कन्नौज के थाना सौरिख क्षेत्र में नादेमऊ रोड स्थित लक्ष्मी धर्म कांटा के सामने मझगवां गांव के पास मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल और साइकिल की आमने-सामने की टक्कर हुई, जिससे दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद पुलिस और एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचीं और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, निजामपुर खड़नी निवासी 22 वर्षीय सत्येंद्र पुत्र बटेश्वर दयाल अपने भाई रूपेश कुमार के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। मझगवां गांव के पास सामने से आ रहे साइकिल सवार सत्येंद्र मंडल पुत्र भोगनी मंडल, जो एक ईंट भट्टे पर मजदूरी करते हैं, से उनकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर डायल 108 एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सौरिख पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज तिर्वा रेफर कर दिया। सौरिख थाना पुलिस भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, दोनों घायलों का उपचार मेडिकल कॉलेज तिर्वा में जारी है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने नादेमऊ रोड पर वाहनों की तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी को आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं का कारण बताया है। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने और इस तरह की दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है।
कन्नौज के थाना सौरिख क्षेत्र में नादेमऊ रोड स्थित लक्ष्मी धर्म कांटा के सामने मझगवां गांव के पास मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल और साइकिल की आमने-सामने की टक्कर हुई, जिससे दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद पुलिस और एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचीं और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, निजामपुर खड़नी निवासी 22 वर्षीय सत्येंद्र पुत्र बटेश्वर दयाल अपने भाई रूपेश कुमार के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। मझगवां गांव के पास सामने से आ रहे साइकिल सवार सत्येंद्र मंडल पुत्र भोगनी मंडल, जो एक ईंट भट्टे पर मजदूरी करते हैं, से उनकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप
से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर डायल 108 एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सौरिख पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज तिर्वा रेफर कर दिया। सौरिख थाना पुलिस भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, दोनों घायलों का उपचार मेडिकल कॉलेज तिर्वा में जारी है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने नादेमऊ रोड पर वाहनों की तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी को आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं का कारण बताया है। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने और इस तरह की दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है।
- कन्नौज के थाना सौरिख क्षेत्र में नादेमऊ रोड स्थित लक्ष्मी धर्म कांटा के सामने मझगवां गांव के पास मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल और साइकिल की आमने-सामने की टक्कर हुई, जिससे दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद पुलिस और एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचीं और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, निजामपुर खड़नी निवासी 22 वर्षीय सत्येंद्र पुत्र बटेश्वर दयाल अपने भाई रूपेश कुमार के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। मझगवां गांव के पास सामने से आ रहे साइकिल सवार सत्येंद्र मंडल पुत्र भोगनी मंडल, जो एक ईंट भट्टे पर मजदूरी करते हैं, से उनकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर डायल 108 एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सौरिख पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज तिर्वा रेफर कर दिया। सौरिख थाना पुलिस भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, दोनों घायलों का उपचार मेडिकल कॉलेज तिर्वा में जारी है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने नादेमऊ रोड पर वाहनों की तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी को आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं का कारण बताया है। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने और इस तरह की दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है।2
- फर्रुखाबाद में एक घूरे पर ट्रैक्टर-ट्राली का पहिया चढ़ने को लेकर हुए विवाद में एक ही परिवार के छह से अधिक लोग घायल हो गए। ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में कई लोग चोटिल हुए हैं।1
- फर्रुखाबाद जिला प्रशासन ने आगामी मानसून और संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन तैयारियों को परखने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों की एक मेगा मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया। प्रशासन ने गंगा और रामगंगा नदी के किनारे बसे गांवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 52 बाढ़ चौकियां और 24 बाढ़ शरणालय स्थापित करने की योजना बनाई है। जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने बताया कि जिले में 77 अतिसंवेदनशील और 112 संवेदनशील गांवों की पहचान कर उन पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 15 जून के बाद सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया जाएगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 15 से 25 जून के बीच मानसून के फर्रुखाबाद पहुंचने की संभावना है। फर्रुखाबाद जिले में लगभग 68 किलोमीटर लंबा गंगा तटीय क्षेत्र है, जिसके कारण हर वर्ष 300 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। कई क्षेत्रों में बाढ़ के साथ-साथ कटान की समस्या भी गंभीर रूप ले लेती है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, सदर तहसील के 37, कायमगंज के 113 और अमृतपुर के 172 गांव बाढ़ प्रभावित श्रेणी में आते हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए सदर तहसील में 5, कायमगंज में 6 और अमृतपुर में 13 बाढ़ शरणालय बनाए जाएंगे, वहीं सदर में 4, कायमगंज में 15 और अमृतपुर में 33 बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिले में कुल 191 नावों और उनके नाविकों की तैनाती की जाएगी, जिनमें सदर तहसील की 30, कायमगंज की 54 और अमृतपुर की 107 नावें शामिल हैं। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सदर क्षेत्र में 5, कायमगंज में 28 और अमृतपुर में 20 गोताखोरों को भी तैनात किया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य बाढ़ के दौरान जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखना है, जिसके लिए सभी विभागों को समय रहते पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन मानसून से पहले ही अलर्ट मोड में आ गया है।1
- फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में एक पति पर अपनी पत्नी को तलाक का भय दिखाकर देवर से हलाला कराने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने पति सहित उसके दो भाइयों के खिलाफ मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। शहर के एक मोहल्ले की निवासी महिला का निकाह 3 मई 2015 को मऊदरवाजा के बीबीगंज निवासी एक युवक से हुआ था। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें एक पुत्री और तीन पुत्र शामिल हैं। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि शादी के शुरुआती दिनों से ही पति उस पर दबाव बनाता था कि वह उसके भाई के साथ भी पत्नी की तरह रहे। महिला के विरोध करने पर आरोपी पति ने उसे तीन तलाक का डर दिखाया और अपने देवर के साथ हलाला करने के लिए मजबूर किया। पीड़िता के अनुसार, 10 मई को पति और उसके दो देवरों ने मिलकर महिला की पिटाई की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद 23 मई को पति ने अपने वकील के माध्यम से महिला को तीन तलाक का नोटिस भी भिजवाया। महिला ने पुलिस को दी तहरीर में यह भी आरोप लगाया है कि उसका पति बच्चों के साथ भी मारपीट और क्रूरता करता है। उसने अपने बच्चों को वापस दिलाने की मांग की है। फतेहगढ़ कोतवाली के प्रभारी तेज सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।4
- फर्रुखाबाद में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में भेदभाव बरते जाने का आरोप सामने आया है।1
- फर्रुखाबाद में पति समेत तीन लोगों पर तीन तलाक और हलाला का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगा है। इस आरोप के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।1
- फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के सलेमपुर दूदेमऊ गांव में एक महिला को सांप ने काट लिया। इस घटना के बाद, जब महिला को डॉक्टर के पास ले जाया गया, तो डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।1
- कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुंवरपुर बनवारी में कई महीनों से नालियों की सफाई न होने के कारण वे पूरी तरह चोक हो गई हैं। इस गंभीर समस्या के चलते कई स्थानीय लोगों के घरों में गंदा पानी भर गया है। जलभराव और गंदगी के कारण क्षेत्र में मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी पैदा हो गई है।1