मेरठ में दलित समाज के लोगों के साथ हुई कथित घटना की भाकियू एकता शक्ति ने कड़े शब्दों में निंदा की है। 8 जुलाई 2026 को दलित समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर मेरठ स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। संगठन के अनुसार, इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। भाकियू एकता शक्ति ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, इसलिए दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो भाकियू एकता शक्ति 14 जुलाई 2026 को मेरठ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय का घेराव करेगी। भाकियू एकता शक्ति ने स्पष्ट किया है कि वे दलित समाज के सम्मान, न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव उनके साथ खड़े रहेंगे।
मेरठ में दलित समाज के लोगों के साथ हुई कथित घटना की भाकियू एकता शक्ति ने कड़े शब्दों में निंदा की है। 8 जुलाई 2026 को दलित समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर मेरठ स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। संगठन के अनुसार, इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। भाकियू एकता शक्ति ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, इसलिए दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो भाकियू एकता शक्ति 14 जुलाई 2026 को मेरठ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय का घेराव करेगी। भाकियू एकता शक्ति ने स्पष्ट किया है कि वे दलित समाज के सम्मान, न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव उनके साथ खड़े रहेंगे।
- आजाद समाज पार्टी काशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ मेरठ टोल प्लाजा का दौरा किया। यह कदम ललिता गौतम हत्याकांड के बाद सामने आया है। मौके पर पहुंचकर चंद्रशेखर आजाद ने अधिकारियों को जमकर लताड़ा और टोल प्लाजा पर कल हुए लाठीचार्ज की घटना पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।1
- मेरठ के मवाना क्षेत्र में यदि किसी को वॉल पेंट, टेक्सचर, स्टेंसिल कलर, पॉलिश या पीओपी का काम करवाना है, तो वे सीधे संपर्क कर सकते हैं। इच्छुक व्यक्ति इस कार्य के लिए 8218948625 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।2
- अमरोहा जनपद की हसनपुर थाना पुलिस ने शुक्रवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अपराधियों को जिला बदर घोषित कर दिया है। पुलिस ने गांव दयावली खालसा में डुगडुगी पीटकर ग्रामीणों को इस आदेश की सूचना दी। जिन व्यक्तियों को जनपद की सीमा से बाहर किया गया है, उनके नाम अनीश, विक्रम और धर्मवीर हैं, जो रामप्रसाद के पुत्र हैं। इन तीनों अपराधियों को छह महीने की अवधि के लिए अमरोहा जिले की सीमा से निष्कासित कर दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिला बदर की इस अवधि के दौरान ये अपराधी जिले की सीमा में पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि ये लोग क्षेत्र में कहीं भी दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।2
- हापुड़ जनपद में पुलिस ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल शुरू की है। इस अभियान के माध्यम से पुलिस आमजन को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और हरित भारत के निर्माण में अपना योगदान देने की अपील कर रही है। पुलिस की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। स्थानीय स्तर पर पुलिस के इस कदम को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।1
- अमरोहा के हसनपुर में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए दयावली खालसा गांव में मुनादी करवाई है। पुलिस ने गांव में डुगडुगी पिटवाकर सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि अनीश, विक्रम और धर्मवीर नाम के तीन बदमाशों को छह महीने के लिए जिले की सीमा से बाहर कर दिया गया है। प्रशासन ने पूरे गांव को इन बदमाशों के जिलाबदर होने की जानकारी दी है। साथ ही, ग्रामीणों को सचेत किया गया है कि यदि ये तीनों आरोपी गांव में दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।1
- मेरठ में दलित समाज के लोगों के साथ हुई कथित घटना की भाकियू एकता शक्ति ने कड़े शब्दों में निंदा की है। 8 जुलाई 2026 को दलित समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर मेरठ स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। संगठन के अनुसार, इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। भाकियू एकता शक्ति ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, इसलिए दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो भाकियू एकता शक्ति 14 जुलाई 2026 को मेरठ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय का घेराव करेगी। भाकियू एकता शक्ति ने स्पष्ट किया है कि वे दलित समाज के सम्मान, न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव उनके साथ खड़े रहेंगे।1
- कानपुर में कचहरी के पास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक अधिवक्ता और दो पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई और मारपीट होती दिख रही है। वीडियो में पुलिसकर्मी अपनी वर्दी में नजर आ रहे हैं, जबकि अधिवक्ता भी अपने निर्धारित ड्रेस कोड में दिखाई दे रहे हैं। वायरल फुटेज के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, मारपीट में शामिल दोनों पुलिसकर्मियों में से एक कानपुर कोतवाली का आरक्षी है, जबकि दूसरा पुलिसकर्मी 112 सेवा में कार्यरत है। सूत्रों का दावा है कि इस दौरान एक पुलिसकर्मी शराब के नशे में था। खाकी और काले कोट के बीच हुई इस झड़प का वीडियो कानपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- हरियाणा के रोहतक से एक बेहद दर्दनाक और परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ शराब के नशे में धुत एक पिता पर अपनी 4 वर्षीय बेटी को सड़क पर पटकने और उसके साथ मारपीट करने का आरोप है। यह घटना उस समय हुई जब बच्ची की मां पड़ोस में आयोजित एक जन्मदिन समारोह में गई हुई थी। इस पूरी घटना के फुटेज पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए हैं, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस क्रूरता के कारण बच्ची के कंधे में फ्रैक्चर आया है। फिलहाल बच्ची की जान सुरक्षित है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपी पिता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1