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कलेक्ट्रेट जनसुनवाई (जिला प्रशासन) प्रत्येक मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है, विवरण: यहाँ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोग जमीन, पेंशन, राशन, और अन्य शासकीय विभागों से जुड़ी अपनी शिकायतें कलेक्टर या वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखते हैं।

10 hrs ago
user_Akash jaiswal
Akash jaiswal
स्लीमनाबाद, कटनी, मध्य प्रदेश•
10 hrs ago

कलेक्ट्रेट जनसुनवाई (जिला प्रशासन) प्रत्येक मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है, विवरण: यहाँ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोग जमीन, पेंशन, राशन, और अन्य शासकीय विभागों से जुड़ी अपनी शिकायतें कलेक्टर या वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखते हैं।

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  • कलेक्ट्रेट जनसुनवाई (जिला प्रशासन) प्रत्येक मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है, विवरण: यहाँ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोग जमीन, पेंशन, राशन, और अन्य शासकीय विभागों से जुड़ी अपनी शिकायतें कलेक्टर या वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखते हैं।
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    कलेक्ट्रेट जनसुनवाई (जिला प्रशासन)
प्रत्येक मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है, 

विवरण: यहाँ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोग जमीन, पेंशन, राशन, और अन्य शासकीय विभागों से जुड़ी अपनी शिकायतें कलेक्टर या वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखते हैं।
    user_Akash jaiswal
    Akash jaiswal
    स्लीमनाबाद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • रूपनाथ धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, शिव-शारदा कांवड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के शुभ संयोग पर तिगवां से शुरू हुई कांवड़ यात्रा, युवाओं और महिलाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह..... कटनी/बहोरीबंद। सावन माह के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के शुभ संयोग पर बहोरीबंद क्षेत्र में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व रखने वाले ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर से प्राचीन रूपनाथ धाम तक पहली बार भव्य शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में हजारों की संख्या में कांवड़िए एवं श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़ियों ने रूपनाथ धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। सुबह से ही तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालु कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा बहोरीबंद होते हुए मरही माता मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने माता मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद कांवड़ यात्रा रूपनाथ धाम के लिए रवाना हुई। हजारों कांवड़ियों ने किया भगवान शिव का जलाभिषेक रूपनाथ धाम पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान रूपनाथ धाम में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा, जिसे देखकर हर कोई अभिभूत नजर आया। आयोजकों के अनुसार सावन माह में रूपनाथ धाम के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिली। युवाओं और महिलाओं में दिखा खास उत्साह कांवड़ यात्रा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में माता-बहनें भी शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़िए पूरे रास्ते भगवान शिव और मां शारदा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। धार्मिक वातावरण के बीच यात्रा में शामिल लोगों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। ऐतिहासिक धरोहरों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का उद्देश्य आयोजकों ने बताया कि बहोरीबंद क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा का पवित्र धाम और रूपनाथ धाम क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। क्षेत्र की ऐतिहासिक मान्यताओं में आल्हा-ऊदल से जुड़े प्रसंग भी बताए जाते हैं। शिव-शारदा कांवड़ यात्रा के आयोजन का उद्देश्य इन दोनों धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की पहचान प्रदेश और देशभर में स्थापित करना, क्षेत्र में पर्यटन एवं धार्मिक विकास को बढ़ावा देना तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। आयोजकों ने कहा कि क्षेत्र के युवा और किसान खुशहाल रहें तथा सभी पर भगवान की कृपा बनी रहे, यही इस यात्रा के पीछे प्रमुख भावना है। अब हर वर्ष निकलेगी कांवड़ यात्रा यात्रा के सफल आयोजन के बाद आयोजकों एवं सदस्यों ने निर्णय लिया कि अब हर वर्ष सावन माह में मां शारदा माता तिगवां के दरबार से भगवान भोलेनाथ की नगरी रूपनाथ धाम तक शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। इससे क्षेत्र की धार्मिक परंपरा को और मजबूती मिलने के साथ दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों की आस्था और जुड़ाव बढ़ने की उम्मीद है। आयोजन समिति के सदस्यों ने कांवड़ यात्रा में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही यात्रा के दौरान व्यवस्था एवं सुरक्षा में सहयोग करने के लिए पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। यात्रा के सफल आयोजन से बहोरीबंद क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और धार्मिक एकता का अनूठा संदेश देखने को मिला।
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    रूपनाथ धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, शिव-शारदा कांवड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के शुभ संयोग पर तिगवां से शुरू हुई कांवड़ यात्रा, युवाओं और महिलाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह.....
कटनी/बहोरीबंद। सावन माह के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के शुभ संयोग पर बहोरीबंद क्षेत्र में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व रखने वाले ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर से प्राचीन रूपनाथ धाम तक पहली बार भव्य शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में हजारों की संख्या में कांवड़िए एवं श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़ियों ने रूपनाथ धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
सुबह से ही तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालु कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा बहोरीबंद होते हुए मरही माता मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने माता मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद कांवड़ यात्रा रूपनाथ धाम के लिए रवाना हुई।
हजारों कांवड़ियों ने किया भगवान शिव का जलाभिषेक
रूपनाथ धाम पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन के दौरान रूपनाथ धाम में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा, जिसे देखकर हर कोई अभिभूत नजर आया। आयोजकों के अनुसार सावन माह में रूपनाथ धाम के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिली।
युवाओं और महिलाओं में दिखा खास उत्साह
कांवड़ यात्रा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में माता-बहनें भी शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़िए पूरे रास्ते भगवान शिव और मां शारदा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। धार्मिक वातावरण के बीच यात्रा में शामिल लोगों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
ऐतिहासिक धरोहरों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का उद्देश्य
आयोजकों ने बताया कि बहोरीबंद क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा का पवित्र धाम और रूपनाथ धाम क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। क्षेत्र की ऐतिहासिक मान्यताओं में आल्हा-ऊदल से जुड़े प्रसंग भी बताए जाते हैं।
शिव-शारदा कांवड़ यात्रा के आयोजन का उद्देश्य इन दोनों धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की पहचान प्रदेश और देशभर में स्थापित करना, क्षेत्र में पर्यटन एवं धार्मिक विकास को बढ़ावा देना तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। आयोजकों ने कहा कि क्षेत्र के युवा और किसान खुशहाल रहें तथा सभी पर भगवान की कृपा बनी रहे, यही इस यात्रा के पीछे प्रमुख भावना है।
अब हर वर्ष निकलेगी कांवड़ यात्रा
यात्रा के सफल आयोजन के बाद आयोजकों एवं सदस्यों ने निर्णय लिया कि अब हर वर्ष सावन माह में मां शारदा माता तिगवां के दरबार से भगवान भोलेनाथ की नगरी रूपनाथ धाम तक शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। इससे क्षेत्र की धार्मिक परंपरा को और मजबूती मिलने के साथ दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों की आस्था और जुड़ाव बढ़ने की उम्मीद है।
आयोजन समिति के सदस्यों ने कांवड़ यात्रा में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही यात्रा के दौरान व्यवस्था एवं सुरक्षा में सहयोग करने के लिए पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। यात्रा के सफल आयोजन से बहोरीबंद क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और धार्मिक एकता का अनूठा संदेश देखने को मिला।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मोदी के खिलाफ सड़क पर उतरे सेना के के जवान बीजेपी में बीजेपी हद हड़कंप
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    मोदी के खिलाफ सड़क पर उतरे सेना के  के जवान बीजेपी में बीजेपी हद हड़कंप
    user_Javahar raidas
    Javahar raidas
    Farmer बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कटनी नगर//- कटनी कान्हवारा शिव जी मंदिर जय भोलेनाथ🙏🌺 कटनी कान्हवारा शिव जी मंदिर कटनी के कान्हवारा स्थित भगवान शिव जी का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहाँ भक्त भोलेनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर का शांत वातावरण मन को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।
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    कटनी नगर//-
कटनी कान्हवारा शिव जी मंदिर जय भोलेनाथ🙏🌺

कटनी कान्हवारा शिव जी मंदिर
कटनी के कान्हवारा स्थित भगवान शिव जी का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहाँ भक्त भोलेनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर का शांत वातावरण मन को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।
    user_राशि निषाद
    राशि निषाद
    Psychologist कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    25 min ago
  • नवांकुर सखी हरियाली यात्रा एवं हर घर तिरंगा रैली का आयोजन
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    नवांकुर सखी हरियाली यात्रा एवं हर घर तिरंगा रैली का आयोजन
    user_विकास श्रीवास्तव
    विकास श्रीवास्तव
    पत्रकार कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बलूचिस्तान, जो पाकिस्तान के ज़मीनी इलाके का 40 परसेंट हिस्सा है, ने खुद को एक आज़ाद देश घोषित कर दिया है और अपनी सरकार बना ली है। यह हैरानी की बात है कि बलूचिस्तान के लोगों के लिए अब राष्ट्रगान रिलीज़ हो गया है। यह राष्ट्रगान, जो भारत में सनातन धर्म के देवी-देवताओं का खूबसूरती से जश्न मनाता है, आजकल पूरी दुनिया में वायरल हो रहा है।
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    बलूचिस्तान, जो पाकिस्तान के ज़मीनी इलाके का 40 परसेंट हिस्सा है, ने खुद को एक आज़ाद देश घोषित कर दिया है और अपनी सरकार बना ली है। यह हैरानी की बात है कि बलूचिस्तान के लोगों के लिए अब राष्ट्रगान रिलीज़ हो गया है। यह राष्ट्रगान, जो भारत में सनातन धर्म के देवी-देवताओं का खूबसूरती से जश्न मनाता है, आजकल पूरी दुनिया में वायरल हो रहा है।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • 🚨 गांव-गांव, गली-गली नशे के खिलाफ कटनी पुलिस का प्रहार! 🚨 2 किलो 258 ग्राम गांजा बरामद, 70 साल का आरोपी गिरफ्तार—मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की मुहिम तेज | । कटनी जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस का अभियान अब गांव-गांव और गली-गली तक पहुंच चुका है। अवैध नशे के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए बरही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई कर 2 किलो 258 ग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने मौके से 70 वर्षीय आरोपी गिरधारी लाल पटेल को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 22 हजार रुपये बताई गई है। 🔥 नशे के सौदागरों पर पुलिस की सीधी नजर 16 अगस्त को देहात भ्रमण के दौरान बरही पुलिस टीम ग्राम पिपरिया कला पहुंची। इसी दौरान एक व्यक्ति गुलाबी रंग का थैला लेकर दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वह थैला लेकर घर के अंदर जाने लगा। पुलिस को संदेह हुआ तो टीम ने उसे रोककर थैले की तलाशी ली। तलाशी के दौरान गांजा बरामद होते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान गिरधारी लाल पटेल पिता भीमसेन कुर्मी, उम्र 70 वर्ष, निवासी पिपरिया कला के रूप में हुई। पुलिस ने गांजा जब्त कर आरोपी के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और उसे न्यायालय में पेश किया। 🚔 पुराने मामलों वाला आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ बरही थाने में पहले से कई मामले दर्ज हैं, जिनमें मादक पदार्थों से जुड़े प्रकरण भी शामिल हैं। ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। 🛑 कटनी में नशे के खिलाफ लगातार सख्ती पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में कटनी जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का संदेश साफ है—गांव हो या शहर, गली हो या मोहल्ला, नशे का अवैध कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं विजयराघवगढ़ एसडीओपी वीरेंद्र धार्वे के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार चौबे, उपनिरीक्षक विनोद कांत सिंह, उपनिरीक्षक अश्वनी यादव, प्रधान आरक्षक नरेंद्र पटेल एवं प्रधान आरक्षक रवि मोहन जाटव प्रजापति की विशेष भूमिका रही। 🚨 पुलिस का अभियान जारी—नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस! कटनी पुलिस का स्पष्ट संदेश—मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। नशे के खिलाफ यह जंग गांव-गांव, गली-गली और मोहल्ले-मोहल्ले तक जारी रहेगी। संवाददाता बालकिशन नामदेव दबंग केसरी न्यूज़ भोपाल मोबाइल नंबर 89591 88111
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    🚨 गांव-गांव, गली-गली नशे के खिलाफ कटनी पुलिस का प्रहार! 🚨
2 किलो 258 ग्राम गांजा बरामद, 70 साल का आरोपी गिरफ्तार—मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की मुहिम तेज
| ।
कटनी जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस का अभियान अब गांव-गांव और गली-गली तक पहुंच चुका है। अवैध नशे के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए बरही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई कर 2 किलो 258 ग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने मौके से 70 वर्षीय आरोपी गिरधारी लाल पटेल को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 22 हजार रुपये बताई गई है।
🔥 नशे के सौदागरों पर पुलिस की सीधी नजर
16 अगस्त को देहात भ्रमण के दौरान बरही पुलिस टीम ग्राम पिपरिया कला पहुंची। इसी दौरान एक व्यक्ति गुलाबी रंग का थैला लेकर दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वह थैला लेकर घर के अंदर जाने लगा। पुलिस को संदेह हुआ तो टीम ने उसे रोककर थैले की तलाशी ली। तलाशी के दौरान गांजा बरामद होते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी की पहचान गिरधारी लाल पटेल पिता भीमसेन कुर्मी, उम्र 70 वर्ष, निवासी पिपरिया कला के रूप में हुई। पुलिस ने गांजा जब्त कर आरोपी के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और उसे न्यायालय में पेश किया।
🚔 पुराने मामलों वाला आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ बरही थाने में पहले से कई मामले दर्ज हैं, जिनमें मादक पदार्थों से जुड़े प्रकरण भी शामिल हैं। ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
🛑 कटनी में नशे के खिलाफ लगातार सख्ती
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में कटनी जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का संदेश साफ है—गांव हो या शहर, गली हो या मोहल्ला, नशे का अवैध कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं विजयराघवगढ़ एसडीओपी वीरेंद्र धार्वे के मार्गदर्शन में की गई।
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार चौबे, उपनिरीक्षक विनोद कांत सिंह, उपनिरीक्षक अश्वनी यादव, प्रधान आरक्षक नरेंद्र पटेल एवं प्रधान आरक्षक रवि मोहन जाटव प्रजापति की विशेष भूमिका रही।
🚨 पुलिस का अभियान जारी—नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस!
कटनी पुलिस का स्पष्ट संदेश—मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। नशे के खिलाफ यह जंग गांव-गांव, गली-गली और मोहल्ले-मोहल्ले तक जारी रहेगी।
संवाददाता बालकिशन नामदेव 
दबंग केसरी न्यूज़ भोपाल 
मोबाइल नंबर 89591 88111
    user_Banty Namdeo
    Banty Namdeo
    Court reporter कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • स्कूल पहुंच मार्ग पर धान रोपकर जताया विरोध, ग्रामीणों ने कहा,सड़क नहीं तो स्कूल नहीं, दस साल से दलदल बना विद्यालय पहुंच मार्ग, छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक और ग्रामीण परेशान,पक्की सड़क की मांग कटनी/बाकल। विकासखंड बहोरीबंद अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिहुंडी(बाकल) के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंच मार्ग की बदहाली के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। बारिश के बाद कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुके स्कूल मार्ग पर ग्रामीणों ने धान की रोपाई कर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पक्की सड़क निर्माण की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द सड़क नहीं बनाई गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय का निर्माण हुए दस वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक स्कूल तक पहुंचने के लिए उचित सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। बारिश के दिनों में स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि मार्ग पूरी तरह कीचड़ और दलदल में बदल जाता है। ऐसे में विद्यालय पहुंचना विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। जूते उतारकर स्कूल पहुंचने को मजबूर बच्चे कीचड़ भरे मार्ग के कारण छात्र-छात्राओं को अपने जूते उतारकर रास्ता पार करना पड़ता है।विद्यार्थियों को रास्ते में फिसलने और गिरने का डर बना रहता है। कई बार शिक्षक एवं विद्यालय स्टाफ के वाहन भी कीचड़ में फिसल चुके हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति निर्मित होती रही है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा के लिए विद्यालय गांव में ही उपलब्ध कराया गया, लेकिन विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता ही बदहाल होने से विद्यार्थियों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के मौसम में विशेष रूप से छात्राओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जमीन दान देकर कराया था स्कूल का निर्माण ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ही बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके और उन्हें पढ़ाई के लिए दूर दूसरे गांवों में न जाना पड़े, इस उद्देश्य से ग्रामीणों ने विद्यालय निर्माण के लिए भूमि तक दान में दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के निर्माण के पीछे गांववासियों की मंशा बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की थी, लेकिन स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क की व्यवस्था नहीं होने से उनकी मूल समस्या आज भी बनी हुई है। तीन-चार गांवों के लोगों का भी आवागमन ग्रामीणों के मुताबिक यह मार्ग केवल विद्यालय तक पहुंचने के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे आसपास के तीन-चार गांवों के ग्रामीणों का भी आवागमन होता है। इसके अलावा किसान इसी रास्ते से अपने खेतों तक कृषि कार्य के लिए रोजाना आते-जाते हैं। बरसात के मौसम में मार्ग की हालत खराब होने के कारण किसानों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार समस्या की ओर ध्यान दिलाए जाने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसी कारण ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने इस बार सड़क पर धान रोपकर अपना विरोध दर्ज कराया। पक्की सड़क नहीं तो स्कूल नहीं आने की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान बच्चों और अभिभावकों ने पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि विद्यालय पहुंच मार्ग का शीघ्र निर्माण नहीं कराया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। वहीं प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों और अभिभावकों ने यहां तक कहा कि यदि सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे स्कूल नहीं आने का निर्णय लेने को मजबूर होंगे। इनका कहना है... विद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग लंबे समय से खराब है। बारिश के दौरान कीचड़ और दलदल के कारण छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय के स्टाफ को भी विद्यालय पहुंचने में काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय पहुंच मार्ग का जल्द से जल्द पक्की सड़क के रूप में निर्माण कराया जाना आवश्यक है, ताकि बारिश के समय बच्चों एवं स्टाफ को परेशानी का सामना न करना पड़े। अनिल चक्रवर्ती, प्राचार्य
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    स्कूल पहुंच मार्ग पर धान रोपकर जताया विरोध, ग्रामीणों ने कहा,सड़क नहीं तो स्कूल नहीं, दस साल से दलदल बना विद्यालय पहुंच मार्ग, छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक और ग्रामीण परेशान,पक्की सड़क की मांग
कटनी/बाकल। विकासखंड बहोरीबंद अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिहुंडी(बाकल) के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंच मार्ग की बदहाली के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। बारिश के बाद कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुके स्कूल मार्ग पर ग्रामीणों ने धान की रोपाई कर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पक्की सड़क निर्माण की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द सड़क नहीं बनाई गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय का निर्माण हुए दस वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक स्कूल तक पहुंचने के लिए उचित सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। बारिश के दिनों में स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि मार्ग पूरी तरह कीचड़ और दलदल में बदल जाता है। ऐसे में विद्यालय पहुंचना विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
जूते उतारकर स्कूल पहुंचने को मजबूर बच्चे
कीचड़ भरे मार्ग के कारण छात्र-छात्राओं को अपने जूते उतारकर रास्ता पार करना पड़ता है।विद्यार्थियों को रास्ते में फिसलने और गिरने का डर बना रहता है। कई बार शिक्षक एवं विद्यालय स्टाफ के वाहन भी कीचड़ में फिसल चुके हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति निर्मित होती रही है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा के लिए विद्यालय गांव में ही उपलब्ध कराया गया, लेकिन विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता ही बदहाल होने से विद्यार्थियों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के मौसम में विशेष रूप से छात्राओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने जमीन दान देकर कराया था स्कूल का निर्माण
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ही बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके और उन्हें पढ़ाई के लिए दूर दूसरे गांवों में न जाना पड़े, इस उद्देश्य से ग्रामीणों ने विद्यालय निर्माण के लिए भूमि तक दान में दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के निर्माण के पीछे गांववासियों की मंशा बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की थी, लेकिन स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क की व्यवस्था नहीं होने से उनकी मूल समस्या आज भी बनी हुई है।
तीन-चार गांवों के लोगों का भी आवागमन
ग्रामीणों के मुताबिक यह मार्ग केवल विद्यालय तक पहुंचने के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे आसपास के तीन-चार गांवों के ग्रामीणों का भी आवागमन होता है। इसके अलावा किसान इसी रास्ते से अपने खेतों तक कृषि कार्य के लिए रोजाना आते-जाते हैं। बरसात के मौसम में मार्ग की हालत खराब होने के कारण किसानों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार समस्या की ओर ध्यान दिलाए जाने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसी कारण ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने इस बार सड़क पर धान रोपकर अपना विरोध दर्ज कराया।
पक्की सड़क नहीं तो स्कूल नहीं आने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान बच्चों और अभिभावकों ने पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि विद्यालय पहुंच मार्ग का शीघ्र निर्माण नहीं कराया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। वहीं प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों और अभिभावकों ने यहां तक कहा कि यदि सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे स्कूल नहीं आने का निर्णय लेने को मजबूर होंगे। 
इनका कहना है...
विद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग लंबे समय से खराब है। बारिश के दौरान कीचड़ और दलदल के कारण छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय के स्टाफ को भी विद्यालय पहुंचने में काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय पहुंच मार्ग का जल्द से जल्द पक्की सड़क के रूप में निर्माण कराया जाना आवश्यक है, ताकि बारिश के समय बच्चों एवं स्टाफ को परेशानी का सामना न करना पड़े।
अनिल चक्रवर्ती, प्राचार्य
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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