स्वर्गीय हीरालाल खींची एवं पाना बाई की स्मृति में बस स्टैंड पर लगाई बेंचें हिण्डोली। कस्बे के नए एवं पुराने बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए स्वर्गीय हीरालाल खींची एवं पाना बाई खींची की स्मृति में बेंचें लगाकर यात्रियों को समर्पित की गईं। मंगलवार शाम आयोजित कार्यक्रम में बेंच वाले बाबा विनोद शर्मा, शिवराज खींची, अशोक खींची, डॉ. विजयराज, विशाल खींची, राकेश सक्सेना, अंबालाल गुर्जर, राकेश सुवालका, जितेंद्र सिंह राठौर, प्रदीप तिवारी, राम-लक्ष्मण, पंकज बरमुंडा, फूंदीलाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान नए एवं पुराने बस स्टैंड पर बेंचें लगाकर यात्रियों को समर्पित की गईं। यात्रियों ने बताया कि बसों के इंतजार के दौरान बैठने की सुविधा मिलने से उन्हें काफी राहत मिलेगी। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर बसों के इंतजार में यात्रियों को चिलचिलाती धूप और बारिश में खड़े रहना पड़ता था। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए यहां टीन शेड का निर्माण भी करवाया गया था। टीन शेड के बाद अब बैठने के लिए बेंचें लगने से यात्रियों को और सुविधा मिलेगी। बताया गया कि बस स्टैंड पर प्रतिदिन 500 से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है। बेंच एवं टीन शेड की सुविधा से यात्रियों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में काफी राहत मिलेगी।
स्वर्गीय हीरालाल खींची एवं पाना बाई की स्मृति में बस स्टैंड पर लगाई बेंचें हिण्डोली। कस्बे के नए एवं पुराने बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए स्वर्गीय हीरालाल खींची एवं पाना बाई खींची की स्मृति में बेंचें लगाकर यात्रियों को समर्पित की गईं। मंगलवार शाम आयोजित कार्यक्रम में बेंच वाले बाबा विनोद शर्मा, शिवराज खींची, अशोक खींची, डॉ. विजयराज, विशाल खींची, राकेश सक्सेना, अंबालाल गुर्जर, राकेश सुवालका, जितेंद्र सिंह राठौर, प्रदीप तिवारी, राम-लक्ष्मण, पंकज बरमुंडा, फूंदीलाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान नए एवं पुराने बस स्टैंड पर बेंचें लगाकर यात्रियों को समर्पित की गईं। यात्रियों ने बताया कि बसों के इंतजार के दौरान बैठने की सुविधा मिलने से उन्हें काफी राहत मिलेगी। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर बसों के इंतजार में यात्रियों को चिलचिलाती धूप और बारिश में खड़े रहना पड़ता था। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए यहां टीन शेड का निर्माण भी करवाया गया था। टीन शेड के बाद अब बैठने के लिए बेंचें लगने से यात्रियों को और सुविधा मिलेगी। बताया गया कि बस स्टैंड पर प्रतिदिन 500 से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है। बेंच एवं टीन शेड की सुविधा से यात्रियों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में काफी राहत मिलेगी।
- ईद मिलादुन्नबी पर हिण्डोली में निकला भव्य जुलूस, नात-ए-पाक और नारों से गूंजा शहर हिण्डोली। ईद मिलादुन्नबी के मुबारक अवसर पर बुधवार को हिण्डोली में मुस्लिम समुदाय की ओर से भव्य जुलूस निकाला गया। जुलूस जामा मस्जिद से रवाना होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ बस स्टैंड स्थित मस्जिद पहुंचा, जहां शांतिपूर्ण माहौल में इसका समापन हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। नात-ए-पाक की सदाओं और नारों से शहर का माहौल गूंज उठा। मार्ग में विभिन्न संगठनों एवं लोगों ने पुष्प वर्षा कर जुलूस का स्वागत किया। इस दौरान मुस्लिम समुदाय की ओर से जगह-जगह छबील लगाकर शीतल पेय एवं तबर्रुक वितरित किया गया। जुलूस में आपसी भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देखने को मिला। जुलूस को लेकर पुलिस एवं प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। प्रमुख मार्गों पर पुलिस जवान तैनात रहे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी की गई। जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर आयोजकों ने पुलिस, प्रशासन और सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया।1
- मां जोगणियां भाग -२३&२४.......A novel of Arawali ki lokdevi MAA JOGANIA.1
- नैनवां रोड संजय कॉलोनी आखरी आमरास्ता बूंन्दी में की बहुत-बहुत कीचड़ व पानी भरा हुआ रहता है और आवागमन रुक जाता है नगर परिषद सभापति महोदय से निवेदन है कि कृपया यह कार्य पूर्ण हो1
- लंदन का मिलेनियम ब्रिज "आधुनिक लंदन की पहचान"-अख्तर खान "अकेला " Millennium Bridge लन्दन की टेम्स नदी पर बना केवल पैदल चलने वालों का पुल है। यह उत्तर में St Paul’s Cathedral को दक्षिणी किनारे के Tate Modern और Shakespeare’s Globe से जोड़ता है। 10 जून 2000 को जनता के लिए खोला गया और यह 100 वर्षों से अधिक समय बाद मध्य लन्दन में बना पहला नया पैदल नदी-पुल है, इसके मुख्य तथ्य, लंबाई: लगभग 325 मीटर, चौड़ाई: लगभग 4 मीटर, मुख्य स्पैन: 144 मीटर डिजाइन: Lord Norman Foster, मूर्तिकार Sir Anthony Caro और इंजीनियरिंग कम्पनी Arup निर्माण लागत: लगभग £18.2 मिलियन, निर्माण 1998 में शुरू हुआ और 2000 में खुला। सबसे रोचक कहानी — “Wobbly Bridge” उद्घाटन के दिन हजारों लोग एक साथ पुल पर चले तो पुल में अपेक्षा से काफी पार्श्व कम्पन (side-to-side movement) पैदा हुआ। लोगों को ऐसा लगा जैसे पुल हिल रहा हो, इसलिए इसका लोकप्रिय नाम “Wobbly Bridge” पड़ गया। दो दिन बाद इसे बंद कर दिया गया। इंजीनियरों ने लगभग £5 मिलियन खर्च करके विशेष shock-absorbing dampers लगाए और फरवरी 2002 में इसे दोबारा खोला गया। आसपास के सबसे खास नज़ारे 1. St. Paul's Cathedral पुल के उत्तर की ओर सबसे शानदार दृश्य सेंट पॉल्स का है। Millennium Bridge को इस तरह रखा गया है कि पुल के बीच से देखने पर सेंट पॉल्स का विशाल गुंबद और सामने का भाग लगभग सीधी दृश्य-रेखा में दिखाई देता है। London City Hall, 2. Tate Modern,, दक्षिणी किनारे पर दुनिया की प्रसिद्ध आधुनिक कला दीर्घाओं में से एक। इसकी इमारत पहले Bankside Power Station थी, जिसे आधुनिक कला संग्रहालय में बदला गया। विशाल Turbine Hall इसकी सबसे प्रसिद्ध विशेषताओं में है,3.Shakespeare's Globe Tate Modern से कुछ ही दूरी पर शेक्सपियर का प्रसिद्ध Globe Theatre है। वर्तमान भवन 1990 के दशक में बनाया गया है; मूल Globe 1613 में आग में नष्ट हो गया था। 4. टेम्स नदी और लन्दन का Skyline पुल से एक ओर सेंट पॉल्स का ऐतिहासिक गुंबद और दूसरी ओर Tate Modern, Globe, Thames तथा आधुनिक लन्दन का skyline दिखाई देता है। शाम और रात में यहां फोटोग्राफी विशेष रूप से खूबसूरत होती है। खास बात: Millennium Bridge की खूबसूरती उसके भारी-भरकम टावरों में नहीं, बल्कि उसके बहुत पतले, आधुनिक “Blade of Light” जैसे डिजाइन में है। इसके केबल पुल के ऊपर ऊंचे टावरों के बजाय लगभग क्षैतिज ढंग से लगाए गए हैं, जिससे पुल बहुत हल्का और आधुनिक दिखाई देता है, अख़्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 98290863391
- चीनी महंगी होने के सवाल पर बीजेपी के बड़े नेता कैलाश विजयवर्गीय का शर्मनाक बयान बहुत बढ़िया: धन्य हैं महाराज आप: वैसे इनके सबसे बड़े गुरुजी इसी तरह का ज्ञान बांटने के लिए अमेरिका, कनाड़ा और ब्रिटेन के दौरे पर हैं, जहां उनके स्वागत के लिए एक वैन न्यूयॉर्क की सड़कों के चक्कर काट रही है: न्यूयॉर्क टाइम्स के एक पत्रकार उनके स्वागत भाषण की तैयारी में लगे हुए हैं: गरुजी अपने पीछे बहुत ही लाइक और काबिल शागिर्दों की जमात छोड़ गए हैं, जिन्होंने बखूबी देश में कमान संभाल रखी है: वैसे "प्याज महंगा हो गया है तो सेब खाओ" वाला बयान अभी तक पता नहीं आया कि नहीं: आया हो तो जरूर अवगत कराएं: नहीं आया तो इंतजार करके देखते हैं शायद एक दो दिन में आ जाए...1
- राखी से पहले कोटा में मिठाई के खेल का भंडाफोड़! 560 किलो संदिग्ध मिल्क केक सीज राखी से पहले कोटा में मिठाई के खेल का भंडाफोड़! 560 किलो संदिग्ध मिल्क केक सीज, 2 दर्जन दुकानों पर छापे, 22 सैंपल लिए- अब लैब रिपोर्ट बताएगी मिठाई में कितना 'मिलावट का माल' था!1
- अनंत चतुर्दशी को लेकर प्रशासन अलर्ट, भव्य आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था पर बनी रणनीति अनंत चतुर्दशी आयोजन की तैयारी को लेकर मंगलवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं आयोजन समिति पदाधिकारियों की बैठक जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई।जिला प्रशासन की ओर से आयोजन समिति को विश्वास दिलाया गया कि आपसी समन्वय के साथ इस पर्व को अधिक भव्य और सुव्यवस्थित बनाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। आई जी हरेंद्र महावर,पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने कानून एवं व्यवस्था के दृष्टिगत शोभायात्रा के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।बैठक में आयोजन समिति पदाधिकारियों ने आगामी अनंत चतुर्दशी महोत्सव को गत वर्षो की तुलना में और भी भव्य एवं व्यवस्थित बनाने को लेकर सुझाव रखे। विभिन्न विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। आयोजन समिति अध्यक्ष साध्वी हेमा सरस्वती ने पीओपी निर्मित प्रतिमाओं को हतोत्साह करने तथा सभी प्रतिमाओं के सम्मानजनक विसर्जन की व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव प्रस्तुत किए। आयोजन समिति प्रभारी सुमेर सिंह एवं अन्य ने विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर ध्यान आकर्षित करते हुए सुझाव रखे।1
- स्वर्गीय हीरालाल खींची एवं पाना बाई की स्मृति में बस स्टैंड पर लगाई बेंचें हिण्डोली। कस्बे के नए एवं पुराने बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए स्वर्गीय हीरालाल खींची एवं पाना बाई खींची की स्मृति में बेंचें लगाकर यात्रियों को समर्पित की गईं। मंगलवार शाम आयोजित कार्यक्रम में बेंच वाले बाबा विनोद शर्मा, शिवराज खींची, अशोक खींची, डॉ. विजयराज, विशाल खींची, राकेश सक्सेना, अंबालाल गुर्जर, राकेश सुवालका, जितेंद्र सिंह राठौर, प्रदीप तिवारी, राम-लक्ष्मण, पंकज बरमुंडा, फूंदीलाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान नए एवं पुराने बस स्टैंड पर बेंचें लगाकर यात्रियों को समर्पित की गईं। यात्रियों ने बताया कि बसों के इंतजार के दौरान बैठने की सुविधा मिलने से उन्हें काफी राहत मिलेगी। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर बसों के इंतजार में यात्रियों को चिलचिलाती धूप और बारिश में खड़े रहना पड़ता था। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए यहां टीन शेड का निर्माण भी करवाया गया था। टीन शेड के बाद अब बैठने के लिए बेंचें लगने से यात्रियों को और सुविधा मिलेगी। बताया गया कि बस स्टैंड पर प्रतिदिन 500 से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है। बेंच एवं टीन शेड की सुविधा से यात्रियों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में काफी राहत मिलेगी।1