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हमीरपुर के मुस्करा में एक लड़की अचानक टावर पर चढ़ गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
Praduman kumar
हमीरपुर के मुस्करा में एक लड़की अचानक टावर पर चढ़ गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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- Post by Gautam Gautam2
- माह के दूसरे और चौथे शनिवार को होने वाले थाना समाधान दिवस के क्रम में, थाना रुरा में इसका आयोजन किया गया। इस दौरान तहसीलदार पवन कुमार और थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने थाने में आए पीड़ितों और फरियादियों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों का न्यायपूर्ण और समय-सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जहाँ राजघाट पुल के स्ट्रक्चर पर चढ़ी एक महिला गंगा नदी में छलांग लगाने वाली थी। इसी दौरान एक युवक ने अपनी सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए बिना किसी शोर के धीरे-धीरे स्ट्रक्चर पर चढ़ाई की और सही मौके पर महिला को पकड़कर नीचे खींच लिया। कुछ ही सेकंड की इस त्वरित कार्रवाई ने एक ज़िंदगी बचा ली। घटना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहाँ लोग युवक की बहादुरी की जमकर सराहना कर रहे हैं।1
- कालपी नगर के मुख्य बाजार में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे एक महिला से चेन छीनने की घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में कार्यरत लिपिक अर्जुन प्रसाद मौर्य की पत्नी पैदल सब्जी खरीदने बाजार जा रही थीं, तभी बाइक सवार एक युवक उनके गले से सोने की चेन झपटकर टरननगंज की ओर फरार हो गया। यह वारदात पुलिस चौकी से महज चंद कदमों की दूरी पर हुई है। इस घटना के बाद बाजार में भारी अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी कुछ देर बाद मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाने का काम शुरू किया। इस मामले ने लोगों के मन में यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि पुलिस चौकी से इतनी करीब महिला सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता अपनी सुरक्षा को लेकर कितना भरोसा करे। यह भी पूछा जा रहा है कि क्या बाजार में पुलिस गश्त सिर्फ कागजों तक ही सीमित है, क्या सीसीटीवी कैमरों से आरोपी की पहचान हो पाएगी, और क्या पुलिस इस बाइक सवार बदमाश को जल्द गिरफ्तार कर पाएगी या यह मामला भी पिछली फाइलों की तरह दब जाएगा। फिलहाल, यह खबर प्रत्यक्षदर्शियों, स्थानीय लोगों और उपलब्ध वीडियो के आधार पर तैयार की गई है, और घटना की वास्तविक स्थिति तथा तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।1
- जालौन के कालपी में मोहर्रम का पर्व गहरे गम, अकीदत और धार्मिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। आशूरा के अवसर पर शुक्रवार सुबह अकीदतमंदों ने मस्जिदों में नमाज अदा की। इसके बाद शाम होते ही नगर के विभिन्न इमाम चौकों से ताजियों का भव्य जुलूस निकला। हजारों लोग मातमी धुनों और नौहाख्वानी के बीच ताजियों के साथ प्राचीन कर्बला मैदान पहुंचे। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार, कालपी नगर के 11 ताजियों को पूरे सम्मान और अकीदत के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। कर्बला परिसर में जगह-जगह लंगर और शर्बत का प्रबंध किया गया, जिसे अकीदतमंदों और आम लोगों ने प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया। स्थानीय सामाजिक संगठनों और युवाओं ने भी इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल भी देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा; पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रहे, जिसके चलते सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हुए। पूरे शहर में मातम, नौहाख्वानी और 'या हुसैन' की सदाओं से माहौल गमगीन बना रहा।4
- जनपद जालौन के कस्बा कोटरा में मोहर्रम के अवसर पर भव्य ताजिये निकाले गए। पूरे भारत में अपनी असाधारण लंबाई के लिए प्रसिद्ध ये ताजिए नगर के ही ख्याति प्राप्त कारीगरों द्वारा तैयार किए जाते हैं, जिनकी लंबाई 60 से 65 फुट तक होती है। नगर में छोटे-बड़े सभी ताजियों को मिलाकर कुल लगभग एक दर्जन ताजिए निकाले गए, जिनमें से 8 से 10 छोटे ताजिए नगर के प्रमुख रास्तों से होते हुए कर्बला की ओर ले जाए गए। विशेष रूप से, कोटरा के नारेघाट और मियां पुरा नामक दो वार्डों में एक-एक ताजिया बनाया जाता है, जो अपनी असाधारण लंबाई के कारण पूरे भारत में विख्यात हैं। इन विशालकाय ताजियों को कर्बला तक ले जाने के लिए लगभग 150 लोगों की टीम लगाई जाती है, जो इन्हें ढलान भरे कच्चे और दुर्गम रास्तों से होकर कर्बला तक पहुंचाती है। इस अद्वितीय आयोजन को देखने के लिए मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली और कानपुर जैसे महानगरों से भी बड़ी संख्या में लोग कोटरा पहुंचते हैं, और कर्बला में ताजिया देखने वालों की भारी भीड़ मौजूद रही। ताजिया के इस जुलूस के दौरान, कोटरा नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था की गई, वहीं सुरक्षा की दृष्टि से कोटरा थाना प्रभारी विमलेश कुमार अपने पुलिस बल के साथ मौके पर मुस्तैद रहे।1
- पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में कानपुर देहात पुलिस ने जनपद में अपराध व अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 217 वाहनों का चालान किया गया। अभियान के दौरान बिना नंबर प्लेट वाले वाहन, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनने और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने जैसे विभिन्न यातायात उल्लंघनों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की गई। जनपदीय पुलिस ने सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से निरंतर जारी रहेगा।1
- हमीरपुर के राठ-पनवाड़ी मार्ग पर दौड़ रहीं क्लूजर और मैजिक गाड़ियां यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं, जहाँ सीमा से अधिक सवारियाँ ठूँसकर भरी जा रही हैं और यातायात नियमों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। इन वाहनों के खुले गेट पर लटके यात्री हर पल बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं, जबकि यातायात व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है और जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। सुबह-शाम चलने वाली इन क्लूजर गाड़ियों में क्षमता से दोगुनी सवारियाँ भरी जाती हैं। सीटें पूरी तरह भरने के बाद भी चालक-परिचालक यात्रियों को जबरन भरते हैं, जिससे कई लोगों को गेट पर लटककर असुरक्षित तरीके से यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राठ से पनवाड़ी और महोबा जाने वाले सैकड़ों यात्री, जिनमें स्कूली बच्चे और महिलाएँ भी शामिल हैं, रोज़ाना इसी तरह अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं, जहाँ एक छोटी-सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। शिकायतों के बावजूद भी पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई न किए जाने से व्यवस्था सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोग पूछते हैं कि ओवरलोडिंग पर चालान क्यों नहीं किए जाते, खुले गेट पर लटके यात्रियों को देखकर भी पुलिस क्यों मौन रहती है, और रूट पर बसों की कमी के कारण मजबूर यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कब की जाएगी। प्रतिदिन हजारों लोगों द्वारा इस मार्ग पर यात्रा करने के बावजूद, सवारियों की जान से इस खिलवाड़ पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही है। अगर जल्द ही इस ओवरलोडिंग और अवैध वाहन संचालन पर रोक नहीं लगी, तो किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।1