जालौन के कालपी में मोहर्रम का पर्व गहरे गम, अकीदत और धार्मिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। आशूरा के अवसर पर शुक्रवार सुबह अकीदतमंदों ने मस्जिदों में नमाज अदा की। इसके बाद शाम होते ही नगर के विभिन्न इमाम चौकों से ताजियों का भव्य जुलूस निकला। हजारों लोग मातमी धुनों और नौहाख्वानी के बीच ताजियों के साथ प्राचीन कर्बला मैदान पहुंचे। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार, कालपी नगर के 11 ताजियों को पूरे सम्मान और अकीदत के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। कर्बला परिसर में जगह-जगह लंगर और शर्बत का प्रबंध किया गया, जिसे अकीदतमंदों और आम लोगों ने प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया। स्थानीय सामाजिक संगठनों और युवाओं ने भी इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल भी देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा; पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रहे, जिसके चलते सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हुए। पूरे शहर में मातम, नौहाख्वानी और 'या हुसैन' की सदाओं से माहौल गमगीन बना रहा।
जालौन के कालपी में मोहर्रम का पर्व गहरे गम, अकीदत और धार्मिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। आशूरा के अवसर पर शुक्रवार सुबह अकीदतमंदों ने मस्जिदों में नमाज अदा की। इसके बाद शाम होते ही नगर के विभिन्न इमाम चौकों से ताजियों का भव्य जुलूस निकला। हजारों
लोग मातमी धुनों और नौहाख्वानी के बीच ताजियों के साथ प्राचीन कर्बला मैदान पहुंचे। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार, कालपी नगर के 11 ताजियों को पूरे सम्मान और अकीदत के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए
मातम किया। कर्बला परिसर में जगह-जगह लंगर और शर्बत का प्रबंध किया गया, जिसे अकीदतमंदों और आम लोगों ने प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया। स्थानीय सामाजिक संगठनों और युवाओं ने भी इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल भी देखने
को मिली। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा; पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रहे, जिसके चलते सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हुए। पूरे शहर में मातम, नौहाख्वानी और 'या हुसैन' की सदाओं से माहौल गमगीन बना रहा।
- जालौन के कालपी में मोहर्रम का पर्व गहरे गम, अकीदत और धार्मिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। आशूरा के अवसर पर शुक्रवार सुबह अकीदतमंदों ने मस्जिदों में नमाज अदा की। इसके बाद शाम होते ही नगर के विभिन्न इमाम चौकों से ताजियों का भव्य जुलूस निकला। हजारों लोग मातमी धुनों और नौहाख्वानी के बीच ताजियों के साथ प्राचीन कर्बला मैदान पहुंचे। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार, कालपी नगर के 11 ताजियों को पूरे सम्मान और अकीदत के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। कर्बला परिसर में जगह-जगह लंगर और शर्बत का प्रबंध किया गया, जिसे अकीदतमंदों और आम लोगों ने प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया। स्थानीय सामाजिक संगठनों और युवाओं ने भी इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल भी देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा; पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रहे, जिसके चलते सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हुए। पूरे शहर में मातम, नौहाख्वानी और 'या हुसैन' की सदाओं से माहौल गमगीन बना रहा।4
- जनपद जालौन के कस्बा कोटरा में मोहर्रम के अवसर पर भव्य ताजिये निकाले गए। पूरे भारत में अपनी असाधारण लंबाई के लिए प्रसिद्ध ये ताजिए नगर के ही ख्याति प्राप्त कारीगरों द्वारा तैयार किए जाते हैं, जिनकी लंबाई 60 से 65 फुट तक होती है। नगर में छोटे-बड़े सभी ताजियों को मिलाकर कुल लगभग एक दर्जन ताजिए निकाले गए, जिनमें से 8 से 10 छोटे ताजिए नगर के प्रमुख रास्तों से होते हुए कर्बला की ओर ले जाए गए। विशेष रूप से, कोटरा के नारेघाट और मियां पुरा नामक दो वार्डों में एक-एक ताजिया बनाया जाता है, जो अपनी असाधारण लंबाई के कारण पूरे भारत में विख्यात हैं। इन विशालकाय ताजियों को कर्बला तक ले जाने के लिए लगभग 150 लोगों की टीम लगाई जाती है, जो इन्हें ढलान भरे कच्चे और दुर्गम रास्तों से होकर कर्बला तक पहुंचाती है। इस अद्वितीय आयोजन को देखने के लिए मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली और कानपुर जैसे महानगरों से भी बड़ी संख्या में लोग कोटरा पहुंचते हैं, और कर्बला में ताजिया देखने वालों की भारी भीड़ मौजूद रही। ताजिया के इस जुलूस के दौरान, कोटरा नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था की गई, वहीं सुरक्षा की दृष्टि से कोटरा थाना प्रभारी विमलेश कुमार अपने पुलिस बल के साथ मौके पर मुस्तैद रहे।1
- जालौन के गोहन थाना क्षेत्र में, गोहन थाना पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की एक संयुक्त टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान दो अभियुक्तों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी बकरी चोरी की घटना को अंजाम देने में शामिल थे। इस पूरे प्रकरण के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा एक बाइट जारी कर जानकारी दी गई है।1
- आगरा में बीजेपी पार्षद किशन नायक ने अपने जन्मदिन के अवसर पर सफाई व्यवस्था को लेकर एक अनूठा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वे एक गंदे नाले में खड़े होकर क्षेत्र में सफाई की मांग करते हुए नजर आए।1
- Post by Sugirv Kushwha1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जहाँ राजघाट पुल के स्ट्रक्चर पर चढ़ी एक महिला गंगा नदी में छलांग लगाने वाली थी। इसी दौरान एक युवक ने अपनी सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए बिना किसी शोर के धीरे-धीरे स्ट्रक्चर पर चढ़ाई की और सही मौके पर महिला को पकड़कर नीचे खींच लिया। कुछ ही सेकंड की इस त्वरित कार्रवाई ने एक ज़िंदगी बचा ली। घटना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहाँ लोग युवक की बहादुरी की जमकर सराहना कर रहे हैं।1
- राष्ट्रीय पल्स पोलियो महाअभियान के तहत 28 जून को आयोजित होने वाले पोलियो बूथ दिवस की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को जालौन के उरई स्थित जिला पुरुष चिकित्सालय से एक भव्य जन जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस विभागों के साथ-साथ नगर क्षेत्र की आंगनबाड़ी व आशा कार्यकत्रियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, मेडिकल एवं नर्सिंग विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में आमजन ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। जिला पुरुष चिकित्सालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी यह रैली वापस चिकित्सालय परिसर में संपन्न हुई। पूरे रास्ते प्रतिभागियों ने "दो बूंद जिंदगी की" और "पोलियो मुक्त भारत" जैसे नारों के जरिए लोगों को अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाने का संदेश दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने जोर देकर कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों की सुरक्षा केवल दो बूंद दवा से संभव है और उन्होंने सभी नागरिकों से अपने बच्चों के साथ-साथ आसपास के बच्चों को भी पोलियो बूथ तक लाने का आह्वान किया। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने 'पोलियो मुक्त भारत' के संकल्प को दोहराते हुए इसे स्वस्थ भविष्य के लिए प्रत्येक बच्चे तक खुराक पहुँचाने का सामूहिक दायित्व बताया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने 28 जून को 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को निकटतम पोलियो बूथ पर दवा पिलाने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि एक भी बच्चा छूटने पर अभियान की सफलता प्रभावित हो सकती है, इसलिए हर अभिभावक अपनी जिम्मेदारी निभाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिनंदन प्रसाद और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में अभियान के लिए व्यापक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जिसके तहत 1188 पोलियो बूथों और 590 टीमों के माध्यम से 2,16,833 लक्षित बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। उन्होंने सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों से भी अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग की अपील की।1
- जालौन के गोहन थाना क्षेत्र में एसओजी, सर्विलांस टीम और गोहन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए बकरी चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। रसूलपुर से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले संपर्क मार्ग पर चेकिंग के दौरान पुलिस और बकरी चोर गिरोह के बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान हुई जबाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जबकि दूसरे बदमाश को पुलिस पार्टी ने घेराबंदी कर धर दबोचा। पैर में गोली लगने से घायल हुए बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से अवैध असलहा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस के साथ-साथ एक चाकू और एक कार भी बरामद की है। पकड़े गए दोनों बदमाशों के खिलाफ औरैया जिले में पशु क्रूरता अधिनियम और बाइक चोरी के मामले पंजीकृत हैं।3