अतरौली में गनियावली रोड पर नगर पालिका द्वारा खुले में कूड़ा फेंके जाने से नाराज स्थानीय ग्रामीणों ने शनिवार सुबह 9 बजे जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान गनियावली प्रशांत मुद्गल के नेतृत्व में गांव के लोग डंपिंग ग्राउंड के पास सड़क पर इकट्ठा होकर धरने पर बैठ गए और नगर पालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्राम प्रधान प्रशांत मुद्गल ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका को डंपिंग ग्राउंड के लिए जगह दी थी, लेकिन सफाई कर्मचारी कूड़ा वहां डालने के बजाय सड़कों पर ही फेंक देते हैं। इस संबंध में नगर पालिका में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सड़कों पर कूड़ा फेंकने से स्कूल जाने वाले बच्चों सहित स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर पालिका के एसआई और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराया और कूड़ा सड़कों पर न डालने का आश्वासन दिया। इस प्रदर्शन में ठाकुर दास शर्मा, कौशल कुमार मुद्गल और सिद्धांत मुद्गल समेत सैकड़ों ग्रामवासियों ने भाग लिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या जस की तस रही तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
अतरौली में गनियावली रोड पर नगर पालिका द्वारा खुले में कूड़ा फेंके जाने से नाराज स्थानीय ग्रामीणों ने शनिवार सुबह 9 बजे जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान गनियावली प्रशांत मुद्गल के नेतृत्व में गांव के लोग डंपिंग ग्राउंड के पास सड़क पर इकट्ठा होकर धरने पर बैठ गए और नगर पालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्राम प्रधान प्रशांत मुद्गल ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका को डंपिंग ग्राउंड के लिए जगह दी थी, लेकिन सफाई कर्मचारी कूड़ा वहां डालने के बजाय सड़कों पर ही फेंक देते हैं। इस संबंध में नगर पालिका में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सड़कों पर कूड़ा फेंकने से स्कूल जाने वाले बच्चों सहित स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर पालिका के एसआई और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराया और कूड़ा सड़कों पर न डालने का आश्वासन दिया। इस प्रदर्शन में ठाकुर दास शर्मा, कौशल कुमार मुद्गल और सिद्धांत मुद्गल समेत सैकड़ों ग्रामवासियों ने भाग लिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या जस की तस रही तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
- अतरौली में गनियावली रोड पर नगर पालिका द्वारा खुले में कूड़ा फेंके जाने से नाराज स्थानीय ग्रामीणों ने शनिवार सुबह 9 बजे जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान गनियावली प्रशांत मुद्गल के नेतृत्व में गांव के लोग डंपिंग ग्राउंड के पास सड़क पर इकट्ठा होकर धरने पर बैठ गए और नगर पालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्राम प्रधान प्रशांत मुद्गल ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका को डंपिंग ग्राउंड के लिए जगह दी थी, लेकिन सफाई कर्मचारी कूड़ा वहां डालने के बजाय सड़कों पर ही फेंक देते हैं। इस संबंध में नगर पालिका में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सड़कों पर कूड़ा फेंकने से स्कूल जाने वाले बच्चों सहित स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर पालिका के एसआई और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराया और कूड़ा सड़कों पर न डालने का आश्वासन दिया। इस प्रदर्शन में ठाकुर दास शर्मा, कौशल कुमार मुद्गल और सिद्धांत मुद्गल समेत सैकड़ों ग्रामवासियों ने भाग लिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या जस की तस रही तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।1
- भारत में वर्ष 2004 से 2014 के बीच पेपर लीक और बड़े पैमाने पर नकल के कई मामले सामने आए थे। आंकड़ों के अनुसार, इस एक दशक में देश भर में लगभग 35 से 45 बड़ी परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाएं हुईं। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की बात करें तो 2004 में AIPMT का प्रश्न पत्र लीक होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और बदलाव करने पड़े थे। इसके बाद 2006 में दिल्ली में CBSE कक्षा 12वीं का अकाउंटेंसी पेपर लीक हुआ और AIIMS प्री-PG एंट्रेंस एग्जाम में भी गड़बड़ी हुई। 2007 में AIEEE का पेपर लीक होने से परीक्षा का शेड्यूल टालना पड़ा, जबकि 2012 में CBI ने एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करके AIIMS मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम का पेपर लीक कर रहा था। वहीं 2014 में CBSE कक्षा 10वीं के गणित और कक्षा 12वीं के इकोनॉमिक्स के पेपर लीक होने की खबरें आई थीं। राज्यों और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े घोटालों में 2008 से 2013 के दौरान हुआ मध्य प्रदेश का व्यापम घोटाला सबसे प्रमुख रहा, जिसमें प्रॉक्सी कैंडिडेट और भ्रष्टाचार के नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर धांधली की गई। इस मामले में बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कई नियुक्तियां और परिणाम रद्द कर दिए थे। इसके अलावा 2013 में महाराष्ट्र HSC (कक्षा 12वीं), राजस्थान यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की भर्ती परीक्षाओं में भी बड़े स्तर पर पेपर लीक हुए। 2011 में उत्तर प्रदेश में AIEEE के पेपर लीक हुए और हरियाणा बोर्ड की परीक्षाओं में भी ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं, हालांकि उस समय कोई हिंसक या शांतिपूर्ण बड़ा आंदोलन नहीं हुआ था। वर्ष 2015 से लेकर अब तक भी पेपर लीक के कई बहुत बड़े घोटाले हो चुके हैं। भारत में यह समस्या दिन-ब-दिन लगातार बढ़ रही है और व्यवस्था में गड़बड़ी फैलाने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है, जो कि बिल्कुल नहीं होना चाहिए।1
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर और पूर्वी भारत में मानसून की जोरदार वापसी को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। देश के 21 राज्यों में भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। लगातार कई दिनों तक मूसलाधार बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों को जलभराव से बचाने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं, उफनती नदियों और खराब मौसम के कारण पहाड़ी और मैदानी इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के निवासियों को सतर्क रहने और जारी सलाह का पालन करने को कहा है।1
- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार रात केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल आधिकारिक रूप से समाप्त कर दी है। मेदांता अस्पताल में चिकित्सीय देखरेख ले रहे वांगचुक को स्वास्थ्य मंत्री ने खुद जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस वार्ता के दौरान सरकारी प्रतिनिधियों ने वांगचुक की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करने और लोकतांत्रिक बातचीत के माध्यम से मुद्दों का समाधान निकालने की प्रतिबद्धता जताई। इसके जवाब में वांगचुक ने भी कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान खोजने के लिए सार्थक बातचीत ही सबसे असरदार रास्ता है। दूसरी तरफ, जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारियों तक अनशन खत्म होने की आधिकारिक सूचना देर रात तक नहीं पहुंच सकी थी, जिसके चलते वे देर रात तक अपना प्रदर्शन जारी रखे हुए थे। इस घटनाक्रम को इस लंबे आंदोलन में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जो प्रशासन और कार्यकर्ताओं के बीच आगामी वार्ताओं का मार्ग प्रशस्त करता है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक 23 जुलाई की रात 7:00 बजे को लेकर चौंकाने वाला और बड़ा दावा करता नजर आ रहा है। वीडियो में युवक द्वारा कही गई बातों की स्वतंत्र रूप से कोई पुष्टि नहीं हुई है। वायरल हो रहे इस वीडियो के साथ ही लोगों से पूरा वीडियो देखने और कमेंट में अपनी राय साझा करने के लिए कहा जा रहा है।1
- अलीगढ़ के अतरौली नगर स्थित मोहल्ला टेढ़ा नीम में चामड़ के पास बिजली विभाग द्वारा बीच सड़क पर नया बिजली का पोल लगाए जाने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासी राकेश मेहर सहित कई लोगों का आरोप है कि विभाग ने नागरिकों की आपत्तियों और सुझावों को नजरअंदाज करते हुए मनमाने ढंग से पोल गाड़ दिया है। यह मुख्य आवागमन का रास्ता है और मोहल्लेवासियों ने पोल को सड़क से कुछ हटकर लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन विभाग ने इसे बीच सड़क पर ही स्थापित कर दिया। बीच सड़क पर पोल होने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने इसे बिजली विभाग की तानाशाही और लापरवाही बताते हुए पोल को तत्काल दूसरी सुरक्षित जगह स्थानांतरित करने की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण करने और जनहित में समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग उठाई है। वहीं, इस संबंध में बिजली विभाग की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।2
- गाजियाबाद में भाजपा के नेता छात्रों को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए हैं। सामने आई इस घटना में भाजपा नेता द्वारा स्टूडेंटों के साथ मारपीट करते और उन पर थप्पड़ चलाते देखा गया है।1