आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर भारत में लगातार बहस और चर्चाएं चलती रहती हैं। हाल ही में आरक्षण के वर्गीकरण (Sub-classification) और 'क्रीमी लेयर' को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक कई दलित नेताओं और जन-प्रतिनिधियों ने इस पर खुलकर अपनी बात रखी है। इस मुद्दे पर नेताओं के प्रमुख बयानों और रुख का स्पष्ट विवरण इस प्रकार है: आरक्षण पर नेताओं के रुख और बयान चिराग पासवान (केंद्रीय मंत्री एवं प्रमुख, लोजपा-रामविलास): बिहार और केंद्र की राजनीति में सक्रिय चिराग पासवान ने आरक्षण में वर्गीकरण और क्रीमी लेयर लागू करने के प्रावधानों का स्पष्ट रूप से विरोध किया है। उनका मानना है कि जब तक समाज में छुआछूत और सामाजिक असमानता पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, तब तक आरक्षण का आधार केवल सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन ही होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि आरक्षण किसी की कृपा या "खैरात" नहीं है, बल्कि यह बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा संविधान के माध्यम से दिया गया एक संवैधानिक और सामाजिक अधिकार है। तनुज पुनिया (सांसद, बाराबंकी - कांग्रेस): उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया और कांग्रेस पार्टी के अन्य नेताओं ने भी दलितों और वंचितों के अधिकारों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। तनुज पुनिया और विपक्षी नेताओं का तर्क है कि आरक्षण सामाजिक प्रतिनिधित्व और समानता सुनिश्चित करने का माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि संविधान में दिए गए अधिकारों और आरक्षण के मूल ढांचे के साथ किसी भी प्रकार से छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। 'आरक्षण खैरात नहीं है' का आशय: दलित नेताओं और चिंतकों द्वारा अक्सर इस वाक्य का उपयोग किया जाता है। इसका अर्थ यह है कि आरक्षण कोई वित्तीय सहायता, मुफ्त योजना या दया में दी गई वस्तु नहीं है। यह भारत में सदियों से चले आ रहे सामाजिक भेदभाव और गैर-बराबरी को दूर करने के लिए संविधान द्वारा दिया गया सकारात्मक प्रतिनिधित्व (Affirmative Action) का जरिया है, ताकि समाज के हर वर्ग की शासन और प्रशासन में भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर भारत में लगातार बहस और चर्चाएं चलती रहती हैं। हाल ही में आरक्षण के वर्गीकरण (Sub-classification) और 'क्रीमी लेयर' को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक कई दलित नेताओं और जन-प्रतिनिधियों ने इस पर खुलकर अपनी बात रखी है। इस मुद्दे पर नेताओं के प्रमुख बयानों और रुख का स्पष्ट विवरण इस प्रकार है: आरक्षण पर नेताओं के रुख और बयान चिराग पासवान (केंद्रीय मंत्री एवं प्रमुख, लोजपा-रामविलास): बिहार और केंद्र की राजनीति में सक्रिय चिराग पासवान ने आरक्षण में वर्गीकरण और क्रीमी लेयर लागू करने के प्रावधानों का स्पष्ट रूप से विरोध किया है। उनका मानना है कि जब तक समाज में छुआछूत और सामाजिक असमानता पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, तब तक आरक्षण का आधार केवल सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन ही होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि आरक्षण किसी की कृपा या "खैरात" नहीं है, बल्कि यह बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा संविधान के माध्यम से दिया गया एक संवैधानिक और सामाजिक अधिकार है। तनुज पुनिया (सांसद, बाराबंकी - कांग्रेस): उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया और कांग्रेस पार्टी के अन्य नेताओं ने भी दलितों और वंचितों के अधिकारों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। तनुज पुनिया और विपक्षी नेताओं का तर्क है कि आरक्षण सामाजिक प्रतिनिधित्व और समानता सुनिश्चित करने का माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि संविधान में दिए गए अधिकारों और आरक्षण के मूल ढांचे के साथ किसी भी प्रकार से छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। 'आरक्षण खैरात नहीं है' का आशय: दलित नेताओं और चिंतकों द्वारा अक्सर इस वाक्य का उपयोग किया जाता है। इसका अर्थ यह है कि आरक्षण कोई वित्तीय सहायता, मुफ्त योजना या दया में दी गई वस्तु नहीं है। यह भारत में सदियों से चले आ रहे सामाजिक भेदभाव और गैर-बराबरी को दूर करने के लिए संविधान द्वारा दिया गया सकारात्मक प्रतिनिधित्व (Affirmative Action) का जरिया है, ताकि समाज के हर वर्ग की शासन और प्रशासन में भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
- पढ़ुआ पुलिस को मिली बड़ी सफलता चोरी की घटनाओं का सफल अनावरण तीन गिरफ्तार लखीमपुर खीरी थाना पढ़ुआ पुलिस ने किया चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए तीन अभियुक्त को किया गिरफ्तार भेजो न्यायालय मिली जानकारी के अनुसार पढ़ुआ पुलिस ने करीब 1:30 बजे जम्हौरा पुलिया के पास से तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया पुलिस ने काफी सामान बरामद किया है जैसे इनवर्टर बैट्री आदि1
- आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर भारत में लगातार बहस और चर्चाएं चलती रहती हैं। हाल ही में आरक्षण के वर्गीकरण (Sub-classification) और 'क्रीमी लेयर' को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक कई दलित नेताओं और जन-प्रतिनिधियों ने इस पर खुलकर अपनी बात रखी है। इस मुद्दे पर नेताओं के प्रमुख बयानों और रुख का स्पष्ट विवरण इस प्रकार है: आरक्षण पर नेताओं के रुख और बयान चिराग पासवान (केंद्रीय मंत्री एवं प्रमुख, लोजपा-रामविलास): बिहार और केंद्र की राजनीति में सक्रिय चिराग पासवान ने आरक्षण में वर्गीकरण और क्रीमी लेयर लागू करने के प्रावधानों का स्पष्ट रूप से विरोध किया है। उनका मानना है कि जब तक समाज में छुआछूत और सामाजिक असमानता पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, तब तक आरक्षण का आधार केवल सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन ही होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि आरक्षण किसी की कृपा या "खैरात" नहीं है, बल्कि यह बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा संविधान के माध्यम से दिया गया एक संवैधानिक और सामाजिक अधिकार है। तनुज पुनिया (सांसद, बाराबंकी - कांग्रेस): उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया और कांग्रेस पार्टी के अन्य नेताओं ने भी दलितों और वंचितों के अधिकारों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। तनुज पुनिया और विपक्षी नेताओं का तर्क है कि आरक्षण सामाजिक प्रतिनिधित्व और समानता सुनिश्चित करने का माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि संविधान में दिए गए अधिकारों और आरक्षण के मूल ढांचे के साथ किसी भी प्रकार से छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। 'आरक्षण खैरात नहीं है' का आशय: दलित नेताओं और चिंतकों द्वारा अक्सर इस वाक्य का उपयोग किया जाता है। इसका अर्थ यह है कि आरक्षण कोई वित्तीय सहायता, मुफ्त योजना या दया में दी गई वस्तु नहीं है। यह भारत में सदियों से चले आ रहे सामाजिक भेदभाव और गैर-बराबरी को दूर करने के लिए संविधान द्वारा दिया गया सकारात्मक प्रतिनिधित्व (Affirmative Action) का जरिया है, ताकि समाज के हर वर्ग की शासन और प्रशासन में भागीदारी सुनिश्चित हो सके।1
- लखीमपुर खीरी में इंडियन बैंक के बाहर दिनदहाड़े खड़ी बाइक हुई चोरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद थाना खीरी के ओयल पुलिस चौकी क्षेत्र के लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन किनारे स्थित इंडियन बैंक के बाहर खड़ी बाइक दिनदहाड़े चोरी *वारदात सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद* लखीमपुर खीरी में इंडियन बैंक के बाहर दिनदहाड़े खड़ी बाइक हुई चोरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद थाना खीरी के ओयल पुलिस चौकी क्षेत्र के लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन किनारे स्थित इंडियन बैंक के बाहर खड़ी बाइक दिनदहाड़े चोरी *वारदात सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद*2
- शारदा नहर में नरदवल पूरवा के समीप देखा गया मगरमच्छ ग्रामीणों में दहशत का माहौल शारदा नहर में नरदवल पूरवा के समीप देखा गया मगरमच्छ ग्रामीणों में दहशत का माहौल। क्षेत्र के गांव सकतापुर की शारदा नहर के रेलवे पुल के पास नहर किनारे दिखा मगरमच्छ। राहगीरों में मचा हड़कंप। ग्रामीणों के इकठ्ठा होने पर फिर नहर के अंदर चला गया मगरमच्छ।1
- 🚨 रात 12:45 बजे सड़क पर मृत गौवंश, धर्मेन्द्र पटेल ने दिखाई इंसानियत! 🐄🙏 🚨🐄 आधी रात सड़क पर पड़ा था मृत गौवंश, पत्रकार ने दिखाई इंसानियत! 🙏 🌙 रात करीब 12:45 बजे नेशनल हाईवे-730 पर सिसैया टोल प्लाजा और जालिमनगर पुल के बीच सड़क पर मृत गौवंश पड़ा मिला। ⚠️ अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों के बीच यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। 📰 यूपी ग्राम क्रांति न्यूज के प्रधान सम्पादक धर्मेन्द्र पटेल ने मौके पर जिम्मेदारी दिखाते हुए डायल 112 की सहायता से मृत गौवंश को सड़क से साइड करवाया। 🚔🐄 🌅 जानकारी के अनुसार डायल 112 द्वारा सुबह अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई जाएगी। 🙏 🔥 पत्रकारिता सिर्फ कैमरा उठाकर खबर बनाने का नाम नहीं… जरूरत के वक्त इंसानियत के साथ खड़े होना भी पत्रकारिता की जिम्मेदारी है। 📰✍️ 🙏 सलाम उन लोगों को, जो आधी रात में भी किसी बेजुबान की मदद के लिए आगे आते हैं। 🐄❤️ 📍 स्थान: NH-730, सिसैया टोल प्लाजा–जालिमनगर पुल के बीच ⏰ समय: रात करीब 12:45 बजे #UPGramKrantiNews 📰 #धर्मेन्द्रपटेल ✍️ #Dial112 🚔 #NH730 🛣️ #गौसेवा 🐄🙏 #मानवता ❤️ #LakhimpurKheri1
- 10 फीट गहरी खाई में गिरी का पांच लोगों को राहगीरों ने निकाला सुरक्षित लखीमपुर खीरी निघासन पलिया हाईवे पर बाइक सवार को बचाने के चक्कर में 10 फीट गहरी खाई में गिरी कार, कार सवार लोगों को डूबता देख फरिश्ते बनकर खाई में कूदे पांच दोस्तों ने बचाई जान छतरी लोग उन लोगों की कर रहे सराहना क्योंकि लोग अपने कपड़े उतार--- उतार कर गहरे पानी में कर सवार पांच लोगों को बचाने के लिए कूद गए और पांचो को सुरक्षित बाहर निकाल लिया2
- पढ़ुआ थाना क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर कलीम का शव गन्ने के खेत में मिला लखीमपुर खीरी- पठानपुरवा गांव में कलीम खान का शव गन्ने के खेत में मिलने से हड़कंप मच गया। कलीम पढ़ुआ थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। उसके खिलाफ 20 से अधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कलीम पूर्व में रहे कुछ थानेदारों के लिए कथित तौर पर दलाली और मुखबिरी करता था। परिजनों ने कलीम की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- *बिग ब्रेकिंग: पठानन पुरवा निवासी कलीम की हत्या, खेतों में मिली लाश *बिग ब्रेकिंग: पठानन पुरवा निवासी कलीम की हत्या, खेतों में मिली लाश* लखीमपुर खीरी। पठानन पुरवा निवासी कलीम की हत्या की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। पठान पुरवा और लखनिया पुर के बीच खेतों में कलीम का शव बरामद हुआ है। सूचना मिलते ही थाना पढ़ुआ पुलिस मौके पर पहुंच गई और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। मृतक को पुलिस का मुखबिर बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हत्या के कारणों और घटना में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। । रिपोर्ट:संदेश राज2