किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड की चिल्हनियां पंचायत में लगातार हो रही बारिश के कारण एक महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़क पर बना डायवर्सन ध्वस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण कार्यक्रम के तहत एल-031-टी-02 से देवरी खास (बीआर-31) तक जाने वाली इस लगभग 3.45 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 1 करोड़ 95 लाख 33 हजार रुपये की लागत से कराया गया था। इस सड़क का निर्माण कार्य 18 अगस्त 2023 को शुरू होकर 17 मई 2024 को पूरा हुआ था, जिसका जिम्मा संवेदक मोहम्मद सफीक आलम (धनपुरा, किशनगंज) के पास था। देवरी खास को रहमतपुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क पर सुहिया शिव मंदिर चौक के समीप बना डायवर्सन बारिश के पानी में बह गया है। डायवर्सन टूटने के कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और राहगीरों को अपनी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां प्रतिदिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग अब तक मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विभाग और प्रशासन स्थिति से अवगत होने के बाद भी उदासीन बना हुआ है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते डायवर्सन की मरम्मत या कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से तत्काल क्षतिग्रस्त डायवर्सन की मरम्मत कराकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।
किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड की चिल्हनियां पंचायत में लगातार हो रही बारिश के कारण एक महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़क पर बना डायवर्सन ध्वस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण कार्यक्रम के तहत एल-031-टी-02 से देवरी खास (बीआर-31) तक जाने वाली इस लगभग 3.45 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 1 करोड़ 95 लाख 33 हजार रुपये की लागत से कराया गया था। इस सड़क का निर्माण कार्य 18 अगस्त 2023 को शुरू होकर 17 मई 2024 को पूरा हुआ था, जिसका जिम्मा संवेदक मोहम्मद सफीक आलम (धनपुरा, किशनगंज) के पास था। देवरी खास को रहमतपुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क पर सुहिया शिव मंदिर चौक के समीप बना डायवर्सन बारिश के पानी में बह गया है। डायवर्सन टूटने के कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और राहगीरों को अपनी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां प्रतिदिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग अब तक मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विभाग और प्रशासन स्थिति से अवगत होने के बाद भी उदासीन बना हुआ है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते डायवर्सन की मरम्मत या कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से तत्काल क्षतिग्रस्त डायवर्सन की मरम्मत कराकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।
- अररिया जिले के जोगबनी में भाजपा कार्यकर्ता की ओर से सरकार से यह मांग की गई है कि दरगाहों, मस्जिदों और मदरसों के चंदे का हिसाब होना चाहिए, क्योंकि यह देश के हित में सही कदम होगा। कार्यकर्ता का कहना है कि सिर्फ एक वर्ग पर निशाना साधना संविधान के पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि चोरी तो अल्लाह के घर में भी हुई है। उनका आरोप है कि भारत में मस्जिदों के पैसे का कोई हिसाब-किताब नहीं होता है। पिछले 70 सालों से मंदिरों की तरह न तो कोई टैक्स दिया जाता है और न ही पीड़ितों को दान या चंदा दिया जाता है। इसी कारण गरीब मुस्लिम समाज को अपना पेट भरने के लिए मंदिरों के भंडारे की आस लगानी पड़ती है।2
- बिहार के कटिहार जिले के पोस्ट फतेहपुर और बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र के आजमगढ़ में शराब को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। यहाँ शराब नहीं बनने के कारण विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस मामले का संबंध बिहार एमडी जावेद (BiharMD javedrap) से है।1
- बिहार के अररिया में अधिवक्ता मो मसूद आलम जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बने हैं। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद की यह कमान अब अधिवक्ता मो मसूद आलम के हाथों में आ गई है।1
- बिहार के जोगबनी स्थित नेता चौक पर बजरंग दल के संयोजक संजीव साह पर कथित फायरिंग की घटना सामने आई है। इस हमले में संजीव साह बाल-बाल बच गए हैं। इस मामले को लेकर दो नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। फिलहाल पुलिस घटना की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई में जुटी हुई है।1
- बिहार के किशनगंज में एक बेहद लाचार कर देने वाली स्थिति सामने आई है, जहाँ आपातकाल में एंबुलेंस काम नहीं आ सकी और पूरी तरह हार गई। ऐसे संकट के समय में, जब सिस्टम की एंबुलेंस ने घुटने टेक दिए, तब एक साधारण कुर्सी ही उस बेबस मरीज के लिए आखिरी उम्मीद और सहारा बनकर सामने आई।1
- बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड स्थित कास्त खर्रा गांव में जर्जर सड़क और लगातार बारिश के बीच विकास के दावों की पोल खोलती एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहां गांव तक किसी भी वाहन के न पहुंच पाने के कारण एक बुजुर्ग बीमार महिला की जान जोखिम में पड़ गई। मरीज को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के लिए ग्रामीणों को मजबूरन उन्हें एक कुर्सी पर बैठाना पड़ा और फिर उस कुर्सी को रस्सी से बांधकर किसी तरह सड़क पार करानी पड़ी। सड़क के अभाव में एंबुलेंस की जगह कुर्सी का सहारा लेने की यह घटना क्षेत्र की बदहाल सड़क व्यवस्था और विकास के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने अब स्थानीय विधायक, सांसद और पंचायत प्रतिनिधियों से कास्त खर्रा गांव तक जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है।1
- उत्तराखंड में पेपर लीक के खिलाफ बनाया गया देश का सबसे सख्त कानून हक्का-बक्का देखता रह गया है। पेपर लीक की समस्या के सामने इस सख्त कानून की यह लाचारी साफ दिखाई दे रही है।1
- बिहार में सोशल मीडिया पर लिखने वाले लोगों को अब बेहद सावधान रहने की जरूरत है। सीएम सम्राट चौधरी ने एक खुले मंच से चेतावनी देते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखने से पहले सतर्क हो जाएं, क्योंकि अब इस पर पैनी नजर रखी जा रही है। भागलपुर रैली के दौरान दी गई इस चेतावनी के बाद कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध को लेकर बिहार पुलिस पूरी तरह सतर्क है और सोशल मीडिया की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रख रही है।1
- किशनगंज के टेढ़ागाछ की यह तस्वीर सिर्फ एक मरीज की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के बीमार होने की गवाही दे रही है।1