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विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस : पत्रकारों की हुंकार पर सरकार का भरोसा, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने दिए पत्रकार कल्याण के बड़े संकेत
चन्दन भइया
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस : पत्रकारों की हुंकार पर सरकार का भरोसा, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने दिए पत्रकार कल्याण के बड़े संकेत
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- बिंदु 4. नगर पालिका अधिनियम के अनुसार हर महीने बोर्ड बैठक अनिवार्य है, लेकिन कई महीनों से कोई मीटिंग नहीं बुलाई गई। इससे पारदर्शिता, जनहित और बोर्ड सदस्यों की सहभागिता पर सीधा असर पड़ा है। ऐसी लापरवाही की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कर, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाती है। बिंदु 5. अध्यक्ष, ईओ अलका मौर्या, लिपिक एखलाक अहमद व अन्य लोग नगर पंचायत का तेल अपनी व्यक्तिगत गाड़ियों/बाइक में भी भरवाते हैं, जबकि कागजों में ये तेल सफाई गाड़ियों और मशीनों के नाम पर दर्शाया जाता है। इससे न केवल सरकारी फंड की चोरी हो रही है, बल्कि सरकारी तेल को निजी उपयोग में लगाकर सीधा भ्रष्टाचार और पद का घोर दुरुपयोग किया जा रहा है। बिंदु 6. नगर पंचायत ने 33.67 लाख रुपये खर्च कर एमआरएफ (Material Recovery Facility) सेंटर बनाया गया और करीब 16-17 लाख की मशीनें लगवाई गयी है, लेकिन सेंटर अक्सर बंद रहता है। मशीनें बेकार पड़ी हैं. कोई सचालन नहीं, और कचरे की प्रोसेसिंग के बजाय सारा कूड़ा-कचरा खुलेआम सड़क किनारे गिराया जा रहा है। इससे नगर में गंदगी फैल रही है. जनता की सेहत और सरकारी पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। बिंदु 7. अध्यक्ष, E.O. अलका मौर्या व लिपिक एकलाख अहमद नीलाम करने हेतु लगभग 15 वर्षों से रखी विद्युत/अन्य सामग्रियां जैसे सोलर बैट्री, सोलर पैनल, led लाइट, कुर्सी, मेज, ठेला गाड़ी, हाथ गाड़ी, इण्डिया मार्का हैण्ड पम्प मरम्मत पाइप आदि को बेचकर धनउगाही का कार्य किया गया है। लगभग 15 वर्ष पहले से क्रय की गयी विद्युत/अन्य सामग्रियों की वर्षंवार मिलान कराई जाय कि सामग्री कहा लगायी गयी है व् खराब होने के उपरान्त कहा रखी गयी है। बिंदु 8. अध्यक्ष, ईओ, अलका मौर्या लिपिक एकलाख अहमद और ठेकेदार की मिलीभगत से आउटसोर्सिंग प्रक्रिया में कथित रूप से अपने ड्राइवरों के चैतन के साथ साथ लगभग 20 से ज्यादा फर्जी नाम जोड़े गए हैं और उनकी आह में वेतन निकाला जा रहा है। और ज्यादातर कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से जबरन उनका वेतन या आधा हिस्सा/पैसा वापस लिया जाता है, पैसे न देने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है- यहां तक कि कई लोगों को निकाल भी दिया गया है। मांग है कि इनके कार्यकाल के दौरान, किसके आदेश से किसे रखा हटाया गया, तथा रखने व हटाने के लिए निदेशक नगरीय निकाय महोदय से अनुमति ली गई थी या नहीं एवं मानक के अनुसार ऑउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी रखे गए है या मानक से अधिक हुन सब की जांच कराई जाए। व नगर पंचायत अजमतगढ़ अधिशासी अधिकारी अलका मौर्या द्वारा 'लकी" नामक छात्र को आउटसोर्सिंग के माध्यम से फर्जी कर्मचारी दिखाकर चेतन निकासी की गई है। वास्तबिक रूप से बह प्रतिदिन स्मिथ इंटर कॉलेज, अजमतगढ़ में अध्ययन करता रहा, जहाँ उसकी नियमित उपस्थिति (हाजिरी) दर्ज है, जबकि उसी अवधि में नगर पंचायत में भी उसकी उपस्थिति दर्शाकर वेतन उठाया गया है। यह स्पष्ट रूप से फर्जी हाजिरी, फर्जी आउटसोर्सिंग एवं संगठित धनउगाही का मामला है। बिंदु 9. पिछले कार्यकाल में नगर पंचायत द्वारा खरीदी गई मोबाइल टॉयलेट, टैंकर, आदि गाड़ियां बिना किसी रखरखाव के निश्प्रयोज्य और खराब हालत में लावारिस पड़ी हैं. जिनमें हवा तक नहीं है- यह करोड़ों की सरकारी संपत्ति की बर्बादी, सार्वजनिक धन का दुरुपयोग और अधिकारियों की घोर लापरवाही भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण है। बिंदु 10. नगर पंचायत में टैंकर शुल्क, जेसीबी शुल्क, सेफ्टी टैंक शुल्क आदि की धनराशियों में से ज्यादातर धनराशियों को नगर निधि में जमा ना कर धनउगाही का कार्य किया जाता है। बिंदु 11. नगर पंचायत अजमतगढ़ में ज्यादातर पोखरियों को नीलाम ना करके उसमे व्यक्तिगत रूप से मछली पालन कराकर धनउगाही किया जा रहा है बिंदु 12. अध्यक्ष, ईओ, लिपिक और ठेकेदार सरकारी वाहनों, मशीनों, तेल व सफाई कर्मचारियों का निजी कार्यों में खुलकर दुरुपयोग कर रहे हैं। यह पद और संसाधनों की गंभीर अनदेखी व भ्रष्टाचार का सीधा उदाहरण है। बिंदु 13. नगर पंचायत अजमतगढ़ के अधीन संचालित वाहनों जैसे मोबाइल टैंकर, ट्रैक्टर, जेसीबी, कचरा वाहन एवं अन्य शासकीय गाड़ियों का मोटर वाहन अधिनियम के प्रायधानों के अनुसार अनिवार्य बीमा नहीं कराया गया है। बीमा न होने की स्थिति में किसी भी दुर्घटना, जनहानि अथवा संपत्ति क्षति की दशा में सरकार को भारी वित्तीय दायित्व वहन करना पड़ सकता है। बिंदु 14. नगर पंचायत अजमतगढ़ द्वारा कराई गई पोखरी/तालाबों की नीलामी में प्रचलित नियमों के अनुसार नीलामी के समय कुल नीलामी राशि का कम से कम 50 प्रतिशत धन तत्काल नगर निधि में जमा कराया जाना अनिवार्य है। परंतु व्यवहार में नीलामी उपरांत न तो निर्धारित 50 प्रतिशत धनराशि तत्काक्ष जमा कराई गई और न ही इस संबंध में कोई वैध शिथिलीकरण आदेश अभिलेखों में उपलब्ध है। इस प्रकार बिना धनराशि जमा कराए नीलामी अधिकार देना राजस्य हानि, पक्षपात एवं मिलीभगत को दर्शाता है। इससे यह संदेह प्रबल होता है कि संबंधित व्यक्तियों को अनुचित लाभ पहुँबाने के उद्देश्य से नियमों को जानबूझकर दरकिनार किया गया। बिंदु 15. नगर पंचायत अजमतगढ़ में कार्यरत अधिशासी अधिकारी (EO) श्रीमती अलका मौर्य द्वारा अपने निजी ड्राइवर बृजभान यादव का वेतन नगर पंचायत निधि से आउटसोर्सिंग के माध्यम से दिलाया गया। उक्त व्यक्ति की नियुक्ति नगर पंचायत की स्वीकृत आवश्यकता, पद सृजन अथवा पारदर्शी चयन प्रक्रिया के अंतर्गत नहीं की गई, बल्कि व्यक्तिगत लाभ हेतु शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया। बिंदु 16. एक सामुदायिक शौचालय पूर्व में ग्राम पंचायत मसोना द्वारा निर्मित किया गया था। पश्चातबर्ती अवधि में नगर पंचायत अजमतगढ़ के सीमा विस्तार के उपरांत यह परिसंपत्ति नगर पंचायत अजमतगढ़ के अधिकार क्षेत्र में आ गई। इसके बावजूद, सीमा विस्तार के बाद से नगर पंचायत अजमतगढ़ द्वारा उक्त सामुदायिक शौचालय को लावारिश, बंद एवं अनुपयोगी अवस्था में छोड़ दिया गया है।1
- #कौशांबी में संदीपन घाट थाना क्षेत्र की #हर्रायपुर चौकी में हंगामा पूर्व #प्रधान पर जानलेवा हमले से महिलाएं पहुंची चौकी प्रभारी पर बिना वदर्दी बादशालुकी और धक्का मुक्की। का आरोप घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कार्रवाई का मांग को लेकर महिलाओं का प्रदर्शन पुलिस कर कार्यशैली पर उठे सवाल। #Trendingreelsvideo #viralreels #Kaushambi_News1
- प्रयागराज। जनपद के यमुनानगर थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत चेनैनी में भूमाफियाओं द्वारा अवैध खनन का गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार बसरिया चिरपुरा गांव की कृषि योग्य भूमि पर अज्ञात लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया गया है। अवैध खनन के चलते उपजाऊ कृषि भूमि पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों एवं शिकायतकर्ताओं—अमित तिवारी, संजीव तिवारी, रमाकांत तिवारी और नितिन शुक्ला—ने आरोप लगाया है कि भूमाफियाओं ने बिना किसी वैध अनुमति के इस गैरकानूनी कार्य को अंजाम दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र की अन्य कृषि भूमि भी इस अवैध खनन की चपेट में आ सकती है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस संबंध में थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र कमलेश कुमार पटेल ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by चन्दन भइया1