जतारा अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ा वार्ड नंबर 5, शिवा साहू की पहल से पहुंची बिजली अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ा वार्ड नंबर 5, शिवा साहू की पहल से पहुंची बिजली जतारा। लंबे समय से बिजली सुविधा का इंतजार कर रहे नगर के वार्ड नंबर 5 के रहवासियों के लिए आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। वार्ड में बिजली व्यवस्था नहीं होने से लोगों को अंधेरे और परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। रहवासियों की समस्या को देखते हुए वार्ड नंबर 15 के पार्षद प्रतिनिधि शिवा साहू ने पहल करते हुए वार्ड नंबर 5 में बिजली लाइन विस्तार का कार्य कराया। इसके तहत करीब 20 बिजली खंभे लगाकर लाइन खींची गई तथा 25 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया। इस पूरे कार्य पर करीब 5 लाख 68 हजार रुपये की लागत आई है। बिजली व्यवस्था शुरू होने के बाद वार्ड के रहवासियों के घरों और गलियों में रोशनी पहुंची, जिससे लोगों में खुशी का माहौल है। रहवासियों ने बिजली सुविधा मिलने पर शिवा साहू सहित सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। लोगों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। इस अवसर पर वार्ड नंबर 5 के पार्षद नंदकिशोर कुशवाहा, वार्ड नंबर 6 के पार्षद प्रतिनिधि देवेंद्र अहिरवार, समाजसेवी दुलीचंद महाजन, नगर उपाध्यक्ष गजेंद्र रैकवार, नारायण रैकवार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। रिपोर्टर — महेंद्र कुमार दुबे बॉबी, जतारा
जतारा अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ा वार्ड नंबर 5, शिवा साहू की पहल से पहुंची बिजली अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ा वार्ड नंबर 5, शिवा साहू की पहल से पहुंची बिजली जतारा। लंबे समय से बिजली सुविधा का इंतजार कर रहे नगर के वार्ड नंबर 5 के रहवासियों के लिए आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। वार्ड में बिजली व्यवस्था नहीं होने से लोगों को अंधेरे और परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। रहवासियों की समस्या को देखते हुए वार्ड नंबर 15 के पार्षद प्रतिनिधि शिवा साहू ने पहल करते हुए वार्ड नंबर 5 में बिजली लाइन विस्तार का कार्य कराया। इसके तहत करीब 20 बिजली खंभे लगाकर लाइन खींची गई तथा 25 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया। इस पूरे कार्य पर करीब 5 लाख 68 हजार रुपये की लागत आई है। बिजली व्यवस्था शुरू होने के बाद वार्ड के रहवासियों के घरों और गलियों में रोशनी पहुंची, जिससे लोगों में खुशी का माहौल है। रहवासियों ने बिजली सुविधा मिलने पर शिवा साहू सहित सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। लोगों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। इस अवसर पर वार्ड नंबर 5 के पार्षद नंदकिशोर कुशवाहा, वार्ड नंबर 6 के पार्षद प्रतिनिधि देवेंद्र अहिरवार, समाजसेवी दुलीचंद महाजन, नगर उपाध्यक्ष गजेंद्र रैकवार, नारायण रैकवार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। रिपोर्टर — महेंद्र कुमार दुबे बॉबी, जतारा
- जतारा अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ा वार्ड नंबर 5, शिवा साहू की पहल से पहुंची बिजली अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ा वार्ड नंबर 5, शिवा साहू की पहल से पहुंची बिजली जतारा। लंबे समय से बिजली सुविधा का इंतजार कर रहे नगर के वार्ड नंबर 5 के रहवासियों के लिए आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। वार्ड में बिजली व्यवस्था नहीं होने से लोगों को अंधेरे और परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। रहवासियों की समस्या को देखते हुए वार्ड नंबर 15 के पार्षद प्रतिनिधि शिवा साहू ने पहल करते हुए वार्ड नंबर 5 में बिजली लाइन विस्तार का कार्य कराया। इसके तहत करीब 20 बिजली खंभे लगाकर लाइन खींची गई तथा 25 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया। इस पूरे कार्य पर करीब 5 लाख 68 हजार रुपये की लागत आई है। बिजली व्यवस्था शुरू होने के बाद वार्ड के रहवासियों के घरों और गलियों में रोशनी पहुंची, जिससे लोगों में खुशी का माहौल है। रहवासियों ने बिजली सुविधा मिलने पर शिवा साहू सहित सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। लोगों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। इस अवसर पर वार्ड नंबर 5 के पार्षद नंदकिशोर कुशवाहा, वार्ड नंबर 6 के पार्षद प्रतिनिधि देवेंद्र अहिरवार, समाजसेवी दुलीचंद महाजन, नगर उपाध्यक्ष गजेंद्र रैकवार, नारायण रैकवार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। रिपोर्टर — महेंद्र कुमार दुबे बॉबी, जतारा1
- पलेरा के सहायक कनिष्ठ अभियंता लक्ष्मण कुशवाहा बने कनिष्ठ अभियंता *पलेरा (टीकमगढ़)।विद्युत विभाग पलेरा में पदस्थ सहायक कनिष्ठ अभियंता (सहायक कनिष्ठ यंत्री) लक्ष्मण कुशवाहा जी को पदोन्नत होकर कनिष्ठ अभियंता (कनिष्ठ यंत्री) बनाए जाने पर विद्युत विभाग के कर्मचारियों एवं _विद्युत विभाग की हेल्परो_ टीम द्वारा फूल-माला पहनाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई। इस अवसर पर कर्मचारियों ने उनके उज्जवल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विभाग और अधिक बेहतर कार्य करेगा। पलेरा के सहायक कनिष्ठ अभियंता लक्ष्मण कुशवाहा बने कनिष्ठ अभियंता *पलेरा (टीकमगढ़)।विद्युत विभाग पलेरा में पदस्थ सहायक कनिष्ठ अभियंता (सहायक कनिष्ठ यंत्री) लक्ष्मण कुशवाहा जी को पदोन्नत होकर कनिष्ठ अभियंता (कनिष्ठ यंत्री) बनाए जाने पर विद्युत विभाग के कर्मचारियों एवं _विद्युत विभाग की हेल्परो_ टीम द्वारा फूल-माला पहनाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई। इस अवसर पर कर्मचारियों ने उनके उज्जवल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विभाग और अधिक बेहतर कार्य करेगा।4
- नवागत जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ पहली बार पहुंचे पलेरा, कर्मचारियों की ली समीक्षा बैठक नवागत जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ पहली बार पहुंचे पलेरा, कर्मचारियों की ली समीक्षा बैठक पलेरा। नवागत जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ मंगलवार को पहली बार जनपद पंचायत कार्यालय पलेरा पहुंचे। यहां उन्होंने कर्मचारियों के साथ बैठक कर आगामी शासकीय कार्यक्रमों और विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री जन आशीर्वाद कैंप सहित शासन स्तर से 17 सितंबर से शुरू होने वाले अभियान की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में तहसीलदार पलक जैन, नगर परिषद सीएमओ शिवी उपाध्याय, जनपद पंचायत सीईओ अरविंद बोरकर सहित एपीओ, उपयंत्री एवं अन्य -कर्मचारी मौजूद रहे। जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी कार्यक्रमों की तैयारियां पर जोर दिया और विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाए। बैठक के बाद जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ ने क्षेत्र के ग्राम दांतगोरा और बराना पहुंचकर अमृत सरोवर तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तालाब की स्थिति और कराए गए कार्यों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- सीएम के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, रोजगार सुरक्षा समेत कई मांगें उठाईं युवा सर्वेयरों ने सौंपा ज्ञापन, एक सप्ताह में मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल1
- शोशल मीडिया पर वीडियो हुआ बॉयरल बॉयरल बीडीओ टीकमगढ़ जिले के थाना पलेरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत ददगांय का बताया जा रहा है जहां पर अवैध शराब को बेचने का वीडियो हुआ बॉयरल1
- देरी,कमलपुरा रोड पर युवक पर नकाबपोश बदमाशों का हमला जिम के लिए जाता था युवक देरी,कमलपुरा रोड पर युवक पर नकाबपोश बदमाशों का हमला! टीकमगढ़। पलेरा से जिम करके घर लौट रहे निखिल सोनी उर्फ़ निक्की के साथ कमलपुरा रोड पर 5–6 नकाबपोश बदमाशों ने डंडों से मारपीट कर दी। घटना देरी चौकी अंतर्गत बताई जा रही है। मारपीट में निखिल सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए। पलेरा जनपद के ब्लॉक अध्यक्ष अतुल खटीक ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया गया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल, पुलिस जाँच कर कार्रवाई का इंतजार।1
- #भूख मिटाने के लिये दर-दर विचरण करती #गौमाता लगता है अपनी व्यथा सुनाने #कलेक्ट्रेट पहुंची साहब #हमारा #स्थान हमें दिया जाये - #गौचरभूमि #भूख मिटाने के लिये दर-दर विचरण करती #गौमाता लगता है अपनी व्यथा सुनाने #टीकमगढ कलेक्ट्रेट पहुंची साहब #हमारा #स्थान हमें दिया जाये - #गौचरभूमि1
- टीकमगढ़ के चंद्रपुरा गांव से शुरू हुई भूमिगत जल निकासी व्यवस्था को जिला प्रशासन ने मॉडल के तौर पर दूसरे गांवों में भी लागू किया। टीकमगढ़ टीकमगढ़ की ग्राम पंचायतों का कमाल, ग्रे वॉटर प्रबंधन में राष्ट्रीय पुरस्कार गंदे पानी से मुक्ति का टीकमगढ़ मॉडल, देश में मिला पहला स्थान एंकर: कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की मुहिम को मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान टीकमगढ़ की ग्राम पंचायतों के प्रयासों को अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। गांवों की गलियों में बहते गंदे पानी, कीचड़ और जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए किए गए अभिनव प्रयोग को आईएससी-फिक्की स्वच्छता पुरस्कार में ग्रे वॉटर प्रबंधन श्रेणी में राष्ट्रीय विजेता चुना गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ नवीत कुमार धुर्वे और जिला समन्वयक मनीष जैन ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। खास बात ये है कि जिस प्रयोग की शुरुआत एक गांव से हुई थी, वो महज दो साल में 225 गांवों तक पहुंच गया। टीकमगढ़ के चंद्रपुरा गांव से शुरू हुई भूमिगत जल निकासी व्यवस्था को जिला प्रशासन ने मॉडल के तौर पर दूसरे गांवों में भी लागू किया। इस व्यवस्था में घरों से निकलने वाले स्नान, कपड़े धोने और रसोई के पानी को खुले में बहने से रोकने के लिए घरों के बाहर सिल्ट चैम्बर बनाए जाते हैं। इन चैम्बरों को करीब 8 इंच के पाइप से जोड़ा जाता है और पानी को भूमिगत पाइपलाइन के जरिए गांव के अंतिम छोर तक पहुंचाया जाता है। जहां सोख्ता गड्ढे के जरिए पानी का निस्तारण किया जाता है। यानी जिस गंदे पानी की वजह से कभी गांव की गलियां कीचड़ से सराबोर रहती थीं, उसी समस्या का समाधान अब जमीन के नीचे पाइपलाइन बिछाकर किया जा रहा है। इसका असर गांवों की तस्वीर पर भी दिखाई दे रहा है। गलियों में गंदा पानी कम हुआ... कीचड़ और जलभराव से राहत मिली... और ग्रामीणों का आवागमन भी आसान हुआ। ग्रामीण इस बदलाव को कुछ यूं बयां कर रहे हैं— हमारे गांव की गलियां अब आंगन में बदल गई हैं। इस पूरे मॉडल में जिला प्रशासन की योजना, तकनीकी मार्गदर्शन और ग्राम पंचायतों की भागीदारी के साथ उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग किया गया। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने इस उपलब्धि को ग्राम पंचायतों के संकल्प, विश्वास और प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि चंद्रपुरा से शुरू हुई यह पहल अब 225 गांवों तक पहुंच चुकी है और इसका उद्देश्य सिर्फ भूमिगत पाइपलाइन बिछाना नहीं, बल्कि गांवों की जीवन गुणवत्ता और ग्रामीण परिवेश को बदलना है। एक गांव से शुरू हुआ प्रयोग... 225 गांवों तक पहुंचा... और अब राष्ट्रीय पुरस्कार तक। टीकमगढ़ का ये मॉडल बताता है कि अगर स्थानीय समस्या का स्थानीय समाधान, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी एक साथ आए... तो गांव की तस्वीर बदली जा सकती है।1