बालोतरा जिले के सिणधरी क्षेत्र के युवा नेतृत्वकर्ता हनुमान चौधरी का चयन दिल्ली यूथ पार्लियामेंट 2026 के लिए हुआ है। नई दिल्ली में 1 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में देश भर से चयनित युवा भाग लेंगे और लोकतंत्र, नेतृत्व व राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। हनुमान चौधरी इससे पहले भी जयपुर में आयोजित यूथ पार्लियामेंट में बालोतरा जिले का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। छात्रहित, सामाजिक सरोकारों और युवा नेतृत्व के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हनुमान चौधरी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी बात रखने का यह अवसर सिणधरी क्षेत्र और बालोतरा जिले के लिए गौरव का विषय है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की उनकी यह सफलता दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी ने विश्वास जताया है कि वे दिल्ली यूथ पार्लियामेंट में बालोतरा जिला सहित सिणधरी क्षेत्र की आवाज़ को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करेंगे।
बालोतरा जिले के सिणधरी क्षेत्र के युवा नेतृत्वकर्ता हनुमान चौधरी का चयन दिल्ली यूथ पार्लियामेंट 2026 के लिए हुआ है। नई दिल्ली में 1 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में देश भर से चयनित युवा भाग लेंगे और लोकतंत्र, नेतृत्व व राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। हनुमान चौधरी इससे पहले भी जयपुर में आयोजित यूथ पार्लियामेंट में बालोतरा जिले का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। छात्रहित, सामाजिक सरोकारों और युवा नेतृत्व के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हनुमान चौधरी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी बात
रखने का यह अवसर सिणधरी क्षेत्र और बालोतरा जिले के लिए गौरव का विषय है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की उनकी यह सफलता दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी ने विश्वास जताया है कि वे दिल्ली यूथ पार्लियामेंट में बालोतरा जिला सहित सिणधरी क्षेत्र की आवाज़ को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करेंगे।
- जालौर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कार्यकर्ताओं ने सरकार से इन मांगों पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से बेहद कम मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन लगातार मिल रहे आश्वासनों के बावजूद अब तक उनकी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। ज्ञापन के जरिए कार्यकर्ताओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग पर लगातार उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच कई दौर की बातचीत होने के बावजूद आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। अपनी मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने सरकार को आंदोलन की चेतावनी देते हुए 1 जुलाई से 7 जुलाई तक कार्य बहिष्कार और 8 जुलाई से आम हड़ताल पर जाने का ऐलान किया था। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि मांगों का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसके चलते होने वाली किसी भी तरह की अव्यवस्था के लिए पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों के भवनों का किराया, बिजली बिल, मासिक वेतन, ग्रेच्युटी, वेतन वृद्धि, नियमितीकरण, पेंशन, न्यूनतम मजदूरी और न्यायालय के आदेशानुसार लाभ देने सहित विभिन्न मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग उठाई गई है। जालौर-आहोर परियोजना की अध्यक्ष जसोदा मीणा के हस्ताक्षर युक्त इस ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर सभी मांगों का शीघ्र निपटारा करने की पुरजोर अपील की है।1
- जोधपुर के मंडोर गार्डन स्थित काला गोरा भेरूजी मंदिर में पूजा के अधिकार को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। तनावपूर्ण माहौल के चलते पुलिस को आखिरकार मंदिर पर ताला लगाना पड़ गया है। यह वही पावन मंदिर है जहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं, बच्चों के मुंडन संस्कार करवाए जाते हैं और नवविवाहित जोड़े अपने दांपत्य जीवन की शुरुआत के लिए भगवान का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। ऐसे पवित्र स्थल पर हुए इस विवाद ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि भगवान के दरबार में भक्ति होनी चाहिए या फिर लड़ाई?1
- राजस्थान के एक खेत में जब खुदाई की गई, तो वहां का नजारा देखकर पुलिस के होश उड़ गए। इस खेत में जमीन के नीचे देश का सबसे बड़ा खेल चल रहा था।1
- बाड़मेर जिले के शिव क्षेत्र के सीताराम की ढाणी में गौ माता के पीने के लिए पानी उपलब्ध नहीं है। पानी की इस गंभीर समस्या को लेकर किसान नेता पृथ्वीराज सिंह भियाड़ का गुस्सा फूट पड़ा और वे सीधे जलदाय विभाग के अधिकारियों से भिड़ गए।1
- बालोतरा के धोरीमना क्षेत्र स्थित गेनाणियों का तला राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रिंसिपल देवाराम चौधरी समेत तीन वरिष्ठ शिक्षकों का एक साथ तबादला किए जाने पर भारी हंगामा खड़ा हो गया। अपने पसंदीदा शिक्षकों के जाने की बात सुनकर स्कूल की छात्राएं फूट-फूटकर रोने लगीं, जिसकी तस्वीरें हर किसी को भावुक कर रही हैं। वहीं, इस फैसले से गुस्साए अभिभावक तबादले को रद्द करने की मांग को लेकर स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गए। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में 300 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं और एक साथ चार शिक्षकों के तबादले से बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी। हंगामे की सूचना मिलने पर शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और अभिभावकों व विद्यार्थियों से लंबी बातचीत की। उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद आखिरकार तीन शिक्षकों को डेपुटेशन पर इसी स्कूल में लगाने का फैसला लिया गया, जिसके बाद अभिभावकों ने स्कूल का गेट खोला। फिलहाल विभाग ने तीन शिक्षकों को डेपुटेशन पर भेजकर स्थिति संभाल ली है, लेकिन तबादला रद्द करने की मांग अभी भी बनी हुई है।1
- राजस्थान के अलवर में एक पेट्रोल पंप पर सिर्फ 898 रुपये के पेट्रोल के लिए सेल्समैन पर गोली चला दी गई। यहाँ एक बाइक सवार युवक ने पहले पेट्रोल भरवाया और फिर पैसे मांगने पर अपनी जेब से कट्टा निकालकर सेल्समैन पर फायर कर दिया। गोली सेल्समैन के कंधे को छूते हुए निकल गई, जिससे उसकी जान बाल-बाल बच गई। घायल सेल्समैन को पहले जिला अस्पताल और फिर जयपुर रेफर किया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी से नाकाबंदी कर महज एक घंटे के भीतर उसे गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है।1