राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा उपखंड के रतनपुरा गांव में एक छह वर्षीय बच्ची की संदिग्ध चांदीपुरा वायरस संक्रमण से मौत के बाद स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। संक्रमण की रोकथाम के लिए सोमवार को गांव में व्यापक स्वास्थ्य सर्वे, स्कूल स्वास्थ्य शिविर, और मवेशी घरों में स्प्रे व फॉगिंग अभियान चलाया गया। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राजकीय विद्यालय रतनपुरा में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया, जिसमें डॉ. रजत भंडारी ने 17 बालिकाओं और 13 बालकों सहित कुल 30 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। राहत की बात यह रही कि किसी भी बच्चे में इस वायरस या अन्य किसी गंभीर बीमारी के लक्षण नहीं मिले। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में घर-घर जाकर बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं और आवश्यकतानुसार दवाइयां दे रही हैं। दूसरी ओर, पशुपालन विभाग की टीम ने भी संभावित प्रसार को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत गांव के 55 घरों में 82 भैंसों, 34 गाय व बैलों और 62 बकरियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मवेशी बाड़ों और पशुशालाओं में मक्खियों व अन्य कीटों की संख्या कम करने के लिए स्प्रे एवं फॉगिंग कराई गई, क्योंकि विशेषज्ञों के अनुसार यह वायरस पशुशालाओं और नमी वाले स्थानों में मिलने वाली सैंड फ्लाई (रेतीली मक्खी) से फैलता है। उल्लेखनीय है कि 15 जुलाई को रतनपुरा गांव की छह वर्षीय बच्ची की इस संदिग्ध वायरस से मौत हुई थी, जिसके बाद से प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से मवेशी बाड़ों और घर के आसपास साफ-सफाई रखने, बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाने और तेज बुखार, उल्टी, बेहोशी या दौरे जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है।
राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा उपखंड के रतनपुरा गांव में एक छह वर्षीय बच्ची की संदिग्ध चांदीपुरा वायरस संक्रमण से मौत के बाद स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। संक्रमण की रोकथाम के लिए सोमवार को गांव में व्यापक स्वास्थ्य सर्वे, स्कूल स्वास्थ्य शिविर, और मवेशी घरों में स्प्रे व फॉगिंग अभियान चलाया गया। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राजकीय विद्यालय रतनपुरा में
विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया, जिसमें डॉ. रजत भंडारी ने 17 बालिकाओं और 13 बालकों सहित कुल 30 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। राहत की बात यह रही कि किसी भी बच्चे में इस वायरस या अन्य किसी गंभीर बीमारी के लक्षण नहीं मिले। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में घर-घर जाकर बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं और आवश्यकतानुसार दवाइयां दे रही हैं। दूसरी ओर,
पशुपालन विभाग की टीम ने भी संभावित प्रसार को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत गांव के 55 घरों में 82 भैंसों, 34 गाय व बैलों और 62 बकरियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मवेशी बाड़ों और पशुशालाओं में मक्खियों व अन्य कीटों की संख्या कम करने के लिए स्प्रे एवं फॉगिंग कराई गई, क्योंकि विशेषज्ञों के अनुसार यह वायरस पशुशालाओं और नमी वाले स्थानों में मिलने वाली सैंड फ्लाई (रेतीली
मक्खी) से फैलता है। उल्लेखनीय है कि 15 जुलाई को रतनपुरा गांव की छह वर्षीय बच्ची की इस संदिग्ध वायरस से मौत हुई थी, जिसके बाद से प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से मवेशी बाड़ों और घर के आसपास साफ-सफाई रखने, बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाने और तेज बुखार, उल्टी, बेहोशी या दौरे जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है।
- डूंगरपुर BAP के बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत दिल्ली में बारिश के बीच बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए हैं। सांसद रोत NEET पेपर लीक प्रकरण और छात्रों की आत्महत्याओं को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में वहां पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ मौजूद साथी भी हाथों में "NEET है या CHEAT है?" लिखे पोस्टर लेकर बैठे नजर आए। धरने के दौरान बारिश होने के कारण उनके साथियों ने भीगने से बचने के लिए प्लास्टिक और छाते का सहारा लिया। धरने के दौरान सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद कल से ही संसद परिसर में छात्रों के दर्द को लेकर धरने पर बैठे हैं और उनके समर्थन में आज वे लोग भी यहां बैठे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद में एनडीए (NDA) के अलावा जो भी पार्टी युवाओं के हित की बात करेगी, BAP उनके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने देश के संविधान को अपनी ताकत बताते हुए कहा कि इसी के बल पर वे छात्रों की लड़ाई लड़ेंगे।1
- डूंगरपुर के सुंदरपुर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) निशा परमार ने आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों की उपस्थिति, साफ-सफाई और शिक्षण कार्यों का गहन जायजा लिया। कक्षा 1 से 12 तक की शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन करते हुए उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर देने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चे अपने भविष्य की उम्मीद लेकर विद्यालय आते हैं और उनके माता-पिता का विश्वास शिक्षकों पर है, इसलिए हर शिक्षक का दायित्व है कि वह पूरी निष्ठा से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करे। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के साथ प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने पर भी बल दिया। निरीक्षण के दौरान कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन करने वाली छात्रा श्वेता कुंवर और विद्यालय की सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी मोनिका पटेल को अभिनंदन पत्र व स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। सीबीईओ परमार ने दोनों छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी सफलता को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत जैन ने विद्यालय में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय में विद्यार्थियों के जन्मदिवस का लाइव प्रदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों से नियमित अभ्यास, विद्यालय की स्वयं की विवरणिका का प्रकाशन और परिसर में राज्य वृक्ष खेजड़ी व राज्य पुष्प रोहिड़ा लगाकर पर्यावरण जागरूकता जैसे अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम का संचालन उपप्रधानाचार्य विजय जोशी ने किया। इस मौके पर महेंद्र बरंडा, थावरचंद रोत, स्वाती जैन, मीनाक्षी कटारा, शीला मीणा, हरलाल सिंह जाट, लता पारगी, गौतमलाल पटेल, रमेशचंद्र डामोर, मीता जोधा, किरण पाटीदार, शर्मिष्ठा सहित समस्त स्टाफ और करीब 423 विद्यार्थी उपस्थित रहे।1
- डूंगरपुर के सीमलवाड़ा क्षेत्र स्थित ब्राइट डे स्कूल धंबोला में विद्यार्थियों को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से दूर रखने और नशामुक्त समाज का संदेश देने के लिए एक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। ‘ट्रांसफॉर्मिंग ट्यूजडे’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सीमलवाड़ा जेएम कोर्ट के जज अनिल चावला मुख्य वक्ता रहे, जिन्होंने बच्चों को नशे के दुष्परिणाम बताते हुए इससे दूर रहने की अपील की। सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों को ‘नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां कहो’ का संदेश दिया गया। जज अनिल चावला ने कहा कि युवावस्था में बच्चों को नशे जैसी बुरी प्रवृत्तियों से बचाने के लिए समय रहते सही मार्गदर्शन जरूरी है, क्योंकि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके मानसिक विकास, शिक्षा, परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने तथा जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उनकी संगति व व्यवहार पर ध्यान दें, क्योंकि बच्चों को नशे से दूर रखना केवल स्कूल की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इस दौरान स्कूल के निदेशक कीर्ति पंड्या सहित स्टाफ ने जज अनिल चावला का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन अध्यक्ष अभिषेक उपाध्याय, तालुका सचिव रमन लाल डामोर, पंकज पाटीदार, कोर्ट मुंशी कमलाशंकर, पीएलवी सुरेश कुमार प्रजापत, रमेश रोत, हरीश और संस्थाप्रधान नरेंद्र सिंह चौहान भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रेमचिला लप्पा ने किया।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा और चौरासी विधानसभा क्षेत्र के धंबोला, करावाड़ा, चिखली, गैजी, पाड़ली, झोथरी, सादड़िया, पीठ सहित पूरे इलाके में बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात बन गए हैं। सावन के महीने में भी खेत सूने और वीरान पड़े हैं और खेतों की मिट्टी सूखी व फटी हुई दिखाई दे रही है। शुरुआती दौर में एक-दो अच्छी बारिश होने पर किसानों ने मक्का और सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई तो कर दी थी, लेकिन उसके बाद से बारिश पूरी तरह थम गई है। लगातार सूखे मौसम के कारण 19-20 जुलाई तक भी खेतों में बीज अंकुरित नहीं हो पाए हैं और मिट्टी में ही खराब होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है, क्योंकि जल्द बारिश न होने पर उन्हें दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है, जिससे लागत कई गुना बढ़ जाएगी। पहले से ही महंगे बीज और खाद की मार झेल रहे किसानों के लिए यह स्थिति बड़ा आर्थिक संकट खड़ी कर रही है। वहीं दूसरी ओर, बारिश न होने से उमस और तेज गर्मी ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। अब किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं कि सावन के बचे हुए दिनों में बारिश हो और खेतों में फिर से हरियाली लौटे।1
- दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद संसद परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भी संसद परिसर पहुंचे और धरने में शामिल हुए। इस दौरान डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत ने छात्रों पर बल के दुरुपयोग को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपने हक और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे युवाओं की आवाज को लाठियों के जोर पर नहीं दबाया जा सकता। सांसद राजकुमार रोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त किया जाए और छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।1
- डूंगरपुर के पुनाली हनुमान जी मंदिर में आज सर्व समाज के लोगों के द्वारा 'वृंदावन' किया गया। इस दौरान सभी लोगों ने मिलकर अच्छी बारिश की कामना की और प्रार्थना की कि सभी भक्तों की मनोकामना पूर्ण हो।1
- डूंगरपुर में जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग ने जिलाध्यक्ष सुखदेव यादव के नेतृत्व में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का जन्मदिन मंगलवार को केक काटकर बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया। इस कार्यक्रम का आयोजन पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा के हाउसिंग बोर्ड स्थित निवास पर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेस नेताओं ने मल्लिकार्जुन खड़गे के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल नेतृत्व की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी संविधान, सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत है। खड़गे का सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, संगठन के प्रति समर्पण और आमजन के हितों के लिए किया गया संघर्ष सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत है। इस बधाई कार्यक्रम में पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रियकांत पंड्या, संगठन महासचिव नारायण पंड्या, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बंशीलाल साद, कोषाध्यक्ष दशरथ ननोमा और पूर्व लोकपाल व जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष सुखदेव यादव उपस्थित रहे। इनके साथ ही चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष गोविंद पटेल, शिक्षा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष गोवर्धन यादव, ओबीसी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राकेश लबाना, सेवादल जिलाध्यक्ष उर्मिला अहारी, केवीएस डायरेक्टर हरीश डिंडोर, मोहनलाल यादव, उपाध्यक्ष लक्ष्मण यादव, महासचिव मानशंकर यादव, चिकित्सा प्रकोष्ठ संगठन महासचिव राकेश अहारी, भगवती प्रसाद पंड्या, एनएसयूआई विधानसभा अध्यक्ष रितेश भगोरा, रवि लोहार, सुरेन्द्र सिंह, चिराग पंड्या, जयेश पाटीदार, दिनेश यादव और संदीप टेलर सहित अनेक कांग्रेसजन मौजूद रहे।1
- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी डूंगरपुर के तत्वावधान में मंगलवार शाम जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोघरा ने कहा कि नीट पेपर लीक देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ हुआ एक गंभीर खिलवाड़ है और केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने युवाओं का विश्वास फिर से स्थापित करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से तत्काल नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने पर जोर दिया। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने लगातार हो रहे परीक्षा घोटालों को सरकार की नाकामी का प्रमाण बताया, वहीं पूर्व राज्यमंत्री डॉ. शंकर यादव ने शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार से मुक्त करने की आवश्यकता जताई। इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष प्रियकांत पंड्या, संगठन महासचिव नारायण पंड्या, विधायक प्रत्याशी कैलाश रोत, उपाध्यक्ष बंशीलाल साद, पूर्व लोकपाल एवं प्रवक्ता सुखदेव यादव, जिला परिषद सदस्य गुलशन मनात, कोषाध्यक्ष दशरथ ननोमा, सचिव मुस्तक मलिक, सेवादल जिलाध्यक्ष उर्मिला अहारी, चिकित्सा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष डॉ. गोविन्द पटेल (सबका हॉस्पिटल), राकेश अहारी, प्रवीण गमेती, हरीश डिंडोर, जयेश जोशी, संजय जोशी, श्यामलाल गर्ग, रितेश भगोरा और सुरेश फूमतीयां सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष व समयबद्ध जांच कराकर दोषियों को कड़ी सजा देने और देश के युवाओं के हित में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी व विश्वसनीय बनाने की मांग की।4