डंपिंग जोन के विरोध में ग्रामीणों ने टीम को बैरंग लौटाया, घेराव की दी चेतावनी। बेरीनाग। उडियारी बैंड मोटर मार्ग से सटे बाचूर क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा प्रस्तावित डंपिंग जोन और एमआरएफ सेंटर का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। जब प्रशासन की संयुक्त टीम भूमि का निरीक्षण करने पहुंची, तो नौ गांव ईग्यारपाली क्षेत्र के ग्रामीणों ने एकजुट होकर उनका कड़ा विरोध किया और टीम को बिना निरीक्षण किए ही बैरंग वापस लौटना पड़ा। नाम बदलकर गुमराह करने का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि वे पूर्व में भी जिलाधिकारी और स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन देकर इस भूमि पर डंपिंग जोन न बनाने की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन जबरन प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। पूर्व ग्राम प्रधान राजन राम और सरपंच संजय महरा ने आरोप लगाया कि प्रशासन ‘डंपिंग जोन’ का नाम बदलकर ‘एमआरएफ सेंटर’ रखकर ग्रामीणों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कीमत पर यहां कचरा निस्तारण केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। 9 सितंबर के बाद उग्र आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्राम प्रधान कांडे मनीषा देवी, उडियारी हेमा देवी, बैठोली पवन कुमार, शाहगराऊं प्रेम सिंह नेगी, गराऊ दीप पंत और जगथली ग्राम प्रधान ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी है कि यदि 9 सितंबर तक चयनित भूमि का प्रस्ताव निरस्त नहीं किया गया, तो क्षेत्र के सभी प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य बैठक का बहिष्कार कर धरने पर बैठेंगे। साथ ही, स्थानीय विधायक और सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों के आवासों का घेराव कर कूड़ा फेंकने का उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण कार्की, कांडे वन सरपंच भरत सिंह बोरा, पंकज राम, मोहित महरा, दीपक बोरा, रवि बोरा, योगेश महरा, खड़क सिंह रावत, हिमांशु महरा, लोकमान कार्की, नंदन महरा सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। प्रशासन का पक्ष मामले पर नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी (EO) मीनाक्षी बडोला ने बताया कि पालिका द्वारा एमआरएफ सेंटर के लिए नियमानुसार स्थान का चयन किया गया है और सभी मानकों का पालन करते हुए ही केंद्र की स्थापना की जाएगी।
डंपिंग जोन के विरोध में ग्रामीणों ने टीम को बैरंग लौटाया, घेराव की दी चेतावनी। बेरीनाग। उडियारी बैंड मोटर मार्ग से सटे बाचूर क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा प्रस्तावित डंपिंग जोन और एमआरएफ सेंटर का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। जब प्रशासन की संयुक्त टीम भूमि का निरीक्षण करने पहुंची, तो नौ गांव ईग्यारपाली क्षेत्र के ग्रामीणों ने एकजुट होकर उनका कड़ा विरोध किया और टीम को बिना निरीक्षण किए ही बैरंग वापस लौटना पड़ा। नाम बदलकर गुमराह करने का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि वे पूर्व में भी जिलाधिकारी और स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन देकर इस भूमि पर डंपिंग जोन न बनाने की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन जबरन प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। पूर्व ग्राम प्रधान राजन राम और सरपंच संजय महरा ने आरोप लगाया कि प्रशासन ‘डंपिंग जोन’ का नाम बदलकर ‘एमआरएफ सेंटर’ रखकर ग्रामीणों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कीमत पर यहां कचरा निस्तारण केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। 9 सितंबर के बाद
उग्र आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्राम प्रधान कांडे मनीषा देवी, उडियारी हेमा देवी, बैठोली पवन कुमार, शाहगराऊं प्रेम सिंह नेगी, गराऊ दीप पंत और जगथली ग्राम प्रधान ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी है कि यदि 9 सितंबर तक चयनित भूमि का प्रस्ताव निरस्त नहीं किया गया, तो क्षेत्र के सभी प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य बैठक का बहिष्कार कर धरने पर बैठेंगे। साथ ही, स्थानीय विधायक और सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों के आवासों का घेराव कर कूड़ा फेंकने का उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण कार्की, कांडे वन सरपंच भरत सिंह बोरा, पंकज राम, मोहित महरा, दीपक बोरा, रवि बोरा, योगेश महरा, खड़क सिंह रावत, हिमांशु महरा, लोकमान कार्की, नंदन महरा सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। प्रशासन का पक्ष मामले पर नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी (EO) मीनाक्षी बडोला ने बताया कि पालिका द्वारा एमआरएफ सेंटर के लिए नियमानुसार स्थान का चयन किया गया है और सभी मानकों का पालन करते हुए ही केंद्र की स्थापना की जाएगी।
- चम्पावत: में खेल महाकुंभ-2026 का धमाकेदार आगाज, CM धामी ने खिलाड़ियों को दी बड़ी सौगात!चम्पावत: में खेल महाकुंभ-2026 का धमाकेदार आगाज, CM धामी ने खिलाड़ियों को दी बड़ी सौगात! चम्पावत: में खेल महाकुंभ-2026 का धमाकेदार आगाज, CM धामी ने खिलाड़ियों को दी बड़ी सौगात!1
- भारी बारिश के बीच चम्पावत में सड़कें सुचारू रखने के लिए प्रशासन अलर्ट, जगह-जगह JCB तैनात। चम्पावत, 01 सितंबर 2026। जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच आवागमन को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बारिश के चलते विभिन्न मोटर मार्गों पर आए मलबे, पत्थरों और बोल्डरों को हटाने का काम लगातार जारी है। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर लोनिवि, राष्ट्रीय राजमार्ग और पीएमजीएसवाई की टीमें संवेदनशील मार्गों की लगातार निगरानी कर रही हैं। मार्गों पर मलबा आने की स्थिति में जेसीबी मशीनों के माध्यम से तत्काल सफाई कर यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य कम से कम रिस्पांस टाइम में अवरुद्ध मार्गों को खोलकर यातायात सुचारू करना है, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। जरूरी होने पर ही करें यात्रा लगातार बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी ने आम लोगों से अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की है। नदी-नालों के किनारे, तटीय क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी आपदा बचाव एवं राहत इकाइयों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखने तथा किसी भी संभावित घटना से निपटने के लिए समय रहते आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मार्ग अवरुद्ध होने या आपात स्थिति में करें संपर्क जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, चम्पावत 05965-230819, 05965-230703 7895318895, 7579060090, 9528135726 टोल फ्री: 1077 deoccpt@gmail .com प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान सतर्क रहें और किसी भी आपदा या सड़क बाधित होने की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।4
- लखमारा गांव में दो दिनों से भूस्खलन, ग्रामीण दहशत में. कपकोट: लखमारा गांव में दो दिनों से भूस्खलन, ग्रामीण दहशत में. कपकोट के लखमारा गांव की पहाड़ी पर दो दिनों से लगातार भूस्खलन हो रहा है जिससे गांववाले दहशत में हैं। पहाड़ी से मलबा, बड़े-बड़े बोल्डर और पेड़ गिरकर लखमारा गधेरे में आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई बड़ा बोल्डर गधेरे में गिरकर पानी के बहाव को रोक दे तो वहीं तालाब बन सकता है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। बारिश होने पर पहाड़ी में दरारें पड़ने लगी हैं और कई स्थानों पर जमीन फटती दिख रही है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय किसानों ने बताया कि भूस्खलन की चपेट में आने से उनके खेत मलबे में दब गए हैं; शंकर सिंह, मोहन सिंह, जयत सिंह, अजब सिंह, उमा देवी, किशन सिंह और पौन सिंह समेत कई परिवारों की कृषि भूमि प्रभावित हुई है। ग्राम प्रधान गीता देवी ने बताया कि गैर-खेत लखमारा सड़क बनने के कारण भी भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हुई है और प्रताप राम के मकान पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल निरीक्षण और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।1
- GDP ग्रोथ को लेकर सियायत में भी उफान आ गया है । सुबह पीएम मोदी ने वीडियो जारी किया तो शाम को कांग्रेस ने वीडियो जारी कर दिया। एक बड़ी लहर हर नाव को ऊपर उठा देती है - ग्रोथ ठीक यही काम करती है ▪️तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी निशानी शेयर बाज़ार में उछाल होता है, लोग ज़्यादा समृद्ध होते हैं, उनकी खरीदने की क्षमता बढ़ती है, नौकरियों का सृजन होता है, ज़्यादा और निवेश होता है ▪️ग्रोथ पेड़ों पर तो लटकती नहीं कि लोग उसे देख लें - विकास लोगों के रोज़मर्रा की ज़िंदगी में महसूस होता है ▪️इसलिए जब प्रधानमंत्री और BJP GDP Growth मतलब विकास का ढोल पीटते हैं, तो सवाल उठता है - किसका विकास? ▪️इस विकास का लाभ कौन उठा रहा है? इससे किसे फायदा हो रहा है? कौन बढ़ रहा है, कौन समृद्ध हो रहा है? ▪️साफ़ है कि आम भारतीय तो हैं नहीं - जो भीषण महँगाई, कर्ज़ और बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं 🚨पर समस्या कम विकास या कम GDP की नहीं है - समस्या GDP के आंकड़ों पर उठ रहे सवालों की है. समस्या एक चौपट अर्थव्यवस्था को किसी तरह शानदार पेश करने की नाकाम कोशिशें की है 🚨भारत के डेटा पर अब तक कोई विवाद नहीं हुआ है - लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं 🚨 विशेषज्ञ कहते हैं कि GDP के बेस वर्ष को 2023-24 में बदलने से विकास के आँकड़े बढ़ गए हैं, लेकिन ज़्यादातर ने इस आँकड़े की गणना पर चिंता जताई है और आरोप लगाया है कि असल ग्रोथ रेट काफी कम है 🔹 GDP ग्रोथ रेट nominal GDP ग्रोथ रेट में से महंगाई घटाकर निकाली जाती है 🔹 पहली तिमाही में nominal GDP ग्रोथ रेट 10.3% रहा और सरकार के अपने डिफ्लेटर ने महंगाई को सिर्फ़ 2.5% आँका 🔹जिसके चलते पहली तिमाही की GDP विकास दर 7.8% आई 🔹लेकिन हर भारतीय यह मानेगा कि महंगाई से मासिक बजट बिगड़ गया है. खाने-पीने से लेकर पेट्रोल, डीजल, CNG , आवागमन और शिक्षा सब कुछ तेज़ी से महँगा हुआ है 🔹इसलिए 2.5% इन्फ्लेशन ज़मीनी हकीकत से बिल्कुल अलग है - खासकर जब उसी दौरान में retail महंगाई 3.9% और थोक महंगाई 9.4% रही 🔹उस दौरान में अर्थव्यवस्था की असल महंगाई m वास्तव में 5.7% थी, जिससे GDP ग्रोथ रेट घटकर सिर्फ़ 4.4% रह जाती है 🔹दिलचस्प बात यह है कि GDP डिफ्लेटर और इफेक्टिव मतलब प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर आमतौर पर 1.2 से 1.3% के बीच रहता है 🔹लेकिन पहली तिमाही में GDP डिफ्लेटर और प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर 3.4% रहा - जो संभवतः इतिहास में पहली बार हुआ 🔹अगर यह मान कर चलिए तो GDP ग्रोथ रेट सिर्फ़ 6.3% है, जो उस 7.8% के आँकड़े से काफ़ी कम है जिसके बल पर BJP और ख़ुद मोदी बेवकूफ़ी से छाती ठोक रहे हैं ▪️अगर भारत में सच में इतनी ज़्यादा ग्रोथ हो रही होती तो: • युवाओं को नौकरियों का संकट नहीं झेलना पड़ता. 8.7 करोड़ युवा न काम कर रहे हैं, न पढ़ाई कर रहे हैं और न कोई skill सीख रहे हैं • कृषि मात्र 3.6% की दर से नहीं बढ़ रही होती • GFCF (निजी निवेश) सिर्फ़ 11.9% की दर से नहीं बढ़ रहा होता • विदेशी निवेशकों ने 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच भारतीय शेयरों में करीब ₹2.24 लाख करोड़ न बेचे होते - जो पूरे साल 2025 में लगभग ₹1.66 लाख करोड़ के हुए आउटफ्लो से भी ज़्यादा है • रुपया निरंतर गिरता नहीं, जबकि RBI ने रुपए को संभालने के लिए क़रीब 150 अरब डॉलर से ज़्यादा / लगभग 14.23 लाख करोड़ रुपये झोंक दिए • भारत का कर्ज़ बढ़कर 228 लाख करोड़ रुपये नहीं पहुँच जाता 👉👉ऊँची GDP ग्रोथ रेट के लिए सरकार को प्लान बनाना होगा, सिर्फ़ अख़बारों और टीवी छानने की हैडलाइन मैनेज करने और फ्रंट कैमरा पर वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा 👉👉और अगर सब कुछ इतना ठीक ही है - तो फिर लोगों को यहाँ वहाँ न जाने की, सोना ना ख़रीदने की, शादी ब्याह कैसे किया जाये जैसी चीज़ों की सलाह आप नहीं देते मोदी जी. क्योंकि आप भी यह जानते हैं कि इकॉनमी कुम्हलाता खस्ताहाल है - और आपके पास कोई प्लान नहीं है1
- संघर्ष से सफलता तक: चम्पावत की रेशमा देवी बनीं महिला स्वावलंबन की मिसाल। संघर्ष से सफलता तक: चम्पावत की रेशमा देवी बनीं महिला स्वावलंबन की मिसाल चम्पावत, 01 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘सशक्त नारी, समृद्ध राज्य’ के विजन को चम्पावत की रेशमा देवी अपने संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास से धरातल पर साकार कर रही हैं। फागपुर गांव निवासी रेशमा देवी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बन गई हैं। एकल महिला के रूप में चार बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी संभाल रहीं रेशमा देवी ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। 15 जुलाई 2017 को उन्होंने गांव की महिलाओं के साथ मिलकर ‘जागृति महिला स्वयं सहायता समूह’ का गठन किया और समूह की अध्यक्ष चुनी गईं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ने के बाद उन्होंने कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त कर वैज्ञानिक तरीके से साबुन निर्माण सीखा। समूह को मिले 50 हजार रुपये के बैंक क्रेडिट लिंकेज (CCL) ऋण की मदद से उन्होंने साबुन और अचार निर्माण का काम शुरू किया। स्थानीय बाजार के साथ ही सरकारी सरस मेलों में उनके उत्पादों की मांग बढ़ी, जिससे समूह की आय में इजाफा हुआ। रेशमा देवी ने स्वयं आगे बढ़ने के साथ 10 अन्य महिलाओं को अचार निर्माण का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा। 🐄 पशुपालन से बढ़ाई आमदनी आजीविका को मजबूत करने के लिए रेशमा देवी ने पशुपालन भी शुरू किया। वर्तमान में चार गायों से प्रतिदिन करीब 12 लीटर दूध का उत्पादन कर वह बाजार में दूध बेच रही हैं। उनकी मेहनत और कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें NRLM के तहत ‘बैंक सखी’ की जिम्मेदारी भी मिली है। इस भूमिका के माध्यम से वह ग्रामीण क्षेत्र में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने का कार्य कर रही हैं। आज रेशमा देवी विभिन्न आजीविका गतिविधियों से करीब 25 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर अपने चार बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। रेशमा देवी की कहानी बताती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग, मेहनत और दृढ़ संकल्प मिलकर मुश्किल परिस्थितियों को भी अवसर में बदल सकते हैं। उनकी सफलता चम्पावत ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है।4
- पहाड़ों से बोल्डर व मलुवा गिरने से 11 सड़कें बंद बागेश्वर में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित,पहाड़ों से बोल्डर व मलुवा गिरने से 11 मोटरमार्ग बंद. बागेश्वर जिले में कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाओं में वृद्धि हो गई है, जिले के अलग—अलग स्थानों पर मलवा तथा बोल्डर आने से कुल 11 मोटरमार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिससे वाहनों का आना—जाना ठप हो गया है। प्रभावित मार्गों पर संपर्क टूटने के कारण कई ग्रामीणों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ रहा है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर राहत व बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिला प्रशासन ने कहा है कि जिस—जिस स्थान से सड़कों के बंद होने की सूचना मिल रही है, वहां विभागीय जेसीबी मशीनें और संसाधन भेजे जा रहे हैं तथा मार्गों को खोलने का कार्य जारी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार आगे भी बरसात जारी रहने की संभावना है, इसलिए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। बागेश्वर पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम लगातार निगरानी कर रही है और किसी भी आपात स्थिति के लिए आपात कक्ष सक्रिय रखा गया है।1
- उत्तराखंड व्यूरो रिपोर्ट आठ लोगों की मौत मलवा घुसने से मां बेटी की मौत1
- *पूर्व-मंत्री की पत्नी की कार ने ई रिक्शा को उड़ाया:* 3 लोग 50 फीट दूर जा गिरे, जयपुर में थार से टकराकर एंडेवर पलटी ललिता चांदना के नाम गाड़ी: हादसे को अंजाम देने वाली सफेद रंग की लग्जरी एंडेवर कार कांग्रेस के पूर्व खेल मंत्री अशोक चांदना की पत्नी ललिता चांदना के नाम पर पंजीकृत (रजिस्टर्ड) है।चालक फरार: पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि दुर्घटना के समय कार को ललिता चांदना खुद चला रही थीं या उनका कोई ड्राइवर या परिवार का अन्य सदस्य। हादसे के तुरंत बाद कार सवार मौके से फरार हो गए।2. हादसा कैसे हुआ? (क्रोनोलॉजी)पहले थार पलटी: रात करीब 1 बजे मानसरोवर मेट्रो स्टेशन के नीचे एक मोड़ पर तेज रफ्तार थार गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। बताया जा रहा है कि थार में 3 युवतियां सवार थीं।एंडेवर की टक्कर: इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार एंडेवर कार ने सड़क पर पलटी थार को टक्कर मारी, जिससे एंडेवर भी हवा में उछलकर पलट गई और उसने पास से गुजर रहे ई-रिक्शा को अपनी चपेट में ले लिया।3. पीड़ित और घायलों की स्थितिमजदूर हुए घायल: ई-रिक्शा में सवार तीन मजदूर—बोधूराम साहू, उमाशंकर शर्मा और मुकेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। ये लोग एक पार्टी में आइसक्रीम की सप्लाई देकर लौट रहे थे।50 फीट दूर गिरे: टक्कर के प्रभाव से ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे लोग 50 फीट दूर सड़क पर जा गिरे।अस्पताल में भर्ती: पुलिस ने घायल मजदूरों को तुरंत एसएमएस (SMS) अस्पताल पहुंचाया, जहां उनमें से दो की हालत बेहद गंभीर (क्रिटिकल) बनी हुई है। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र1
- अल्मोड़ा में बारिश का कहर : मलवे में दबा मकान महिला समेत दो बच्चों की मौतअल्मोड़ा में बारिश का कहर : मलवे में दबा मकान महिला समेत दो बच्चों की मौत अल्मोड़ा में बारिश का कहर : मलवे में दबा मकान महिला समेत दो बच्चों की मौत1