चंदौली जिले के धानापुर विकास खंड की न्यायपंचायत अवही में बीते दो माह के अंदर 63 केवी का ट्रांसफार्मर पाँच बार जल चुका है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद, कल शाम को एक बार फिर से 63 केवी का ही ट्रांसफार्मर लगाया गया, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग, विधायक सुशील सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों को पत्र के माध्यम से अपनी समस्या से अवगत कराया था, लेकिन उनकी ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने अपनी आवश्यकतानुसार 100 केवी के ट्रांसफार्मर के लिए आवेदन भी किया था। इसके बावजूद, अवही गांव के शहीद गेट के ठीक उत्तर दिशा में मुख्य सड़क के किनारे फिर से 63 केवी का ही ट्रांसफार्मर लगाया गया है। इस दौरान राजेंद्र कुमार, बेचन खरवार, लालमुनी बिंद, रजनु श्रीवास्तव, हिरा यादव, धर्मेंद्र, धनंजय और अन्य ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। 63 केवी का ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बावजूद अवही गांव के ग्रामीणों में असंतोष बरकरार है।
चंदौली जिले के धानापुर विकास खंड की न्यायपंचायत अवही में बीते दो माह के अंदर 63 केवी का ट्रांसफार्मर पाँच बार जल चुका है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद, कल शाम को एक बार फिर से 63 केवी का ही ट्रांसफार्मर लगाया गया, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग, विधायक सुशील सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों को पत्र के माध्यम से अपनी समस्या से अवगत कराया था, लेकिन उनकी ओर से इस पर कोई
ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने अपनी आवश्यकतानुसार 100 केवी के ट्रांसफार्मर के लिए आवेदन भी किया था। इसके बावजूद, अवही गांव के शहीद गेट के ठीक उत्तर दिशा में मुख्य सड़क के किनारे फिर से 63 केवी का ही ट्रांसफार्मर लगाया गया है। इस दौरान राजेंद्र कुमार, बेचन खरवार, लालमुनी बिंद, रजनु श्रीवास्तव, हिरा यादव, धर्मेंद्र, धनंजय और अन्य ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। 63 केवी का ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बावजूद अवही गांव के ग्रामीणों में असंतोष बरकरार है।
- चंदौली में वेटरंस एसोसिएशन के पूर्व सैनिकों ने एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें सेवारत और पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को आ रही समस्याओं पर गहन चर्चा की गई। इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि रक्षा मंत्री द्वारा 'सिंदूर ऑपरेशन' पर दिए गए कथित झूठे बयान के संबंध में राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसे जवानों का अपमान बताया गया है। इस दौरान पूर्व सैनिक मणि देव चतुर्वेदी भी उपस्थित थे।1
- चंदौली जिले के धानापुर विकास खंड की न्यायपंचायत अवही में बीते दो माह के अंदर 63 केवी का ट्रांसफार्मर पाँच बार जल चुका है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद, कल शाम को एक बार फिर से 63 केवी का ही ट्रांसफार्मर लगाया गया, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग, विधायक सुशील सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों को पत्र के माध्यम से अपनी समस्या से अवगत कराया था, लेकिन उनकी ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने अपनी आवश्यकतानुसार 100 केवी के ट्रांसफार्मर के लिए आवेदन भी किया था। इसके बावजूद, अवही गांव के शहीद गेट के ठीक उत्तर दिशा में मुख्य सड़क के किनारे फिर से 63 केवी का ही ट्रांसफार्मर लगाया गया है। इस दौरान राजेंद्र कुमार, बेचन खरवार, लालमुनी बिंद, रजनु श्रीवास्तव, हिरा यादव, धर्मेंद्र, धनंजय और अन्य ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। 63 केवी का ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बावजूद अवही गांव के ग्रामीणों में असंतोष बरकरार है।2
- सकलडीहा, चंदौली में सोमवार, 6 जुलाई 2026 को तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दिवस पर कुल 102 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनकी अध्यक्षता उप जिला अधिकारी कुंदन राज कपूर ने की। उन्होंने सभी फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। आयोजन के दौरान प्राप्त हुए 102 शिकायतों में से 10 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष बचे 92 मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए निर्देश दिए गए हैं कि वे एक सप्ताह के भीतर उनका निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।1
- चंदौली के सकलडीहा तहसील परिसर में सोमवार को अपर जिला अधिकारी (एडीएम) की उपस्थिति में एक संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान दूर-दराज से आए ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। कार्यक्रम में कुल 102 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए 10 प्रार्थना पत्रों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया। शेष 92 मामलों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए उन्हें समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। सुनवाई के दौरान एडीएम ने कड़े तेवर अपनाते हुए स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीन से जुड़े मामलों में दोनों टीमें संयुक्त रूप से मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करें, क्योंकि शासन की मंशा के अनुरूप हर पीड़ित को न्याय मिलना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी कुंदन राज कपूर, तहसीलदार, अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर, क्षेत्राधिकारी, खंड विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह और एसडीओ सीताराम यादव सहित विभिन्न विभागों के ब्लॉक और तहसील स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।1
- धीना क्षेत्र में अगर वीर बहुरिया नदी की खुदाई और सफाई कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीण जयप्रकाश, प्रवीण कुमार, राहुल, रामदुलार, संजय और अशोक का आरोप है कि नदी की खुदाई के नाम पर लाखों रुपये का खर्च तो दिखाया गया, लेकिन धरातल पर अधिकांश स्थानों पर केवल घास हटाकर और सतही जुताई करके औपचारिकता पूरी कर दी गई। इसके चलते कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, और इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 33 किलोमीटर लंबी इस नदी की खुदाई के लिए करीब 60 लाख रुपये की लागत का कार्य स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि कई ठेकेदारों ने मिलकर लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में सफाई का जिम्मा लिया, मगर मानकों के अनुरूप खुदाई नहीं कराई गई। आज भी नदी के बीच और किनारों पर जगह-जगह मिट्टी के बड़े-बड़े टीले पड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि रैथा गांव से गोपालपुर जाने वाली पुलिया के पश्चिम दिशा में कुछ कार्य हुआ, पर पुलिया के पूर्व दिशा में नदी के बीच आज भी बड़ा टीला मौजूद है, जिससे धारा सिमटकर करीब 10 फीट चौड़ी रह गई है। खझरा गांव के पूर्वी छोर से तंबागढ़ तक लगभग आठ किलोमीटर क्षेत्र में कोई खुदाई नहीं हुई, और तंबागढ़ में केवल लगभग 300 मीटर तक सफाई कर काम छोड़ दिया गया। इसके बाद गंगा नदी तक लगभग सात किलोमीटर क्षेत्र में भी खुदाई न होने का आरोप है। नूरी गांव से कुशहा गांव तक भी नदी की सफाई और खुदाई न किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बीच के गांवों और नदी के टेल हिस्से में खुदाई न होने से बरसात के दौरान पानी का दबाव बढ़ जाता है, जिससे आसपास के गांवों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। इस संबंध में बंधी डिवीजन के अवर अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि गंगा किनारे महुजी नाला के पास कुछ किसानों ने अपनी निजी भूमि बताकर खुदाई का विरोध किया था। उन्होंने यह भी बताया कि 33 किलोमीटर लंबाई में नदी की खुदाई का प्रस्ताव था, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 60 लाख रुपये थी। ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर अधूरी खुदाई को पूर्ण कराने, नदी में पड़े मिट्टी के टीलों को हटाने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है।3
- बिहार के कैमूर जिले के ईचाव गाँव में अक्षर ज्ञान ग्रामीण शिक्षा केंद्र सह गाइडेंस सेंटर द्वारा एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ ग्रामीण बच्चों के बीच मुफ्त कॉपी-कलम का वितरण किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करना है। इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे यह पहल एक सामूहिक प्रयास के रूप में सामने आई। इस अवसर पर, संस्था के संस्थापक प्रमोद कुमार सिंह यादव ने ग्रामीण शिक्षा को मजबूत बनाने के अपने संकल्प को दोहराया। बच्चों को समर्पित भाव से पढ़ाने वाली सहयोगी शिक्षिका फरजाना खातून को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान राशि देकर सम्मानित भी किया गया। यह पहल दर्शाती है कि कैसे ऐसे प्रयासों से गरीब बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाई जा सकती है और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक माहौल बनाया जा सकता है।1
- सकलडीहा तहसील दिवस के अवसर पर मणि देव चतुर्वेदी ने खेल मैदान स्टेडियम को लेकर एक ज्ञापन दिया।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला एक मामला सामने आया है। न्यायालय सुरक्षा में तैनात दरोगा गिरीश मिश्रा पर एक ट्रक चालक के ₹20 हजार चोरी करने का गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, जब ट्रक चालक को इस घटना की भनक लगी, तो उसने दरोगा को बीच सड़क पर ही पकड़ लिया। इस दौरान दोनों के बीच विवाद काफी बढ़ गया, जिसके परिणामस्वरूप चालक ने दरोगा की पिटाई कर दी। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके चलते पुलिस विभाग की काफी किरकिरी हुई है।1