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नरेंद्र नागर के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक स्मृति शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस बार शिविर के लिए 1500 का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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नरेंद्र नागर के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक स्मृति शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस बार शिविर के लिए 1500 का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- नाभि जटका प्राणायाम को सीखने और करने का सुझाव दिया गया है।1
- रविवार को दरा नाल क्षेत्र में अवैध शराब से लदी एक तेज़ रफ़्तार कार सड़क के बीच रखे सीमेंट के ब्लॉक से टकराकर पलट गई। इस हादसे के बाद कार का चालक मौके से फरार हो गया। दुर्घटनास्थल से कार से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई है। मोड़क थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।4
- राजस्थान के कोटा शहर में बीते 11 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल के दामों में चौथी बार वृद्धि हुई है। तेल कंपनियों ने रविवार को पेट्रोल के दाम 2.83 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 2.72 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। इस वृद्धि के बाद कोटा में सामान्य पेट्रोल 112.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.36 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 121.88 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। कोटा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष तरूमीत सिंह बेदी ने जानकारी दी कि शहर के लगभग 47 पेट्रोल पंपों पर नई कीमतें लागू कर दी गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात को देखते हुए, आने वाले समय में भी पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।2
- इंदौर में वार्ड पार्षद कुणाल सोलंकी के नेतृत्व में कांग्रेस ने पेयजल की गंभीर समस्या को लेकर धरना प्रदर्शन किया है। यह विरोध प्रदर्शन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जहां एक ओर आम जनता पानी की किल्लत से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने आंदोलनकारियों को हटाने के लिए मौके पर कई पानी के टैंकर बुला लिए हैं। इन टैंकरों का उपयोग वाटर कैनन के जरिए प्रदर्शन को खत्म करने के लिए किया जाना है। इंदौर में पेयजल समस्या को लेकर कांग्रेस का यह धरना प्रदर्शन अभी भी जारी है।1
- कोटा शहर के नदी पार स्थित कुन्हाड़ी इलाके में बीती देर रात एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। एक कार और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच हुई जोरदार टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में एक व्यक्ति घायल हो गया है, जिसे तुरंत इलाज के लिए शहर के एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया। घटना के तुरंत बाद सड़क के दोनों ओर भारी जाम लग गया, जिससे देर रात राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही कुन्हाड़ी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर जाम खुलवाया और यातायात को दोबारा सुचारू किया। फिलहाल, कुन्हाड़ी थाना पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी है ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके।1
- एक रामायण प्रतियोगिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- सांगोद में 'वंदे गंगाजल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक विशेष स्वच्छता कार्यक्रम पीपली घाट स्थित गणेश कुंज पर आयोजित किया गया, जिसका आगाज ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गणेशपाल मंदिर में गणपति का विधिवत पूजन कर किया। इस दौरान पूरा परिसर 'गंगा माता की जय' के जयकारों से गूंज उठा और अभियान के प्रति जन-जागरूकता के लिए महिलाओं द्वारा कलश यात्रा भी निकाली गई। यह राज्यव्यापी अभियान 25 मई से शुरू होकर 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक चलेगा। अभियान के शुभारंभ पर मंत्री नागर ने खुद स्वच्छता की कमान संभालते हुए सांगोद के पीपली घाट पर आमजन और अधिकारियों के साथ मिलकर भारी मात्रा में श्रमदान किया। उन्होंने नदी किनारे फैले प्लास्टिक, अनुपयोगी अपशिष्ट और गंदगी को अपने हाथों से बटोरकर साफ किया, जिससे वहाँ मौजूद नागरिकों और युवाओं में भारी उत्साह भर गया और वे भी इस सफाई यज्ञ में जुट गए। आमजन को संबोधित करते हुए मंत्री नागर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में देश और प्रदेश बदल रहा है, जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ने से हर घर में शौचालय बन गए हैं और खुले में शौच से मुक्ति मिली है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस अभियान के तहत सभी सरकारी विभागों के भवनों और कार्यालयों की सफाई व रंग-रोगन का कार्य भी किया जाएगा, साथ ही जल स्रोतों को स्वच्छ रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बताई। मीडिया से बातचीत में मंत्री नागर ने स्पष्ट किया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य पानी की बर्बादी को रोकना, जलाशयों की सफाई करना, जल स्रोतों का पुनर्भरण करना और गांवों से कचरा हटाकर उन्हें पूर्णतः स्वच्छ बनाना है। उन्होंने आमजन से इस महाअभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए, मंत्री हीरालाल नागर ने नदी में कचरा फेंक रहे एक युवक को मौके पर ही टोका। उन्होंने युवक को समझाइश देते हुए कहा कि नदी-नालों में किसी भी प्रकार का प्लास्टिक, घरेलू अपशिष्ट या पूजन सामग्री न डालें। इसके साथ ही, उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और नदी को दूषित करने वालों व अवैध रूप से मछली पकड़ने वालों पर सख्त रोक लगाई जाए। मंत्री नागर ने नदी किनारे स्थित सरकारी स्कूल के पीछे गणेश कुंज पर नीम और पीपल के पौधों का रोपण भी किया। उन्होंने नगर पालिका अधिशासी अधिकारी मनोज मालव को सख्त निर्देश दिए कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए ड्रिप सिंचाई पद्धति से पानी की व्यवस्था की जाए, परिसर से अनुपयोगी बबूल के पेड़ों को तुरंत हटाया जाए, और मिट्टी का लैंडस्केपिंग कार्य कर इस पूरे क्षेत्र को एक सुंदर पार्क के रूप में विकसित किया जाए, जिसमें पॉम खजूर जैसे आकर्षक पौधे लगाए जाएं। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी सौगात के तौर पर सांगोद विधानसभा के लगभग 50 हजार परिवारों को विधायक कोष से दो-दो डस्टबिन (कुल 1 लाख डस्टबिन) मुफ्त दिए जाएंगे, ताकि लोग घर पर ही सूखे और गीले कचरे का अलग-अलग निस्तारण कर सकें।4
- राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत (STFI) का 58वां प्रांतीय महासमिति अधिवेशन कोटा में धूमधाम के साथ शुरू हुआ। इस अधिवेशन का शुभारंभ प्रांतीय सभाध्यक्ष याकूब खान, प्रांतीय अध्यक्ष महावीर सिहाग और प्रदेश महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने झंडारोहण के साथ किया। अधिवेशन की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष महावीर सिहाग ने की, जबकि प्रांतीय सभाध्यक्ष याकूब खान और कोटा जिलाध्यक्ष महेंद्र चौधरी ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया। जनवादी लेखक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हंसराज चौधरी ने उद्घाटन करते हुए मौजूदा देश के नेतृत्व पर शिक्षा और स्वास्थ्य को सरकारी दायरे से हटाकर निजीकरण की राह पर ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार शिक्षा से वैज्ञानिक सोच को दूर कर रही है और पूंजीपतियों के हित में सार्वजनिक संस्थानों को कमजोर कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष महावीर सिहाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की आलोचना करते हुए इसे बिना संबंधित पक्षों से संवाद किए लागू करने को लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया और 8 घंटे की ड्यूटी लागू करने के प्रयासों को श्रम कानूनों की भावना के खिलाफ करार दिया। सिहाग ने शिक्षकों से पढ़ाने के अनुकूल वातावरण, स्थानांतरण, डीपीसी, संविदा भर्ती समाप्ति, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति और कार्य घंटे कम करने जैसी मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। प्रांतीय महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने संगठन का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह केवल कागजी दस्तावेज नहीं, बल्कि संघर्षों का इतिहास, वर्तमान चुनौतियों का विश्लेषण और भविष्य की दिशा तय करने वाला दस्तावेज है। शर्मा ने बताया कि पूरे राजस्थान में संघर्ष जत्थों के माध्यम से जनजागरण अभियान चलाया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि 27 मई 2025 से 1 जून 2025 तक नावा, टोंक और सीकर से निकले पैदल संघर्ष जत्थों ने शिक्षा मंत्री को वार्ता के लिए मजबूर किया, और 2 जून 2025 को जयपुर में निकाली गई 8 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक यात्रा को जनसंगठनों का व्यापक समर्थन मिला, जिसके बाद शिक्षा मंत्री को झुकना पड़ा। सीटू महामंत्री मुरारीलाल बैरवा ने अधिवेशन में विभिन्न मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए जाने की जानकारी दी। इन प्रस्तावों में आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी, पेट्रोल-डीजल व गैस की बढ़ती महंगाई का विरोध तथा सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष करना प्रमुख रहे। ये प्रस्ताव राधेश्याम यादव, शुभकरण, भंवरलाल काला, हेमंत खराड़ी, पवन छींपा सहित कई नेताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए और सर्वसम्मति से पारित हुए। कोषाध्यक्ष राधेश्याम यादव ने आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया, और प्रतिवेदन पर वेदपाल मलिक, रामावतार जांगिड़, फारूख अली, सरस्वती मारू सहित कई प्रतिनिधियों ने विस्तृत बहस में भाग लिया। मंच पर देवेंद्र झाझड़िया, भंवरलाल काला, भंवरलाल कसवां, पवन छींपा, रामस्वरूप चौधरी, अशोक लोदवाल, अंजू दुलड़, सुनीता सिहाग, महावीर मीणा, ईश्वर सिंह और चंद्रशेखर शर्मा सहित कई नेता मौजूद रहे। अधिवेशन के समापन पर, प्रदेश महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को बचाने, शिक्षक हितों की रक्षा करने और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लेने की बात कही। यह अधिवेशन सार्वजनिक शिक्षा की रक्षा, वैज्ञानिक सोच के विकास और शिक्षक हितों की लड़ाई के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।4
- केशोरायपाटन में एक दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए आरोपी पति को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।1