डूंगरपुर जिले के चिखली उपखंड क्षेत्र के दरियाटी गांव में सोमवार को अच्छी बारिश की कामना को लेकर वर्षों पुरानी लोक परंपरा और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। मानसून की बेरुखी और खेतों में सूखती फसलों के बीच ग्रामीणों ने पारंपरिक मान्यता के अनुसार 'झाड़' निकाली। इस अनोखे आयोजन के तहत गांव की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा छोड़कर पुरुषों का रूप धारण किया। वे अपने हाथों में तलवार, लाठियां और धारियां लेकर पूरे गांव में पारंपरिक गीत गाते हुए भ्रमण पर निकलीं और अच्छी वर्षा के लिए प्रार्थना की। गांव की गलियों में भ्रमण करने के बाद सभी महिलाएं स्थानीय माताजी मंदिर पहुंचीं। वहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और क्षेत्र में अच्छी बारिश, किसानों की खुशहाली व गांव की समृद्धि के लिए मन्नत मांगी, जिसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है कि जब लंबे समय तक सूखा पड़ता है, तब प्रकृति को रिझाने के लिए इस तरह का धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किया जाता है। वर्तमान में क्षेत्र में अपेक्षित बारिश न होने से खरीफ की फसलें प्रभावित हो रही हैं, जिससे किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
डूंगरपुर जिले के चिखली उपखंड क्षेत्र के दरियाटी गांव में सोमवार को अच्छी बारिश की कामना को लेकर वर्षों पुरानी लोक परंपरा और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। मानसून की बेरुखी और खेतों में सूखती फसलों के बीच ग्रामीणों ने पारंपरिक मान्यता के अनुसार 'झाड़' निकाली। इस अनोखे आयोजन के तहत गांव की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा छोड़कर पुरुषों का रूप धारण
किया। वे अपने हाथों में तलवार, लाठियां और धारियां लेकर पूरे गांव में पारंपरिक गीत गाते हुए भ्रमण पर निकलीं और अच्छी वर्षा के लिए प्रार्थना की। गांव की गलियों में भ्रमण करने के बाद सभी महिलाएं स्थानीय माताजी मंदिर पहुंचीं। वहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और क्षेत्र में अच्छी बारिश, किसानों की खुशहाली व गांव की समृद्धि के लिए मन्नत मांगी, जिसके बाद
श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है कि जब लंबे समय तक सूखा पड़ता है, तब प्रकृति को रिझाने के लिए इस तरह का धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किया जाता है। वर्तमान में क्षेत्र में अपेक्षित बारिश न होने से खरीफ की फसलें प्रभावित हो रही हैं, जिससे किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
- डूंगरपुर के सुंदरपुर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) निशा परमार ने आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों की उपस्थिति, साफ-सफाई और शिक्षण कार्यों का गहन जायजा लिया। कक्षा 1 से 12 तक की शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन करते हुए उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर देने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चे अपने भविष्य की उम्मीद लेकर विद्यालय आते हैं और उनके माता-पिता का विश्वास शिक्षकों पर है, इसलिए हर शिक्षक का दायित्व है कि वह पूरी निष्ठा से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करे। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के साथ प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने पर भी बल दिया। निरीक्षण के दौरान कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन करने वाली छात्रा श्वेता कुंवर और विद्यालय की सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी मोनिका पटेल को अभिनंदन पत्र व स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। सीबीईओ परमार ने दोनों छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी सफलता को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत जैन ने विद्यालय में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय में विद्यार्थियों के जन्मदिवस का लाइव प्रदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों से नियमित अभ्यास, विद्यालय की स्वयं की विवरणिका का प्रकाशन और परिसर में राज्य वृक्ष खेजड़ी व राज्य पुष्प रोहिड़ा लगाकर पर्यावरण जागरूकता जैसे अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम का संचालन उपप्रधानाचार्य विजय जोशी ने किया। इस मौके पर महेंद्र बरंडा, थावरचंद रोत, स्वाती जैन, मीनाक्षी कटारा, शीला मीणा, हरलाल सिंह जाट, लता पारगी, गौतमलाल पटेल, रमेशचंद्र डामोर, मीता जोधा, किरण पाटीदार, शर्मिष्ठा सहित समस्त स्टाफ और करीब 423 विद्यार्थी उपस्थित रहे।1
- डूंगरपुर के सीमलवाड़ा क्षेत्र स्थित ब्राइट डे स्कूल धंबोला में विद्यार्थियों को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से दूर रखने और नशामुक्त समाज का संदेश देने के लिए एक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। ‘ट्रांसफॉर्मिंग ट्यूजडे’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सीमलवाड़ा जेएम कोर्ट के जज अनिल चावला मुख्य वक्ता रहे, जिन्होंने बच्चों को नशे के दुष्परिणाम बताते हुए इससे दूर रहने की अपील की। सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों को ‘नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां कहो’ का संदेश दिया गया। जज अनिल चावला ने कहा कि युवावस्था में बच्चों को नशे जैसी बुरी प्रवृत्तियों से बचाने के लिए समय रहते सही मार्गदर्शन जरूरी है, क्योंकि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके मानसिक विकास, शिक्षा, परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने तथा जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उनकी संगति व व्यवहार पर ध्यान दें, क्योंकि बच्चों को नशे से दूर रखना केवल स्कूल की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इस दौरान स्कूल के निदेशक कीर्ति पंड्या सहित स्टाफ ने जज अनिल चावला का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन अध्यक्ष अभिषेक उपाध्याय, तालुका सचिव रमन लाल डामोर, पंकज पाटीदार, कोर्ट मुंशी कमलाशंकर, पीएलवी सुरेश कुमार प्रजापत, रमेश रोत, हरीश और संस्थाप्रधान नरेंद्र सिंह चौहान भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रेमचिला लप्पा ने किया।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा और चौरासी विधानसभा क्षेत्र के धंबोला, करावाड़ा, चिखली, गैजी, पाड़ली, झोथरी, सादड़िया, पीठ सहित पूरे इलाके में बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात बन गए हैं। सावन के महीने में भी खेत सूने और वीरान पड़े हैं और खेतों की मिट्टी सूखी व फटी हुई दिखाई दे रही है। शुरुआती दौर में एक-दो अच्छी बारिश होने पर किसानों ने मक्का और सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई तो कर दी थी, लेकिन उसके बाद से बारिश पूरी तरह थम गई है। लगातार सूखे मौसम के कारण 19-20 जुलाई तक भी खेतों में बीज अंकुरित नहीं हो पाए हैं और मिट्टी में ही खराब होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है, क्योंकि जल्द बारिश न होने पर उन्हें दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है, जिससे लागत कई गुना बढ़ जाएगी। पहले से ही महंगे बीज और खाद की मार झेल रहे किसानों के लिए यह स्थिति बड़ा आर्थिक संकट खड़ी कर रही है। वहीं दूसरी ओर, बारिश न होने से उमस और तेज गर्मी ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। अब किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं कि सावन के बचे हुए दिनों में बारिश हो और खेतों में फिर से हरियाली लौटे।1
- डूंगरपुर जिला पुलिस ने 'ऑपरेशन म्युल हंटर' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए देशव्यापी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठगी गिरोह के मुख्य सरगना घनश्याम कलाल को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी दुबई में रहकर भारत के विभिन्न राज्यों में 160 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी के नेटवर्क को चला रहा था। पुलिस अधीक्षक डूंगरपुर मनीष कुमार के निर्देशन में गठित टीम इस शातिर अपराधी पर नजर रखे हुए थी। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि 33 वर्षीय आरोपी घनश्याम कलाल (निवासी सीमलवाड़ा, थाना धंबोला) दुबई से बैंकॉक, नेपाल और भूटान के रास्ते भारत में प्रवेश कर चुका है, उसकी निगरानी बढ़ा दी गई और 20 जुलाई 2026 को उदयपुर के बलीचा के पास घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया। यह गिरोह मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब परिवारों और कॉलेज के विद्यार्थियों को अपना निशाना बनाता था। आरोपी और उसके साथी इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंकों में करीब 450 से अधिक फर्जी (म्युल) खाते खुलवाते थे। खाता खुलने के बाद बैंक किट, डायरी, पासबुक, चेकबुक, एटीएम/डेबिट कार्ड, सिम और नेट बैंकिंग की आईडी-पासवर्ड आरोपी खुद रख लेते थे। इन खातों का उपयोग दुबई, जॉर्जिया और कुवैत में बैठे साइबर ठग टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए क्रिप्टो करेंसी, शेयर मार्केट, ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टेबाजी के नाम पर ठगी के लिए करते थे। ठगी की रकम आने पर बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से पैसे निकालकर आपस में कमीशन बांट लिया जाता था। इस रैकेट के शिकार धंबोला थाना क्षेत्र के लालशंकर रोत ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने फ्री पैन कार्ड और खाते का झांसा देकर उनका बैंक किट व सिम ले लिया, जिससे 81,69,707 रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया। इस घटना में विक्रम, महावीर सिंह, घनश्याम कलाल और बैंककर्मी कौशल प्रजापत शामिल थे। इसी तरह, सागवाड़ा थाना क्षेत्र के अशोक कुमार डांगी के खाते का गलत इस्तेमाल कर 11,88,760 रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया, जिसमें आरोपी इलेश पटेल उर्फ निलेश कलाल शामिल था। पुलिस इस पूरे मामले में बैंक कर्मी कौशल प्रजापत और इलेश पटेल सहित 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, और मुख्य सरगना घनश्याम कलाल की गिरफ्तारी से इस बड़े गिरोह पर करारी चोट पहुंची है।1
- बांसवाड़ा के बाद अब डूंगरपुर जिले में भी शौर्य फाउंडेशन की ओर से युवाओं को नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है। सरकारी स्कूलों में नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये ठग लिए गए। ठगी के शिकार हुए इन अभ्यर्थियों को बाद में न तो कोई मानदेय दिया गया और न ही उनकी राशि वापस लौटाई गई। इस ठगी से परेशान पीड़ित युवाओं ने मंगलवार सुबह 11 बजे जिला कलक्टर से मुलाकात कर शौर्य फाउंडेशन के फाउंडर और उसके एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही अपनी मांगों को लेकर पीड़ित युवाओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन भी किया।1
- आसपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रामगढ़ में सोमवार शाम हुई पहली हल्की बारिश ने स्थानीय सफाई व्यवस्था और पानी निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी है। एक निजी स्कूल के सामने मुख्य सड़क पर भारी जलभराव होने के कारण ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी खराब हो गई कि सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया, जिसके चलते स्कूल की छुट्टी होने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें बसों के माध्यम से रवाना किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थोड़ी सी बारिश में भी इस स्थान पर जलभराव की स्थिति बन जाती है और इस मामले में प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। नियमित सफाई व्यवस्था न होने से नाराज ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। पूर्व पंचायत समिति सदस्य भूरालाल पाटीदार ने बताया कि यह सड़क डूंगरपुर, मसाना और आसपुर ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से बनी हुई इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। ग्राम विकास अधिकारी के अनुसार, स्कूल के सामने पहले एक अस्थाई नाला हुआ करता था, लेकिन वह जमीन खातेदारी की होने के कारण उसे बंद कर दिया गया। बाद में वहां प्लॉट विकसित हो जाने से गांव और ग्राम पंचायत के बारिश का पानी निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, जिस वजह से अब सारा पानी स्कूल के सामने आकर जमा हो जाता है। ग्रामीणों की इस शिकायत के बाद जिला कलेक्टर को मामले से अवगत कराया गया, जिसके बाद जिला परिषद के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों का मानना है कि इस क्षेत्र को ऊंचा उठाकर निर्माण कार्य कराया जाना आवश्यक है और इसके लिए इस मार्ग को एक्शन प्लान में शामिल कर लिया गया है ताकि भविष्य में इसका स्थायी समाधान हो सके। रामगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी धनराज मीणा ने बताया कि फिलहाल सरपंच को मौके पर भेजकर स्कूल के पास से अस्थाई रूप से जल निकासी की व्यवस्था की गई है, जिससे जमा पानी को हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए वित्तीय स्वीकृति मिलते ही आवश्यक निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।2
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा उपखंड के रतनपुरा गांव में एक छह वर्षीय बच्ची की संदिग्ध चांदीपुरा वायरस संक्रमण से मौत के बाद स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। संक्रमण की रोकथाम के लिए सोमवार को गांव में व्यापक स्वास्थ्य सर्वे, स्कूल स्वास्थ्य शिविर, और मवेशी घरों में स्प्रे व फॉगिंग अभियान चलाया गया। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राजकीय विद्यालय रतनपुरा में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया, जिसमें डॉ. रजत भंडारी ने 17 बालिकाओं और 13 बालकों सहित कुल 30 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। राहत की बात यह रही कि किसी भी बच्चे में इस वायरस या अन्य किसी गंभीर बीमारी के लक्षण नहीं मिले। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में घर-घर जाकर बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं और आवश्यकतानुसार दवाइयां दे रही हैं। दूसरी ओर, पशुपालन विभाग की टीम ने भी संभावित प्रसार को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत गांव के 55 घरों में 82 भैंसों, 34 गाय व बैलों और 62 बकरियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मवेशी बाड़ों और पशुशालाओं में मक्खियों व अन्य कीटों की संख्या कम करने के लिए स्प्रे एवं फॉगिंग कराई गई, क्योंकि विशेषज्ञों के अनुसार यह वायरस पशुशालाओं और नमी वाले स्थानों में मिलने वाली सैंड फ्लाई (रेतीली मक्खी) से फैलता है। उल्लेखनीय है कि 15 जुलाई को रतनपुरा गांव की छह वर्षीय बच्ची की इस संदिग्ध वायरस से मौत हुई थी, जिसके बाद से प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से मवेशी बाड़ों और घर के आसपास साफ-सफाई रखने, बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाने और तेज बुखार, उल्टी, बेहोशी या दौरे जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है।4
- डूंगरपुर के सदर थाना क्षेत्र के स्टोडा गांव में खेत में पानी पिलाने के दौरान जहरीले सांप के डसने से 68 वर्षीय बुजुर्ग देवीलाल सेगा पारंगी की मौत हो गई। मृतक तीन बच्चों के पिता थे। घटना के समय देवीलाल अपने खेत में बाजरे की फसल में ट्यूबवेल से पानी दे रहे थे, तभी एक जहरीले जानवर ने उनके हाथ पर काट लिया। पिता द्वारा घटना की जानकारी देने पर उनके बेटे मुकेश और अरविंद तुरंत उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे और भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया है और जांच शुरू कर दी है। मृतक के बेटे मुकेश ने पुलिस को रिपोर्ट दी है कि उनके पिता की मौत कृषि कार्य के दौरान जहरीले जानवर के काटने से हुई है और उन्हें इस मौत पर कोई शक नहीं है। सदर थाने के एएसआई रमेश चंद मामले की जांच में जुटे हैं।4