भारी वर्षा के दृष्टिगत प्रशासन अलर्ट, एसडीएम हल्द्वानी और तहसीलदार ने किया विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण* *भारी वर्षा के दृष्टिगत प्रशासन अलर्ट, एसडीएम हल्द्वानी और तहसीलदार ने किया विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण* लगातार हो रही भारी वर्षा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उप जिलाधिकारी हल्द्वानी मोनिका एवं तहसीलदार कुलदीप पांडे द्वारा मंगलवार को तहसील हल्द्वानी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने गौला पुल, फतेहपुर, दमुवाढूंगा, राजपुरा, कुसुमखेड़ा सहित नगर के विभिन्न जलभराव संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौला नदी के जलस्तर का जायजा लिया और नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी। इस दौरान उन्होंने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर पहुंचकर यातायात एवं आवागमन को सुचारू बनाए रखने के निर्देश भी दिए।एहतियात के तौर पर स्थानीय लोगों को जागरूक किया और अपील की कि अनावश्यक रूप से नदी-नालों के किनारे न जाएं तथा बच्चों को नदी-नालों से दूर रखें। संबंधित विभागों को जल निकासी एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जाएगा। उन्होंने जनता से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
भारी वर्षा के दृष्टिगत प्रशासन अलर्ट, एसडीएम हल्द्वानी और तहसीलदार ने किया विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण* *भारी वर्षा के दृष्टिगत प्रशासन अलर्ट, एसडीएम हल्द्वानी और तहसीलदार ने किया विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण* लगातार हो रही भारी वर्षा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उप जिलाधिकारी हल्द्वानी मोनिका एवं तहसीलदार कुलदीप पांडे द्वारा मंगलवार को तहसील हल्द्वानी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने गौला पुल, फतेहपुर, दमुवाढूंगा, राजपुरा, कुसुमखेड़ा सहित नगर के विभिन्न जलभराव संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौला नदी के जलस्तर का जायजा लिया और नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी। इस दौरान उन्होंने
आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर पहुंचकर यातायात एवं आवागमन को सुचारू बनाए रखने के निर्देश भी दिए।एहतियात के तौर पर स्थानीय लोगों को जागरूक किया और अपील की कि अनावश्यक रूप से नदी-नालों के किनारे न जाएं तथा बच्चों को नदी-नालों से दूर रखें। संबंधित विभागों को जल निकासी एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जाएगा। उन्होंने जनता से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
- उत्तराखंड में बारिश का कहर: बागेश्वर में NH-109 समेत 16 सड़कें बंद, जाम में फंसी एम्बुलेंस और सैकड़ों वाहन उत्तराखंड में रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बागेश्वर जनपद के कपकोट और गरुड़ क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हो रहा है, जिससे मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 16 मोटर मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं। सड़कों पर भारी मलबा और बोल्डर आने से कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया था। चार घंटे की मशक्त के बाद सड़क खुली.1
- 📰 हल्द्वानी रोड नगला के पास सड़क हादसे में घायल हुए नंदी महाराज, गौ रक्षा दल किच्छा की टीम ने किया रेस्क्यू 📰 हल्द्वानी रोड नगला के पास सड़क हादसे में घायल हुए नंदी महाराज, गौ रक्षा दल किच्छा की टीम ने किया रेस्क्यू1
- गरुड़ तहसील दिवस में मिलीं केवल 5 शिकायतें, जल निगम से जुड़ी समस्याएं सबसे अधिक गरुड़ तहसील दिवस में मिलीं केवल 5 शिकायतें, जल निगम से जुड़ी समस्याएं सबसे अधिक1
- लखमारा गांव में दो दिनों से भूस्खलन, ग्रामीण दहशत में. कपकोट: लखमारा गांव में दो दिनों से भूस्खलन, ग्रामीण दहशत में. कपकोट के लखमारा गांव की पहाड़ी पर दो दिनों से लगातार भूस्खलन हो रहा है जिससे गांववाले दहशत में हैं। पहाड़ी से मलबा, बड़े-बड़े बोल्डर और पेड़ गिरकर लखमारा गधेरे में आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई बड़ा बोल्डर गधेरे में गिरकर पानी के बहाव को रोक दे तो वहीं तालाब बन सकता है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। बारिश होने पर पहाड़ी में दरारें पड़ने लगी हैं और कई स्थानों पर जमीन फटती दिख रही है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय किसानों ने बताया कि भूस्खलन की चपेट में आने से उनके खेत मलबे में दब गए हैं; शंकर सिंह, मोहन सिंह, जयत सिंह, अजब सिंह, उमा देवी, किशन सिंह और पौन सिंह समेत कई परिवारों की कृषि भूमि प्रभावित हुई है। ग्राम प्रधान गीता देवी ने बताया कि गैर-खेत लखमारा सड़क बनने के कारण भी भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हुई है और प्रताप राम के मकान पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल निरीक्षण और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।1
- बनबसा में शहीद स्मारक और विशाल तिरंगे का लोकार्पण, सीएम धामी ने वीरों को किया नमन। बनबसा में शहीद स्मारक और विशाल तिरंगे का लोकार्पण, सीएम धामी ने वीरों को किया नमन चम्पावत। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के सीमांत क्षेत्र बनबसा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैनिक स्मारक एवं झंडा पार्क का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने नवनिर्मित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। एसएसबी जवानों द्वारा बिगुल वादन के बीच मुख्यमंत्री सहित उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों को नमन किया। कार्यक्रम में सीमांत क्षेत्र में विशाल राष्ट्रध्वज तिरंगा भी फहराया गया। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक को देश सेवा, त्याग और बलिदान का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को हमेशा याद दिलाएगा कि देश के वीर जवान कठिन और विषम परिस्थितियों में भी राष्ट्र की रक्षा के लिए डटे रहते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थल युवाओं को देश सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा। “मैं सैनिक परिवार से आता हूं, सैनिकों से मेरा गहरा जुड़ाव” मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं एक सैनिक के पुत्र हैं, इसलिए सैनिकों के सम्मान से जुड़े इस कार्य में सहभागी बनना उनके लिए गर्व और भावुकता का विषय है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण को दी जा रही प्राथमिकता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले देश के अंतिम गांव कहे जाने वाले सीमावर्ती क्षेत्रों को अब भारत के ‘पहले क्षेत्र’ के रूप में देखा जा रहा है। उत्तराखंड को वीर सैनिकों की भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना या अर्धसैनिक बलों के माध्यम से राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान दे रहा है। वीर नारियों और वीरता पदक विजेता सम्मानित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वीर नारियों और वीरता पदक विजेताओं को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में वीर नारी सरस्वती देवी, लक्ष्मी देवी, कमला देवी, खीमा देवी, माया चन्द, सरस्वती देवी, ललिता चन्द, गीता देवी और पिंकी रैसवाल शामिल रहीं। इसके अलावा वीर माता लक्ष्मी देवी, माता स्व. नायक खीम सिंह तथा वीरता पदक विजेता सूबेदार गोपाल दत्त शर्मा (सेना मेडल) को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने वीर नारियों एवं भूतपूर्व सैनिकों से संवाद किया तथा एसएसबी जवानों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में सैनिकों का योगदान सर्वोपरि है और राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह (से.नि.), एसएसबी कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम सहित अन्य अधिकारी, सेवानिवृत्त सैनिक, वीर माताएं एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।4
- नैनीताल 1 सितंबर शाम 4 बजे का मौसम। वीडियो देखे । थोड़ा हल्की हुई बारिश। नैनीताल 1 सितंबर शाम 4 बजे का मौसम। वीडियो देखे3
- हल्द्वानी गौला नदी पर बड़ा जलस्तर #local news kichha 1 हल्द्वानी गौला नदी पर बड़ा जलस्तर #local news kichha 11
- कच्चे पुल से जनता को हो रही परेशानी बी आर ओ ने खड़े किए हाथ. बैजनाथ वैली ब्रिज: 10 सालों से अस्थायी पुल के सहारे जिंदगी, BRO बोला- 'फिलहाल नहीं बनेगा पक्का पुल' कच्चे पुल से जनता को हो रही परेशानी बी आर ओ ने खड़े किए हाथ. बैजनाथ वैली ब्रिज: 10 सालों से अस्थायी पुल के सहारे जिंदगी, BRO बोला- 'फिलहाल नहीं बनेगा पक्का पुल' बैजनाथ: बैजनाथ में बैली ब्रिज पर सफर करना अब आम जनता और वाहन चालकों के लिए हादसों को न्योता देने जैसा हो गया है। पिछले 10 वर्षों से यहाँ एक अस्थायी (टैम्परेरी) पुल बना हुआ है, जो अब स्थानीय निवासियों और यात्रियों के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। पक्के निर्माण के इंतजार में एक दशक बीत गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। सर्दियों में फिसलते वाहन, रात भर ध्वनि प्रदूषण अस्थायी पुल की लोहे की प्लेटें घिस चुकी हैं। सर्दियों के मौसम में ओस और कोहरे के कारण इन प्लेटों पर गाड़ियाँ फिसलने लगती हैं, जिससे हर समय बड़े हादसे का डर बना रहता है। इसके अलावा, जब भी कोई भारी वाहन इस पुल से गुजरता है, तो लोहे के ढांचों की टकराने की तेज आवाज़ें पूरे इलाके में गूंजती हैं। रात के समय यह ध्वनि प्रदूषण आसपास रहने वाले लोगों की नींद हराम कर रहा है। शिक्षक सुरेन्द्र वर्मा की चेतावनी: "जागो विभाग!" स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए शिक्षक सुरेन्द्र वर्मा ने लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष जताया है। उन्होंने कहा: "जागो विभाग! आखिर क्यों किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है? 10 साल का समय कम नहीं होता। जब तक कोई जान-माल का नुकसान नहीं होगा, तब तक क्या जिम्मेदार अधिकारी नींद से नहीं जागेंगे?" बीआरओ (BRO) का बयान: अभी और करना होगा इंतजार जनता की बढ़ती मांग और शिकायतों के बीच बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के रुख ने लोगों को और निराश कर दिया है। BRO के अनुसार, तकनीकी और बजटीय कारणों के चलते फिलहाल यहाँ पक्का पुल बनाने की कोई योजना नहीं है। इस बयान के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश और गहरा गया है। प्रशासनिक उपेक्षा के कारण हर दिन हजारों लोग जान जोखिम में डालकर इस पुल को पार करने को मजबूर हैं। अब देखना यह होगा कि जनआक्रोश के बाद विभाग हरकत में आता है या जनता को अभी और लंबा इंतजार करना पड़ेगा। ऐसी ही निष्पक्ष और जमीनी खबरों के लिए हमारे चैनल 'स्वर स्वतंत्र' को सब्सक्राइब करें और हमसे जुड़ें!1
- उज्जैन : के श्मशान घाट में वीभत्स वायरल वीडियो में मानव मांस खाने का दावा कर रहा है दोषियों पर कार्रवाई कि मांग #UjjainNews #UjjainViralVideo #Ujjain #MadhyaPradesh #MPNews #ViralVideo #BreakingNewsIndia #ViralNewsIndia1