सोमवार को टीकमगढ़ में गौ सम्मान अभियान के तहत गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर एक प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में साधु-संत और स्थानीय लोग शामिल हुए। सुबह 'श्री राम जय राम जय जय राम' विजय महामंत्र का जाप किया गया और फिर रैली निकालकर प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर विवेक श्रोतिय को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज, विजय राघव मंदिर के महंत सुधीर मिश्रा, फलाहारी महाराज सहित कई साधु-संत, गौ सेवक और शहर के लोग शामिल हुए। अभियान के संयोजक सुधीर मिश्रा और राहुल तिवारी ने बताया कि यह अभियान देशभर की 5,410 तहसीलों में एक साथ चलाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और गौ संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग की। आयोजकों के अनुसार, अभियान के पहले चरण में 27 अप्रैल को जिले की सभी तहसीलों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए गए थे। सोमवार को जिला स्तरीय ज्ञापन अभियान का दूसरा चरण आयोजित किया गया। आयोजकों ने बताया कि मांगों को लोगों तक पहुंचाने के लिए दीवार लेखन, पोस्टर, बैनर और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है। महंत सीताराम दास महाराज ने कहा कि अभियान का उद्देश्य गौ माता को संवैधानिक रूप से राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए केंद्रीय कानून बनवाना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन दिया गया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर के साधु-संत और गौ भक्त जुटकर आंदोलन करेंगे।
सोमवार को टीकमगढ़ में गौ सम्मान अभियान के तहत गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर एक प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में साधु-संत और स्थानीय लोग शामिल हुए। सुबह 'श्री राम जय राम जय जय राम' विजय महामंत्र का जाप किया गया और फिर रैली निकालकर प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर विवेक श्रोतिय को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज, विजय राघव मंदिर के महंत सुधीर मिश्रा, फलाहारी महाराज सहित कई साधु-संत, गौ सेवक और शहर के लोग शामिल हुए। अभियान के संयोजक सुधीर मिश्रा और राहुल तिवारी ने बताया कि यह अभियान देशभर की 5,410 तहसीलों में एक साथ चलाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गौ माता
को राष्ट्र माता का दर्जा देने और गौ संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग की। आयोजकों के अनुसार, अभियान के पहले चरण में 27 अप्रैल को जिले की सभी तहसीलों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए गए थे। सोमवार को जिला स्तरीय ज्ञापन अभियान का दूसरा चरण आयोजित किया गया। आयोजकों ने बताया कि मांगों को लोगों तक पहुंचाने के लिए दीवार लेखन, पोस्टर, बैनर और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है। महंत सीताराम दास महाराज ने कहा कि अभियान का उद्देश्य गौ माता को संवैधानिक रूप से राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए केंद्रीय कानून बनवाना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन दिया गया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर के साधु-संत और गौ भक्त जुटकर आंदोलन करेंगे।
- सोमवार को टीकमगढ़ में गौ सम्मान अभियान के तहत गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर एक प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में साधु-संत और स्थानीय लोग शामिल हुए। सुबह 'श्री राम जय राम जय जय राम' विजय महामंत्र का जाप किया गया और फिर रैली निकालकर प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर विवेक श्रोतिय को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज, विजय राघव मंदिर के महंत सुधीर मिश्रा, फलाहारी महाराज सहित कई साधु-संत, गौ सेवक और शहर के लोग शामिल हुए। अभियान के संयोजक सुधीर मिश्रा और राहुल तिवारी ने बताया कि यह अभियान देशभर की 5,410 तहसीलों में एक साथ चलाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और गौ संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग की। आयोजकों के अनुसार, अभियान के पहले चरण में 27 अप्रैल को जिले की सभी तहसीलों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए गए थे। सोमवार को जिला स्तरीय ज्ञापन अभियान का दूसरा चरण आयोजित किया गया। आयोजकों ने बताया कि मांगों को लोगों तक पहुंचाने के लिए दीवार लेखन, पोस्टर, बैनर और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है। महंत सीताराम दास महाराज ने कहा कि अभियान का उद्देश्य गौ माता को संवैधानिक रूप से राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए केंद्रीय कानून बनवाना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन दिया गया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर के साधु-संत और गौ भक्त जुटकर आंदोलन करेंगे।2
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील में रिश्वतखोरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नजीर बाबू महेश तिवारी को SDM कोर्ट की पक्की नकल देने के एवज में एक किसान से ₹300 की मांग करते हुए देखा जा सकता है। पूरा मामला पलेरा तहसील के पूछा गांव के निवासी किसान अमर सिंह यादव से जुड़ा है, जो पिछले 5 दिनों से जतारा तहसील के चक्कर लगा रहे थे। किसान का आरोप है कि नजीर बाबू ने उनसे पक्की नकल लेने के लिए ₹300 की मांग की। नजीर बाबू ने कथित तौर पर कहा था, 'आज पैसा जमा कर दो, तीन दिन बाद नकल मिलेगी'। इसी दौरान, किसान ने नजीर बाबू को ₹500 देते हुए वीडियो बना लिया। यह वीडियो सोमवार का बताया जा रहा है और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। किसान ने उच्च अधिकारियों से नजीर बाबू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।1
- विद्युत विभाग पलेरा ने सोमवार को बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए सरकारी विभागों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सहायक अभियंता लक्ष्मण प्रसाद कुशवाहा के निर्देशन में कई संस्थानों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। विभाग के अनुसार, विभिन्न सरकारी विभागों पर करीब ₹3.90 करोड़ का बिजली बिल बकाया है। इस कार्रवाई के तहत मॉडल स्कूल पलेरा, जनपद पंचायत कार्यालय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय, ग्रामीण क्षेत्रों में पीएचई विभाग के वाटर बॉक्स, नल-जल योजनाओं, ग्राम पंचायतों और आंगनवाड़ी केंद्रों के विद्युत कनेक्शन काटे गए। अचानक हुई इस कार्रवाई से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया। कनिष्ठ अभियंता लक्ष्मण कुशवाहा ने बताया कि बकाया राशि जमा होने के बाद नियमानुसार बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी। विद्युत विभाग ने सभी सरकारी एवं निजी उपभोक्ताओं से समय पर बिजली बिल जमा करने, अनावश्यक बकाया से बचने तथा बिजली का वैध एवं सुरक्षित उपयोग करने की अपील की है।1
- टीकमगढ़ जिले की पलेरा तहसील में बुंदेलखंड राज्य आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पृथक बुंदेलखंड राज्य के निर्माण को लेकर आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान आंदोलनकारी अंकित परिहार ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र वर्षों से विकास, रोजगार, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं के मामले में उपेक्षित रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पृथक बुंदेलखंड राज्य का गठन बेहद आवश्यक है। इस दौरान आंदोलन को गति देने के लिए कई प्रमुख निर्णय लिए गए, जिसके तहत गांव-गांव जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन के जरिए मांग को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही युवाओं और किसानों को बड़ी संख्या में इस आंदोलन से जोड़ने की योजना है। बुंदेलखंड राज्य आंदोलन के राष्ट्रीय सचिव अंकित राजा बुंदेला ने समर्थन अभियान को और तेज करने का आह्वान करते हुए कहा कि विकास के लिए पृथक राज्य का गठन अनिवार्य है। बैठक के अंत में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ अंतर्गत ग्राम भेलसी में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के भवन के बगल में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में तहसीलदार न्यायालय, बल्देवगढ़ द्वारा जारी स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने का मामला प्रकाश में आया है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, तहसीलदार न्यायालय, बल्देवगढ़ ने 5 फरवरी को शासकीय भूमि पर किए जा रहे कथित अवैध निर्माण के विरुद्ध स्थगन आदेश जारी किया था। आदेश में थाना प्रभारी बल्देवगढ़, संबंधित हल्का पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक को निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने के निर्देश दिए गए थे। बताया जा रहा है कि उक्त आदेश 5 फरवरी को थाना बल्देवगढ़ में प्राप्त भी हो गया था। इसके बावजूद आरोप है कि अनावेदक जुगलकिशोर जानकी तनय कुटल्ला कुशवाहा द्वारा शासकीय भूमि पर नए पिलर खड़े कर निर्माण कार्य जारी रखा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय पर कार्रवाई की होती तो तहसीलदार न्यायालय के आदेश के बाद भी मुख्य मार्ग स्थित शासकीय भूमि पर निर्माण कार्य नहीं हो पाता। ग्राम वासियों का आरोप है कि प्रशासनिक तंत्र की उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। लोगों ने मांग की है कि न्यायालय के स्थगन आदेश की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।2
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा नगर के युवा वैज्ञानिक प्रखर विश्वकर्मा को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्पेस पॉलिसी कॉन्फ्रेंस में 'भारत के सबसे युवा उभरते इनोवेटर' के राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और नवोन्मेषी शोध कार्यों के लिए दिया गया। इस उपलब्धि से न केवल पलेरा और टीकमगढ़, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा है। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन का संयुक्त आयोजन आईटीयू-एपीटी फाउंडेशन ऑफ इंडिया और फोरम ग्लोबल द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की नई अंतरिक्ष नीतियों के प्रभाव और उनके व्यावहारिक लाभों को जन-जन तक पहुंचाने की रूपरेखा तैयार करना था। सम्मेलन में भारत सरकार से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों ने सहभागिता की। इस दौरान भारत के तेजी से विकसित हो रहे स्पेस इकोसिस्टम तथा निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी, विशेष रूप से 'विक्रम-1' मिशन की सफलता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रखर विश्वकर्मा ने इसरो की वरिष्ठ अधिकारी सोनाली नंदा, इंडियन स्पेस एसोसिएशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अनिल भट्ट (सेवानिवृत्त) और आईटीयू-एपीटी के अध्यक्ष भारत भाटिया सहित कई विशेषज्ञों से अपने वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स और नवाचारों पर चर्चा की। उनके शोध और विचारों की वैज्ञानिक समुदाय ने सराहना की। उल्लेखनीय है कि प्रखर विश्वकर्मा ने महज 15 वर्ष की आयु में मध्यप्रदेश का पहला एयरोस्पेस स्टार्टअप 'एयरो एक्स स्पेस टेक्नोलॉजी' शुरू कर इतिहास रचा था। वर्तमान में उनका स्टार्टअप दुनिया के 40 से अधिक देशों के लिए रॉकेट, सैटेलाइट, ड्रोन और मिसाइल डिजाइनिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहा है। अंतरिक्ष और रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके नाम 400 से अधिक प्रमाण-पत्र दर्ज हैं तथा उन्हें अब तक 13 राष्ट्रीय और 4 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। प्रखर विश्वकर्मा की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, नवाचार और सतत परिश्रम के बल पर वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई जा सकती है।1
- टीकमगढ़ जिले के जतारा थाना क्षेत्र के कनेरा गांव से भागे एक प्रेमी युगल को मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर युवती के परिजनों ने पकड़ लिया। इस दौरान हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। युवती ने अपने भाई को चप्पलों से पीट दिया, जो युवक के साथ मारपीट कर रहा था। युवती ने कहा कि वह बालिग है और अपने जीवन से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार रखती है। यह घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रेमी युगल रविवार को घर से निकलकर मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे, जहां युवती के परिजनों ने उन्हें पकड़ लिया। परिजनों ने दोनों को अपने साथ ले जाने की कोशिश की, जिससे विवाद शुरू हो गया। युवती के भाई ने युवक के साथ मारपीट की, जिसे देख युवती ने अपने भाई को चप्पलों से पीट दिया। इस घटना को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों को थाने ले गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है।2