- वायरल स्टंट या मौत का निमंत्रण? मवई बाईपास पर दौड़ती कारो ने कानून को दी खुली चुनौती बांदा। सड़कें सफर के लिए होती हैं, सनसनी फैलाने के लिए नहीं। लेकिन नगर कोतवाली क्षेत्र के मवई बाईपास पर कुछ युवकों ने शायद इस फर्क को भुला दिया। तेज रफ्तार कारों की छत पर बैठकर किए गए खतरनाक स्टंट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो यह सिर्फ एक वीडियो नहीं रहा, बल्कि कानून, यातायात व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी पर कई असहज सवाल छोड़ गया।वीडियो में दो काली कारें तेज गति से दौड़ रही हैं। एक कार की छत पर काले कपड़ों में और दूसरी पर सफेद टी-शर्ट पहने युवक बेखौफ बैठे हैं। वे हाथ हिलाते हैं, पोज देते हैं, मानो सड़क नहीं किसी फिल्म का सेट हो। लेकिन हकीकत यह है कि एक मामूली झटका भी उनकी और दूसरे राहगीरों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल सकता था।सबसे चिंताजनक बात यह है कि सोशल मीडिया पर कुछ पल की वाहवाही पाने की चाह अब युवाओं को कानून और जीवन—दोनों से खिलवाड़ करने के लिए उकसा रही है। यह साहस नहीं, लापरवाही है; रोमांच नहीं, दुर्घटना को खुला निमंत्रण है।घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में स्वाभाविक आक्रोश है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने व्यस्त मार्ग पर यह सब होता रहा और कानून की निगरानी कहां थी? यदि ऐसे मामलों में समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं होती, तो यह संदेश जाएगा कि सड़क पर नियमों से अधिक वायरल होने की होड़ का राज है।जरूरत सिर्फ इन युवकों पर कार्रवाई की नहीं, बल्कि ऐसे हर कृत्य के खिलाफ स्पष्ट और कड़ा संदेश देने की है। क्योंकि सड़क पर किया गया एक स्टंट केवल स्टंटबाज की जान को नहीं, बल्कि उन अनगिनत निर्दोष लोगों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल देता है, जिनका उस लापरवाही से कोई लेना-देना नहीं होता। कानून का भय और जिम्मेदारी का बोध—दोनों साथ रहेंगे, तभी सड़कें सुरक्षित रहेंगी।1