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GDP ग्रोथ को लेकर सियायत में भी उफान आ गया है । सुबह पीएम मोदी ने वीडियो जारी किया तो शाम को कांग्रेस ने वीडियो जारी कर दिया। एक बड़ी लहर हर नाव को ऊपर उठा देती है - ग्रोथ ठीक यही काम करती है ▪️तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी निशानी शेयर बाज़ार में उछाल होता है, लोग ज़्यादा समृद्ध होते हैं, उनकी खरीदने की क्षमता बढ़ती है, नौकरियों का सृजन होता है, ज़्यादा और निवेश होता है ▪️ग्रोथ पेड़ों पर तो लटकती नहीं कि लोग उसे देख लें - विकास लोगों के रोज़मर्रा की ज़िंदगी में महसूस होता है ▪️इसलिए जब प्रधानमंत्री और BJP GDP Growth मतलब विकास का ढोल पीटते हैं, तो सवाल उठता है - किसका विकास? ▪️इस विकास का लाभ कौन उठा रहा है? इससे किसे फायदा हो रहा है? कौन बढ़ रहा है, कौन समृद्ध हो रहा है? ▪️साफ़ है कि आम भारतीय तो हैं नहीं - जो भीषण महँगाई, कर्ज़ और बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं 🚨पर समस्या कम विकास या कम GDP की नहीं है - समस्या GDP के आंकड़ों पर उठ रहे सवालों की है. समस्या एक चौपट अर्थव्यवस्था को किसी तरह शानदार पेश करने की नाकाम कोशिशें की है 🚨भारत के डेटा पर अब तक कोई विवाद नहीं हुआ है - लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं 🚨 विशेषज्ञ कहते हैं कि GDP के बेस वर्ष को 2023-24 में बदलने से विकास के आँकड़े बढ़ गए हैं, लेकिन ज़्यादातर ने इस आँकड़े की गणना पर चिंता जताई है और आरोप लगाया है कि असल ग्रोथ रेट काफी कम है 🔹 GDP ग्रोथ रेट nominal GDP ग्रोथ रेट में से महंगाई घटाकर निकाली जाती है 🔹 पहली तिमाही में nominal GDP ग्रोथ रेट 10.3% रहा और सरकार के अपने डिफ्लेटर ने महंगाई को सिर्फ़ 2.5% आँका 🔹जिसके चलते पहली तिमाही की GDP विकास दर 7.8% आई 🔹लेकिन हर भारतीय यह मानेगा कि महंगाई से मासिक बजट बिगड़ गया है. खाने-पीने से लेकर पेट्रोल, डीजल, CNG , आवागमन और शिक्षा सब कुछ तेज़ी से महँगा हुआ है 🔹इसलिए 2.5% इन्फ्लेशन ज़मीनी हकीकत से बिल्कुल अलग है - खासकर जब उसी दौरान में retail महंगाई 3.9% और थोक महंगाई 9.4% रही 🔹उस दौरान में अर्थव्यवस्था की असल महंगाई m वास्तव में 5.7% थी, जिससे GDP ग्रोथ रेट घटकर सिर्फ़ 4.4% रह जाती है 🔹दिलचस्प बात यह है कि GDP डिफ्लेटर और इफेक्टिव मतलब प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर आमतौर पर 1.2 से 1.3% के बीच रहता है 🔹लेकिन पहली तिमाही में GDP डिफ्लेटर और प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर 3.4% रहा - जो संभवतः इतिहास में पहली बार हुआ 🔹अगर यह मान कर चलिए तो GDP ग्रोथ रेट सिर्फ़ 6.3% है, जो उस 7.8% के आँकड़े से काफ़ी कम है जिसके बल पर BJP और ख़ुद मोदी बेवकूफ़ी से छाती ठोक रहे हैं ▪️अगर भारत में सच में इतनी ज़्यादा ग्रोथ हो रही होती तो: • युवाओं को नौकरियों का संकट नहीं झेलना पड़ता. 8.7 करोड़ युवा न काम कर रहे हैं, न पढ़ाई कर रहे हैं और न कोई skill सीख रहे हैं • कृषि मात्र 3.6% की दर से नहीं बढ़ रही होती • GFCF (निजी निवेश) सिर्फ़ 11.9% की दर से नहीं बढ़ रहा होता • विदेशी निवेशकों ने 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच भारतीय शेयरों में करीब ₹2.24 लाख करोड़ न बेचे होते - जो पूरे साल 2025 में लगभग ₹1.66 लाख करोड़ के हुए आउटफ्लो से भी ज़्यादा है • रुपया निरंतर गिरता नहीं, जबकि RBI ने रुपए को संभालने के लिए क़रीब 150 अरब डॉलर से ज़्यादा / लगभग 14.23 लाख करोड़ रुपये झोंक दिए • भारत का कर्ज़ बढ़कर 228 लाख करोड़ रुपये नहीं पहुँच जाता 👉👉ऊँची GDP ग्रोथ रेट के लिए सरकार को प्लान बनाना होगा, सिर्फ़ अख़बारों और टीवी छानने की हैडलाइन मैनेज करने और फ्रंट कैमरा पर वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा 👉👉और अगर सब कुछ इतना ठीक ही है - तो फिर लोगों को यहाँ वहाँ न जाने की, सोना ना ख़रीदने की, शादी ब्याह कैसे किया जाये जैसी चीज़ों की सलाह आप नहीं देते मोदी जी. क्योंकि आप भी यह जानते हैं कि इकॉनमी कुम्हलाता खस्ताहाल है - और आपके पास कोई प्लान नहीं है

7 hrs ago
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NTL
Nainital, Uttarakhand•
7 hrs ago

GDP ग्रोथ को लेकर सियायत में भी उफान आ गया है । सुबह पीएम मोदी ने वीडियो जारी किया तो शाम को कांग्रेस ने वीडियो जारी कर दिया। एक बड़ी लहर हर नाव को ऊपर उठा देती है - ग्रोथ ठीक यही काम करती है ▪️तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी निशानी शेयर बाज़ार में उछाल होता है, लोग ज़्यादा समृद्ध होते हैं, उनकी खरीदने की क्षमता बढ़ती है, नौकरियों का सृजन होता है, ज़्यादा और निवेश होता है ▪️ग्रोथ पेड़ों पर तो लटकती नहीं कि लोग उसे देख लें - विकास लोगों के रोज़मर्रा की ज़िंदगी में महसूस होता है ▪️इसलिए जब प्रधानमंत्री और BJP GDP Growth मतलब विकास का ढोल पीटते हैं, तो सवाल उठता है - किसका विकास? ▪️इस विकास का लाभ कौन उठा रहा है? इससे किसे फायदा हो रहा है? कौन बढ़ रहा है, कौन समृद्ध हो रहा है? ▪️साफ़ है कि आम भारतीय तो हैं नहीं - जो भीषण महँगाई, कर्ज़ और बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं 🚨पर समस्या कम विकास या कम GDP की नहीं है - समस्या GDP के आंकड़ों पर उठ रहे सवालों की है. समस्या एक चौपट अर्थव्यवस्था को किसी तरह शानदार पेश करने की नाकाम कोशिशें की है 🚨भारत के डेटा पर अब तक कोई विवाद नहीं हुआ है - लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं 🚨 विशेषज्ञ कहते हैं कि GDP के बेस वर्ष को 2023-24 में बदलने से विकास के आँकड़े बढ़ गए हैं, लेकिन ज़्यादातर ने इस आँकड़े की गणना पर चिंता जताई है और आरोप लगाया है कि असल ग्रोथ रेट काफी कम है 🔹 GDP ग्रोथ रेट nominal GDP ग्रोथ रेट में से महंगाई घटाकर निकाली जाती है 🔹 पहली तिमाही में nominal GDP ग्रोथ रेट 10.3% रहा और सरकार के अपने डिफ्लेटर ने महंगाई को सिर्फ़ 2.5% आँका 🔹जिसके चलते पहली तिमाही की GDP विकास दर 7.8% आई 🔹लेकिन हर भारतीय यह मानेगा कि महंगाई से मासिक बजट बिगड़ गया है. खाने-पीने से लेकर पेट्रोल, डीजल, CNG , आवागमन और शिक्षा सब कुछ तेज़ी से महँगा हुआ है 🔹इसलिए 2.5% इन्फ्लेशन ज़मीनी हकीकत से बिल्कुल अलग है - खासकर जब उसी दौरान में retail महंगाई 3.9% और थोक महंगाई 9.4% रही 🔹उस दौरान में अर्थव्यवस्था की असल महंगाई m वास्तव में 5.7% थी, जिससे GDP ग्रोथ रेट घटकर सिर्फ़ 4.4% रह जाती है 🔹दिलचस्प बात यह है कि GDP डिफ्लेटर और इफेक्टिव मतलब प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर आमतौर पर 1.2 से 1.3% के बीच रहता है 🔹लेकिन पहली तिमाही में GDP डिफ्लेटर और प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर 3.4% रहा - जो संभवतः इतिहास में पहली बार हुआ 🔹अगर यह मान कर चलिए तो GDP ग्रोथ रेट सिर्फ़ 6.3% है, जो उस 7.8% के आँकड़े से काफ़ी कम है जिसके बल पर BJP और ख़ुद मोदी बेवकूफ़ी से छाती ठोक रहे हैं ▪️अगर भारत में सच में इतनी ज़्यादा ग्रोथ हो रही होती तो: • युवाओं को नौकरियों का संकट नहीं झेलना पड़ता. 8.7 करोड़ युवा न काम कर रहे हैं, न पढ़ाई कर रहे हैं और न कोई skill सीख रहे हैं • कृषि मात्र 3.6% की दर से नहीं बढ़ रही होती • GFCF (निजी निवेश) सिर्फ़ 11.9% की दर से नहीं बढ़ रहा होता • विदेशी निवेशकों ने 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच भारतीय शेयरों में करीब ₹2.24 लाख करोड़ न बेचे होते - जो पूरे साल 2025 में लगभग ₹1.66 लाख करोड़ के हुए आउटफ्लो से भी ज़्यादा है • रुपया निरंतर गिरता नहीं, जबकि RBI ने रुपए को संभालने के लिए क़रीब 150 अरब डॉलर से ज़्यादा / लगभग 14.23 लाख करोड़ रुपये झोंक दिए • भारत का कर्ज़ बढ़कर 228 लाख करोड़ रुपये नहीं पहुँच जाता 👉👉ऊँची GDP ग्रोथ रेट के लिए सरकार को प्लान बनाना होगा, सिर्फ़ अख़बारों और टीवी छानने की हैडलाइन मैनेज करने और फ्रंट कैमरा पर वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा 👉👉और अगर सब कुछ इतना ठीक ही है - तो फिर लोगों को यहाँ वहाँ न जाने की, सोना ना ख़रीदने की, शादी ब्याह कैसे किया जाये जैसी चीज़ों की सलाह आप नहीं देते मोदी जी. क्योंकि आप भी यह जानते हैं कि इकॉनमी कुम्हलाता खस्ताहाल है - और आपके पास कोई प्लान नहीं है

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  • GDP ग्रोथ को लेकर सियायत में भी उफान आ गया है । सुबह पीएम मोदी ने वीडियो जारी किया तो शाम को कांग्रेस ने वीडियो जारी कर दिया। एक बड़ी लहर हर नाव को ऊपर उठा देती है - ग्रोथ ठीक यही काम करती है ▪️तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी निशानी शेयर बाज़ार में उछाल होता है, लोग ज़्यादा समृद्ध होते हैं, उनकी खरीदने की क्षमता बढ़ती है, नौकरियों का सृजन होता है, ज़्यादा और निवेश होता है ▪️ग्रोथ पेड़ों पर तो लटकती नहीं कि लोग उसे देख लें - विकास लोगों के रोज़मर्रा की ज़िंदगी में महसूस होता है ▪️इसलिए जब प्रधानमंत्री और BJP GDP Growth मतलब विकास का ढोल पीटते हैं, तो सवाल उठता है - किसका विकास? ▪️इस विकास का लाभ कौन उठा रहा है? इससे किसे फायदा हो रहा है? कौन बढ़ रहा है, कौन समृद्ध हो रहा है? ▪️साफ़ है कि आम भारतीय तो हैं नहीं - जो भीषण महँगाई, कर्ज़ और बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं 🚨पर समस्या कम विकास या कम GDP की नहीं है - समस्या GDP के आंकड़ों पर उठ रहे सवालों की है. समस्या एक चौपट अर्थव्यवस्था को किसी तरह शानदार पेश करने की नाकाम कोशिशें की है 🚨भारत के डेटा पर अब तक कोई विवाद नहीं हुआ है - लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं 🚨 विशेषज्ञ कहते हैं कि GDP के बेस वर्ष को 2023-24 में बदलने से विकास के आँकड़े बढ़ गए हैं, लेकिन ज़्यादातर ने इस आँकड़े की गणना पर चिंता जताई है और आरोप लगाया है कि असल ग्रोथ रेट काफी कम है 🔹 GDP ग्रोथ रेट nominal GDP ग्रोथ रेट में से महंगाई घटाकर निकाली जाती है 🔹 पहली तिमाही में nominal GDP ग्रोथ रेट 10.3% रहा और सरकार के अपने डिफ्लेटर ने महंगाई को सिर्फ़ 2.5% आँका 🔹जिसके चलते पहली तिमाही की GDP विकास दर 7.8% आई 🔹लेकिन हर भारतीय यह मानेगा कि महंगाई से मासिक बजट बिगड़ गया है. खाने-पीने से लेकर पेट्रोल, डीजल, CNG , आवागमन और शिक्षा सब कुछ तेज़ी से महँगा हुआ है 🔹इसलिए 2.5% इन्फ्लेशन ज़मीनी हकीकत से बिल्कुल अलग है - खासकर जब उसी दौरान में retail महंगाई 3.9% और थोक महंगाई 9.4% रही 🔹उस दौरान में अर्थव्यवस्था की असल महंगाई m वास्तव में 5.7% थी, जिससे GDP ग्रोथ रेट घटकर सिर्फ़ 4.4% रह जाती है 🔹दिलचस्प बात यह है कि GDP डिफ्लेटर और इफेक्टिव मतलब प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर आमतौर पर 1.2 से 1.3% के बीच रहता है 🔹लेकिन पहली तिमाही में GDP डिफ्लेटर और प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर 3.4% रहा - जो संभवतः इतिहास में पहली बार हुआ 🔹अगर यह मान कर चलिए तो GDP ग्रोथ रेट सिर्फ़ 6.3% है, जो उस 7.8% के आँकड़े से काफ़ी कम है जिसके बल पर BJP और ख़ुद मोदी बेवकूफ़ी से छाती ठोक रहे हैं ▪️अगर भारत में सच में इतनी ज़्यादा ग्रोथ हो रही होती तो: • युवाओं को नौकरियों का संकट नहीं झेलना पड़ता. 8.7 करोड़ युवा न काम कर रहे हैं, न पढ़ाई कर रहे हैं और न कोई skill सीख रहे हैं • कृषि मात्र 3.6% की दर से नहीं बढ़ रही होती • GFCF (निजी निवेश) सिर्फ़ 11.9% की दर से नहीं बढ़ रहा होता • विदेशी निवेशकों ने 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच भारतीय शेयरों में करीब ₹2.24 लाख करोड़ न बेचे होते - जो पूरे साल 2025 में लगभग ₹1.66 लाख करोड़ के हुए आउटफ्लो से भी ज़्यादा है • रुपया निरंतर गिरता नहीं, जबकि RBI ने रुपए को संभालने के लिए क़रीब 150 अरब डॉलर से ज़्यादा / लगभग 14.23 लाख करोड़ रुपये झोंक दिए • भारत का कर्ज़ बढ़कर 228 लाख करोड़ रुपये नहीं पहुँच जाता 👉👉ऊँची GDP ग्रोथ रेट के लिए सरकार को प्लान बनाना होगा, सिर्फ़ अख़बारों और टीवी छानने की हैडलाइन मैनेज करने और फ्रंट कैमरा पर वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा 👉👉और अगर सब कुछ इतना ठीक ही है - तो फिर लोगों को यहाँ वहाँ न जाने की, सोना ना ख़रीदने की, शादी ब्याह कैसे किया जाये जैसी चीज़ों की सलाह आप नहीं देते मोदी जी. क्योंकि आप भी यह जानते हैं कि इकॉनमी कुम्हलाता खस्ताहाल है - और आपके पास कोई प्लान नहीं है
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    GDP ग्रोथ को लेकर सियायत में भी उफान आ गया है । सुबह पीएम मोदी ने वीडियो जारी किया तो शाम को कांग्रेस ने वीडियो जारी कर दिया। 
एक बड़ी लहर हर नाव को ऊपर उठा देती है - ग्रोथ ठीक यही काम करती है
▪️तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी निशानी शेयर बाज़ार में उछाल होता है, लोग ज़्यादा समृद्ध होते हैं,  उनकी खरीदने की क्षमता बढ़ती है, नौकरियों का सृजन होता है, ज़्यादा और निवेश होता है
▪️ग्रोथ पेड़ों पर तो लटकती नहीं कि लोग उसे देख लें - विकास लोगों के रोज़मर्रा की ज़िंदगी में महसूस होता है
▪️इसलिए जब प्रधानमंत्री और BJP GDP Growth मतलब विकास का ढोल पीटते हैं, तो सवाल उठता है - किसका विकास?
▪️इस विकास का लाभ कौन उठा रहा है? इससे किसे फायदा हो रहा है? कौन बढ़ रहा है, कौन समृद्ध हो रहा है?
▪️साफ़ है कि आम भारतीय तो हैं नहीं - जो भीषण महँगाई, कर्ज़ और बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं
🚨पर समस्या कम विकास या कम GDP की नहीं है - समस्या GDP के आंकड़ों पर उठ रहे सवालों की है. समस्या एक चौपट अर्थव्यवस्था को किसी तरह शानदार पेश करने की नाकाम कोशिशें की है
🚨भारत के डेटा पर अब तक कोई विवाद नहीं हुआ है - लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं 
🚨 विशेषज्ञ कहते हैं कि GDP के बेस वर्ष को 2023-24 में बदलने से  विकास के आँकड़े बढ़ गए हैं, लेकिन ज़्यादातर ने इस आँकड़े की गणना पर चिंता जताई है और आरोप लगाया है कि असल ग्रोथ रेट काफी कम है
🔹 GDP ग्रोथ रेट nominal GDP ग्रोथ रेट में से महंगाई घटाकर निकाली जाती है
🔹 पहली तिमाही में nominal GDP ग्रोथ रेट 10.3% रहा और  सरकार के अपने डिफ्लेटर ने महंगाई को सिर्फ़ 2.5% आँका 
🔹जिसके चलते पहली तिमाही की GDP विकास दर 7.8% आई 
🔹लेकिन हर भारतीय यह मानेगा कि महंगाई से मासिक बजट बिगड़ गया है. खाने-पीने से लेकर पेट्रोल, डीजल, CNG , आवागमन और शिक्षा सब कुछ तेज़ी से महँगा हुआ है
🔹इसलिए 2.5% इन्फ्लेशन ज़मीनी हकीकत से बिल्कुल अलग है - खासकर जब उसी दौरान में retail महंगाई 3.9% और थोक महंगाई 9.4% रही
🔹उस दौरान में अर्थव्यवस्था की असल महंगाई m वास्तव में 5.7% थी, जिससे GDP ग्रोथ रेट घटकर सिर्फ़ 4.4% रह जाती है
🔹दिलचस्प बात यह है कि GDP डिफ्लेटर और इफेक्टिव मतलब प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर आमतौर पर 1.2 से 1.3% के बीच रहता है
🔹लेकिन पहली तिमाही में GDP डिफ्लेटर और प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर 3.4% रहा - जो संभवतः इतिहास में पहली बार हुआ 
🔹अगर यह मान कर चलिए तो GDP ग्रोथ रेट सिर्फ़ 6.3% है, जो उस 7.8% के आँकड़े से काफ़ी कम है जिसके बल पर BJP और ख़ुद मोदी बेवकूफ़ी से छाती ठोक रहे हैं  
▪️अगर भारत में सच में इतनी ज़्यादा ग्रोथ हो रही होती तो:
• युवाओं को नौकरियों का संकट नहीं झेलना पड़ता. 8.7 करोड़ युवा न काम कर रहे हैं, न पढ़ाई कर रहे हैं और न कोई skill सीख रहे हैं
• कृषि मात्र 3.6% की दर से नहीं बढ़ रही होती
• GFCF (निजी निवेश) सिर्फ़ 11.9% की दर से नहीं बढ़ रहा होता
• विदेशी निवेशकों ने 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच भारतीय शेयरों में करीब ₹2.24 लाख करोड़ न बेचे होते - जो पूरे साल 2025 में  लगभग ₹1.66 लाख करोड़ के हुए आउटफ्लो से भी ज़्यादा है
• रुपया निरंतर गिरता नहीं, जबकि  RBI ने रुपए को संभालने के लिए क़रीब 150 अरब डॉलर से ज़्यादा / लगभग 14.23 लाख करोड़ रुपये झोंक दिए 
• भारत का कर्ज़ बढ़कर 228 लाख करोड़ रुपये नहीं पहुँच जाता 
👉👉ऊँची GDP ग्रोथ रेट के लिए सरकार को प्लान बनाना होगा, सिर्फ़ अख़बारों और टीवी छानने की हैडलाइन मैनेज करने और फ्रंट कैमरा पर वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा
👉👉और अगर सब कुछ इतना ठीक ही है - तो फिर लोगों को यहाँ वहाँ न जाने की, सोना ना ख़रीदने की, शादी ब्याह कैसे किया जाये जैसी चीज़ों की सलाह आप नहीं देते मोदी जी. क्योंकि आप भी यह जानते हैं कि इकॉनमी कुम्हलाता खस्ताहाल है - और आपके पास कोई प्लान नहीं है
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    Nainital, Uttarakhand•
    7 hrs ago
  • शुद्धिकरण मामले में विधायक सुमित हृदयेश पहुंचे SSP कार्यालय, भारी पुलिस फोर्स तैनात
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    शुद्धिकरण मामले में विधायक सुमित हृदयेश पहुंचे SSP कार्यालय, भारी पुलिस फोर्स तैनात
    user_UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    कालाढूंगी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • हरिद्वार पुलिस का अपराध पर बड़ा प्रहार💥 - चोरी हुआ 35 लाख कीमती ट्रक 🚛 बरामद ❇️हरिद्वार पुलिस का अपराध पर बड़ा प्रहार💥 - चोरी हुआ 35 लाख कीमती ट्रक 🚛 बरामद ✳️माईनिंग चेक पोस्ट से ट्रक चोरी करने वाले दोनों शातिर 👀 पुलिस ने किए गिरफ्तार ❇️आरोपियों ने नंबर प्लेट हटा जंगल में झाड़ियों 🏞️ के बीच छिपाया था 12 टायरा ट्रक ✳️अपराधियों की चालाकी पर भारी ⛓️⛓️ पड़ी हरिद्वार पुलिस की मुस्तैदी
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    हरिद्वार पुलिस का अपराध पर बड़ा प्रहार💥 - चोरी हुआ 35 लाख कीमती ट्रक 🚛 बरामद
❇️हरिद्वार पुलिस का अपराध पर बड़ा प्रहार💥 - चोरी हुआ 35 लाख कीमती ट्रक 🚛 बरामद
✳️माईनिंग चेक पोस्ट से ट्रक चोरी करने वाले दोनों शातिर 👀 पुलिस ने किए गिरफ्तार
❇️आरोपियों ने नंबर प्लेट हटा जंगल में झाड़ियों 🏞️ के बीच छिपाया था 12 टायरा ट्रक 
✳️अपराधियों की चालाकी पर भारी ⛓️⛓️ पड़ी हरिद्वार पुलिस की मुस्तैदी
    user_ब्रेकिंग हरिद्वार
    ब्रेकिंग हरिद्वार
    भीकियासैंण, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    4 hrs ago
  • 11 केवी हाईटेंशन लाइन पर झुका यूकेलिप्टस का पेड़, हादसे का खतरा 11 केवी हाईटेंशन लाइन पर झुका यूकेलिप्टस का पेड़, हादसे का खतरा बाज़पुर। नैनीताल रोड पर लेवड़ा नदी पुल के पार भारी-भरकम यूकेलिप्टस का पेड़ 11 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन पर खतरनाक तरीके से झुका हुआ है। पेड़ के गिरने से बड़ा हादसा होने के साथ बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने पीडब्लूडी व विद्युत विभाग से तत्काल पेड़ को हटाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और कोई हादसा हुआ तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
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    11 केवी हाईटेंशन लाइन पर झुका यूकेलिप्टस का पेड़, हादसे का खतरा
11 केवी हाईटेंशन लाइन पर झुका यूकेलिप्टस का पेड़, हादसे का खतरा
बाज़पुर। नैनीताल रोड पर लेवड़ा नदी पुल के पार भारी-भरकम यूकेलिप्टस का पेड़ 11 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन पर खतरनाक तरीके से झुका हुआ है। पेड़ के गिरने से बड़ा हादसा होने के साथ बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने पीडब्लूडी व विद्युत विभाग से तत्काल पेड़ को हटाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और कोई हादसा हुआ तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
    user_LOVE SHRIVASTAV
    LOVE SHRIVASTAV
    Local News Reporter बाजपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    14 hrs ago
  • NH109k रवाईखाल के पास पहाड़ दरकने से मार्ग बाधित हो गया बागेश्वर-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग NH109k रवाईखाल के पास पहाड़ दरकने से मार्ग बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। बंद मार्ग के कारण एंबुलेंस, टैक्सी और देहरादून से आ रही बस कई घंटे से जाम में फंसी रही, सैकड़ो लोगो ने घंटो सड़क खुलने का इंतजार किया, फिलहाल मार्ग सुचारु कर दिया गया है.
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    NH109k रवाईखाल के पास पहाड़ दरकने से मार्ग बाधित हो गया
बागेश्वर-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग NH109k रवाईखाल के पास पहाड़ दरकने से मार्ग बाधित हो गया  और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। बंद मार्ग के कारण एंबुलेंस, टैक्सी और देहरादून से आ रही बस कई घंटे से जाम में फंसी रही, सैकड़ो लोगो ने घंटो सड़क खुलने का इंतजार किया, फिलहाल मार्ग सुचारु कर दिया गया है.
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    4 hrs ago
  • भारी वर्षा के दृष्टिगत प्रशासन अलर्ट, एसडीएम हल्द्वानी और तहसीलदार ने किया विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण* *भारी वर्षा के दृष्टिगत प्रशासन अलर्ट, एसडीएम हल्द्वानी और तहसीलदार ने किया विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण* लगातार हो रही भारी वर्षा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उप जिलाधिकारी हल्द्वानी मोनिका एवं तहसीलदार कुलदीप पांडे द्वारा मंगलवार को तहसील हल्द्वानी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने गौला पुल, फतेहपुर, दमुवाढूंगा, राजपुरा, कुसुमखेड़ा सहित नगर के विभिन्न जलभराव संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौला नदी के जलस्तर का जायजा लिया और नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी। इस दौरान उन्होंने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर पहुंचकर यातायात एवं आवागमन को सुचारू बनाए रखने के निर्देश भी दिए।एहतियात के तौर पर स्थानीय लोगों को जागरूक किया और अपील की कि अनावश्यक रूप से नदी-नालों के किनारे न जाएं तथा बच्चों को नदी-नालों से दूर रखें। संबंधित विभागों को जल निकासी एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जाएगा। उन्होंने जनता से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
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    भारी वर्षा के दृष्टिगत प्रशासन अलर्ट, एसडीएम हल्द्वानी और तहसीलदार ने किया विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण*
*भारी वर्षा के दृष्टिगत प्रशासन अलर्ट, एसडीएम हल्द्वानी और तहसीलदार ने किया विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण*
लगातार हो रही भारी वर्षा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उप जिलाधिकारी हल्द्वानी मोनिका एवं तहसीलदार  कुलदीप पांडे द्वारा  मंगलवार को तहसील हल्द्वानी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
अधिकारियों ने गौला पुल, फतेहपुर, दमुवाढूंगा, राजपुरा, कुसुमखेड़ा सहित नगर के विभिन्न जलभराव संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने 
गौला नदी के जलस्तर का जायजा लिया और नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी।
इस दौरान उन्होंने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर पहुंचकर यातायात एवं आवागमन को सुचारू बनाए रखने के निर्देश भी दिए।एहतियात के तौर पर स्थानीय लोगों को जागरूक किया और अपील की कि अनावश्यक रूप से नदी-नालों के किनारे न जाएं तथा बच्चों को नदी-नालों से दूर रखें।
संबंधित विभागों को जल निकासी एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जाएगा। उन्होंने जनता से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    9 hrs ago
  • उत्तराखंड व्यूरो रिपोर्ट आठ लोगों की मौत मलवा घुसने से मां बेटी की मौत
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    उत्तराखंड व्यूरो रिपोर्ट आठ लोगों की मौत मलवा घुसने से मां बेटी की मौत
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Almora, Uttarakhand•
    11 hrs ago
  • चुनरी बनी जिंदगी की डोर: चंबा में ककीरा-कमलाड़ी मार्ग पर तेज बहाव में फंसा बाइक सवार, ऐसे बची जान Reports: (Haldwani News 20) चुनरी बनी जिंदगी की डोर चंबा ककीरा कमलाडी़ मार्ग पर पानी के तेज बहाव में एक व्यक्ति बाइक सवार फस जाता है तो वहां पर रास्ते में एक गाड़ी से जा रहे लोगों ने जो कुछ बहनों ने चुनरी से बांधकर उसे व्यक्ति को बचा लिया गया,
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    चुनरी बनी जिंदगी की डोर: चंबा में
ककीरा-कमलाड़ी मार्ग पर तेज बहाव में फंसा बाइक सवार, ऐसे बची जान
Reports: (Haldwani News 20) चुनरी बनी जिंदगी की डोर चंबा ककीरा कमलाडी़ मार्ग पर पानी के तेज बहाव में एक व्यक्ति बाइक सवार फस जाता है तो वहां पर रास्ते में एक गाड़ी से जा रहे लोगों ने जो कुछ बहनों ने चुनरी से बांधकर उसे व्यक्ति को बचा लिया गया,
    user_Haldwani News 20
    Haldwani News 20
    Voice of people Haldwani, Nainital•
    16 hrs ago
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