Shuru
Apke Nagar Ki App…
दमोह। सिटी कोतवाली क्षेत्र के कसाई मंडी चौकी प्रभारी राकेश पाठक ने एक आपसी समझौता करा कर पति-पत्नी को एक कराने में विशेष भूमिका निभाई है।
Hakikat MP संवाद न्यूज
दमोह। सिटी कोतवाली क्षेत्र के कसाई मंडी चौकी प्रभारी राकेश पाठक ने एक आपसी समझौता करा कर पति-पत्नी को एक कराने में विशेष भूमिका निभाई है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- जिले में एस.आई.आर. प्रक्रिया पूर्ण, मतदाता सूची संशोधन रहेगा सतत- कलेक्टर श्री कोचर 18 वर्ष पूर्ण कर चुके युवा फॉर्म-6 भरकर करा सकते हैं नाम दर्ज नाम कटने, संशोधन या विलोपन संबंधी शिकायतों पर अपील का प्रावधान1
- दमोह। सिटी कोतवाली क्षेत्र के कसाई मंडी चौकी प्रभारी राकेश पाठक ने एक आपसी समझौता करा कर पति-पत्नी को एक कराने में विशेष भूमिका निभाई है।1
- एंकर/- दमोह की बजरिया पुलिस चौकी में बुधवार शाम चौकी प्रभारी राकेश पाठक की पहल से अलग हो रहे पति-पत्नी को फिर एक करने का प्रयास किया गया है। पुलिस कर्मियों के सामने ही पति-पत्नी ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई और आपसी मतभेद खत्म कर जीवन भर साथ रहने का संकल्प लिया। इन दोनों पति-पत्नी ने पुलिस में आवेदन देकर अलग-अलग रहने की बात कही थी। चौकी प्रभारी ने जब उन्हें विवाह के साथ ही कानूनी प्रक्रिया समझाई तो पति-पत्नी ने अपने पुराने मतभेद खत्म कर दिए।1
- नवभारत न्यूज दमोह। जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र का फुटेरा कला क्षेत्र में अनियंत्रित होकर बारात से भरी पिकअप पलट गई, जिसमें 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए चौकी प्रभारी फुटेरा आनंद कुमार सहित पुलिस पहुंची है और घायलों को अस्पताल भेजने मेंलगी है।1
- देर रात हादसे में बाइक चालक कि दर्दनाक मौत अस्पताल की लापरवाही 13 घंटे बीत जाने के बाद भी मर्चुरी में नहीं रखा शव1
- दमोह: स्कूटी सवार युवती को कार चालक ने मारी टक्कर मौके पर पुलिस चालाक को कार सहित लिया अपने कब्जे में जबलपुर नाका की घटना1
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- स्पष्टीकरण संबंधी सूचना दमोह एसडीएम दमोह आर.एल. बागरी ने बताया कि हिंडोरिया क्षेत्र की मतदाता सूची कबाड़ी के पास मिलने की सूचना पर तत्काल जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि हटा विधानसभा की प्रारूप मतदाता सूची की प्रतियां राजनीतिक दलों को वितरित की गई थीं। एक दल की प्रतियां नगर अध्यक्ष (हिंडोरिया) के यहां सुरक्षित रखी थीं, जिन्हें अज्ञानतावश उनके पुत्र द्वारा अन्य व्यक्ति को दे दिया गया। जानकारी मिलते ही संबंधित अध्यक्ष ने सूचियां वापस प्राप्त कर लीं। मामले में यही तथ्यात्मक स्थिति पाई गई है।1