भरथापुर गांव में दिनदहाड़े जंगली हाथी की घुसपैठ की कोशिश, ग्रामीणों ने शोर मचाकर खदेड़ा ASTv24 digital शाहिद लखाही *भरथापुर (रिपोर्ट):* भरथापुर गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक जंगली Asian elephant दिनदहाड़े गांव में घुसने की कोशिश करने लगा। जंगल से निकल कर हाथी गांव के किनारे पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण इकट्ठा हो गए और शोर-शराबा करते हुए हाथी को गांव में घुसने से रोकने लगे। लोगों के शोर और हलचल से घबराकर हाथी वापस जंगल की ओर लौट गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के जंगलों से जंगली जानवरों का आना लगातार बढ़ रहा है, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों की वन विभाग से अपील है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो सके।
भरथापुर गांव में दिनदहाड़े जंगली हाथी की घुसपैठ की कोशिश, ग्रामीणों ने शोर मचाकर खदेड़ा ASTv24 digital शाहिद लखाही *भरथापुर (रिपोर्ट):* भरथापुर गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक जंगली Asian elephant दिनदहाड़े गांव में घुसने की कोशिश करने लगा। जंगल से निकल कर हाथी गांव के किनारे पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण इकट्ठा हो गए और शोर-शराबा करते हुए हाथी को गांव में घुसने से रोकने लगे। लोगों के शोर और हलचल से घबराकर हाथी वापस जंगल की ओर लौट गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के जंगलों से जंगली जानवरों का आना लगातार बढ़ रहा है, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों की वन विभाग से अपील है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो सके।
- उत्तरप्रदेश- लखीमपुर खीरी के गोला में चैती मेला चल रहा था समद वहां नशे की हालत में पहुंचा और महिलाओं से छेड़छाड़ की सुरक्षा में लगी महिला बाउंसरों ने समद की जमकर पिटाई की और कपड़े भी फाड़ दिये इस कांड के बाद मेला बंद कर दिया गया, वीडियो दो दिन का पहले है1
- लखीमपुर खीरी भाजपा के पास नहीं है नारी शक्ति विरोध प्रदर्शन में स्कूली बच्चों को किया शामिल1
- पलिया। स्मार्ट मीटर व्यवस्था से नाराज़ उपभोक्ताओं का गुस्सा आखिरकार मंगलवार को फूट पड़ा। मोहल्ला अहिरान सहित नगर के कई मोहल्लों की महिलाओं ने विद्युत उपकेन्द्र पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और एसडीओ व जेई का घेराव कर लिया। इस दौरान “स्मार्ट मीटर हटाओ, पुराने मीटर लगाओ” और “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय और गरमा गई जब एक्सईएन निशान्त जोती के कार्यालय में न मिलने पर उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ गया। आरोप है कि एक्सईएन कार्यालय छोड़कर चले गए, जबकि उपभोक्ता लगातार फोन से संपर्क करने की कोशिश करते रहे, लेकिन बात नहीं हो सकी। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप था कि स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिल अनियंत्रित रूप से बढ़ रहे हैं। उनका कहना था कि हर सप्ताह तीन से चार हजार रुपये जमा करने के बावजूद बिजली आपूर्ति कुछ दिनों बाद ही बंद कर दी जाती है। ऐसे में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के सामने परिवारों के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि जब तक स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर नहीं लगाए जाएंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बिजली विभाग पर उपभोक्ताओं का “शोषण” करने का आरोप लगाते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। वहीं, इस मामले में एसडीओ दीपक सिंह ने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों और मांगों से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।1
- ASTv24 digital शाहिद लखाही धौरहरा/ढखेरवा/निघासन (लखीमपुर खीरी): क्षेत्र में इन दिनों डीजल-पेट्रोल का संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। धौरहरा, ढखेरवा, निघासन समेत कई इलाकों के पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि कई पंपों पर ‘नो स्टॉक’ की स्थिति बन गई है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। पंपों पर भारी भीड़ के चलते कई जगहों पर हंगामे की स्थिति बन रही है। टैंकर पहुंचते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है और कुछ ही घंटों में पूरा स्टॉक खत्म हो जाता है। हालात को संभालने के लिए पुलिस तक को मौके पर तैनात करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, लोग प्लास्टिक केन और डिब्बों में ईंधन भरवाकर ले जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों के लिए संकट और गहरा गया है। कुछ मामलों में ईंधन की कालाबाजारी और भंडारण की आशंका भी जताई जा रही है। स्थिति को देखते हुए कई पेट्रोल पंपों पर 100 से 500 रुपये तक की लिमिट तय कर दी गई है, लेकिन इसके बावजूद भीड़ कम नहीं हो रही। लोग टंकी फुल कराने की होड़ में लगे हैं, जिससे आपूर्ति और तेजी से खत्म हो रही है। डीजल की कमी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। ट्रैक्टर और सिंचाई के पंप बंद पड़े हैं, जिससे फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। जोताई और सिंचाई कार्य प्रभावित होने से किसानों में भारी चिंता और नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन जमीनी स्तर पर पंपों पर खाली टंकियां और लंबी कतारें इस दावे पर सवाल खड़े कर रही हैं। स्थानीय लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ रही समस्या को लेकर आम लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो हालात और बिगड़ सकते हैं। क्षेत्र में डीजल-पेट्रोल संकट अब सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि बड़ा जनसंकट बनता जा रहा है। किसानों की फसलें, आम जनजीवन और परिवहन व्यवस्था सभी प्रभावित हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए जरूरी है कि आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त कर कालाबाजारी और बाहरी खपत पर सख्ती से रोक लगाए, ताकि हालात सामान्य हो सकें।1
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- लखीमपुर खीरी ब्लॉक नाका पोस्ट मोहल्ला गांव भनवापुर एक महीना से टंकी नहीं चलते हैं जी सर से कहो तो कहते हैं टंकी चलाना बंद है1
- महिला का आरोप है कि जब मैं मेरे पति से मिलने जेल परिसर में जाती तो रूटीन प्रक्रिया के दौरान मेरा नाम और नम्बर रजिस्टर में एंट्री होते थे तो वहां से मेरे नंबर लेकर सब इंस्पेक्टर ने मेसेज किए और कॉल किए उसके बाद लगातार मेरे ऊपर दबाव बनाया कि मेरे से बात करो और संबंध रखो फिर लगातार वीडियो कॉल पर मेरे सामने नग्न होकर अश्लील हरकते करते रहे पति की रिहाई के बाद महिला ने पति से सब इंस्पेक्टर के वीडियो कॉल का रिकॉर्ड कर सबूत बनाए है नोट- वीडियो का अश्लील पार्ट कट/ब्लर करके वीडियो प्रेषित है1
- क्रियेटिविटी-👌😊 मुरादाबाद-पीतल नगरी में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज से निकले धातु कचरे से 7 अजूबा पार्क बनाया है। पार्क में विश्व के 7 अजूबों के साथ देश की धरोहरों को भी शामिल किया गया है।1
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