धन वापसी पासबुक क़ानून का मुख्य उद्देश्य देश की खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोकना है। इस कानून के तहत देश के सभी संसाधन नागरिकों की संपत्ति घोषित किए जाएंगे, साथ ही, यह देश की सभी खदानों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाएगा। इसके गजट में छपने के तुरंत बाद, भारत सरकार के नियंत्रण में मौजूद सभी खनिज इस कानून के दायरे में आ जाएंगे। इस कानून के प्रावधानों के अनुसार, देश के समस्त खनिज तथा सरकारी भूमि से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी एवं किराया '135 करोड़ भारतीयों का संयुक्त खाता' नामक बैंक एकाउंट में जमा होगा। प्रति माह इकट्ठा हुई इस राशि का 65% हिस्सा सभी भारतीयों में बराबर बांटा जाएगा, और शेष 35% हिस्सा सीधे सेना के खाते में जाएगा। नागरिकों को हर महीने प्राप्त होने वाली राशि की एंट्री इस खंड में आएगी। खनिजों की नीलामी करके पैसा इकट्ठा करने वाला राष्ट्रीय खनिज रॉयल्टी अधिकारी भी इस पासबुक के दायरे में होगा।
धन वापसी पासबुक क़ानून का मुख्य उद्देश्य देश की खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोकना है। इस कानून के तहत देश के सभी संसाधन नागरिकों की संपत्ति घोषित किए जाएंगे, साथ ही, यह देश की सभी खदानों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाएगा। इसके गजट में छपने के तुरंत बाद, भारत सरकार के नियंत्रण में मौजूद सभी खनिज इस कानून के दायरे में आ जाएंगे। इस कानून के प्रावधानों के अनुसार, देश के समस्त खनिज तथा सरकारी भूमि से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी एवं किराया '135 करोड़ भारतीयों का संयुक्त खाता' नामक बैंक एकाउंट में जमा होगा। प्रति माह इकट्ठा हुई इस राशि का 65% हिस्सा सभी भारतीयों में बराबर बांटा जाएगा, और शेष 35% हिस्सा सीधे सेना के खाते में जाएगा। नागरिकों को हर महीने प्राप्त होने वाली राशि की एंट्री इस खंड में आएगी। खनिजों की नीलामी करके पैसा इकट्ठा करने वाला राष्ट्रीय खनिज रॉयल्टी अधिकारी भी इस पासबुक के दायरे में होगा।
- दरभंगा में शोरूम मैनेजर फैज की हत्या के संबंध में उनकी मां ने एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने पुलिस से सीधे तौर पर पूछा है कि उनके बेटे फैज की हत्या क्यों हुई और इस घटना के पीछे का असली कारण पुलिस को सामने लाना चाहिए। फैज की मां ने जोर देकर कहा है कि यह हत्या किसी भी प्रकार के लेनदेन के चलते नहीं हुई है।1
- मुजफ्फरपुर में एक मेडिकल छात्र की एक्सीडेंट में दर्दनाक मौत हो गई है।1
- Post by Lalit Kashyap Tufan1
- यह एक प्रेरक विचार है, जिसमें बताया गया है कि क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है और जो व्यक्ति क्रोध पर विजय प्राप्त कर लेता है, वह जीवन में सफल हो जाता है। इस संदेश में लोगों को गुस्से के बजाय समझदारी से काम लेने की सलाह दी गई है, क्योंकि समझदारी ही जीवन की जीत की कुंजी है।1
- मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र से एक गंभीर आरोप सामने आया है, जहाँ एक महिला पर एक नाबालिग बच्चे को अपने घर में बंद करके उसकी छाती पर दांत से काटने का आरोप लगाया गया है।1
- बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एक विशेष योगाभ्यास सत्र में शामिल हुए। इस दौरान, दोनों ने पूरी लगन से योगासन किए और अपनी क्षमतानुसार अधिकतम झुकने का प्रयास करते हुए दिखाई दिए।1
- दरभंगा में मदरसा से चार नाबालिग छात्रों को बरामद किया गया है, जिसके बाद मदरसा के मौलवी मोहम्मद कादिर के खिलाफ अशोक पेपर मिल थाना में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई बहादुरपुर थाना के दारोगा अबुजर हुसैन अंसारी के आवेदन पर की गई। दारोगा ने बताया कि एपीएम थाना क्षेत्र के बलुआहा गांव के मदरसा में इन चारों नाबालिग छात्रों के पैरों में लोहे की जंजीरें ताला लगाकर बांधी गई थीं। ये छात्र मौका पाकर मदरसा से भाग निकले और बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सिनुआड़ा गांव पहुंच गए, जहाँ स्थानीय लोगों ने उन्हें देखकर बहादुरपुर थाना को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची, बच्चों को अपने कब्जे में लिया, उनके पैरों से ताले और जंजीरें खोलीं, और फिर उन्हें बाल सुधार गृह में भेज दिया। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि मदरसा के मौलवी मोहम्मद कादिर उन्हें बुरी तरह पीटते थे और तरह-तरह की यातनाएं देते थे। उनसे शौचालय सहित मदरसा के भवन की भी सफाई करवाई जाती थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन सभी को प्रताड़ित भी किया जा रहा था, और उनके बाल मुड़वा दिए गए थे। बच्चों ने यह भी बताया कि उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ बंधक बनाकर रखा गया था। ये सभी बच्चे मधुबनी जिला के अररिया संग्राम के रहने वाले हैं। फिलहाल, बच्चों को सिमरी थाना क्षेत्र के भराठी गांव में स्थित बाल सुधार गृह में रखा गया है। बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने इस पूरी जानकारी की पुष्टि की है।1