Shuru
Apke Nagar Ki App…
बड़वानी में SP के निर्देश पर 'रक्षा सखी' अभियान का संचालन किया गया। इस पहल के माध्यम से छात्राओं को जागरूक और सशक्त बनाने का कार्य किया गया।
GYANESHWAR LAAD
बड़वानी में SP के निर्देश पर 'रक्षा सखी' अभियान का संचालन किया गया। इस पहल के माध्यम से छात्राओं को जागरूक और सशक्त बनाने का कार्य किया गया।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- बड़वानी में SP के निर्देश पर 'रक्षा सखी' अभियान का संचालन किया गया। इस पहल के माध्यम से छात्राओं को जागरूक और सशक्त बनाने का कार्य किया गया।1
- अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सचिव एवं मध्यप्रदेश सह प्रभारी सुश्री ऊषा नायडू ने बड़वानी जिले के सेंधवा में कार्यकर्ताओं से संवाद किया। सेंधवा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का आह्वान किया।1
- अंजड़ नगर और आसपास के क्षेत्रों, विशेषकर ग्राम छोटा बड़दा से, अवैध रेत खनन और परिवहन का कारोबार लगातार बेखौफ जारी है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि दिन-रात रेत का अवैध उत्खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से इसका परिवहन किया जा रहा है। नागरिकों का आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए हैं, जिससे आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। जानकारी के अनुसार, रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का नगर में प्रवेश प्रतिदिन अल सुबह करीब 4 बजे से शुरू हो जाता है, और इनकी तेज तथा लापरवाहीपूर्ण गति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसी ही एक घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बड़वानी रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के पास हुई, जहाँ रेत से भरे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने अंजड़ निवासी अजय शर्मा को लगभग टक्कर मार दी। वे संयोगवश बाल-बाल बच गए, अन्यथा एक गंभीर हादसा हो सकता था। इस घटना के तुरंत बाद, अजय शर्मा ने थाना प्रभारी आर.आर. चौहान को मोबाइल पर शिकायत की और सीएम हेल्पलाइन पर भी मामला दर्ज कराया। उन्होंने खनिज विभाग को भी सूचित करने का प्रयास किया, लेकिन खनिज निरीक्षक से संपर्क स्थापित नहीं हो सका। अजय शर्मा ने आरोप लगाया कि रेत परिवहन करने वाले अधिकांश ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर नंबर प्लेट तक नहीं लगी होती, और कई वाहनों के दस्तावेज संदिग्ध प्रतीत होते हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर ट्रैक्टर 15 से 20 वर्ष पुराने हैं। इसके अतिरिक्त, कई चालक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाते हैं, और कुछ मामलों में अवयस्कों द्वारा भी ट्रैक्टर चलाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते अवैध रेत खनन और परिवहन पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन, पुलिस और खनिज विभाग से मांग की है कि अवैध रेत परिवहन में शामिल वाहनों की तत्काल जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों तथा खनन माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो जनआंदोलन की स्थिति भी निर्मित हो सकती है। उनका कहना है कि लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अवैध रेत खनन एवं परिवहन पर तत्काल रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है।1
- खलटाका पुलिस ने अवैध गोवंश परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने तीन सुपर कैरी वाहनों को जब्त किया है। साथ ही, 18 गोवंश को मुक्त कराया गया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ थाना क्षेत्र में 24 मई की रात दो मोटरसाइकिलों की चोरी की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। यह वारदात थाने के ठीक नजदीक स्थित एक मकान के पास हुई, जिसमें अज्ञात बदमाशों ने पुलिसकर्मी की दो खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाया और चोरी कर फरार हो गए। इस घटना को चोरों द्वारा पुलिस को दी गई खुली चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। जोबट एसडीओपी रविंद्र सिंह राठी ने जानकारी दी कि थाना परिसर के पास बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके कारण क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई थी। चोरों ने इसी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक चोरी हुई बाइक और आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि चोरी सीधे थाने के पास हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गई मोटरसाइकिलों को बरामद कर लिया जाएगा।1
- धार भोज अस्पताल से सरकारी 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों को मरीजों को उनके घर छोड़ने के लिए रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद किया गया है। यह घटना सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में कथित भ्रष्टाचार को उजागर करती है, जहाँ निःशुल्क सेवा प्रदान करने वाले कर्मचारी खुलेआम मरीजों से पैसों की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या इन कर्मचारियों को शासन द्वारा रिश्वत लेने की छूट दी गई है, या फिर यह पूरी तरह से अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत का परिणाम है। लोगों द्वारा इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि सरकार को ऐसे कृत्यों में शामिल दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।2
- बड़वानी जिले में कलेक्टर और एसपी के निर्देशन में एक बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें विभिन्न पुलिस थानों से जब्त की गई 10,000 बल्क लीटर अवैध शराब को नष्ट कर दिया गया। यह नष्टीकरण पुलिस अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ। आबकारी अधिनियम के तहत जब्त की गई इस अवैध शराब को अधिकारियों की उपस्थिति में खत्म किया गया।1
- बड़वानी जिले के आमलियापानी क्षेत्र में प्रस्तावित ट्रेंचिंग ग्राउंड को लेकर शनिवार को पुलिस-प्रशासन और ग्रामीणों के बीच भीषण टकराव और हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। नगर पालिका को आवंटित की गई भूमि पर आधिकारिक कब्जा दिलाने पहुंची राजस्व, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम को स्थानीय ग्रामीणों के तीव्र आक्रोश और कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके चलते करीब डेढ़ घंटे तक दोनों पक्षों के बीच भारी खींचतान चलती रही। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब विरोध कर रहे महिला और पुरुष ग्रामीणों ने रास्ते में लोहे के पाइप, मोटरसाइकिलें और पानी के टैंकर लगाकर पूरे मार्ग को जाम कर दिया। प्रशासनिक अमले के पीछे न हटने पर कई ग्रामीण पुलिस के वाहनों के सामने ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल और राजस्व अधिकारियों ने मोर्चा संभालकर प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाया और नगर पालिका को आवंटित 3 एकड़ भूमि पर कब्जा दिलाया। कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और मौके पर विवाद पैदा करने वाले कुल 56 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने तत्काल हिरासत में लिया था। इन सभी हिरासत में लिए गए ग्रामीणों को थाने ले जाकर उचित समझाइश दी गई, जिसके बाद प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें रिहा कर दिया गया। फिलहाल घटनास्थल पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। इस पूरे विवाद को लेकर ग्रामीणों का तर्क है कि जहां यह ट्रेंचिंग ग्राउंड प्रस्तावित है, उसके ठीक पास में ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन और पेयजल की मुख्य पानी की टंकी स्थित है। ग्रामीणों को आशंका है कि यहां शहर का कचरा डालने से पूरे क्षेत्र में भयंकर बदबू, पर्यावरण प्रदूषण और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि इस 3 एकड़ जमीन पर केवल कचरा डंप नहीं किया जाएगा, बल्कि यहां पूरी तरह से आधुनिक और वैज्ञानिक कचरा प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे आसपास कोई प्रदूषण नहीं होगा। नगर पालिका सीएमओ सोनाली शर्मा ने बताया कि पुलिस और राजस्व विभाग के माध्यम से भूमि का हैंडओवर मिलते ही नगर पालिका की टीम ने मौके पर बाउंड्रीवॉल और शुरुआती काम शुरू कर दिया है, और आगामी 5 से 6 माह के भीतर यह अत्याधुनिक कचरा प्रबंधन यूनिट पूरी तरह तैयार होकर चालू हो जाएगी। इस नई यूनिट के शुरू होते ही बड़गांव स्थित वर्तमान ट्रेंचिंग ग्राउंड को पूरी तरह से खाली कर वहां की समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा।1