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हजारीबाग की ध्वस्त कानून व्यवस्था और पत्रकारों पर हमले को लेकर सांसद मनीष जायसवाल ने सरकार और पुलिस को घेरा हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने शनिवार को संसदीय समिति के दौरे से लौटने के उपरांत सांसद सेवा कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण प्रेस-वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दो प्रमुख विषयों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। सांसद मनीष जायसवाल ने अपनी बात की शुरुआत हजारीबाग की ध्वस्त कानून व्यवस्था से करते हुए कहा कि अपराधियों ने जिले के नए पुलिस अधीक्षक का स्वागत लगातार बड़ी आपराधिक घटनाओं के साथ किया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नए एसपी को ज्वाइन किए महज 10-12 दिन ही हुए हैं और इस अल्प अवधि में जिस प्रकार की बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया गया है, वह अत्यंत गंभीर और सोचनीय विषय है। उन्होंने हालिया घटनाओं का विवरण देते हुए कहा कि 22 अप्रैल को बड़कागांव के 13 माइल क्षेत्र में एक हाईवा को आग के हवाले कर दहशत फैलाने की कोशिश की जो बहुत दिनों बाद ऐसी घटना हुई। बीते 17 से 19 अप्रैल के बीच मुफस्सिल थाने में एक दलित महिला और दो वर्षीय दुधमुंहे बच्चे को 38 घंटे तक हिरासत में रखकर यातनाएं दी गईं और उनकी पिटाई की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस कर्मियों ने अपने ही नए कप्तान को यह चुनौती दी है कि उनके आने के बाद भी वे ऐसी करतूतें जारी रखेंगे। इस मामले में पीड़ित द्वारा शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सांसद मनीष जायसवाल ने बैंक डकैती की घटना पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि हजारीबाग को याद भी नहीं कि यहाँ आखिरी बार बैंक डकैती कब हुई थी, लेकिन बीते 24 अप्रैल को बरही में हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े 'बैंक ऑफ महाराष्ट्र' में घुसकर करीब 6 से 7 करोड़ रुपये के मूल्य के सामान और कैश की लूट की और आसानी से चंपत हो गए। इसके अतिरिक्त 26 अप्रैल को केरेडारी थाना क्षेत्र में एक दंपति पर फायरिंग की गई, जिसमें राय बस्ती निवासी विकास प्रजापति की पत्नी मंजू देवी की मृत्यु हो गई और अपराधी अब तक फरार हैं। वहीं, 27 अप्रैल को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल से तीन लापता बच्चों (दो बालिका और एक बालक) के शव बरामद हुए। मृतकों के परिजनों के मुताबिक 23 अप्रैल को उनके लापता होने की लिखित सूचना मुफ्फसिल थाना को देने के बावजूद पुलिस ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई, जिसका परिणाम अत्यंत दुखद रहा। सांसद मनीष जायसवाल ने पुलिस प्रशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल वारंटियों को गिरफ्तार करने से कानून व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो जाती। वारंटी पकड़ना आवश्यक है, लेकिन जिले की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी निरंतर यह कह रही है कि वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता में कानून व्यवस्था है ही नहीं और यहाँ कोई भी सुरक्षित नहीं है। पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि महज 11 महीने में उनका स्थानांतरण करने के पीछे सरकार की क्या मंशा थी, इसका स्पष्टीकरण जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना जनता कर रही है और अब तो हमसे मिलकर भी लोग ये पूछ रहे हैं आखिर इतनी जल्दी उनका ट्रांफास्ट क्यों किया गया। उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी कि यदि वे अपने लोकप्रिय हथकंडे को छोड़कर अपराध नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित नहीं करते, तो भाजपा सड़क पर उतरकर इसका पुरजोर विरोध करेगी। प्रेस- वार्ता के दूसरे चरण में सांसद मनीष जायसवाल ने बीते 28 अप्रैल को सदर अस्पताल में मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा पत्रकार साथियों के साथ की गई गाली-गलौज, बदसलूकी और मारपीट की घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उन पर हुआ यह हमला अत्यंत जी निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन दिए जाने के बावजूद हजारीबाग पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है, जो कि बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मनीष जायसवाल ने कहा कि मंत्री इरफान अंसारी एक सेलेक्टिव माइंडसेट के साथ हजारीबाग पहुंचे। उन्होंने सवाल किया कि बीते कुछ महीनों में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में हाथियों के कुचलने से दर्जनों मौतें हुई। चुरचू में एक ही दिन में आधा दर्जन लोगों की मौत हुई। अवैध खनन के कारण दर्जनों मौतें हुई, बड़कागांव के नापो में एक घटना में दो मौत, कटकमसांडी में बीते छठ महापर्व के दौरान तालाब में डूबने से चार मौत और विष्णुगढ़ में तंत्र-मंत्र के एक बच्ची की नरबलि जैसे संवेदनशील मामलों में मंत्री जी की गंभीरता क्यों नहीं दिखी? उन्होंने स्पष्ट किया कि पौता जंगल की घटना और पत्रकारों पर हमले की घटना अलग-अलग हैं, लेकिन मामले में दिशा भटकाने की कोशिश खूब हो रही है। उन्होंने कहा कि पौता जंगल से तीन शव मामले में भाजपा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और उनकी प्रति संवेदना व्यक्त करता हुआ साथ ही पुलिस प्रशासन से यह मांग करता है कि इस घटना से जल्द पर्दा हटाए और दोषियों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करके उनपर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। अंत में उन्होंने हजारीबाग पुलिस से अपील की कि वे पत्रकारों के मामले में अविलंब प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करें, अन्यथा भाजपा पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी। सांसद मनीष जायसवाल ने मंत्री इरफान अंसारी से भी आग्रह किया कि पत्रकार साथियों जिनसे आपके सामने बदसलूकी और मारपीट हुई उन्हें न्याय दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा और मर्यादा का ख्याल जरूर रखें ताकि वे निष्पक्ष और निर्भीक होकर जनता की आवाज बनकर अपनी सेवा समाज और राष्ट्र को दे सकें । प्रेस- वार्ता को संबोधित करते हुए हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग में हाल के दिनों में घटित घटना अत्यंत दुखद और शर्मनाक है। इस पूरे मामले को जिस प्रकार से अलग-अलग रूप देकर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। अपराधी सिर्फ अपराधी होता है उसकी पहचान किसी भी पार्टी या विचारधारा से नहीं जोड़ी जानी चाहिए। घटना के तीन दिन बाद बच्चों का मिलना कई सवाल खड़े करता है। वहीं मुफस्सिल थाना की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि परिजनों के साथ जिस तरह के दुर्व्यवहार की बात सामने आई है, वह बेहद चिंताजनक है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे इस घटना की सूचना तक नहीं दी गई। यदि समय रहते जानकारी मिलती, तो हम भी अपने स्तर से बच्ची की तलाश में सहयोग करते और पुलिस प्रशासन पर आवश्यक दबाव बनाते। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का हजारीबाग आगमन हुआ, लेकिन इस दौरान मीडिया कर्मियों के साथ उनके द्वारा किया गया व्यवहार भी बिल्कुल अनुचित रहा, जिसकी निंदा होनी चाहिए। तीन बच्चियों से जुड़ी इस घटना की जानकारी मिलते ही मेरी टीम ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया में सहयोग किया और परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया। हालांकि जब भी उनके घर जाने की कोशिश की गई, यह जानकारी मिली कि मंत्री जी वहां मौजूद हैं या उन्हें रांची बुलाया गया है। इस कारण लगातार संपर्क में बाधा उत्पन्न होती रही। उक्त प्रेस-वार्ता में विशेषरूप से भाजपा के वरिष्ठ नेता केपी ओझा, हरीश श्रीवास्तव, जयनारायण मेहता, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, विनोद झुनझुनवाला, अजय कुमार साहू, जीवन मेहता, द्वारिका प्रसाद सिंह उर्फ खोखा सिंह, रेणुका कुमारी, दामोदर साव, लब्बू गुप्ता, बीजेपी नेता दिनेश सिंह राठौड़, भाजपा एससी मोर्चा अध्यक्ष महेंद्र राम बिहारी, भाजयुमो अध्यक्ष राजकरण पाण्डेय, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि इन्द्रनारायण कुशवाहा, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मनोरमा राणा, शंकर चंद्र पाठक, नरेंद्र कुमार, विनोद ओझा, भाजपा सदर मंडल अध्यक्ष शिवपाल यादव, भाजयुमो नेता विक्रमादित्य, बलराम शर्मा, बंटी तिवारी, रामपति राम, महेंद्र महतो, विजय वर्मा, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।

9 hrs ago
user_Ravi Sharma Ptrakar Hzb
Ravi Sharma Ptrakar Hzb
हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
9 hrs ago

हजारीबाग की ध्वस्त कानून व्यवस्था और पत्रकारों पर हमले को लेकर सांसद मनीष जायसवाल ने सरकार और पुलिस को घेरा हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने शनिवार को संसदीय समिति के दौरे से लौटने के उपरांत सांसद सेवा कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण प्रेस-वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दो प्रमुख विषयों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। सांसद मनीष जायसवाल ने अपनी बात की शुरुआत हजारीबाग की ध्वस्त कानून व्यवस्था से करते हुए कहा कि अपराधियों ने जिले के नए पुलिस अधीक्षक का स्वागत लगातार बड़ी आपराधिक घटनाओं के साथ किया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नए एसपी को ज्वाइन किए महज 10-12 दिन ही हुए हैं और इस अल्प अवधि में जिस प्रकार की बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया गया है, वह अत्यंत गंभीर और सोचनीय विषय है। उन्होंने हालिया घटनाओं का विवरण देते हुए कहा कि 22 अप्रैल को बड़कागांव के 13 माइल क्षेत्र में एक हाईवा को आग के हवाले कर दहशत फैलाने की कोशिश की जो बहुत दिनों बाद ऐसी घटना हुई। बीते 17 से 19 अप्रैल के बीच मुफस्सिल थाने में एक दलित महिला और दो वर्षीय दुधमुंहे बच्चे को 38 घंटे तक हिरासत में रखकर यातनाएं दी गईं और उनकी पिटाई की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस कर्मियों ने अपने ही नए कप्तान को यह चुनौती दी है कि उनके आने के बाद भी वे ऐसी करतूतें जारी रखेंगे। इस मामले में पीड़ित द्वारा शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सांसद मनीष जायसवाल ने बैंक डकैती की घटना पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि हजारीबाग को याद भी नहीं कि यहाँ आखिरी बार बैंक डकैती कब हुई थी, लेकिन बीते 24 अप्रैल को बरही में हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े 'बैंक ऑफ महाराष्ट्र' में घुसकर करीब 6 से 7 करोड़ रुपये के मूल्य के सामान और कैश की लूट की और आसानी से चंपत हो गए। इसके अतिरिक्त 26 अप्रैल को केरेडारी थाना क्षेत्र में एक दंपति पर फायरिंग की गई, जिसमें राय बस्ती निवासी विकास प्रजापति की पत्नी मंजू देवी की मृत्यु हो गई और अपराधी अब तक फरार हैं। वहीं, 27 अप्रैल को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल से तीन लापता बच्चों (दो बालिका और एक बालक) के शव बरामद हुए। मृतकों के परिजनों के मुताबिक 23 अप्रैल को उनके लापता होने की लिखित सूचना मुफ्फसिल थाना को देने के बावजूद पुलिस ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई, जिसका परिणाम अत्यंत दुखद रहा। सांसद मनीष जायसवाल ने पुलिस प्रशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल वारंटियों को गिरफ्तार करने से कानून व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो जाती। वारंटी पकड़ना आवश्यक है, लेकिन जिले की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी निरंतर यह कह रही है कि वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता में कानून व्यवस्था है ही नहीं और यहाँ कोई भी सुरक्षित नहीं है। पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि महज 11 महीने में उनका स्थानांतरण करने के पीछे सरकार की क्या मंशा थी, इसका स्पष्टीकरण जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना जनता कर रही है और अब तो हमसे मिलकर भी लोग ये पूछ रहे हैं आखिर इतनी जल्दी उनका ट्रांफास्ट क्यों किया गया। उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी कि यदि वे अपने लोकप्रिय हथकंडे को छोड़कर अपराध नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित नहीं करते, तो भाजपा सड़क पर उतरकर इसका पुरजोर विरोध करेगी। प्रेस- वार्ता के दूसरे चरण में सांसद मनीष जायसवाल ने बीते 28 अप्रैल को सदर अस्पताल में मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा पत्रकार साथियों के साथ की गई गाली-गलौज, बदसलूकी और मारपीट की घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उन पर हुआ यह हमला अत्यंत जी निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन दिए जाने के बावजूद हजारीबाग पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है, जो कि बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मनीष जायसवाल ने कहा कि मंत्री इरफान अंसारी एक सेलेक्टिव माइंडसेट के साथ हजारीबाग पहुंचे। उन्होंने सवाल किया कि बीते कुछ महीनों में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में हाथियों के कुचलने से दर्जनों मौतें हुई। चुरचू में एक ही दिन में आधा दर्जन लोगों की मौत हुई। अवैध खनन के कारण दर्जनों मौतें हुई, बड़कागांव के नापो में एक घटना में दो मौत, कटकमसांडी में बीते छठ महापर्व के दौरान तालाब में डूबने से चार मौत और विष्णुगढ़ में तंत्र-मंत्र के एक बच्ची की नरबलि जैसे संवेदनशील मामलों में मंत्री जी की गंभीरता क्यों नहीं दिखी? उन्होंने स्पष्ट किया कि पौता जंगल की घटना और पत्रकारों पर हमले की घटना अलग-अलग हैं, लेकिन मामले में दिशा भटकाने की कोशिश खूब हो रही है। उन्होंने कहा कि पौता जंगल से तीन शव मामले में भाजपा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और उनकी प्रति संवेदना व्यक्त करता हुआ साथ ही पुलिस प्रशासन से यह मांग करता है कि इस घटना से जल्द पर्दा हटाए और दोषियों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करके उनपर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। अंत में उन्होंने हजारीबाग पुलिस से अपील की कि वे पत्रकारों के मामले में अविलंब प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करें, अन्यथा भाजपा पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी। सांसद मनीष जायसवाल ने मंत्री इरफान अंसारी से भी आग्रह किया कि पत्रकार साथियों जिनसे आपके सामने बदसलूकी और मारपीट हुई उन्हें न्याय दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा और मर्यादा का ख्याल जरूर रखें ताकि वे निष्पक्ष और निर्भीक होकर जनता की आवाज बनकर अपनी सेवा समाज और राष्ट्र को दे सकें । प्रेस- वार्ता को संबोधित करते हुए हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग में हाल के दिनों में घटित घटना अत्यंत दुखद और शर्मनाक है। इस पूरे मामले को जिस प्रकार से अलग-अलग रूप देकर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। अपराधी सिर्फ अपराधी होता है उसकी पहचान किसी भी पार्टी या विचारधारा से नहीं जोड़ी जानी चाहिए। घटना के तीन दिन बाद बच्चों का मिलना कई सवाल खड़े करता है। वहीं मुफस्सिल थाना की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि परिजनों के साथ जिस तरह के दुर्व्यवहार की बात सामने आई है, वह बेहद चिंताजनक है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे इस घटना की सूचना तक नहीं दी गई। यदि समय रहते जानकारी मिलती, तो हम भी अपने स्तर से बच्ची की तलाश में सहयोग करते और पुलिस प्रशासन पर आवश्यक दबाव बनाते। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का हजारीबाग आगमन हुआ, लेकिन इस दौरान मीडिया कर्मियों के साथ उनके द्वारा किया गया व्यवहार भी बिल्कुल अनुचित रहा, जिसकी निंदा होनी चाहिए। तीन बच्चियों से जुड़ी इस घटना की जानकारी मिलते ही मेरी टीम ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया में सहयोग किया और परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया। हालांकि जब भी उनके घर जाने की कोशिश की गई, यह जानकारी मिली कि मंत्री जी वहां मौजूद हैं या उन्हें रांची बुलाया गया है। इस कारण लगातार संपर्क में बाधा उत्पन्न होती रही। उक्त प्रेस-वार्ता में विशेषरूप से भाजपा के वरिष्ठ नेता केपी ओझा, हरीश श्रीवास्तव, जयनारायण मेहता, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, विनोद झुनझुनवाला, अजय कुमार साहू, जीवन मेहता, द्वारिका प्रसाद सिंह उर्फ खोखा सिंह, रेणुका कुमारी, दामोदर साव, लब्बू गुप्ता, बीजेपी नेता दिनेश सिंह राठौड़, भाजपा एससी मोर्चा अध्यक्ष महेंद्र राम बिहारी, भाजयुमो अध्यक्ष राजकरण पाण्डेय, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि इन्द्रनारायण कुशवाहा, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मनोरमा राणा, शंकर चंद्र पाठक, नरेंद्र कुमार, विनोद ओझा, भाजपा सदर मंडल अध्यक्ष शिवपाल यादव, भाजयुमो नेता विक्रमादित्य, बलराम शर्मा, बंटी तिवारी, रामपति राम, महेंद्र महतो, विजय वर्मा, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि पौता जंगल की घटना और पत्रकारों पर हमले की घटना अलग-अलग हैं, लेकिन मामले में दिशा भटकाने की कोशिश खूब हो रही है। उन्होंने कहा कि पौता जंगल से तीन शव मामले में भाजपा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और उनकी प्रति संवेदना व्यक्त करता हुआ साथ ही पुलिस प्रशासन से यह मांग करता है कि इस घटना से जल्द पर्दा हटाए और दोषियों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करके उनपर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। अंत में उन्होंने हजारीबाग पुलिस से अपील की कि वे पत्रकारों के मामले में अविलंब प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करें, अन्यथा भाजपा पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी। सांसद मनीष जायसवाल ने मंत्री इरफान अंसारी से भी आग्रह किया कि पत्रकार साथियों जिनसे आपके सामने बदसलूकी और मारपीट हुई उन्हें न्याय दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा और मर्यादा का ख्याल जरूर रखें ताकि वे निष्पक्ष और निर्भीक होकर जनता की आवाज बनकर अपनी सेवा समाज और राष्ट्र को दे सकें । प्रेस- वार्ता को संबोधित करते हुए हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग में हाल के दिनों में घटित घटना अत्यंत दुखद और शर्मनाक है। इस पूरे मामले को जिस प्रकार से अलग-अलग रूप देकर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। अपराधी सिर्फ अपराधी होता है उसकी पहचान किसी भी पार्टी या विचारधारा से नहीं जोड़ी जानी चाहिए। घटना के तीन दिन बाद बच्चों का मिलना कई सवाल खड़े करता है। वहीं मुफस्सिल थाना की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि परिजनों के साथ जिस तरह के दुर्व्यवहार की बात सामने आई है, वह बेहद चिंताजनक है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे इस घटना की सूचना तक नहीं दी गई। यदि समय रहते जानकारी मिलती, तो हम भी अपने स्तर से बच्ची की तलाश में सहयोग करते और पुलिस प्रशासन पर आवश्यक दबाव बनाते। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का हजारीबाग आगमन हुआ, लेकिन इस दौरान मीडिया कर्मियों के साथ उनके द्वारा किया गया व्यवहार भी बिल्कुल अनुचित रहा, जिसकी निंदा होनी चाहिए। तीन बच्चियों से जुड़ी इस घटना की जानकारी मिलते ही मेरी टीम ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया में सहयोग किया और परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया। हालांकि जब भी उनके घर जाने की कोशिश की गई, यह जानकारी मिली कि मंत्री जी वहां मौजूद हैं या उन्हें रांची बुलाया गया है। इस कारण लगातार संपर्क में बाधा उत्पन्न होती रही। उक्त प्रेस-वार्ता में विशेषरूप से भाजपा के वरिष्ठ नेता केपी ओझा, हरीश श्रीवास्तव, जयनारायण मेहता, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, विनोद झुनझुनवाला, अजय कुमार साहू, जीवन मेहता, द्वारिका प्रसाद सिंह उर्फ खोखा सिंह, रेणुका कुमारी, दामोदर साव, लब्बू गुप्ता, बीजेपी नेता दिनेश सिंह राठौड़, भाजपा एससी मोर्चा अध्यक्ष महेंद्र राम बिहारी, भाजयुमो अध्यक्ष राजकरण पाण्डेय, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि इन्द्रनारायण कुशवाहा, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मनोरमा राणा, शंकर चंद्र पाठक, नरेंद्र कुमार, विनोद ओझा, भाजपा सदर मंडल अध्यक्ष शिवपाल यादव, भाजयुमो नेता विक्रमादित्य, बलराम शर्मा, बंटी तिवारी, रामपति राम, महेंद्र महतो, विजय वर्मा, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।
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हजारीबाग की ध्वस्त कानून व्यवस्था और पत्रकारों पर हमले को लेकर सांसद मनीष जायसवाल ने सरकार और पुलिस को घेरा
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मंत्री इरफ़ान अंसारी के सामने पत्रकारों पर हुए हमले की कड़ी निंदा, पुलिस से एफआईआर की मांग
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भाजपा का नए एसपी को अल्टीमेटम, हजारीबाग का लॉ एंड ऑर्डर नहीं सुधरा तो सड़क ओट उतरकर होगा पुरजोर विरोध
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धार्मिक मानसिकता लेकर हजारीबाग आए थे मंत्री इरफान अंसारी, उनके सामने पत्रकारों से हुई बदसलूकी और मारपीट, उन्होंने नहीं किया हस्तक्षेप: मनीष जायसवाल
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हजारीबाग की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराई, पुलिस की भूमिका और चुप्पी चिंताजनक: प्रदीप प्रसाद
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हजारीबाग। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने शनिवार को संसदीय समिति के दौरे से लौटने के उपरांत सांसद सेवा कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण प्रेस-वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दो प्रमुख विषयों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। सांसद मनीष जायसवाल ने अपनी बात की शुरुआत हजारीबाग की ध्वस्त कानून व्यवस्था से करते हुए कहा कि अपराधियों ने जिले के नए पुलिस अधीक्षक का स्वागत लगातार बड़ी आपराधिक घटनाओं के साथ किया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नए एसपी को ज्वाइन किए महज 10-12 दिन ही हुए हैं और इस अल्प अवधि में जिस प्रकार की बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया गया है, वह अत्यंत गंभीर और सोचनीय विषय है।
उन्होंने हालिया घटनाओं का विवरण देते हुए कहा कि 22 अप्रैल को बड़कागांव के 13 माइल क्षेत्र में एक हाईवा को आग के हवाले कर दहशत फैलाने की कोशिश की जो बहुत दिनों बाद ऐसी घटना हुई।  बीते 17 से 19 अप्रैल के बीच मुफस्सिल थाने में एक दलित महिला और दो वर्षीय दुधमुंहे बच्चे को 38 घंटे तक हिरासत में रखकर यातनाएं दी गईं और उनकी पिटाई की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस कर्मियों ने अपने ही नए कप्तान  को यह चुनौती दी है कि उनके आने के बाद भी वे ऐसी करतूतें जारी रखेंगे। इस मामले में पीड़ित द्वारा शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सांसद मनीष जायसवाल ने बैंक डकैती की घटना पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि हजारीबाग को याद भी नहीं कि यहाँ आखिरी बार बैंक डकैती कब हुई थी, लेकिन बीते 24 अप्रैल को बरही में हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े 'बैंक ऑफ महाराष्ट्र' में घुसकर करीब 6 से 7 करोड़ रुपये के मूल्य के सामान और कैश की लूट की और आसानी से चंपत हो गए। इसके अतिरिक्त 26 अप्रैल को केरेडारी थाना क्षेत्र में एक दंपति पर फायरिंग की गई, जिसमें राय बस्ती निवासी विकास प्रजापति की पत्नी मंजू देवी की मृत्यु हो गई और अपराधी अब तक फरार हैं। वहीं, 27 अप्रैल को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल से तीन लापता बच्चों (दो बालिका और एक बालक) के शव बरामद हुए। मृतकों के परिजनों के मुताबिक 23 अप्रैल को उनके लापता होने की लिखित सूचना मुफ्फसिल थाना को देने के बावजूद पुलिस ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई, जिसका परिणाम अत्यंत दुखद रहा।
सांसद मनीष जायसवाल ने पुलिस प्रशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल वारंटियों को गिरफ्तार करने से कानून व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो जाती। वारंटी पकड़ना आवश्यक है, लेकिन जिले की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी निरंतर यह कह रही है कि वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता में कानून व्यवस्था है ही नहीं और यहाँ कोई भी सुरक्षित नहीं है। पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि महज 11 महीने में उनका स्थानांतरण करने के पीछे सरकार की क्या मंशा थी, इसका स्पष्टीकरण जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना जनता कर रही है और अब तो हमसे मिलकर भी लोग ये पूछ रहे हैं आखिर इतनी जल्दी उनका ट्रांफास्ट क्यों किया गया। उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी कि यदि वे अपने लोकप्रिय हथकंडे को छोड़कर अपराध नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित नहीं करते, तो भाजपा सड़क पर उतरकर इसका पुरजोर विरोध करेगी।
प्रेस- वार्ता के दूसरे चरण में सांसद मनीष जायसवाल ने बीते 28 अप्रैल को सदर अस्पताल में मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा पत्रकार साथियों के साथ की गई गाली-गलौज, बदसलूकी और मारपीट की घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उन पर हुआ यह हमला अत्यंत जी निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन दिए जाने के बावजूद हजारीबाग पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है, जो कि बेहद ही  दुर्भाग्यपूर्ण है। मनीष जायसवाल ने कहा कि मंत्री इरफान अंसारी एक सेलेक्टिव  माइंडसेट के साथ हजारीबाग पहुंचे। उन्होंने सवाल किया कि बीते कुछ महीनों में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में हाथियों के कुचलने से दर्जनों मौतें हुई। चुरचू में एक ही दिन में आधा दर्जन लोगों की मौत हुई। अवैध खनन के कारण दर्जनों मौतें हुई, बड़कागांव के नापो में एक घटना में दो मौत, कटकमसांडी में बीते छठ महापर्व के दौरान तालाब में डूबने से चार मौत और विष्णुगढ़ में तंत्र-मंत्र के एक बच्ची की नरबलि जैसे संवेदनशील मामलों में मंत्री जी की गंभीरता क्यों नहीं दिखी? उन्होंने स्पष्ट किया कि पौता जंगल की घटना और पत्रकारों पर हमले की घटना अलग-अलग हैं, लेकिन मामले में दिशा भटकाने की कोशिश खूब हो रही है। उन्होंने कहा कि पौता जंगल से तीन शव मामले में भाजपा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और उनकी प्रति संवेदना व्यक्त करता हुआ साथ ही पुलिस प्रशासन से यह मांग करता है कि इस घटना से जल्द पर्दा हटाए और दोषियों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करके उनपर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। अंत में उन्होंने हजारीबाग पुलिस से अपील की कि वे पत्रकारों के मामले में अविलंब प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करें, अन्यथा भाजपा पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी। सांसद मनीष जायसवाल ने मंत्री इरफान अंसारी से भी आग्रह किया कि पत्रकार साथियों जिनसे आपके सामने बदसलूकी और मारपीट हुई उन्हें न्याय दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा और मर्यादा का ख्याल जरूर रखें ताकि वे निष्पक्ष और निर्भीक होकर जनता की आवाज बनकर अपनी सेवा समाज और राष्ट्र को दे सकें ।
प्रेस- वार्ता को संबोधित करते हुए हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग में हाल के दिनों में घटित घटना अत्यंत दुखद और शर्मनाक है। इस पूरे मामले को जिस प्रकार से अलग-अलग रूप देकर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। अपराधी सिर्फ अपराधी होता है उसकी पहचान किसी भी पार्टी या विचारधारा से नहीं जोड़ी जानी चाहिए। घटना के तीन दिन बाद बच्चों का मिलना कई सवाल खड़े करता है। वहीं मुफस्सिल थाना की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि परिजनों के साथ जिस तरह के दुर्व्यवहार की बात सामने आई है, वह बेहद चिंताजनक है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे इस घटना की सूचना तक नहीं दी गई। यदि समय रहते जानकारी मिलती, तो हम भी अपने स्तर से बच्ची की तलाश में सहयोग करते और पुलिस प्रशासन पर आवश्यक दबाव बनाते। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का हजारीबाग आगमन हुआ, लेकिन इस दौरान मीडिया कर्मियों के साथ उनके द्वारा किया गया व्यवहार भी बिल्कुल अनुचित रहा, जिसकी निंदा होनी चाहिए।
तीन बच्चियों से जुड़ी इस घटना की जानकारी मिलते ही मेरी टीम ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया में सहयोग किया और परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया। हालांकि जब भी उनके घर जाने की कोशिश की गई, यह जानकारी मिली कि मंत्री जी वहां मौजूद हैं या उन्हें रांची बुलाया गया है। इस कारण लगातार संपर्क में बाधा उत्पन्न होती रही।
उक्त प्रेस-वार्ता में विशेषरूप से 
भाजपा के वरिष्ठ नेता केपी ओझा, हरीश श्रीवास्तव, जयनारायण मेहता, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, विनोद झुनझुनवाला, अजय कुमार साहू, जीवन मेहता, द्वारिका प्रसाद सिंह उर्फ खोखा सिंह, रेणुका कुमारी, दामोदर साव, लब्बू गुप्ता, बीजेपी नेता दिनेश सिंह राठौड़, भाजपा एससी मोर्चा अध्यक्ष महेंद्र राम बिहारी, भाजयुमो अध्यक्ष राजकरण पाण्डेय, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि इन्द्रनारायण कुशवाहा, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मनोरमा राणा, शंकर चंद्र पाठक, नरेंद्र कुमार, विनोद ओझा, भाजपा सदर मंडल अध्यक्ष शिवपाल यादव, भाजयुमो नेता विक्रमादित्य, बलराम शर्मा, बंटी तिवारी,  रामपति राम, महेंद्र महतो, विजय वर्मा, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।
    user_Ejaj Alam
    Ejaj Alam
    Press हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    2 hrs ago
  • दिल्ली तक गूंजा ‘मौत की घाटी’ दनुआ का दर्द: नितिन गडकरी से मिले विधायक मनोज यादव
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    दिल्ली तक गूंजा ‘मौत की घाटी’ दनुआ का दर्द: नितिन गडकरी से मिले विधायक मनोज यादव
    user_झारखण्ड न्यूज हजारीबाग
    झारखण्ड न्यूज हजारीबाग
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    2 hrs ago
  • *मेयर संजीव ने कतरास सब्जी पट्टी में 161 करोड़ की लागत से बनने वाले नाली निर्माण का किया शिलान्यास, जल जमाव से मिलेगी मुक्ति* *धनबाद :* कतरास के सब्जी पट्टी में बरसात में जल जमाव की समस्या को देखते हुए धनबाद नगर निगम के मेयर संजीव सिंह ने 161 करोड़ की लागत से बनने वाली नाली का नारियल फोड़ कर किया शिलान्यास. बताते चलें कि कतरास में जल जमाव की समस्या विकराल रूप धारण किये थी. इस जलजमाव से मुक्ति के लिए मेयर संजीव सिंह और वार्ड संख्या तीन के पार्षद रागनी विनायक गुप्ता ने एक करोड़ 61 लाख रुपए की लागत से बनने वाले नाले का शिलान्यास संयुक्त रूप से की। बताया जाता है कि आज के ही दिन कतरास गुहीबांध का ऐतिहासिक तालाब का जिर्णोद्धार के लिए भी उद्घाटन होने की तारीख निर्धारित थी परंतु शिलापट में नाम शामिल करने का विवाद दो जनप्रतिनिधियों के बीच आ गई और फिलहाल तालाब का जिर्णोद्धार का शिलान्यास टल गया। पत्रकारों को जानकारी देते हुए मेयर संजीव सिंह ने कहा वह नगर निगम का चुनाव नहीं होने से कई योजनाएं यहां रुकी पड़ी हुई थी जो संकल्प लिया था शहर को सुंदर बनाने का और अपने किए गए वादों को पूरा करने के लिए वचनबद्ध है कतरास शहर को निश्चित तौर पर जलजमाव से मुक्ति मिलेगी। नाली निर्माण कार्य में जो भी समस्याएं आएगी निगम बखूबी उससे निपटने का काम करेगी। मेयर संजीव सिंह ने शिलापट पर नामकरण के विवाद पर पर्दा डालते हुए कहा समयाभाव के कारण तालाब का जिर्णोद्धार का शिलान्यास आज नहीं हो सका आने वाले कुछ ही दिनों में तालाब का जिर्णोद्धार का कार्य भी प्रारंभ हो जाएगी ।मेयर संजीव सिंह ने कहा बरसों से निगम का चुनाव नहीं होने के कारण क्षेत्र में समस्याओं का ग्राफ बड़ा है इसका निदान के लिए हम सभी तैयार हैं। मौके पर वार्ड एक के पार्षद डॉ मधुमाला,, पूर्व पार्षद विनायक गुप्ता, संदीप गुप्ता, मासूम खान,सहित दर्जनों लोग मौजूद थे.
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    *मेयर संजीव ने  कतरास सब्जी पट्टी में  161 करोड़ की लागत से बनने वाले नाली निर्माण का किया शिलान्यास, जल जमाव से मिलेगी मुक्ति* 
*धनबाद :* कतरास के सब्जी पट्टी में बरसात में जल जमाव की समस्या को देखते हुए धनबाद नगर निगम के मेयर संजीव सिंह ने  161 करोड़ की लागत से बनने वाली नाली का  नारियल फोड़ कर किया शिलान्यास. बताते चलें कि कतरास में  जल जमाव की समस्या विकराल रूप धारण किये थी. इस जलजमाव से मुक्ति के लिए मेयर संजीव सिंह और वार्ड संख्या तीन के पार्षद रागनी विनायक गुप्ता ने एक करोड़ 61 लाख रुपए की लागत से बनने वाले नाले का शिलान्यास संयुक्त रूप से की। बताया जाता है कि आज के ही दिन कतरास गुहीबांध का ऐतिहासिक तालाब का जिर्णोद्धार के लिए भी उद्घाटन होने की तारीख निर्धारित थी परंतु शिलापट में  नाम शामिल करने का विवाद दो जनप्रतिनिधियों के बीच आ गई और फिलहाल तालाब का जिर्णोद्धार का शिलान्यास टल गया। पत्रकारों को जानकारी देते हुए मेयर संजीव सिंह ने कहा वह नगर निगम का चुनाव नहीं होने से कई योजनाएं यहां रुकी पड़ी हुई थी जो संकल्प लिया था शहर को सुंदर बनाने का और अपने किए गए वादों को पूरा करने के लिए वचनबद्ध है कतरास शहर को निश्चित तौर पर जलजमाव से मुक्ति मिलेगी। नाली निर्माण कार्य में जो भी समस्याएं आएगी निगम बखूबी उससे निपटने का काम करेगी। मेयर संजीव सिंह ने शिलापट पर नामकरण के विवाद पर पर्दा डालते हुए कहा समयाभाव के कारण तालाब का जिर्णोद्धार का शिलान्यास आज नहीं हो सका आने वाले कुछ ही दिनों में तालाब का जिर्णोद्धार का कार्य भी प्रारंभ हो जाएगी ।मेयर संजीव सिंह ने कहा बरसों से निगम का चुनाव नहीं होने के कारण क्षेत्र में समस्याओं का ग्राफ बड़ा है इसका निदान के लिए हम सभी तैयार  हैं।  मौके पर वार्ड एक के पार्षद डॉ मधुमाला,, पूर्व पार्षद विनायक गुप्ता, संदीप गुप्ता, मासूम खान,सहित दर्जनों लोग मौजूद थे.
    user_Public News JH
    Public News JH
    Local News Reporter Chisti Nagar, Hazaribagh•
    2 hrs ago
  • पत्नी की हत्या का खौफनाक खेल! पति ही निकला मास्टरमाइंड, साजिश का परत-दर-परत खुलासा खबर मन्त्र संवाददाता केरेडारी: केरेडारी की शांत रात 26 अप्रैल 2026 को अचानक गोलियों की आवाज से दहल उठी थी। कोयला क्षेत्र के पास एक महिला को निशाना बनाकर गोली मारी गई, मामला पहले लूट या बाहरी हमले जैसा दिखा, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सच्चाई ने सबको हिला कर रख दिया। यह कोई बाहरी हमला नहीं, बल्कि घर के अंदर रची गई खून की साजिश थी।
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    पत्नी की हत्या का खौफनाक खेल! 
पति ही निकला मास्टरमाइंड, साजिश का परत-दर-परत खुलासा
खबर मन्त्र संवाददाता 
केरेडारी: केरेडारी की शांत रात 26 अप्रैल 2026 को अचानक गोलियों की आवाज से दहल उठी थी। कोयला क्षेत्र के पास एक महिला को निशाना बनाकर गोली मारी गई, मामला पहले लूट या बाहरी हमले जैसा दिखा, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सच्चाई ने सबको हिला कर रख दिया। यह कोई बाहरी हमला नहीं, बल्कि घर के अंदर रची गई खून की साजिश थी।
    user_Abhay Kumar Singh
    Abhay Kumar Singh
    पत्रकार हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    4 hrs ago
  • झुमरा दीपु चौक स्थित लकड़ी टाल के विपरीत, सहारा ऑफिस के पीछे खाली मैदान में लगातार बढ़ रही अव्यवस्था पर आखिरकार प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। यहाँ शराबियों का अड्डा बनता जा रहा था, जहां रोज़ाना शराब की बोतलें फेंकी जा रही थीं और आसपास के लोगों में भय का माहौल बना हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की टीम शनिवार को मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान अंचलाधिकारी रामबालक कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी हारून रशीद एवं दारू थाना के एसआई मिथु मुर्मू दलबल के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ संदेश दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की हरकतें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई कि अगर कहीं ऐसी गतिविधि दिखे, तो तुरंत थाना को सूचित करें।
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    झुमरा दीपु चौक स्थित लकड़ी टाल के विपरीत, सहारा ऑफिस के पीछे खाली मैदान में लगातार बढ़ रही अव्यवस्था पर आखिरकार प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। यहाँ शराबियों का अड्डा बनता जा रहा था, जहां रोज़ाना शराब की बोतलें फेंकी जा रही थीं और आसपास के लोगों में भय का माहौल बना हुआ था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की टीम शनिवार को मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान अंचलाधिकारी रामबालक कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी हारून रशीद एवं दारू थाना के एसआई मिथु मुर्मू दलबल के साथ मौजूद रहे।
अधिकारियों ने साफ संदेश दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की हरकतें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई कि अगर कहीं ऐसी गतिविधि दिखे, तो तुरंत थाना को सूचित करें।
    user_खबर आप तक
    खबर आप तक
    Local News Reporter Hazaribag, Hazaribagh•
    8 hrs ago
  • हजारीबाग: मनीष जायसवाल ने शनिवार को संसदीय समिति के दौरे से लौटने के बाद सांसद सेवा कार्यालय परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में जिले की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। 🔴 कानून व्यवस्था पर तीखा हमला सांसद ने कहा कि हजारीबाग में नए पुलिस अधीक्षक के पदभार संभालने के महज 10–12 दिनों के भीतर लगातार बड़ी आपराधिक घटनाएं हुई हैं, जिससे जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। उनके अनुसार अपराधियों ने नई पुलिस नेतृत्व व्यवस्था को खुली चुनौती दी है। 🔴 प्रमुख घटनाओं का उल्लेख प्रेस वार्ता में उन्होंने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा— 22 अप्रैल: बड़कागांव के 13 माइल क्षेत्र में हाईवा वाहन को आग के हवाले कर दहशत फैलाने की कोशिश। 17–19 अप्रैल: मुफस्सिल थाना में एक दलित महिला और उसके दो वर्षीय बच्चे को 38 घंटे तक हिरासत में रखकर कथित रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाया। 24 अप्रैल: बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में दिनदहाड़े हथियारबंद अपराधियों द्वारा लगभग 6–7 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी व सामान की लूट। 26 अप्रैल: केरेडारी थाना क्षेत्र में दंपति पर फायरिंग, जिसमें मंजू देवी की मौत हो गई और आरोपी फरार हैं। 27 अप्रैल: मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल से तीन लापता बच्चों के शव बरामद, जबकि परिजनों ने पहले ही गुमशुदगी की सूचना दी थी। 🔴 पुलिस प्रशासन पर टिप्पणी सांसद ने कहा कि केवल वारंटियों की गिरफ्तारी से कानून व्यवस्था मजबूत नहीं होती। पुलिस की जिम्मेदारी जिले में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पिछले एसपी का मात्र 11 महीने में तबादला क्यों किया गया, जबकि जनता उनके कार्यकाल की सराहना कर रही थी। 🔴 सरकार को चेतावनी उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में कानून व्यवस्था शामिल नहीं है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि अपराध नियंत्रण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय जनता पार्टी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
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    हजारीबाग:
मनीष जायसवाल ने शनिवार को संसदीय समिति के दौरे से लौटने के बाद सांसद सेवा कार्यालय परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में जिले की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
🔴 कानून व्यवस्था पर तीखा हमला
सांसद ने कहा कि हजारीबाग में नए पुलिस अधीक्षक के पदभार संभालने के महज 10–12 दिनों के भीतर लगातार बड़ी आपराधिक घटनाएं हुई हैं, जिससे जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। उनके अनुसार अपराधियों ने नई पुलिस नेतृत्व व्यवस्था को खुली चुनौती दी है।
🔴 प्रमुख घटनाओं का उल्लेख
प्रेस वार्ता में उन्होंने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा—
22 अप्रैल: बड़कागांव के 13 माइल क्षेत्र में हाईवा वाहन को आग के हवाले कर दहशत फैलाने की कोशिश।
17–19 अप्रैल: मुफस्सिल थाना में एक दलित महिला और उसके दो वर्षीय बच्चे को 38 घंटे तक हिरासत में रखकर कथित रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाया।
24 अप्रैल: बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में दिनदहाड़े हथियारबंद अपराधियों द्वारा लगभग 6–7 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी व सामान की लूट।
26 अप्रैल: केरेडारी थाना क्षेत्र में दंपति पर फायरिंग, जिसमें मंजू देवी की मौत हो गई और आरोपी फरार हैं।
27 अप्रैल: मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल से तीन लापता बच्चों के शव बरामद, जबकि परिजनों ने पहले ही गुमशुदगी की सूचना दी थी।
🔴 पुलिस प्रशासन पर टिप्पणी
सांसद ने कहा कि केवल वारंटियों की गिरफ्तारी से कानून व्यवस्था मजबूत नहीं होती। पुलिस की जिम्मेदारी जिले में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पिछले एसपी का मात्र 11 महीने में तबादला क्यों किया गया, जबकि जनता उनके कार्यकाल की सराहना कर रही थी।
🔴 सरकार को चेतावनी
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में कानून व्यवस्था शामिल नहीं है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि अपराध नियंत्रण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय जनता पार्टी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
    user_Dheeraj Kumar
    Dheeraj Kumar
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    8 hrs ago
  • हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने शनिवार को संसदीय समिति के दौरे से लौटने के उपरांत सांसद सेवा कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण प्रेस-वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दो प्रमुख विषयों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। सांसद मनीष जायसवाल ने अपनी बात की शुरुआत हजारीबाग की ध्वस्त कानून व्यवस्था से करते हुए कहा कि अपराधियों ने जिले के नए पुलिस अधीक्षक का स्वागत लगातार बड़ी आपराधिक घटनाओं के साथ किया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नए एसपी को ज्वाइन किए महज 10-12 दिन ही हुए हैं और इस अल्प अवधि में जिस प्रकार की बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया गया है, वह अत्यंत गंभीर और सोचनीय विषय है। उन्होंने हालिया घटनाओं का विवरण देते हुए कहा कि 22 अप्रैल को बड़कागांव के 13 माइल क्षेत्र में एक हाईवा को आग के हवाले कर दहशत फैलाने की कोशिश की जो बहुत दिनों बाद ऐसी घटना हुई। बीते 17 से 19 अप्रैल के बीच मुफस्सिल थाने में एक दलित महिला और दो वर्षीय दुधमुंहे बच्चे को 38 घंटे तक हिरासत में रखकर यातनाएं दी गईं और उनकी पिटाई की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस कर्मियों ने अपने ही नए कप्तान को यह चुनौती दी है कि उनके आने के बाद भी वे ऐसी करतूतें जारी रखेंगे। इस मामले में पीड़ित द्वारा शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सांसद मनीष जायसवाल ने बैंक डकैती की घटना पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि हजारीबाग को याद भी नहीं कि यहाँ आखिरी बार बैंक डकैती कब हुई थी, लेकिन बीते 24 अप्रैल को बरही में हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े 'बैंक ऑफ महाराष्ट्र' में घुसकर करीब 6 से 7 करोड़ रुपये के मूल्य के सामान और कैश की लूट की और आसानी से चंपत हो गए। इसके अतिरिक्त 26 अप्रैल को केरेडारी थाना क्षेत्र में एक दंपति पर फायरिंग की गई, जिसमें राय बस्ती निवासी विकास प्रजापति की पत्नी मंजू देवी की मृत्यु हो गई और अपराधी अब तक फरार हैं। वहीं, 27 अप्रैल को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल से तीन लापता बच्चों (दो बालिका और एक बालक) के शव बरामद हुए। मृतकों के परिजनों के मुताबिक 23 अप्रैल को उनके लापता होने की लिखित सूचना मुफ्फसिल थाना को देने के बावजूद पुलिस ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई, जिसका परिणाम अत्यंत दुखद रहा। सांसद मनीष जायसवाल ने पुलिस प्रशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल वारंटियों को गिरफ्तार करने से कानून व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो जाती। वारंटी पकड़ना आवश्यक है, लेकिन जिले की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी निरंतर यह कह रही है कि वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता में कानून व्यवस्था है ही नहीं और यहाँ कोई भी सुरक्षित नहीं है। पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि महज 11 महीने में उनका स्थानांतरण करने के पीछे सरकार की क्या मंशा थी, इसका स्पष्टीकरण जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना जनता कर रही है और अब तो हमसे मिलकर भी लोग ये पूछ रहे हैं आखिर इतनी जल्दी उनका ट्रांफास्ट क्यों किया गया। उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी कि यदि वे अपने लोकप्रिय हथकंडे को छोड़कर अपराध नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित नहीं करते, तो भाजपा सड़क पर उतरकर इसका पुरजोर विरोध करेगी। प्रेस- वार्ता के दूसरे चरण में सांसद मनीष जायसवाल ने बीते 28 अप्रैल को सदर अस्पताल में मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा पत्रकार साथियों के साथ की गई गाली-गलौज, बदसलूकी और मारपीट की घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उन पर हुआ यह हमला अत्यंत जी निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन दिए जाने के बावजूद हजारीबाग पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है, जो कि बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मनीष जायसवाल ने कहा कि मंत्री इरफान अंसारी एक सेलेक्टिव माइंडसेट के साथ हजारीबाग पहुंचे। उन्होंने सवाल किया कि बीते कुछ महीनों में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में हाथियों के कुचलने से दर्जनों मौतें हुई। चुरचू में एक ही दिन में आधा दर्जन लोगों की मौत हुई। अवैध खनन के कारण दर्जनों मौतें हुई, बड़कागांव के नापो में एक घटना में दो मौत, कटकमसांडी में बीते छठ महापर्व के दौरान तालाब में डूबने से चार मौत और विष्णुगढ़ में तंत्र-मंत्र के एक बच्ची की नरबलि जैसे संवेदनशील मामलों में मंत्री जी की गंभीरता क्यों नहीं दिखी? उन्होंने स्पष्ट किया कि पौता जंगल की घटना और पत्रकारों पर हमले की घटना अलग-अलग हैं, लेकिन मामले में दिशा भटकाने की कोशिश खूब हो रही है। उन्होंने कहा कि पौता जंगल से तीन शव मामले में भाजपा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और उनकी प्रति संवेदना व्यक्त करता हुआ साथ ही पुलिस प्रशासन से यह मांग करता है कि इस घटना से जल्द पर्दा हटाए और दोषियों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करके उनपर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। अंत में उन्होंने हजारीबाग पुलिस से अपील की कि वे पत्रकारों के मामले में अविलंब प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करें, अन्यथा भाजपा पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी। सांसद मनीष जायसवाल ने मंत्री इरफान अंसारी से भी आग्रह किया कि पत्रकार साथियों जिनसे आपके सामने बदसलूकी और मारपीट हुई उन्हें न्याय दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा और मर्यादा का ख्याल जरूर रखें ताकि वे निष्पक्ष और निर्भीक होकर जनता की आवाज बनकर अपनी सेवा समाज और राष्ट्र को दे सकें । प्रेस- वार्ता को संबोधित करते हुए हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग में हाल के दिनों में घटित घटना अत्यंत दुखद और शर्मनाक है। इस पूरे मामले को जिस प्रकार से अलग-अलग रूप देकर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। अपराधी सिर्फ अपराधी होता है उसकी पहचान किसी भी पार्टी या विचारधारा से नहीं जोड़ी जानी चाहिए। घटना के तीन दिन बाद बच्चों का मिलना कई सवाल खड़े करता है। वहीं मुफस्सिल थाना की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि परिजनों के साथ जिस तरह के दुर्व्यवहार की बात सामने आई है, वह बेहद चिंताजनक है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे इस घटना की सूचना तक नहीं दी गई। यदि समय रहते जानकारी मिलती, तो हम भी अपने स्तर से बच्ची की तलाश में सहयोग करते और पुलिस प्रशासन पर आवश्यक दबाव बनाते। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का हजारीबाग आगमन हुआ, लेकिन इस दौरान मीडिया कर्मियों के साथ उनके द्वारा किया गया व्यवहार भी बिल्कुल अनुचित रहा, जिसकी निंदा होनी चाहिए। तीन बच्चियों से जुड़ी इस घटना की जानकारी मिलते ही मेरी टीम ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया में सहयोग किया और परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया। हालांकि जब भी उनके घर जाने की कोशिश की गई, यह जानकारी मिली कि मंत्री जी वहां मौजूद हैं या उन्हें रांची बुलाया गया है। इस कारण लगातार संपर्क में बाधा उत्पन्न होती रही। उक्त प्रेस-वार्ता में विशेषरूप से भाजपा के वरिष्ठ नेता केपी ओझा, हरीश श्रीवास्तव, जयनारायण मेहता, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, विनोद झुनझुनवाला, अजय कुमार साहू, जीवन मेहता, द्वारिका प्रसाद सिंह उर्फ खोखा सिंह, रेणुका कुमारी, दामोदर साव, लब्बू गुप्ता, बीजेपी नेता दिनेश सिंह राठौड़, भाजपा एससी मोर्चा अध्यक्ष महेंद्र राम बिहारी, भाजयुमो अध्यक्ष राजकरण पाण्डेय, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि इन्द्रनारायण कुशवाहा, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मनोरमा राणा, शंकर चंद्र पाठक, नरेंद्र कुमार, विनोद ओझा, भाजपा सदर मंडल अध्यक्ष शिवपाल यादव, भाजयुमो नेता विक्रमादित्य, बलराम शर्मा, बंटी तिवारी, रामपति राम, महेंद्र महतो, विजय वर्मा, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।
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    हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने शनिवार को संसदीय समिति के दौरे से लौटने के उपरांत सांसद सेवा कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण प्रेस-वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दो प्रमुख विषयों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। सांसद मनीष जायसवाल ने अपनी बात की शुरुआत हजारीबाग की ध्वस्त कानून व्यवस्था से करते हुए कहा कि अपराधियों ने जिले के नए पुलिस अधीक्षक का स्वागत लगातार बड़ी आपराधिक घटनाओं के साथ किया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नए एसपी को ज्वाइन किए महज 10-12 दिन ही हुए हैं और इस अल्प अवधि में जिस प्रकार की बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया गया है, वह अत्यंत गंभीर और सोचनीय विषय है।
उन्होंने हालिया घटनाओं का विवरण देते हुए कहा कि 22 अप्रैल को बड़कागांव के 13 माइल क्षेत्र में एक हाईवा को आग के हवाले कर दहशत फैलाने की कोशिश की जो बहुत दिनों बाद ऐसी घटना हुई।  बीते 17 से 19 अप्रैल के बीच मुफस्सिल थाने में एक दलित महिला और दो वर्षीय दुधमुंहे बच्चे को 38 घंटे तक हिरासत में रखकर यातनाएं दी गईं और उनकी पिटाई की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस कर्मियों ने अपने ही नए कप्तान  को यह चुनौती दी है कि उनके आने के बाद भी वे ऐसी करतूतें जारी रखेंगे। इस मामले में पीड़ित द्वारा शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सांसद मनीष जायसवाल ने बैंक डकैती की घटना पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि हजारीबाग को याद भी नहीं कि यहाँ आखिरी बार बैंक डकैती कब हुई थी, लेकिन बीते 24 अप्रैल को बरही में हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े 'बैंक ऑफ महाराष्ट्र' में घुसकर करीब 6 से 7 करोड़ रुपये के मूल्य के सामान और कैश की लूट की और आसानी से चंपत हो गए। इसके अतिरिक्त 26 अप्रैल को केरेडारी थाना क्षेत्र में एक दंपति पर फायरिंग की गई, जिसमें राय बस्ती निवासी विकास प्रजापति की पत्नी मंजू देवी की मृत्यु हो गई और अपराधी अब तक फरार हैं। वहीं, 27 अप्रैल को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल से तीन लापता बच्चों (दो बालिका और एक बालक) के शव बरामद हुए। मृतकों के परिजनों के मुताबिक 23 अप्रैल को उनके लापता होने की लिखित सूचना मुफ्फसिल थाना को देने के बावजूद पुलिस ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई, जिसका परिणाम अत्यंत दुखद रहा।
सांसद मनीष जायसवाल ने पुलिस प्रशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल वारंटियों को गिरफ्तार करने से कानून व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो जाती। वारंटी पकड़ना आवश्यक है, लेकिन जिले की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी निरंतर यह कह रही है कि वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता में कानून व्यवस्था है ही नहीं और यहाँ कोई भी सुरक्षित नहीं है। पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि महज 11 महीने में उनका स्थानांतरण करने के पीछे सरकार की क्या मंशा थी, इसका स्पष्टीकरण जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना जनता कर रही है और अब तो हमसे मिलकर भी लोग ये पूछ रहे हैं आखिर इतनी जल्दी उनका ट्रांफास्ट क्यों किया गया। उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी कि यदि वे अपने लोकप्रिय हथकंडे को छोड़कर अपराध नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित नहीं करते, तो भाजपा सड़क पर उतरकर इसका पुरजोर विरोध करेगी।
प्रेस- वार्ता के दूसरे चरण में सांसद मनीष जायसवाल ने बीते 28 अप्रैल को सदर अस्पताल में मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा पत्रकार साथियों के साथ की गई गाली-गलौज, बदसलूकी और मारपीट की घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उन पर हुआ यह हमला अत्यंत जी निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन दिए जाने के बावजूद हजारीबाग पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है, जो कि बेहद ही  दुर्भाग्यपूर्ण है। मनीष जायसवाल ने कहा कि मंत्री इरफान अंसारी एक सेलेक्टिव  माइंडसेट के साथ हजारीबाग पहुंचे। उन्होंने सवाल किया कि बीते कुछ महीनों में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में हाथियों के कुचलने से दर्जनों मौतें हुई। चुरचू में एक ही दिन में आधा दर्जन लोगों की मौत हुई। अवैध खनन के कारण दर्जनों मौतें हुई, बड़कागांव के नापो में एक घटना में दो मौत, कटकमसांडी में बीते छठ महापर्व के दौरान तालाब में डूबने से चार मौत और विष्णुगढ़ में तंत्र-मंत्र के एक बच्ची की नरबलि जैसे संवेदनशील मामलों में मंत्री जी की गंभीरता क्यों नहीं दिखी? उन्होंने स्पष्ट किया कि पौता जंगल की घटना और पत्रकारों पर हमले की घटना अलग-अलग हैं, लेकिन मामले में दिशा भटकाने की कोशिश खूब हो रही है। उन्होंने कहा कि पौता जंगल से तीन शव मामले में भाजपा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और उनकी प्रति संवेदना व्यक्त करता हुआ साथ ही पुलिस प्रशासन से यह मांग करता है कि इस घटना से जल्द पर्दा हटाए और दोषियों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करके उनपर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। अंत में उन्होंने हजारीबाग पुलिस से अपील की कि वे पत्रकारों के मामले में अविलंब प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करें, अन्यथा भाजपा पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी। सांसद मनीष जायसवाल ने मंत्री इरफान अंसारी से भी आग्रह किया कि पत्रकार साथियों जिनसे आपके सामने बदसलूकी और मारपीट हुई उन्हें न्याय दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा और मर्यादा का ख्याल जरूर रखें ताकि वे निष्पक्ष और निर्भीक होकर जनता की आवाज बनकर अपनी सेवा समाज और राष्ट्र को दे सकें ।
प्रेस- वार्ता को संबोधित करते हुए हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग में हाल के दिनों में घटित घटना अत्यंत दुखद और शर्मनाक है। इस पूरे मामले को जिस प्रकार से अलग-अलग रूप देकर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। अपराधी सिर्फ अपराधी होता है उसकी पहचान किसी भी पार्टी या विचारधारा से नहीं जोड़ी जानी चाहिए। घटना के तीन दिन बाद बच्चों का मिलना कई सवाल खड़े करता है। वहीं मुफस्सिल थाना की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि परिजनों के साथ जिस तरह के दुर्व्यवहार की बात सामने आई है, वह बेहद चिंताजनक है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे इस घटना की सूचना तक नहीं दी गई। यदि समय रहते जानकारी मिलती, तो हम भी अपने स्तर से बच्ची की तलाश में सहयोग करते और पुलिस प्रशासन पर आवश्यक दबाव बनाते। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का हजारीबाग आगमन हुआ, लेकिन इस दौरान मीडिया कर्मियों के साथ उनके द्वारा किया गया व्यवहार भी बिल्कुल अनुचित रहा, जिसकी निंदा होनी चाहिए। तीन बच्चियों से जुड़ी इस घटना की जानकारी मिलते ही मेरी टीम ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया में सहयोग किया और परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया। हालांकि जब भी उनके घर जाने की कोशिश की गई, यह जानकारी मिली कि मंत्री जी वहां मौजूद हैं या उन्हें रांची बुलाया गया है। इस कारण लगातार संपर्क में बाधा उत्पन्न होती रही। उक्त प्रेस-वार्ता में विशेषरूप से भाजपा के वरिष्ठ नेता केपी ओझा, हरीश श्रीवास्तव, जयनारायण मेहता, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, विनोद झुनझुनवाला, अजय कुमार साहू, जीवन मेहता, द्वारिका प्रसाद सिंह उर्फ खोखा सिंह, रेणुका कुमारी, दामोदर साव, लब्बू गुप्ता, बीजेपी नेता दिनेश सिंह राठौड़, भाजपा एससी मोर्चा अध्यक्ष महेंद्र राम बिहारी, भाजयुमो अध्यक्ष राजकरण पाण्डेय, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि इन्द्रनारायण कुशवाहा, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मनोरमा राणा, शंकर चंद्र पाठक, नरेंद्र कुमार, विनोद ओझा, भाजपा सदर मंडल अध्यक्ष शिवपाल यादव, भाजयुमो नेता विक्रमादित्य, बलराम शर्मा, बंटी तिवारी,  रामपति राम, महेंद्र महतो, विजय वर्मा, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।
    user_Ravi Sharma Ptrakar Hzb
    Ravi Sharma Ptrakar Hzb
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    9 hrs ago
  • -- -- 15 से 25 मई तक होगा क्रिकेट का महा मुकाबला -- खेल से बढ़ेगी हजारीबाग की पहचान और युवाओं को मिलेगा मंच: भुवनेश्वर प्रसाद मेहता -- आयोजन का उद्देश्य नशा उन्मूलन और युवाओं को खेल से जोड़ना: शादाब अंसारी -- हजारीबाग। शहर के अन्नदा स्कूल मैदान में क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। आईपीएल की तर्ज पर ‘ओमेगा कप हजारीबाग T-10 प्रीमियर लीग नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट’ का भव्य आयोजन 15 मई से 25 मई तक किया जाएगा। इसको लेकर शनिवार को हजारीबाग प्रेस क्लब में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। आयोजक ने बताया कि इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें भाग लेंगी और सभी टीमें लीग मुकाबले खेलेंगी। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 25 मई को आयोजित होगा। विजेता टीम को ₹1,50,000 की पुरस्कार राशि, ट्रॉफी और मेडल दिए जाएंगे, जबकि उपविजेता टीम को ₹75,000 पुरस्कार राशि और मेडल से सम्मानित किया जाएगा। आयोजक सह ओमेगा ग्रुप के फाउंडर शादाब अंसारी ने बताया कि इस टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य समाज में नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाना, युवाओं की प्रतिभा को मंच देना, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति लोगों को प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट को भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा और इसमें हजारीबाग की स्थानीय टीमों के साथ-साथ राजस्थान की हीलियस ग्रुप और अहमदाबाद की आरके सन पावर टीम भी हिस्सा लेंगी, जो आकर्षण का केंद्र होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि आयोजन कंपनी के CSR फंड के तहत सामाजिक दायित्व निभाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमों के लिए ₹5000 का रजिस्ट्रेशन शुल्क निर्धारित किया गया है। पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट से हजारीबाग की पहचान मजबूत होगी और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि खेल के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलती है और ऐसे आयोजन उनके उत्साहवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रेस वार्ता में झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता, अफरोज अख्तर, निजाम अंसारी, रेहान फजल, सामंत कुमार पांडे, समीम खान और ऋतुराज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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-- 15 से 25 मई तक होगा क्रिकेट का महा मुकाबला 
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खेल से बढ़ेगी हजारीबाग की पहचान और युवाओं को मिलेगा मंच: भुवनेश्वर प्रसाद मेहता
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आयोजन का उद्देश्य नशा उन्मूलन और युवाओं को खेल से जोड़ना: शादाब अंसारी
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हजारीबाग। शहर के अन्नदा स्कूल मैदान में क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। आईपीएल की तर्ज पर ‘ओमेगा कप हजारीबाग T-10 प्रीमियर लीग नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट’ का भव्य आयोजन 15 मई से 25 मई तक किया जाएगा। इसको लेकर शनिवार को हजारीबाग प्रेस क्लब में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। आयोजक ने बताया कि 
इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें भाग लेंगी और सभी टीमें लीग मुकाबले खेलेंगी। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 25 मई को आयोजित होगा। विजेता टीम को ₹1,50,000 की पुरस्कार राशि, ट्रॉफी और मेडल दिए जाएंगे, जबकि उपविजेता टीम को ₹75,000 पुरस्कार राशि और मेडल से सम्मानित किया जाएगा।
आयोजक सह ओमेगा ग्रुप के फाउंडर शादाब अंसारी ने बताया कि इस टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य समाज में नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाना, युवाओं की प्रतिभा को मंच देना, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति लोगों को प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट को भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा और इसमें हजारीबाग की स्थानीय टीमों के साथ-साथ राजस्थान की हीलियस ग्रुप और अहमदाबाद की आरके सन पावर टीम भी हिस्सा लेंगी, जो आकर्षण का केंद्र होंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि आयोजन कंपनी के CSR फंड के तहत सामाजिक दायित्व निभाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमों के लिए ₹5000 का रजिस्ट्रेशन शुल्क निर्धारित किया गया है।
पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट से हजारीबाग की पहचान मजबूत होगी और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच मिलेगा।
उन्होंने कहा कि खेल के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलती है और ऐसे आयोजन उनके उत्साहवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस प्रेस वार्ता में झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता, अफरोज अख्तर, निजाम अंसारी, रेहान फजल, सामंत कुमार पांडे, समीम खान और ऋतुराज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
    user_Ejaj Alam
    Ejaj Alam
    Press हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    2 hrs ago
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