लक्सर में बीती 22 मई को सूचना संकलन के दौरान नाज़िर खुशाल सिंह रावत और एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीन सैनी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। यह मामला जब लक्सर उपजिलाधिकारी के सामने पहुंचा, तो नाज़िर खुशाल सिंह रावत ने उपजिलाधिकारी की उपस्थिति में ही प्रवीन सैनी को जान से मारने की धमकी दे डाली। इस गंभीर घटना पर लक्सर उपजिलाधिकारी मूकदर्शक बने चुप बैठे रहे थे, जिसके बाद गुस्साए पत्रकारों ने 29 मई का अल्टीमेटम देते हुए एक ज्ञापन सौंपा था। पत्रकारों के साथ बढ़ते जनसहयोग को देखते हुए प्रशासन द्वारा आज पत्रकारों को वार्ता के लिए बुलाया गया था। इस संयुक्त बैठक में किसान यूनियन क्रांति, बार एसोसिएशन, व्यापार मंडल, भीम आर्मी उत्तराखंड किसान मोर्चा, प्रधान संगठन, भारतीय किसान यूनियन टिकैत और मजदूर किसान संगठन समिति सहित सभी दलों के क्षेत्रीय नेता उपस्थित रहे। बैठक में आए सभी लोगों ने एकमत होकर दोनों ही कर्मचारियों को तत्काल हटाने की मांग रखी, लेकिन लक्सर उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने इस पर असहमति जताई। उपजिलाधिकारी ने नाज़िर द्वारा की गई घटना को स्वीकार किया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया, पर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को बचाते नज़र आए, जिसके परिणामस्वरूप बैठक बेनतीजा रही और कोई सहमति नहीं बन पाई। बैठक के बाद सभी लोग एक साथ उठ खड़े हुए और लक्सर उपजिलाधिकारी को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि आगामी 29 मई तक दोनों कर्मचारियों को नहीं हटाया जाता है, तो तहसील परिसर में हज़ारों की तादाद में पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस दौरान किसी भी तरह की घटना की पूरी ज़िम्मेदारी लक्सर तहसील प्रशासन की होगी। लोगों ने मांग की कि उक्त कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से लक्सर तहसील से हटाया जाए और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि समाज के चौथे स्तंभ, यानी पत्रकारों पर इस तरह का प्रहार किसी भी हाल में नहीं करने दिया जाएगा, क्योंकि पत्रकार समाज का आईना होते हैं। सभी ने लक्सर के पत्रकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने और इस लड़ाई को तब तक जारी रखने का संकल्प लिया, जब तक उक्त कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, भले ही इसके लिए तहसील में तालाबंदी करनी पड़े।
लक्सर में बीती 22 मई को सूचना संकलन के दौरान नाज़िर खुशाल सिंह रावत और एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीन सैनी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। यह मामला जब लक्सर उपजिलाधिकारी के सामने पहुंचा, तो नाज़िर खुशाल सिंह रावत ने उपजिलाधिकारी की उपस्थिति में ही प्रवीन सैनी को जान से मारने की धमकी दे डाली। इस गंभीर घटना पर लक्सर उपजिलाधिकारी मूकदर्शक बने चुप बैठे रहे थे, जिसके बाद गुस्साए पत्रकारों ने 29 मई का अल्टीमेटम देते हुए एक ज्ञापन सौंपा था। पत्रकारों के साथ बढ़ते जनसहयोग को देखते हुए प्रशासन द्वारा आज पत्रकारों को वार्ता के लिए बुलाया गया था। इस संयुक्त बैठक में किसान यूनियन क्रांति, बार एसोसिएशन, व्यापार मंडल, भीम आर्मी उत्तराखंड किसान मोर्चा, प्रधान संगठन, भारतीय किसान यूनियन टिकैत और मजदूर किसान संगठन समिति सहित सभी दलों के क्षेत्रीय नेता उपस्थित रहे। बैठक में आए सभी लोगों ने एकमत होकर दोनों ही कर्मचारियों को तत्काल हटाने की मांग रखी, लेकिन लक्सर उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने इस पर असहमति जताई। उपजिलाधिकारी ने नाज़िर द्वारा की गई घटना को स्वीकार किया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया, पर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को बचाते नज़र आए, जिसके परिणामस्वरूप बैठक बेनतीजा रही और कोई सहमति नहीं बन पाई। बैठक के बाद सभी लोग एक साथ उठ खड़े हुए और लक्सर उपजिलाधिकारी को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि आगामी 29 मई तक दोनों कर्मचारियों को नहीं हटाया जाता है, तो तहसील परिसर में हज़ारों की तादाद में पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस दौरान किसी भी तरह की घटना की पूरी ज़िम्मेदारी लक्सर तहसील प्रशासन की होगी। लोगों ने मांग की कि उक्त कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से लक्सर तहसील से हटाया जाए और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि समाज के चौथे स्तंभ, यानी पत्रकारों पर इस तरह का प्रहार किसी भी हाल में नहीं करने दिया जाएगा, क्योंकि पत्रकार समाज का आईना होते हैं। सभी ने लक्सर के पत्रकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने और इस लड़ाई को तब तक जारी रखने का संकल्प लिया, जब तक उक्त कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, भले ही इसके लिए तहसील में तालाबंदी करनी पड़े।
- लक्सर में बीती 22 मई को सूचना संकलन के दौरान नाज़िर खुशाल सिंह रावत और एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीन सैनी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। यह मामला जब लक्सर उपजिलाधिकारी के सामने पहुंचा, तो नाज़िर खुशाल सिंह रावत ने उपजिलाधिकारी की उपस्थिति में ही प्रवीन सैनी को जान से मारने की धमकी दे डाली। इस गंभीर घटना पर लक्सर उपजिलाधिकारी मूकदर्शक बने चुप बैठे रहे थे, जिसके बाद गुस्साए पत्रकारों ने 29 मई का अल्टीमेटम देते हुए एक ज्ञापन सौंपा था। पत्रकारों के साथ बढ़ते जनसहयोग को देखते हुए प्रशासन द्वारा आज पत्रकारों को वार्ता के लिए बुलाया गया था। इस संयुक्त बैठक में किसान यूनियन क्रांति, बार एसोसिएशन, व्यापार मंडल, भीम आर्मी उत्तराखंड किसान मोर्चा, प्रधान संगठन, भारतीय किसान यूनियन टिकैत और मजदूर किसान संगठन समिति सहित सभी दलों के क्षेत्रीय नेता उपस्थित रहे। बैठक में आए सभी लोगों ने एकमत होकर दोनों ही कर्मचारियों को तत्काल हटाने की मांग रखी, लेकिन लक्सर उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने इस पर असहमति जताई। उपजिलाधिकारी ने नाज़िर द्वारा की गई घटना को स्वीकार किया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया, पर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को बचाते नज़र आए, जिसके परिणामस्वरूप बैठक बेनतीजा रही और कोई सहमति नहीं बन पाई। बैठक के बाद सभी लोग एक साथ उठ खड़े हुए और लक्सर उपजिलाधिकारी को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि आगामी 29 मई तक दोनों कर्मचारियों को नहीं हटाया जाता है, तो तहसील परिसर में हज़ारों की तादाद में पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस दौरान किसी भी तरह की घटना की पूरी ज़िम्मेदारी लक्सर तहसील प्रशासन की होगी। लोगों ने मांग की कि उक्त कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से लक्सर तहसील से हटाया जाए और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि समाज के चौथे स्तंभ, यानी पत्रकारों पर इस तरह का प्रहार किसी भी हाल में नहीं करने दिया जाएगा, क्योंकि पत्रकार समाज का आईना होते हैं। सभी ने लक्सर के पत्रकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने और इस लड़ाई को तब तक जारी रखने का संकल्प लिया, जब तक उक्त कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, भले ही इसके लिए तहसील में तालाबंदी करनी पड़े।1
- लक्सर में तहसील प्रशासन और प्रेस क्लब के बीच आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक विफल साबित हुई। यह बैठक इसलिए बेनतीजा रही क्योंकि तहसील प्रशासन अपने निर्धारित वार्डों के प्रति अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका और अपने वादों पर खरा नहीं उतरा, जिसके परिणामस्वरूप बैठक में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाया।1
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशानुसार जनपद में समाज विरोधी, पेशेवर और अभ्यस्त अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में, हरिद्वार पुलिस ने गोकशी और पशु क्रूरता जैसी घटनाओं को अंजाम देने वाले एक गिरोह के फरार गैंगस्टर आरोपित को गिरफ्तार किया है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुड़की के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के तहत, थाना क्षेत्र में गिरोह बनाकर इन अपराधों को अंजाम देने वाले चार अपराधियों के विरुद्ध मु0अ0सं166/2026 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। इस मामले में दो अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। फरार चल रहे गैंगस्टर आरोपित रिफाकत पुत्र आबाद, निवासी जौरासी जबरदस्तपुर, कोतवाली रुड़की, जनपद हरिद्वार को रुड़की पुलिस ने दिनांक 25.05.2026 को बदा रोड, मौहल्ला सोत बी, रुड़की से धर दबोचा। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उ0नि0 सुभाष चंद्र, हेड कांस्टेबल रजत और का0 अनिल शर्मा शामिल थे।1
- बिजनौर के नहटौर में नगर पालिका के बजट को लेकर आयोजित बैठक जल्दी समाप्त होने के कारण नाराजगी का माहौल देखा गया।1
- सहारनपुर के देवबंद में आसमान से बरसती आग और बढ़ते तापमान के कारण बिजली के तार और खंभे सुलगने लगे हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी दहशत का माहौल है। भयंकर गर्मी और ओवरलोडिंग के चलते नगर के अलग-अलग हिस्सों में विद्युत लाइनों में आग लगने की घटनाएँ तेजी से बढ़ी हैं। हाल ही में, देर रात सैयद कॉलोनी में ओवरलोड के कारण पूरी की पूरी बिजली लाइन धूं-धूं कर जल उठी, जिससे तारों से गिरती चिंगारियों ने गली में अफरा-तफरी मचा दी। इसी तरह की एक और बड़ी घटना रेलवे रोड पर सामने आई, जहाँ मात्र एक हफ्ते के भीतर एक ही विद्युत पोल में दो बार भीषण आग लग गई। राहत की बात यह रही कि इन दोनों ही घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ये हादसे जर्जर तारों और क्षमता से अधिक लोड होने के कारण आए दिन हो रहे हैं। उनका मानना है कि रिहायशी इलाकों में इस तरह तारों का जलना किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे रहा है। क्षेत्रवासियों ने विद्युत विभाग से इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देने और जर्जर तारों को बदलने की चेतावनी भरे लहजे में मांग की है, अन्यथा कभी भी कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है।2
- उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में अमरोहा रोड पर हनुमान मंदिर के पास एक तेज रफ्तार डंपर ने भयंकर तबाही मचाई है। इस दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। स्योहारा क्षेत्र में हुई इस घटना को 'मौत के तांडव' के रूप में देखा जा रहा है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।1
- सहारनपुर पुलिस लाइन में एक हाईवोल्टेज हंगामा देखने को मिला, जहाँ समर्थकों द्वारा जमकर नारेबाजी की गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- हरिद्वार में तहसील प्रशासन और पत्रकारों के बीच गतिरोध उत्पन्न हो गया है। इस स्थिति के विरोध में आगामी 29 तारीख को एक जोरदार प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।1