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मुजफ्फरपुर में एक मेडिकल छात्र की एक्सीडेंट में दर्दनाक मौत हो गई है।
RITIK RAJPUT
मुजफ्फरपुर में एक मेडिकल छात्र की एक्सीडेंट में दर्दनाक मौत हो गई है।
More news from Muzaffarpur and nearby areas
- मुजफ्फरपुर में एक मेडिकल छात्र की एक्सीडेंट में दर्दनाक मौत हो गई है।1
- Post by Lalit Kashyap Tufan1
- यह एक प्रेरक विचार है, जिसमें बताया गया है कि क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है और जो व्यक्ति क्रोध पर विजय प्राप्त कर लेता है, वह जीवन में सफल हो जाता है। इस संदेश में लोगों को गुस्से के बजाय समझदारी से काम लेने की सलाह दी गई है, क्योंकि समझदारी ही जीवन की जीत की कुंजी है।1
- मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र से एक गंभीर आरोप सामने आया है, जहाँ एक महिला पर एक नाबालिग बच्चे को अपने घर में बंद करके उसकी छाती पर दांत से काटने का आरोप लगाया गया है।1
- स्थानीय मत्स्यजीवियों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल सौगात के रूप में, सुमहुति बाजार में एक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) का उद्घाटन किया गया है। यह केंद्र मत्स्यजीवियों को विभिन्न डिजिटल सेवाओं और सुविधाओं तक आसान पहुँच प्रदान करेगा, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीक का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।1
- दरभंगा में नगर अध्यक्ष मोहम्मद अफसर की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मोहम्मद अफसर ने केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने 22 लाख बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया है, जिसका मुख्य कारण नीट परीक्षा का बार-बार पेपर लीक होना है। उन्होंने बताया कि छात्र कड़ी मेहनत और लगन से एक साल पढ़ाई करने के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पेपर लीक होने की खबर मिलती है। इस निराशा के कारण कई छात्र हताश होकर ज़हर खा लेते हैं, फांसी लगा लेते हैं या रेल की पटरी पर अपनी जान दे देते हैं। मोहम्मद अफसर ने एक दर्दनाक उदाहरण देते हुए बताया कि नागपुर का एक बच्चा पिछले एक महीने से नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसका सेंटर अबू धाबी निकला। बच्चे के पास न तो पासपोर्ट था, न ही उसके परिवार के पास उसे विदेश भेजने के लिए पैसे थे, और न ही अब कोई समय बचा था। उन्होंने कहा कि वह बच्चा रात भर रोता रहा और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है, जिसके तनाव की कल्पना भी नहीं की जा सकती। मोहम्मद अफसर ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी शिक्षा मंत्री को जल्द से जल्द उनके पद से हटाया जाना चाहिए, और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो आंदोलन जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय अध्यक्ष भाई नसरुल्ला, जिला अध्यक्ष दिलखुश कुमार, जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश, जिला उपाध्यक्ष ताल्हा ताबिश, जिला महासचिव तिरुपति नाथ चौधरी, नगर उपाध्यक्ष मोहम्मद आकिब, नगर महासचिव मोहम्मद सद्दाम, नगर महासचिव नूरुल कमर, नगर सचिव नदीम अहमद और अन्य लोग उपस्थित थे।1