फतेहाबाद स्थित लखनऊ एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर सोमवार देर रात कर्मचारियों के जोरदार हंगामे के कारण करीब डेढ़ घंटे तक वाहनों से कोई टोल शुल्क नहीं लिया गया। कर्मचारियों और टोल प्रबंधन के बीच छुट्टियों की मांग को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने सभी टोल लेन के बूम बैरियर उठा दिए, जिससे सैकड़ों वाहन बिना टोल दिए आसानी से गुजरते रहे। यह घटना रात करीब 12 बजे शुरू हुई और लगभग 1:30 बजे तक टोल प्लाजा पर टोल की वसूली बाधित रही। जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद टोल प्लाजा का संचालन महाराष्ट्र की कंपनी श्री साईं दातार करती है, जहां करीब 25 कर्मचारी कार्यरत हैं। टोल मैनेजर प्रमोद धनगर ने बताया कि कर्मचारियों ने अचानक काम बंद कर दिया और धरना शुरू कर दिया। कुछ कर्मचारी उनके कार्यालय में घुस गए और सप्ताह में एक अवकाश तथा महीने में लगातार चार दिन की छुट्टी की मांग करने लगे। मैनेजर ने जब उन्हें बताया कि कंपनी के नियमों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, तो कुछ कर्मचारियों ने गाली-गलौज और अभद्रता शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर फतेहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे चार कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। उनका मेडिकल भी कराया गया। अपने साथियों को हिरासत में लिए जाने के बाद अन्य कर्मचारी भी हड़ताल पर बैठ गए। घटना के बाद, कंपनी के अधिकारी कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। फतेहाबाद थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि टोल मैनेजर की शिकायत पर चार कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है, और मैनेजर से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फतेहाबाद स्थित लखनऊ एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर सोमवार देर रात कर्मचारियों के जोरदार हंगामे के कारण करीब डेढ़ घंटे तक वाहनों से कोई टोल शुल्क नहीं लिया गया। कर्मचारियों और टोल प्रबंधन के बीच छुट्टियों की मांग को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने सभी टोल लेन के बूम बैरियर उठा दिए, जिससे सैकड़ों वाहन बिना टोल दिए आसानी से गुजरते रहे। यह घटना रात करीब 12 बजे शुरू हुई और लगभग 1:30 बजे तक टोल प्लाजा पर टोल की वसूली बाधित रही। जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद टोल प्लाजा का संचालन महाराष्ट्र की कंपनी श्री साईं दातार करती है, जहां करीब 25 कर्मचारी कार्यरत हैं। टोल मैनेजर प्रमोद धनगर ने बताया कि कर्मचारियों ने अचानक काम बंद कर दिया और धरना शुरू कर दिया। कुछ कर्मचारी उनके कार्यालय में घुस गए और सप्ताह में एक अवकाश तथा महीने में लगातार चार दिन की छुट्टी की मांग करने लगे। मैनेजर ने जब उन्हें बताया कि कंपनी के नियमों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, तो कुछ कर्मचारियों ने गाली-गलौज और अभद्रता शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर फतेहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे चार कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। उनका मेडिकल भी कराया गया। अपने साथियों को हिरासत में लिए जाने के बाद अन्य कर्मचारी भी हड़ताल पर बैठ गए। घटना के बाद, कंपनी के अधिकारी कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। फतेहाबाद थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि टोल मैनेजर की शिकायत पर चार कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है, और मैनेजर से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- फतेहाबाद स्थित लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर छुट्टियों की मांग को लेकर हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने चार कर्मचारियों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की है। इस घटना में टोल प्रबंधन ने भी तत्काल प्रभाव से उन चारों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, क्योंकि उनके व्यवहार को अभद्र और अनुशासनहीन माना गया। वर्तमान में टोल प्लाजा पर स्थिति सामान्य है और टोल की वसूली नियमित रूप से जारी है। सोमवार देर रात हुई इस घटना में कुछ कर्मचारियों ने छुट्टियों की मांग करते हुए हंगामा किया और टोल लेन के बैरियर खोल दिए थे। इसके कारण कुछ समय तक कई वाहन बिना शुल्क दिए एक्सप्रेसवे से गुजरते रहे। सूचना मिलने पर पुलिस और टोल प्रबंधन ने मिलकर स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद टोल का संचालन सामान्य हो सका। थाना फतेहाबाद पुलिस ने हरगोविंद (पुत्र कुवरस्वरूप, निवासी बिरेहरू, सैया), सचिन (पुत्र शिवशंकर गोस्वामी, निवासी दिनौली, टूंडला, फिरोजाबाद), राजू यादव (पुत्र शांतिलाल, निवासी मलगांव, सकीट, एटा) और दिलीप पांडेय (पुत्र रमेश चंद्र, निवासी सेमरा, सिरसागंज, फिरोजाबाद) के विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई की है। टोल प्लाजा प्रबंधक प्रमोद धनगर ने बताया कि हंगामे के दौरान अभद्र व्यवहार और अनुशासनहीनता के चलते चारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए, अब सभी कर्मचारियों का ऑनलाइन पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक कर्मचारी को एक माह के भीतर अपना पुलिस सत्यापन करवाकर उसकी प्रति कार्यालय में जमा करनी होगी, अन्यथा निर्धारित समय-सीमा में सत्यापन नहीं कराने वाले कर्मचारियों की सेवाएं भी समाप्त कर दी जाएंगी।1
- फतेहाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में क्षेत्र के लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी। उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लेबर रूम और इमरजेंसी भवन के निर्माण के लिए शीघ्र ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सके। एसडीएम ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों और उनके तीमारदारों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी क्रम में, एसडीएम ने नगर पंचायत के चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी (ईओ) से समन्वय स्थापित कर अस्पताल परिसर में सुलभ शौचालय के निर्माण के निर्देश भी दिए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को किसी तरह की असुविधा न हो। साथ ही, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक चौहान को अस्पताल परिसर को स्वच्छ, हरित और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से फलदार पौधों का गार्डन विकसित करने का निर्देश दिया गया। एसडीएम शर्मा ने यह भी कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ स्वच्छ और हरित वातावरण भी मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहायक होता है। इस बैठक में उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पियूष जैन, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक चौहान, सीपीएम रफीक खान सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।2
- फतेहाबाद स्थित लखनऊ एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर सोमवार देर रात कर्मचारियों के जोरदार हंगामे के कारण करीब डेढ़ घंटे तक वाहनों से कोई टोल शुल्क नहीं लिया गया। कर्मचारियों और टोल प्रबंधन के बीच छुट्टियों की मांग को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने सभी टोल लेन के बूम बैरियर उठा दिए, जिससे सैकड़ों वाहन बिना टोल दिए आसानी से गुजरते रहे। यह घटना रात करीब 12 बजे शुरू हुई और लगभग 1:30 बजे तक टोल प्लाजा पर टोल की वसूली बाधित रही। जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद टोल प्लाजा का संचालन महाराष्ट्र की कंपनी श्री साईं दातार करती है, जहां करीब 25 कर्मचारी कार्यरत हैं। टोल मैनेजर प्रमोद धनगर ने बताया कि कर्मचारियों ने अचानक काम बंद कर दिया और धरना शुरू कर दिया। कुछ कर्मचारी उनके कार्यालय में घुस गए और सप्ताह में एक अवकाश तथा महीने में लगातार चार दिन की छुट्टी की मांग करने लगे। मैनेजर ने जब उन्हें बताया कि कंपनी के नियमों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, तो कुछ कर्मचारियों ने गाली-गलौज और अभद्रता शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर फतेहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे चार कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। उनका मेडिकल भी कराया गया। अपने साथियों को हिरासत में लिए जाने के बाद अन्य कर्मचारी भी हड़ताल पर बैठ गए। घटना के बाद, कंपनी के अधिकारी कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। फतेहाबाद थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि टोल मैनेजर की शिकायत पर चार कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है, और मैनेजर से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- फिरोज़ाबाद में लाखों रुपये की विकास योजनाओं पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं, जहाँ नगर निगम द्वारा 'एनकैप योजना' के तहत बंबा बायपास से शकीला नईम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक बनाई गई एक महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के कुछ ही महीनों बाद जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। यह स्थिति देखकर हर कोई हैरान है कि एक नई सड़क इतनी जल्दी कैसे बदहाल हो सकती है। इस बदहाली को उजागर करते हुए, पूर्व विधायक अजीम भाई ने मौके पर पहुँचकर मीडिया को सड़क की खराब हालत दिखाई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने महापौर और नगर आयुक्त को कई बार लिखित शिकायतें भेजी थीं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। अजीम भाई ने मांग की है कि सड़क की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि निर्माण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों या व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि इस प्रमुख मार्ग की तत्काल मरम्मत कराकर आम जनता को राहत प्रदान की जाए, क्योंकि अस्पताल आने-जाने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित और बेहतर सुविधा मिलना आवश्यक है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस महत्वपूर्ण मार्ग को समय रहते ठीक किया जाएगा और इस बदहाली के लिए कौन जिम्मेदार है।1
- बताया गया है कि गली की हालत खराब है।1
- धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में सोमवार शाम 3 अज्ञात बाइक सवार बदमाशों द्वारा तीन अलग-अलग जगहों पर दिनदहाड़े की गई फायरिंग की घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में दहशत का माहौल है। इस घटना के विरोध में मंगलवार सुबह से कस्बे का पूरा बाजार बंद है। आक्रोशित व्यापारियों ने गांधी चबूतरे पर बैठक की और निवर्तमान पालिका अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह जादौन तथा व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रिंस जैन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारियों और आमजनों ने जुलूस निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुँचकर एसडीएम सुशीला मीना को बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। सोमवार को हुई तीन बड़े व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर फायरिंग की इस घटना से पूरे व्यापारी वर्ग में भय व्याप्त है। व्यापारियों ने प्रशासन को दो दिन के भीतर बदमाशों को गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम दिया है, चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे गांधीवादी तरीके से धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। निवर्तमान पालिका अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह जादौन ने पुलिस और प्रशासन से बाजार में प्रभावी गश्त व्यवस्था लागू करने और कस्बे में बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को फिर से चालू कराने की मांग की है। मामले के अनुसार, सोमवार शाम बिना नंबर की बाइक पर आए 3 अज्ञात बदमाशों ने राजाखेड़ा के पीर की रोड पर स्थित मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाने वाले व्यापारी राजू खान के यहाँ फायरिंग की, जिसकी गोली शटर में लगी। गनीमत रही कि व्यापारी जिस ओर बैठा था, उस तरफ का शटर नीचे था। इसके बाद, मुख्य बाजार में बैंक ऑफ इंडिया के पास स्थित शांतिलाल गारमेंट्स की दुकान पर भी फायरिंग की गई, जहाँ दो गोलियाँ दुकान के शीशे में लगीं। बदमाशों ने यहाँ फायरिंग से पहले एक युवक से मारपीट भी की थी। तीसरी वारदात देवखेड़ा रोड पर स्थित श्री पारसनाथ ब्रिक फील्ड (ईंट भट्टे) पर हुई, जहाँ बदमाशों ने भट्टा व्यापारी प्रवीण जैन की खड़ी कार पर पीछे से फायर किया। प्रवीण जैन ने बताया कि घटना से पहले उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया था और उनकी लोकेशन की जानकारी मांगी गई थी। ये तीनों वारदातें दुकान में लगे सीसीटीवी में भी कैद हो गईं और बदमाश मौके से फरार हो गए। इस घटना को लेकर राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा ने कहा है कि पुलिस को जल्द से जल्द इन बदमाशों को गिरफ्तार करना चाहिए, अन्यथा व्यापारियों के साथ मिलकर गांधीवादी तरीके से आंदोलन किया जाएगा।1
- फतेहाबाद के थाना निबोहरा अंतर्गत रामपुर गांव में दलित समाज की एक बारात के रास्ते को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, गुरचरण सिंह बाल्मीक निवासी रामपुर की पुत्री जसोदा की बारात सैता बिचपुरी निवासी सोहन के पुत्र जितेंद्र से आई थी। सोमवार शाम करीब 7:00 बजे बारात चढ़ने की तैयारी चल रही थी। इस दौरान बारात को परंपरागत मार्ग के बजाय एक नए मार्ग से निकालने की योजना थी। बताया गया कि पूर्व निर्धारित मार्ग पर गमी हो जाने के कारण यह नया मार्ग चुना गया था, जिस पर गांव के कुछ लोगों ने विरोध दर्ज कराया। विरोध के बाद लड़की पक्ष के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही थाना निबोहरा के साथ-साथ मन्सुखपुरा, फतेहाबाद, शमशाबाद और इरादनगर से भी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर बारात को शांतिपूर्ण तरीके से निकलवाया।2
- आगरा के रामपुर गांव में एक दलित दूल्हे की बारात को लेकर गंभीर विवाद और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। बारात के रास्ते को रोके जाने और नए मार्ग से बारात निकालने को लेकर हुए टकराव के कारण गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने का मोर्चा संभाला। बारात रोकने की कोशिशों के चलते यह पूरा घटनाक्रम तीन घंटे तक 'हाईवोल्टेज ड्रामा' में बदल गया। इस दौरान बारात के रास्ते को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में तीन घंटे तक लंबी वार्ता और पंचायत चली। आखिरकार पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया और एक सहमति बनी। डीसीपी ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बारात सहमति से निकाली गई। तनाव की आशंका को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे गांव एक तरह से पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस की सूझबूझ और कड़ी निगरानी के बीच, आखिरकार दलित दूल्हे की बारात अपने निर्धारित मार्ग से शांतिपूर्वक निकाली गई और शादी संपन्न हुई। सुरक्षा घेरे में निकली बारात के बाद शांतिपूर्वक विदाई भी हुई, जिससे एक बड़े विवाद को टाल दिया गया।1