नौगांव। लुगासी चौकी प्रभारी ओसो गुप्ता के स्थानांतरण पर एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। सभी ने ओसो गुप्ता को पुष्पमालाओं और स्मृति चिन्हों से सम्मानित किया। समारोह के दौरान वक्ताओं ने ओसो गुप्ता के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुप्ता ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा। अपने संबोधन में ओसो गुप्ता ने सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लुगासी क्षेत्र से उन्हें हमेशा सहयोग और स्नेह मिला, जिसे वे जीवनभर याद रखेंगे। विदाई समारोह का माहौल भावुक रहा। उपस्थित लोगों ने ओसो गुप्ता के उज्ज्वल भविष्य और नई पदस्थापना के लिए शुभकामनाएं दीं।
नौगांव। लुगासी चौकी प्रभारी ओसो गुप्ता के स्थानांतरण पर एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। सभी ने ओसो गुप्ता को पुष्पमालाओं और स्मृति चिन्हों से सम्मानित किया। समारोह के दौरान वक्ताओं ने ओसो गुप्ता के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुप्ता ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और आम जनता के
साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा। अपने संबोधन में ओसो गुप्ता ने सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लुगासी क्षेत्र से उन्हें हमेशा सहयोग और स्नेह मिला, जिसे वे जीवनभर याद रखेंगे। विदाई समारोह का माहौल भावुक रहा। उपस्थित लोगों ने ओसो गुप्ता के उज्ज्वल भविष्य और नई पदस्थापना के लिए शुभकामनाएं दीं।
- प्राचीन समय की बात है, जब आयात और निर्यात का कोई साधन उपलब्ध नहीं हुआ करता था। उसी दौर की यह कहानी है, जब एक किसान ट्रैक्टर खरीदने के लिए डीलर के पास पहुंचा।1
- सोमवार को टीकमगढ़ में गौ सम्मान अभियान के तहत गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर एक प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में साधु-संत और स्थानीय लोग शामिल हुए। सुबह 'श्री राम जय राम जय जय राम' विजय महामंत्र का जाप किया गया और फिर रैली निकालकर प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर विवेक श्रोतिय को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज, विजय राघव मंदिर के महंत सुधीर मिश्रा, फलाहारी महाराज सहित कई साधु-संत, गौ सेवक और शहर के लोग शामिल हुए। अभियान के संयोजक सुधीर मिश्रा और राहुल तिवारी ने बताया कि यह अभियान देशभर की 5,410 तहसीलों में एक साथ चलाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और गौ संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग की। आयोजकों के अनुसार, अभियान के पहले चरण में 27 अप्रैल को जिले की सभी तहसीलों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए गए थे। सोमवार को जिला स्तरीय ज्ञापन अभियान का दूसरा चरण आयोजित किया गया। आयोजकों ने बताया कि मांगों को लोगों तक पहुंचाने के लिए दीवार लेखन, पोस्टर, बैनर और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है। महंत सीताराम दास महाराज ने कहा कि अभियान का उद्देश्य गौ माता को संवैधानिक रूप से राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए केंद्रीय कानून बनवाना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन दिया गया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर के साधु-संत और गौ भक्त जुटकर आंदोलन करेंगे।2
- मध्य प्रदेश के छतरपुर में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाए जाने की मांग को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। आज 27 जुलाई को दोपहर करीब 2:00 बजे प्रदर्शनकारियों ने अनोखे तरीके से अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाई। प्रदर्शनकारी एक ठेले पर गौ माता को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को आवेदन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गौ माता भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखती हैं। इसके बावजूद गौवंश की स्थिति कई स्थानों पर चिंताजनक बनी हुई है। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने से उनके संरक्षण और संवर्धन को लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान और अधिक गंभीरता से आकर्षित होगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा। इसी मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर आवेदन सौंपा गया और सरकार से जल्द से जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की गई।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा नगर के युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्पेस पॉलिसी कॉन्फ्रेंस में 'भारत के सबसे युवा उभरते इनोवेटर' के राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और नवोन्मेषी शोध कार्यों के लिए दिया गया। इस उपलब्धि से न केवल पलेरा और टीकमगढ़, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा है। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन का संयुक्त आयोजन आईटीयू-एपीटी फाउंडेशन ऑफ इंडिया और फोरम ग्लोबल द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की नई अंतरिक्ष नीतियों के प्रभाव और उनके व्यावहारिक लाभों को जन-जन तक पहुंचाने की रूपरेखा तैयार करना था। सम्मेलन में भारत सरकार से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों ने सहभागिता की। इस दौरान भारत के तेजी से विकसित हो रहे स्पेस इकोसिस्टम तथा निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी, विशेष रूप से 'विक्रम-1' मिशन की सफलता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रखर विश्वकर्मा ने इसरो की वरिष्ठ अधिकारी सोनाली नंदा, इंडियन स्पेस एसोसिएशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अनिल भट्ट (सेवानिवृत्त) और आईटीयू-एपीटी के अध्यक्ष भारत भाटिया सहित कई विशेषज्ञों से अपने वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स और नवाचारों पर चर्चा की। उनके शोध और विचारों की वैज्ञानिक समुदाय ने सराहना की। उल्लेखनीय है कि प्रखर विश्वकर्मा ने महज 15 वर्ष की आयु में मध्यप्रदेश का पहला एयरोस्पेस स्टार्टअप 'एयरो एक्स स्पेस टेक्नोलॉजी' शुरू कर इतिहास रचा था। वर्तमान में उनका स्टार्टअप दुनिया के 40 से अधिक देशों के लिए रॉकेट, सैटेलाइट, ड्रोन और मिसाइल डिजाइनिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहा है। अंतरिक्ष और रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके नाम 400 से अधिक प्रमाण-पत्र दर्ज हैं तथा उन्हें अब तक 13 राष्ट्रीय और 4 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। प्रखर विश्वकर्मा की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, नवाचार और सतत परिश्रम के बल पर वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई जा सकती है।1
- छतरपुर जिले के पिपट थाना क्षेत्र के ग्राम किशनगढ़ में एक युवक पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया है। यह घटना पुरानी रंजिश के कारण हुई। घायल युवक की पहचान देशराज यादव (40) के रूप में हुई है, जो अपने खेत पर टपरिया बना रहा था। तभी गांव का ही रहने वाला परसराम यादव वहां पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर परसराम ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से देशराज पर हमला कर दिया, जिसमें उसके सिर और एक हाथ में गंभीर चोटें आईं। हमले के बाद देशराज काफी देर तक खेत में ही पड़ा रहा। परिजनों के आने पर उसे निजी वाहन से पिपट थाने ले जाया गया। पुलिस ने 108 एंबुलेंस की मदद से उसे बिजावर अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल छतरपुर रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में उसका उपचार जारी है।1