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उत्तराखंड में पेपर लीक के खिलाफ बनाया गया देश का सबसे सख्त कानून हक्का-बक्का देखता रह गया है। पेपर लीक की समस्या के सामने इस सख्त कानून की यह लाचारी साफ दिखाई दे रही है।
Hussain king
उत्तराखंड में पेपर लीक के खिलाफ बनाया गया देश का सबसे सख्त कानून हक्का-बक्का देखता रह गया है। पेपर लीक की समस्या के सामने इस सख्त कानून की यह लाचारी साफ दिखाई दे रही है।
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- पूर्णिया के बैसी अंतर्गत राघोपुर रेफरल अस्पताल में दवा का संकट होने का मामला सामने आया है। अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें अंदर से दवाइयां नहीं दी जा रही हैं। मरीजों का सीधा आरोप है कि उनसे बाहर की प्राइवेट दुकानों से दवा खरीदने के लिए कहा जा रहा है। अस्पताल में दवाओं की इस कमी और मरीजों को बाहर भेजे जाने को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।1
- किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड की चिल्हनियां पंचायत में लगातार हो रही बारिश के कारण एक महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़क पर बना डायवर्सन ध्वस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण कार्यक्रम के तहत एल-031-टी-02 से देवरी खास (बीआर-31) तक जाने वाली इस लगभग 3.45 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 1 करोड़ 95 लाख 33 हजार रुपये की लागत से कराया गया था। इस सड़क का निर्माण कार्य 18 अगस्त 2023 को शुरू होकर 17 मई 2024 को पूरा हुआ था, जिसका जिम्मा संवेदक मोहम्मद सफीक आलम (धनपुरा, किशनगंज) के पास था। देवरी खास को रहमतपुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क पर सुहिया शिव मंदिर चौक के समीप बना डायवर्सन बारिश के पानी में बह गया है। डायवर्सन टूटने के कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और राहगीरों को अपनी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां प्रतिदिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग अब तक मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विभाग और प्रशासन स्थिति से अवगत होने के बाद भी उदासीन बना हुआ है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते डायवर्सन की मरम्मत या कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से तत्काल क्षतिग्रस्त डायवर्सन की मरम्मत कराकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- चमचों को आड़े हाथों लेते हुए सीधा संदेश दिया गया है कि अब ट्रेन भी पानी से चलेगी क्योंकि इसके लिए हाइड्रोजन मशीन तैयार हो चुकी है। अब हर चीज पानी से ही चलाई जाएगी और मुस्लिम देशों से भारत में तेल का आना बहुत जल्द पूरी तरह से बंद हो जाएगा।2
- बिहार के कटिहार जिले के पोस्ट फतेहपुर और बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र के आजमगढ़ में शराब को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। यहाँ शराब नहीं बनने के कारण विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस मामले का संबंध बिहार एमडी जावेद (BiharMD javedrap) से है।1
- बिहार के अररिया में अधिवक्ता मो मसूद आलम जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बने हैं। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद की यह कमान अब अधिवक्ता मो मसूद आलम के हाथों में आ गई है।1
- अररिया जिले के जोगबनी में भाजपा कार्यकर्ता की ओर से सरकार से यह मांग की गई है कि दरगाहों, मस्जिदों और मदरसों के चंदे का हिसाब होना चाहिए, क्योंकि यह देश के हित में सही कदम होगा। कार्यकर्ता का कहना है कि सिर्फ एक वर्ग पर निशाना साधना संविधान के पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि चोरी तो अल्लाह के घर में भी हुई है। उनका आरोप है कि भारत में मस्जिदों के पैसे का कोई हिसाब-किताब नहीं होता है। पिछले 70 सालों से मंदिरों की तरह न तो कोई टैक्स दिया जाता है और न ही पीड़ितों को दान या चंदा दिया जाता है। इसी कारण गरीब मुस्लिम समाज को अपना पेट भरने के लिए मंदिरों के भंडारे की आस लगानी पड़ती है।2
- बिहार के जोगबनी स्थित नेता चौक पर बजरंग दल के संयोजक संजीव साह पर कथित फायरिंग की घटना सामने आई है। इस हमले में संजीव साह बाल-बाल बच गए हैं। इस मामले को लेकर दो नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। फिलहाल पुलिस घटना की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई में जुटी हुई है।1
- बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ में स्थित फुलवरिया बाजार इस समय खतरे का घर बना हुआ है। यहाँ की बेहद जर्जर सड़क और गंभीर जलजमाव की समस्या ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। इस बदहाली के कारण यहाँ से गुजरने वाले लोग हर दिन अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। सड़क की इस जर्जर स्थिति और जलजमाव की वजह से यहाँ के लोग पूरी तरह से बेहाल हो चुके हैं।1