*मांधाता सरकारी अस्पताल में इलाज या बाहर की दवा का खेल?* *अस्पताल में 195 प्रकार की दवाएं उपलब्ध होने का दावा, फिर मरीजों को बाहर की दवाएं क्यों? महिला चिकित्सक पर हर गर्भवती को अल्ट्रासाउंड लिखने के आरोप, लैब में *मांधाता सरकारी अस्पताल में इलाज या बाहर की दवा का खेल?* *अस्पताल में 195 प्रकार की दवाएं उपलब्ध होने का दावा, फिर मरीजों को बाहर की दवाएं क्यों? महिला चिकित्सक पर हर गर्भवती को अल्ट्रासाउंड लिखने के आरोप, लैब में जांच के नाम पर ₹50-100 लेने का भी सवाल* प्रतापगढ़। सरकारी अस्पतालों का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर एवं सुलभ इलाज उपलब्ध कराना है, लेकिन मांधाता क्षेत्र के सरकारी अस्पताल को लेकर सामने आ रही शिकायतें इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। आरोप है कि अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने वाले गरीब मरीजों को बीमारी का डर दिखाकर महंगी एंटीबायोटिक समेत कई दवाएं बाहर से खरीदने के लिए लिखी जा रही हैं। सवाल यह है कि जब अस्पताल में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं तो मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर का रास्ता क्यों दिखाया जा रहा है? मामला यहीं तक सीमित नहीं बताया जा रहा। अस्पताल में कार्यरत महिला चिकित्सक को लेकर भी मरीजों की ओर से शिकायतें सामने आने का दावा है कि गर्भवती महिलाओं के पर्चे पर नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड लिखा जा रहा है। यदि यह आरोप सही है तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या प्रत्येक गर्भवती महिला के लिए अल्ट्रासाउंड वास्तव में चिकित्सकीय रूप से आवश्यक है या फिर इसकी प्रक्रिया की भी जांच होनी चाहिए? *195 प्रकार की दवाएं उपलब्ध, फिर बाहर से खरीदारी क्यों?* सबसे बड़ा सवाल अस्पताल की दवा व्यवस्था को लेकर है। चिकित्सा प्रभारी द्वारा बताया गया कि अस्पताल में 195 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद चिकित्सकों द्वारा बाहर की दवाएं लिखे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यदि सरकारी अस्पताल के स्टॉक में संबंधित बीमारी की दवा मौजूद है और फिर भी मरीज को बाहर से वही अथवा समान दवा खरीदने की सलाह दी जा रही है, तो इसकी जांच कौन करेगा? क्या अस्पताल के दवा स्टॉक और मरीजों के पर्चों का मिलान कराया गया है? क्या कभी यह देखा गया कि चिकित्सकों ने उपलब्ध दवाओं के बजाय बाहर की दवाएं कितनी बार लिखीं? इन सवालों पर अस्पताल प्रशासन से स्पष्ट जवाब अपेक्षित है। *लैब में जांच के नाम पर ₹50 से ₹100 लेने का आरोप* अस्पताल की लैब व्यवस्था को लेकर भी गंभीर शिकायत सामने आई है। आरोप है कि लैब में कार्यरत शिव कुमार द्वारा ब्लड जांच के नाम पर किसी मरीज से ₹50 तो किसी से ₹100 तक लिए जा रहे हैं। यदि सरकारी अस्पताल की संबंधित जांच निःशुल्क है, तो मरीजों से रकम लेने का अधिकार किसने दिया? और यदि जांच के लिए कोई निर्धारित शुल्क है, तो उसकी सरकारी रसीद मरीजों को क्यों नहीं दी जा रही? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है। *गरीब की मजबूरी पर कौन कमा रहा है?* सरकारी अस्पताल में आने वाला अधिकांश मरीज वह है जो निजी अस्पतालों का महंगा इलाज वहन नहीं कर सकता। ऐसे में यदि उसे बाहर की दवा, जांच या अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा जाता है तो उसकी जेब पर सीधा असर पड़ता है। मामला केवल ₹50, ₹100 या किसी एक दवा का नहीं है। असली सवाल सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही का है। जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि मांधाता अस्पताल के पिछले कुछ महीनों के ओपीडी पर्चों, दवा स्टॉक रजिस्टर, मरीजों द्वारा लिखी गई दवाओं, अल्ट्रासाउंड सलाह और लैब जांच से संबंधित रिकॉर्ड का मिलान कराएं। यदि आरोप गलत हैं तो जांच से स्थिति साफ हो जाएगी और यदि कहीं अनियमितता है तो जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। *जनता के सवाल जवाब कौन देगा?* 195 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं तो बाहर की दवा क्यों? हर गर्भवती महिला को अल्ट्रासाउंड लिखने का चिकित्सकीय आधार क्या है? लैब में ₹50-100 लिए जाने की शिकायत की जांच कब होगी? मरीजों से ली गई रकम की रसीद क्यों नहीं? अस्पताल के पर्चों और दवा स्टॉक का ऑडिट कब होगा? मांधाता का सरकारी अस्पताल गरीब मरीजों के भरोसे का केंद्र है। इसलिए सवाल यह नहीं कि आरोप किसने लगाए, बल्कि सवाल यह है कि सरकारी अस्पताल की व्यवस्था इन आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए कितनी तैयार है। खबर जनपद न्यूज़ 24
*मांधाता सरकारी अस्पताल में इलाज या बाहर की दवा का खेल?* *अस्पताल में 195 प्रकार की दवाएं उपलब्ध होने का दावा, फिर मरीजों को बाहर की दवाएं क्यों? महिला चिकित्सक पर हर गर्भवती को अल्ट्रासाउंड लिखने के आरोप, लैब में *मांधाता सरकारी अस्पताल में इलाज या बाहर की दवा का खेल?* *अस्पताल में 195 प्रकार की दवाएं उपलब्ध होने का दावा, फिर मरीजों को बाहर की दवाएं क्यों? महिला चिकित्सक पर हर गर्भवती को अल्ट्रासाउंड लिखने के आरोप, लैब में जांच के नाम पर ₹50-100 लेने का भी सवाल* प्रतापगढ़। सरकारी अस्पतालों का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर एवं सुलभ इलाज उपलब्ध कराना है, लेकिन मांधाता क्षेत्र के सरकारी अस्पताल को लेकर सामने आ रही शिकायतें इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। आरोप है कि अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने वाले गरीब मरीजों को बीमारी का डर दिखाकर महंगी एंटीबायोटिक समेत कई दवाएं बाहर से खरीदने के लिए लिखी जा रही हैं। सवाल यह है कि जब अस्पताल में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं तो मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर का रास्ता क्यों दिखाया जा रहा है? मामला यहीं तक सीमित नहीं बताया जा रहा। अस्पताल में कार्यरत महिला चिकित्सक को लेकर भी मरीजों की ओर से शिकायतें सामने आने का दावा है कि गर्भवती महिलाओं के पर्चे पर नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड लिखा जा रहा है। यदि यह आरोप सही है तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या प्रत्येक गर्भवती महिला के लिए अल्ट्रासाउंड वास्तव में चिकित्सकीय रूप से आवश्यक है या फिर इसकी प्रक्रिया की भी जांच होनी चाहिए? *195 प्रकार की दवाएं उपलब्ध, फिर बाहर से खरीदारी क्यों?* सबसे बड़ा सवाल अस्पताल की दवा व्यवस्था को लेकर है। चिकित्सा प्रभारी द्वारा बताया गया कि अस्पताल में 195 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद चिकित्सकों द्वारा बाहर की दवाएं लिखे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यदि सरकारी अस्पताल के स्टॉक में संबंधित बीमारी की दवा मौजूद है और फिर भी मरीज को बाहर से वही अथवा समान दवा खरीदने की सलाह दी जा रही है, तो इसकी जांच कौन करेगा? क्या अस्पताल के दवा स्टॉक और मरीजों के पर्चों का मिलान कराया गया है? क्या कभी यह देखा गया कि चिकित्सकों ने उपलब्ध दवाओं के बजाय बाहर की दवाएं कितनी बार लिखीं? इन सवालों पर अस्पताल प्रशासन से स्पष्ट जवाब अपेक्षित है। *लैब में जांच के नाम पर ₹50 से ₹100 लेने का आरोप* अस्पताल की लैब व्यवस्था को लेकर भी गंभीर शिकायत सामने आई है। आरोप है कि लैब में कार्यरत शिव कुमार द्वारा ब्लड जांच के नाम पर किसी मरीज से ₹50 तो किसी से ₹100 तक लिए जा रहे हैं। यदि सरकारी अस्पताल की संबंधित जांच निःशुल्क है, तो मरीजों से रकम लेने का अधिकार किसने दिया? और यदि जांच के लिए कोई निर्धारित शुल्क है, तो उसकी सरकारी रसीद मरीजों को क्यों नहीं दी जा रही? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है। *गरीब की मजबूरी पर कौन कमा रहा है?* सरकारी अस्पताल में आने वाला अधिकांश मरीज वह है जो निजी अस्पतालों का महंगा इलाज वहन नहीं कर सकता। ऐसे में यदि उसे बाहर की दवा, जांच या अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा जाता है तो उसकी जेब पर सीधा असर पड़ता है। मामला केवल ₹50, ₹100 या किसी एक दवा का नहीं है। असली सवाल सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही का है। जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि मांधाता अस्पताल के पिछले कुछ महीनों के ओपीडी पर्चों, दवा स्टॉक रजिस्टर, मरीजों द्वारा लिखी गई दवाओं, अल्ट्रासाउंड सलाह और लैब जांच से संबंधित रिकॉर्ड का मिलान कराएं। यदि आरोप गलत हैं तो जांच से स्थिति साफ हो जाएगी और यदि कहीं अनियमितता है तो जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। *जनता के सवाल जवाब कौन देगा?* 195 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं तो बाहर की दवा क्यों? हर गर्भवती महिला को अल्ट्रासाउंड लिखने का चिकित्सकीय आधार क्या है? लैब में ₹50-100 लिए जाने की शिकायत की जांच कब होगी? मरीजों से ली गई रकम की रसीद क्यों नहीं? अस्पताल के पर्चों और दवा स्टॉक का ऑडिट कब होगा? मांधाता का सरकारी अस्पताल गरीब मरीजों के भरोसे का केंद्र है। इसलिए सवाल यह नहीं कि आरोप किसने लगाए, बल्कि सवाल यह है कि सरकारी अस्पताल की व्यवस्था इन आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए कितनी तैयार है। खबर जनपद न्यूज़ 24
- बुजुर्ग और पोते को पीटा, तीन पर एफआईआर #प्रतापगढ़ #बाबाबेलखरनाथ #दिल्लीपुर #मारपीट #एफआईआर #BreakingNews #PratapgarhNews #PattiNews #CrimeNews1
- रेलवे ट्रैक किनारे मिला अज्ञात शव, पुलिस ने शुरू की जांच लम्भुआ/सुलतानपुर। थाना लम्भुआ क्षेत्र के ग्राम बेदुपारा में रविवार, 20 सितम्बर 2026 को रेलवे ट्रैक के किनारे एक अज्ञात शव मिलने से रेलवे ट्रैक किनारे मिला अज्ञात शव, पुलिस ने शुरू की जांच लम्भुआ/सुलतानपुर। थाना लम्भुआ क्षेत्र के ग्राम बेदुपारा में रविवार, 20 सितम्बर 2026 को रेलवे ट्रैक के किनारे एक अज्ञात शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना पर स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलते ही थाना लम्भुआ पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी लम्भुआ द्वारा पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई एवं मामले की जानकारी दी गई। पुलिस द्वारा शव की पहचान तथा घटना के कारणों की जांच की जा रही है।1
- रेलवे ट्रैक किनारे मिला अज्ञात शव, पुलिस ने शुरू की जांच लम्भुआ/सुलतानपुर। थाना लम्भुआ क्षेत्र के ग्राम बेदुपारा में रविवार, 20 सितम्बर 2026 को रेलवे ट्रैक के किनारे एक अज्ञात शव रेलवे ट्रैक किनारे मिला अज्ञात शव, पुलिस ने शुरू की जांच लम्भुआ/सुलतानपुर। थाना लम्भुआ क्षेत्र के ग्राम बेदुपारा में रविवार, 20 सितम्बर 2026 को रेलवे ट्रैक के किनारे एक अज्ञात शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना पर स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलते ही थाना लम्भुआ पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी लम्भुआ द्वारा पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई एवं मामले की जानकारी दी गई। पुलिस द्वारा शव की पहचान तथा घटना के कारणों की जांच की जा रही है।1
- *घायल व्यक्ति की पत्नी ने पुलिस अधीक्षक से की मुलाकात और न्याय की गुहार लगाई* सुल्तानपुर में करीब हफ्ते भर पूर्व व्यक्ति पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया,लेकिन आरोपियों को पकड़ने के बजाय उन्हें बचाने में लगी हुई है। ये आरोप है घायल व्यक्ति की पत्नी का, जो आज पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंची और स्थानीय पुलिस पर कार्यवाही करने के बजाय आरोपियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। बहरहाल पुलिस अधीक्षक ने उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। दरअसल ये मामला है हलियापुर थानाक्षेत्र के सैनी गांव का। इसी गांव के रहने वाले राजेंद्र पासी पर बाजार से लौटते समय गांव के ही कुछ युवकों ने जानलेवा हमला बोल दिया था। आनन फानन उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी थी,लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। दूसरे दिन गंभीरावस्था में राजेंद्र प्रसाद सुबह से लेकर दोपहर तक पुलिस ने थाने पर बैठाए रखे,लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। वहीं जब खबर चली तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज तो कर लिया। वहीं हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया, लेकिन इधर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने में कोई दिलचस्पी न दिखाई। बल्कि यह जरूर रहा कि पीड़ित पक्ष का बयान लेने के बजाय विपक्षियों का बयान दर्ज करवाती नजर आई पुलिस। लिहाजा आज घायल राजेंद्र की पत्नी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और उनसे न्याय की गुहार लगाई,साथ ही स्थानीय पुलिस की लचर कार्यवाही से अवगत करवाया। वहीं पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। वहीं इस मामले में राजेंद्र की पत्नी ने क्या कुछ कहा ,आप खुद सुनिए उन्ही की जुबानी....2
- सुल्तानपुर श्रम विभाग की योजनाओं का उठाएं लाभ, 18 से 60 वर्ष के श्रमिक करा सकते हैं पंजीयन सुलतानपुर। श्रम विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। 18 से 60 वर्ष आयु के ऐसे श्रमिक, जिन्होंने पिछले 12 माह में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य या मनरेगा में काम किया है, पंजीयन करा सकते हैं। इसके लिए 20 रुपये पंजीयन शुल्क और तीन वर्ष का 60 रुपये अंशदान देना होगा। श्रमिक फोटो, आधार कार्ड, स्वघोषणा पत्र, बैंक पासबुक और परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड के साथ निकटतम सीएससी केंद्र पर पंजीयन करा सकते हैं। बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण की सुविधा है। पंजीकृत श्रमिकों को मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद, शिक्षा प्रोत्साहन, कन्या विवाह, गंभीर बीमारी, मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता सहित पेंशन योजनाओं का लाभ मिलता है। अधिक जानकारी के लिए सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, सुलतानपुर से संपर्क किया जा सकता है।1
- गणपति महोत्सव पर धूम; विसर्जन यात्रा में डीजे का चक्का टूटा, सातवें दिन कुछ स्थानों पर गणपति को दी विदाई सुल्तानपुर में गणेश महोत्सव के सातवें दिन शहर में काफी रौनक रही। विवेक नगर, कुड़वार नाका, राहुल चौराहा और मेजरगंज जैसे कई स्थानों पर आरती और भंडारे का आयोजन किया गया। घर-घर मनाए जा रहे गणेश महोत्सव के सातवें दिन कई भक्तों ने ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा निकाली और आदि गंगा गोमती नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन किया। इस दौरान श्री गणपति पूजा समिति विवेक नगर के अध्यक्ष अर्पित तिवारी, कोषाध्यक्ष जितेंद्र गौड़, अभिषेक मोदनवाल और पप्पू मोदनवाल मौजूद रहे। बाल गणेश पूजा समिति कुड़वार नाका के संस्थापक मून सिन्हा, समिति आयोजक पूजा श्रीवास्तव, दीक्षा श्रीवास्तव, शिव कुमार, कल्लू, मोनू, आशीष गुप्ता और मनोज भी उपस्थित थे। बता दें कि गणेश चतुर्थी सोमवार को गणपति की स्थापना की गई थी। गणेशोत्सव एक ऐसा त्योहार है, जिसे लोग अपनी इच्छाएं पूरी करने के लिए बड़े ही श्रद्धा और विश्वास के साथ घरों में मनाते हैं। यह त्योहार मूल रूप से महाराष्ट्र की संस्कृति से जुड़ा है, लेकिन अब यह सुल्तानपुर में भी बड़े पैमाने पर मनाया जाने लगा है। गणपति की मूर्ति का विसर्जन दूसरे दिन से शुरू होकर 11वें दिन तक चलता है। रविवार को सातवें दिन कई भक्तों ने गणेश जी को विदा किया। अमहट चौराहा निवासी सत्य प्रकाश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने सोमवार को गणपति बप्पा की स्थापना की थी। सातवें दिन पूर्णाहुति हवन-पूजन के साथ छप्पन भोग का कार्यक्रम आयोजित किया गया। शाम को शोभायात्रा और ढोल-ताशे के साथ बप्पा को विदा किया गया। देर शाम घाट पहुंचकर बप्पा की आरती की गई और फिर विसर्जन कर दिया गया। उन्होंने बताया कि विदाई के समय भक्त गणपति के कानों में अपनी इच्छाएं और कामनाएं बताते हैं और प्रार्थना करते हैं कि वह उन्हें पूरा करें। इसी बीच, सब्जी मंडी के सामने एक डीजे का चक्का टूट गया। इससे सब्जी मंडी से घंटाघर मोड़ तक भारी जाम लग गया। लखनऊ की ओर से आ रहे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।4
- ब्रेकिंग प्रतापगढ़: अराजकतत्वों ने खंडित की बजरंग बली की मूर्ति, थाना प्रभारी ने पेश की सौहार्द की मिसाल... ब्रेकिंग प्रतापगढ़: अराजकतत्वों ने खंडित की बजरंग बली की मूर्ति, थाना प्रभारी ने पेश की सौहार्द की मिसाल... अंतू थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबूगंज चतुरपुर स्थित देवीदास उर्फ कल्लू महाराज ने बजरंग बली भोलेनाथ की प्रतिमा स्थापित की है। सुबह शाम वहां स्थानीय निवासियों द्वारा दर्शन पूजन किया जाता है। एकदम सुनसान जगह पर स्थित मंदिर पर अराजक तत्वों द्वारा रात्रि में हनुमान जी की प्रतिमा तोड़ दी गई। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी अंतू अभिषेक सिरोही द्वारा तत्काल बजरंग बली की नई प्रतिमा मंगवाई गई। एवं उसी स्थान पर मूर्ति को पुनः स्थापित करवाया गया। तहरीर में नामजद दो आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। साथ ही इस तरह का घृणित कृत्य करने वाले आरोपियों संदिग्धों की तलाश में जुटी पुलिस।1
- मृतक के चचेरे भाई ने कराई अज्ञात ट्रैक्टर चालक के खिलाफ एफआईआर #प्रतापगढ़ #पट्टी #चिलबिला #सड़कहादसा #एफआईआर #BreakingNews #PratapgarhNews #PattiNews #AccidentNews1
- *पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना अखण्डनगर जनपद सुलतानपुर पुलिस टीम द्वारा मोटरसाइकिल चोरी के अभियोग में वांछित 01 नफर अभियुक्त को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया गया।* के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय कुमार गौतम द्वारा दी गयी बाइटः- *पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना अखण्डनगर जनपद सुलतानपुर पुलिस टीम द्वारा मोटरसाइकिल चोरी के अभियोग में वांछित 01 नफर अभियुक्त को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया गया।* के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय कुमार गौतम द्वारा दी गयी बाइटः-1