चलती ट्रेन में समोसे बेचने वाले एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने रेलवे में खाने-पीने की चीजों की स्वच्छता और अनधिकृत वेंडरों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को ट्रेन के दरवाजे के पास फर्श पर बैठे फोन पर बात करते हुए देखा जा सकता है, जिसके पैरों के नीचे समोसे रखे हुए हैं। ये समोसे कथित तौर पर यात्रियों को बेचने के लिए थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कई यूजर्स ने इसे 'बेहद अस्वच्छ' करार देते हुए रेलवे में बिकने वाले खाने की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसे यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया जा रहा है। मामले ने तूल पकड़ा तो रेलवे ने इसकी जांच कराई और एक आधिकारिक बयान जारी किया। रेलवे के अनुसार, 20 मई से 22 मई 2026 के बीच ट्रेन नंबर 12809-10 में की गई जांच में प्रथम दृष्टया ऐसा कोई अधिकृत स्टाफ तैनात नहीं पाया गया, जैसा कि वीडियो में दिख रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति रेलवे का अधिकृत कर्मचारी नहीं था। रेलवे ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई शुरू करने की भी बात कही है। एक्शन टेकन रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित लाइसेंस वालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ट्रेनों में किसी भी अनधिकृत फेरीवाले या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को दें। इस घटना ने एक बार फिर ट्रेनों में अवैध रूप से सामान बेचने वाले फेरीवालों की समस्या को उजागर कर दिया है, जिसकी शिकायत यात्री लंबे समय से करते रहे हैं कि बिना अनुमति वाले वेंडर स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करते। वायरल वीडियो के बाद अब ट्रेनों में खाद्य सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और यात्रियों की सेहत को लेकर सख्त नियम लागू करने की मांग तेज हो गई है।
चलती ट्रेन में समोसे बेचने वाले एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने रेलवे में खाने-पीने की चीजों की स्वच्छता और अनधिकृत वेंडरों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को ट्रेन के दरवाजे के पास फर्श पर बैठे फोन पर बात करते हुए देखा जा सकता है, जिसके पैरों के नीचे समोसे रखे हुए हैं। ये समोसे कथित तौर पर यात्रियों को बेचने के लिए थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कई यूजर्स ने इसे 'बेहद अस्वच्छ' करार देते हुए रेलवे में बिकने वाले खाने की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसे यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया जा रहा है। मामले ने तूल पकड़ा तो रेलवे ने इसकी जांच कराई और एक आधिकारिक बयान जारी किया। रेलवे के अनुसार, 20 मई से 22 मई 2026 के बीच ट्रेन नंबर 12809-10 में की गई जांच में प्रथम दृष्टया ऐसा कोई अधिकृत स्टाफ तैनात नहीं पाया गया, जैसा कि वीडियो में दिख रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति रेलवे का अधिकृत कर्मचारी नहीं था। रेलवे ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई शुरू करने की भी बात कही है। एक्शन टेकन रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित लाइसेंस वालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ट्रेनों में किसी भी अनधिकृत फेरीवाले या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को दें। इस घटना ने एक बार फिर ट्रेनों में अवैध रूप से सामान बेचने वाले फेरीवालों की समस्या को उजागर कर दिया है, जिसकी शिकायत यात्री लंबे समय से करते रहे हैं कि बिना अनुमति वाले वेंडर स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करते। वायरल वीडियो के बाद अब ट्रेनों में खाद्य सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और यात्रियों की सेहत को लेकर सख्त नियम लागू करने की मांग तेज हो गई है।
- Rajesh Singhखड़गपुर, खड़गपुर, मुंगेर, बिहारRailway ka her staff bharast ho gaya hai,bina ticket jao or tte ya p.car wala ko kuch paisa deker apne jaghe pahunc jao.1 hr ago
- Puran dandotiyaPorsa, Morenaवैसे भी तेरा आका वोल गया कि वाहर यात्रा न करें, सोना नहीं खरीदें ................1 hr ago
- Puran dandotiyaPorsa, Morenaजिस ट्रेन में तूं सफ़र कर रही है, ट्रेन में सफर करने वालों को तूं ने नहीं देखा, लैट्रिंग में बैठे हैं, अपने आका से बोल, सफ़र करना लोगों का संवैधानिक अधिकार है। इस पर तूने एक शब्द भी नहीं कहा,क्यूए।1 hr ago
- Puran dandotiyaPorsa, Morenaवैसे आप WHO से तो हो नहीं सकती, जिससे आप को बीमारी की इंडेक्स का पता हो, आप गोदी पत्तलकारों में गिना जा सकता है। आपको मालूम हो कि भारत में भुखमरी और गंंदापानी पीने से लोग प्रतिदिन मर रहे हैं। तो आप के लिए यही खाना उचित है।1 hr ago
- Puran dandotiyaPorsa, Morenaबेंडर आप के बाप का दामाद नहीं है कि आपको आइसक्रीम खिलाएगा, मजदूर हैं, मजदूरी के बदले उसको मिलता क्या। फिर आप के चहेते, मित्र पीएम, भी कहते हैं कि पकड़े तलो वहीं तो कर रहा है। फिर आपको परेशानी कहां।1 hr ago
- Kailash Trikeyगुमला, गुमला, झारखंडकोन मदर चोद है रे पकड़ के लाओ मेरे पास बोसडी का 😡😡😡😡😡1 hr ago
- Shivendra KumarNawada, Bihar😡23 min ago
- दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने SIR (सिस्टेमैटिक इमेज रेक्टिफिकेशन) प्रक्रिया पर अहम फैसला सुनाया है, जिसमें इस प्रक्रिया को पूरी तरह सही ठहराया गया है। याचिकाकर्ता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि SIR कराना चुनाव आयोग का काम है और आयोग ने इसे बिल्कुल ठीक तरीके से संपन्न कराया है। उपाध्याय ने जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट ने SIR को लेकर बताई गई कई कमियों को स्वीकार नहीं किया है, बल्कि यह माना है कि चुनाव आयोग ने यह प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से करवाई है। हमारी याचिका में नियमित अंतराल पर SIR कराने की मांग की गई थी, जिसमें हर पांच साल में यह प्रक्रिया दोहराने की बात कही गई थी, क्योंकि वोटर लिस्ट में एक भी विदेशी व्यक्ति का नाम होना चुनाव आयोग के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हमारी और चुनाव आयोग की दलीलों को स्वीकार कर लिया है, जबकि SIR के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अश्विनी उपाध्याय ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में घुसपैठियों और बांग्लादेशियों का नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश भी दिया है कि 2003 में हुए SIR के दौरान जिन लोगों के नाम हटा दिए गए थे, उनकी नागरिकता की स्थिति के सत्यापन के लिए उचित न्यायाधिकरणों को भेजा जाए। हालांकि, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान केवल नाम हटा दिया जाना अपने आप में यह निर्णायक रूप से साबित नहीं करता कि वह व्यक्ति एक विदेशी नागरिक है। इसके अतिरिक्त, सर्वोच्च न्यायालय ने विचार किए गए ग्यारह दस्तावेजों को उचित और किसी भी नियम या कानून का उल्लंघन न करने वाला बताया है, साथ ही चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित इन दस्तावेजों के समूह को उपयुक्त माना गया है। आधार के संबंध में कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई है।1
- जनता ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार केवल अपना फायदा सोचती है और जनता का नहीं, जबकि सरकार जनता से है, जनता सरकार से नहीं। लोगों ने सवाल उठाया कि आज तक किसी भी गरीब इंसान को सरकार ने मुफ्त में कोई फायदा नहीं पहुंचाया है। इसके बजाय, सरकारी कामों के लिए लोगों को सिर्फ इधर-उधर घुमाया जाता है और अंत में कुछ भी हासिल नहीं होता। इस बात को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई कि ये लोग (सरकार) जनता को एक-दूसरे में ही उलझाकर रखना चाहते हैं। लोगों ने जोर दिया कि सरकार को यह समझना चाहिए कि उसकी नींव जनता पर टिकी है, न कि जनता सरकार पर।1
- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास सहित राज्य भर में करीब 10 स्थानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई सीएमआरएल (Cochin Minerals and Rutile Limited) मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संबंध में की गई, जिसमें कथित वित्तीय अनियमितताओं और धनशोधन की जाँच पीएमएलए (मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम) के तहत की जा रही है। बुधवार सुबह, ईडी की टीम ने इस मामले में पिनाराई विजयन के आवास पर तलाशी अभियान चलाया। बताया गया कि यह कार्रवाई चल रही जांच का हिस्सा है। तिरुवनंतपुरम में विजयन के किराए के आवास समेत केरल में कुल लगभग 10 जगहों पर तलाशी ली गई। यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) के वित्तीय लेनदेन से जुड़ा है। केरल हाई कोर्ट ने हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय को इस मामले में अपनी जांच जारी रखने की अनुमति दी थी। न्यायमूर्ति टीआर रवि ने सीएमआरएल और उसके चार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दायर उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिनमें ईडी की जांच और ईसीआईआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) को चुनौती दी गई थी। हालांकि यह मामला सीधे तौर पर पिनाराई विजयन से जुड़ा नहीं है, लेकिन इसने तब एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था, जब आरोप लगे थे कि सीएमआरएल ने एक्सलोगिक सॉल्यूशंस को संदिग्ध भुगतान किए थे, जिसे उनकी बेटी वीणा थाइकांडियिल की कंपनी बताया जाता है।1
- साल 2025 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' देने वाले रणवीर सिंह एक बड़े विवाद में फंस गए हैं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज (FWICE) ने उनके खिलाफ 'असहयोग निर्देश' जारी किया है। यह निर्देश कथित तौर पर 'डॉन 3' से उनके बाहर होने के मामले से जुड़ा है। इस घटना ने ऑनलाइन जगत में एक बड़ी बहस छेड़ दी है, जिसमें कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस निर्देश के बाद रणवीर सिंह बॉलीवुड में काम करना जारी रख पाएंगे। अब यह जानना अहम है कि FWICE की तरफ से लगाए गए इस 'बैन' का मतलब क्या है और फिल्म इंडस्ट्री में उनके काम करने पर इसका क्या असर होगा।1
- दिल्ली के ओखला जाकिर नगर क्षेत्र में एक अस्वास्थ्यकर गतिविधि सामने आई है, जहाँ बीमारी से मरे हुए भैंस का मांस बेचा जा रहा था। इस मामले को एक स्थानीय पार्षद ने पकड़ा है, जिससे इस तरह के मांस की अवैध बिक्री का खुलासा हुआ।1
- बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट आदेश देते हुए कहा है कि यह देश कोई धर्मशाला नहीं है और बांग्लादेशी रोहिंग्या को बांग्लादेश भेजा जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि वे जेल में मुफ्त का खाएंगे, तथा इसी बात पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बांग्लादेशियों को बांग्लादेश वापस फेंकने का साफ आदेश दिया।1
- दिल्ली में लोगों ने अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि उन्हें केजरीवाल ही चाहिए। इस भावना के साथ एकजुटता व्यक्त की गई है कि "हम सब एक हैं" और इस बार मोदी नहीं, केजरीवाल के लिए समर्थन है। पोस्ट में मौजूदा स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि ये ऐसे "अच्छे दिन" नहीं थे जिनकी किसी को ज़रूरत थी, फिर ऐसा क्यों हो रहा है।1
- नेता विपक्ष राहुल गांधी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।1
- आज केजरीवाल के वे 'कारनामे' सामने आए हैं जो हिन्दू धर्म के विरोध में किए गए हैं।1