बेतिया के ‘सिंघम’ विवेक दीप अब मुख्यमंत्री सुरक्षा बल में तैनात, युवाओं की धड़कन बने डीएसपी को मिली बड़ी जिम्मेदारी पश्चिम चंपारण के लोगों के दिलों पर अपनी अलग छाप छोड़ने वाले बेतिया सदर डीएसपी विवेक दीप को अब बिहार सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अपराधियों पर नकेल कसने, पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और अपनी ईमानदार कार्यशैली से युवाओं के बीच खास पहचान बनाने वाले विवेक दीप का चयन मुख्यमंत्री के विशेष सुरक्षा बल में पुलिस उपाधीक्षक पद के लिए किया गया है। उनके चयन की खबर सामने आते ही पूरे पश्चिम चंपारण में खुशी के साथ-साथ मायूसी भी देखने को मिल रही है, क्योंकि जिस अधिकारी ने जनता के दिलों में भरोसा जगाया, अब वह बेतिया से पटना की नई जिम्मेदारी संभालेंगे। बेतिया सदर डीएसपी के रूप में विवेक दीप ने जिस तरह कानून व्यवस्था को मजबूत किया, उससे अपराधियों में हमेशा खौफ बना रहा। अपराध जगत में उनका नाम सुनते ही बदमाश सतर्क हो जाते थे, वहीं आम लोगों और पीड़ित परिवारों के लिए विवेक दीप उम्मीद और न्याय का दूसरा नाम बन चुके थे। उनके कार्यालय में पहुंचने वाले लोगों को सिर्फ आश्वासन नहीं मिलता था, बल्कि त्वरित कार्रवाई और न्याय भी देखने को मिलता था। यही वजह रही कि कम समय में ही वे युवाओं की धड़कन बन गए। विवेक दीप की सबसे बड़ी खासियत रही उनकी तेज जांच क्षमता और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति। लौरिया थाना क्षेत्र में जब एक 6 वर्षीय मासूम का अपहरण हुआ था, तब पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। उस कठिन समय में विवेक दीप के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और लगातार अभियान चलाया गया। उनकी सूझबूझ और रणनीति का ही परिणाम था कि मासूम बच्चे को गोरखपुर से सकुशल बरामद कर लिया गया। इस घटना के बाद बेतिया और पूरे चंपारण में लोग उन्हें ‘सिंघम’ के नाम से बुलाने लगे थे। इतना ही नहीं, कुमारबाग थाना क्षेत्र से पांच नाबालिग बच्चियों के लापता होने का मामला भी काफी चर्चाओं में रहा था। परिवारों की चिंता और पूरे जिले में बढ़ते दबाव के बीच विवेक दीप ने अपने नेतृत्व में टीम को सक्रिय किया और लगातार जांच अभियान चलाया। आखिरकार उनकी रणनीति सफल हुई और दिल्ली से पांचों बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विवेक दीप सिर्फ एक पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का नाम हैं। उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली और ईमानदार छवि को देखते हुए पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने कई बार उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय ने भी विवेक दीप के कार्यों की सराहना करते हुए सम्मानित किया था। इतना ही नहीं, बिहार के डीजीपी स्तर से भी उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि विवेक दीप ने अपने कार्यकाल में पुलिसिंग की एक अलग मिसाल कायम की। बेतिया सदर डीएसपी के रूप में उन्होंने जिस तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और साफ-सुथरी कार्यशैली अपनाई, उसने युवाओं के बीच उन्हें एक प्रेरणा बना दिया। जिले के छात्र, नौजवान और युवा आज विवेक दीप को अपना आदर्श मानते हैं। युवाओं का कहना है कि जिस तरह विवेक दीप ने ईमानदारी और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, उसी रास्ते पर चलना आज उनकी भी प्रेरणा बन चुका है। आज जब विवेक दीप को मुख्यमंत्री के विशेष सुरक्षा बल में पुलिस उपाधीक्षक पद की जिम्मेदारी मिली है, तो यह सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि पूरे पश्चिम चंपारण के लिए गर्व की बात है। हालांकि, जिले के लोग इस बात से भी भावुक हैं कि उनका पसंदीदा अधिकारी अब बेतिया से विदा ले रहा है। लेकिन लोगों को विश्वास है कि जिस तरह उन्होंने चंपारण में अपनी कार्यशैली से पहचान बनाई, उसी तरह नई जिम्मेदारी में भी बिहार पुलिस का नाम और गौरवान्वित करेंगे। बेतिया के ‘सिंघम’ विवेक दीप… एक ऐसा नाम जिसने अपराधियों में डर और आम लोगों में भरोसा पैदा किया। ईमानदारी, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बने विवेक दीप अब मुख्यमंत्री सुरक्षा बल की नई जिम्मेदारी संभालेंगे, लेकिन चंपारण की जनता उन्हें हमेशा अपने दिलों में याद रखेगी।
बेतिया के ‘सिंघम’ विवेक दीप अब मुख्यमंत्री सुरक्षा बल में तैनात, युवाओं की धड़कन बने डीएसपी को मिली बड़ी जिम्मेदारी पश्चिम चंपारण के लोगों के दिलों पर अपनी अलग छाप छोड़ने वाले बेतिया सदर डीएसपी विवेक दीप को अब बिहार सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अपराधियों पर नकेल कसने, पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और अपनी ईमानदार कार्यशैली से युवाओं के बीच खास पहचान बनाने वाले विवेक दीप का चयन मुख्यमंत्री के विशेष सुरक्षा बल में पुलिस उपाधीक्षक पद के लिए किया गया है। उनके चयन की खबर सामने आते ही पूरे पश्चिम चंपारण में खुशी के साथ-साथ मायूसी भी देखने को मिल रही है, क्योंकि जिस अधिकारी ने जनता के दिलों में भरोसा जगाया, अब वह बेतिया से पटना की नई जिम्मेदारी संभालेंगे। बेतिया सदर डीएसपी के रूप में विवेक दीप ने जिस तरह कानून व्यवस्था को मजबूत किया, उससे अपराधियों में हमेशा खौफ बना रहा। अपराध जगत में उनका नाम सुनते ही बदमाश सतर्क हो जाते थे, वहीं आम लोगों और पीड़ित परिवारों के लिए विवेक दीप उम्मीद और न्याय का दूसरा नाम बन चुके थे। उनके कार्यालय में पहुंचने वाले लोगों को सिर्फ आश्वासन नहीं मिलता था, बल्कि त्वरित कार्रवाई और न्याय भी देखने को मिलता था। यही वजह रही कि कम समय में ही वे युवाओं की धड़कन बन गए। विवेक दीप की सबसे बड़ी खासियत रही उनकी तेज जांच क्षमता और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति। लौरिया थाना क्षेत्र में जब एक 6 वर्षीय मासूम का अपहरण हुआ था, तब पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। उस कठिन समय में विवेक दीप के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और लगातार अभियान चलाया गया। उनकी सूझबूझ और रणनीति का ही परिणाम था कि मासूम बच्चे को गोरखपुर से सकुशल बरामद कर लिया गया। इस घटना के बाद बेतिया और पूरे चंपारण में लोग उन्हें ‘सिंघम’ के नाम से बुलाने लगे थे। इतना ही नहीं, कुमारबाग थाना क्षेत्र से पांच नाबालिग बच्चियों के लापता होने का मामला भी काफी चर्चाओं में रहा था। परिवारों की चिंता और पूरे जिले में बढ़ते दबाव के बीच विवेक दीप ने अपने नेतृत्व में टीम को सक्रिय किया और लगातार जांच अभियान चलाया। आखिरकार उनकी रणनीति सफल हुई और दिल्ली से पांचों बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विवेक दीप सिर्फ एक पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का नाम हैं। उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली और ईमानदार छवि को देखते हुए पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने कई बार उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय ने भी विवेक दीप के कार्यों की सराहना करते हुए सम्मानित किया था। इतना ही नहीं, बिहार के डीजीपी स्तर से भी उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि विवेक दीप ने अपने कार्यकाल में पुलिसिंग की एक अलग मिसाल कायम की। बेतिया सदर डीएसपी के रूप में उन्होंने जिस तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और साफ-सुथरी कार्यशैली अपनाई, उसने युवाओं के बीच उन्हें एक प्रेरणा बना दिया। जिले के छात्र, नौजवान और युवा आज विवेक दीप को अपना आदर्श मानते हैं। युवाओं का कहना है कि जिस तरह विवेक दीप ने ईमानदारी और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, उसी रास्ते पर चलना आज उनकी भी प्रेरणा बन चुका है। आज जब विवेक दीप को मुख्यमंत्री के विशेष सुरक्षा बल में पुलिस उपाधीक्षक पद की जिम्मेदारी मिली है, तो यह सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि पूरे पश्चिम चंपारण के लिए गर्व की बात है। हालांकि, जिले के लोग इस बात से भी भावुक हैं कि उनका पसंदीदा अधिकारी अब बेतिया से विदा ले रहा है। लेकिन लोगों को विश्वास है कि जिस तरह उन्होंने चंपारण में अपनी कार्यशैली से पहचान बनाई, उसी तरह नई जिम्मेदारी में भी बिहार पुलिस का नाम और गौरवान्वित करेंगे। बेतिया के ‘सिंघम’ विवेक दीप… एक ऐसा नाम जिसने अपराधियों में डर और आम लोगों में भरोसा पैदा किया। ईमानदारी, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बने विवेक दीप अब मुख्यमंत्री सुरक्षा बल की नई जिम्मेदारी संभालेंगे, लेकिन चंपारण की जनता उन्हें हमेशा अपने दिलों में याद रखेगी।
- बेतिया के ‘सिंघम’ विवेक दीप अब मुख्यमंत्री सुरक्षा बल में तैनात, युवाओं की धड़कन बने डीएसपी को मिली बड़ी जिम्मेदारी पश्चिम चंपारण के लोगों के दिलों पर अपनी अलग छाप छोड़ने वाले बेतिया सदर डीएसपी विवेक दीप को अब बिहार सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अपराधियों पर नकेल कसने, पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और अपनी ईमानदार कार्यशैली से युवाओं के बीच खास पहचान बनाने वाले विवेक दीप का चयन मुख्यमंत्री के विशेष सुरक्षा बल में पुलिस उपाधीक्षक पद के लिए किया गया है। उनके चयन की खबर सामने आते ही पूरे पश्चिम चंपारण में खुशी के साथ-साथ मायूसी भी देखने को मिल रही है, क्योंकि जिस अधिकारी ने जनता के दिलों में भरोसा जगाया, अब वह बेतिया से पटना की नई जिम्मेदारी संभालेंगे। बेतिया सदर डीएसपी के रूप में विवेक दीप ने जिस तरह कानून व्यवस्था को मजबूत किया, उससे अपराधियों में हमेशा खौफ बना रहा। अपराध जगत में उनका नाम सुनते ही बदमाश सतर्क हो जाते थे, वहीं आम लोगों और पीड़ित परिवारों के लिए विवेक दीप उम्मीद और न्याय का दूसरा नाम बन चुके थे। उनके कार्यालय में पहुंचने वाले लोगों को सिर्फ आश्वासन नहीं मिलता था, बल्कि त्वरित कार्रवाई और न्याय भी देखने को मिलता था। यही वजह रही कि कम समय में ही वे युवाओं की धड़कन बन गए। विवेक दीप की सबसे बड़ी खासियत रही उनकी तेज जांच क्षमता और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति। लौरिया थाना क्षेत्र में जब एक 6 वर्षीय मासूम का अपहरण हुआ था, तब पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। उस कठिन समय में विवेक दीप के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और लगातार अभियान चलाया गया। उनकी सूझबूझ और रणनीति का ही परिणाम था कि मासूम बच्चे को गोरखपुर से सकुशल बरामद कर लिया गया। इस घटना के बाद बेतिया और पूरे चंपारण में लोग उन्हें ‘सिंघम’ के नाम से बुलाने लगे थे। इतना ही नहीं, कुमारबाग थाना क्षेत्र से पांच नाबालिग बच्चियों के लापता होने का मामला भी काफी चर्चाओं में रहा था। परिवारों की चिंता और पूरे जिले में बढ़ते दबाव के बीच विवेक दीप ने अपने नेतृत्व में टीम को सक्रिय किया और लगातार जांच अभियान चलाया। आखिरकार उनकी रणनीति सफल हुई और दिल्ली से पांचों बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विवेक दीप सिर्फ एक पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का नाम हैं। उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली और ईमानदार छवि को देखते हुए पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने कई बार उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय ने भी विवेक दीप के कार्यों की सराहना करते हुए सम्मानित किया था। इतना ही नहीं, बिहार के डीजीपी स्तर से भी उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि विवेक दीप ने अपने कार्यकाल में पुलिसिंग की एक अलग मिसाल कायम की। बेतिया सदर डीएसपी के रूप में उन्होंने जिस तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और साफ-सुथरी कार्यशैली अपनाई, उसने युवाओं के बीच उन्हें एक प्रेरणा बना दिया। जिले के छात्र, नौजवान और युवा आज विवेक दीप को अपना आदर्श मानते हैं। युवाओं का कहना है कि जिस तरह विवेक दीप ने ईमानदारी और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, उसी रास्ते पर चलना आज उनकी भी प्रेरणा बन चुका है। आज जब विवेक दीप को मुख्यमंत्री के विशेष सुरक्षा बल में पुलिस उपाधीक्षक पद की जिम्मेदारी मिली है, तो यह सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि पूरे पश्चिम चंपारण के लिए गर्व की बात है। हालांकि, जिले के लोग इस बात से भी भावुक हैं कि उनका पसंदीदा अधिकारी अब बेतिया से विदा ले रहा है। लेकिन लोगों को विश्वास है कि जिस तरह उन्होंने चंपारण में अपनी कार्यशैली से पहचान बनाई, उसी तरह नई जिम्मेदारी में भी बिहार पुलिस का नाम और गौरवान्वित करेंगे। बेतिया के ‘सिंघम’ विवेक दीप… एक ऐसा नाम जिसने अपराधियों में डर और आम लोगों में भरोसा पैदा किया। ईमानदारी, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बने विवेक दीप अब मुख्यमंत्री सुरक्षा बल की नई जिम्मेदारी संभालेंगे, लेकिन चंपारण की जनता उन्हें हमेशा अपने दिलों में याद रखेगी।1
- नौतन विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी संजय सिंह कुशवाह ने बढ़ती महंगाई और केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को महंगाई सहने की सलाह दे रही है, जबकि खुद चुनावी रैलियों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। उनके इस बयान ने पश्चिमी चंपारण क्षेत्र में आम जनता और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहे महंगाई के बोझ को लेकर नई बहस छेड़ दी है।1
- बिहार में लौकी के पौधों में 'गुम्मी स्टेम ब्लाइट' रोग से गोंद जैसा पदार्थ निकल रहा है, जिससे पौधे सूख रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बीमारी फसल को 50 से 80 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। माधोपुर के कृषि विज्ञान केंद्र ने प्रभावित पौधों को हटाने और विशेष फफूंदनाशक के छिड़काव सहित कई निवारक उपाय अपनाने की सलाह दी है।2
- सुगौली के सिसवनिया में रविवार देर रात एक तेज रफ्तार जैलो ने सड़क किनारे खड़े लोगों को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- बिहार को लेकर एक बेहद गंभीर धमकी सोशल मीडिया पर सामने आई है। इस संदेश में 'ना ज़मीन मिलेगी, ना कफन' कहकर सीधा चेतावनी दी गई है, जिससे राज्य में हड़कंप मच गया है।1
- बिहार की राजधानी पटना में ब्लैक स्कॉर्पियो सवार कुछ लोगों ने एक ट्रक चालक को रोककर उसके ट्रक का शीशा तोड़ दिया। शीशा टूटते ही ड्राइवर दर्द से चिल्लाया, "अरे आंख फोड़ दिया यार…" जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।1
- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय ने शपथ ग्रहण समारोह में अपने मंत्रियों के साथ सेल्फी ली। शपथ लेते वक्त का यह अनोखा पल कैमरे में कैद हो गया, और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- दक्षिणी तेलुआ में किसान संगोष्ठी, आधुनिक खेती की दी गई जानकारी दक्षिणी तेलुआ पंचायत में सोमवार को दोपहर करीब 12:00 बजे कोर्टवा एग्रीसाइंस द्वारा किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और उन्नत मक्का बीजों की जानकारी देना था। संगोष्ठी में रामबली यादव, मोतीलाल यादव, रामेश्वर सिंह, मथुरा यादव और हरेंद्र यादव सहित कई किसान शामिल हुए। पायनियर मक्का कंपनी के ट्रेडिंग इंचार्ज मनीष कुमार ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से मक्का खेती करने की सलाह दी। उन्होंने खेत की तैयारी, समय पर बुआई, उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई और रोग नियंत्रण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं डीएमआर सिकंदर कुमार ने पायनियर मक्का बीज 3532 की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह बीज बेहतर उत्पादन देने के साथ मौसम के अनुकूल प्रदर्शन करता है। किसानों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से खेती के नए तरीके सीखने का अवसर मिलता है।1