सहारनपुर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। इमरान मसूद ने कहा कि उन्हें पहले दिन से ही इस आंदोलन के अंत को लेकर आशंका थी और अब जो हुआ, उससे उनके संदेह को बल मिला है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की तुलना करते हुए इसे "अन्ना आंदोलन पार्ट-2" जैसा बताया है। सांसद ने आरोप लगाया कि यदि आंदोलन के दौरान सरकार के साथ किसी तरह की बातचीत या समझौता हुआ है, तो उसकी जानकारी देश की जनता के सामने रखी जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि कोई डील नहीं हुई है, तो 26 दिनों तक चले अनशन को समाप्त करने के पीछे की वजह स्पष्ट की जाए। इमरान मसूद ने यह भी सवाल उठाया कि आंदोलन स्थल पर मुख्य रूप से लद्दाख के लोग मौजूद थे और छात्रों की भागीदारी बहुत कम दिखाई दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए जनमुद्दों के आंदोलनों में पूरी पारदर्शिता होना और सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना आवश्यक है।
सहारनपुर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। इमरान मसूद ने कहा कि उन्हें पहले दिन से ही इस आंदोलन के अंत को लेकर आशंका थी और अब जो हुआ, उससे उनके संदेह को बल मिला है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की तुलना करते हुए इसे "अन्ना आंदोलन पार्ट-2" जैसा बताया है। सांसद ने आरोप लगाया कि यदि आंदोलन के दौरान सरकार के साथ किसी तरह की बातचीत या समझौता हुआ है, तो उसकी जानकारी देश की जनता के सामने रखी जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि कोई डील नहीं हुई है, तो 26 दिनों तक चले अनशन को समाप्त करने के पीछे की वजह स्पष्ट की जाए। इमरान मसूद ने यह भी सवाल उठाया कि आंदोलन स्थल पर मुख्य रूप से लद्दाख के लोग मौजूद थे और छात्रों की भागीदारी बहुत कम दिखाई दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए जनमुद्दों के आंदोलनों में पूरी पारदर्शिता होना और सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना आवश्यक है।
- सहारनपुर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। इमरान मसूद ने कहा कि उन्हें पहले दिन से ही इस आंदोलन के अंत को लेकर आशंका थी और अब जो हुआ, उससे उनके संदेह को बल मिला है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की तुलना करते हुए इसे "अन्ना आंदोलन पार्ट-2" जैसा बताया है। सांसद ने आरोप लगाया कि यदि आंदोलन के दौरान सरकार के साथ किसी तरह की बातचीत या समझौता हुआ है, तो उसकी जानकारी देश की जनता के सामने रखी जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि कोई डील नहीं हुई है, तो 26 दिनों तक चले अनशन को समाप्त करने के पीछे की वजह स्पष्ट की जाए। इमरान मसूद ने यह भी सवाल उठाया कि आंदोलन स्थल पर मुख्य रूप से लद्दाख के लोग मौजूद थे और छात्रों की भागीदारी बहुत कम दिखाई दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए जनमुद्दों के आंदोलनों में पूरी पारदर्शिता होना और सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना आवश्यक है।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की जिला संयोजन समिति के नेतृत्व में रामलीला मैदान, हकीकत नगर से जिला मुख्यालय तक आक्रोश मार्च निकाला गया। यह प्रदर्शन पेपर लीक, छात्र दमन और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ आयोजित किया गया, जिसके बाद छात्रों ने जिलाधिकारी के जरिए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। मार्च के दौरान छात्रों ने "शिक्षा पर हमला बंद करो", "पेपर लीक बंद करो", "छात्र एकता जिंदाबाद" और "लोकतंत्र पर हमला बंद करो" जैसे जोरदार नारे लगाए। एसएफआई नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए सरकार पर दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री के इस्तीफे, सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई, आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी और छात्र आंदोलनों पर दमन रोकने की मांग की गई है। एसएफआई पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार मांगों की अनदेखी करती रही तो इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में और व्यापक किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में एसएफआई के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही इस कार्यक्रम को किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ताओं का भी पूरा समर्थन प्राप्त हुआ।1
- पीएम नरेंद्र मोदी का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वे 'Thank Friends' कहते हुए नजर आ रहे हैं। दिल्ली से जुड़ी इस ताजा राजनीतिक खबर के बाद यह वीडियो चर्चा में है। इस वीडियो को लेकर दर्शकों से भी उनकी राय मांगी गई है और कमेंट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया साझा करने को कहा गया है।1
- हरियाणा के फतेहाबाद में 'नव्या बाय औरास एकेडमी' के तत्वावधान में 'इंडिया हेयर एंड ब्यूटी अवार्ड्स' एवं लाइव फैशन शो का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा सहित देश के विभिन्न राज्यों से मेकअप आर्टिस्ट, हेयर एक्सपर्ट, फैशन मॉडल और ब्यूटी प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बॉलीवुड अभिनेता एवं गायक सागर शर्मा रहे। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम हैं। इस दौरान मुंबई से इंटरनेशनल मेकअप आर्टिस्ट अलका गोविंद और हनुमानगढ़, राजस्थान से मेकअप आर्टिस्ट डॉक्टर सुषमा वर्मा भी मौजूद रहीं। फैशन शो के दौरान प्रतिभागियों ने आकर्षक रैंप वॉक, क्रिएटिव ड्रेसिंग और बेहतरीन प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों, मेकअप आर्टिस्ट और ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़े प्रोफेशनल्स को 'इंडिया हेयर एंड ब्यूटी अवार्ड्स' से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में यमुना संदेश हिंदी समाचार पत्र के प्रधान संपादक डॉ. सत्यम नागपाल, समाजसेवी एवं पत्रकार श्री प्रमोद कुमार, विकास शर्मा, कुलदीप पिवाल और स्वर्ण सरदाना सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में नांगल पोस्ट क्षेत्र के जौला डिंडोली गांव में पिछले 3 महीने से व्यवस्था खराब पड़ी हुई है। इस संबंध में जब ग्राम प्रधान से शिकायत की गई और बात की गई, तो उनका कहना है कि ऊपर से ही पैसे नहीं आ रहे हैं।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात एक वीडियो संदेश जारी कर देश के युवाओं और छात्रों को भरोसा दिलाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।1
- सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र में बालाजी टाउनशिप के पास दो मोटरसाइकिलों के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना होते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग तुरंत घायलों की मदद के लिए मौके की ओर दौड़ पड़े। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और पुलिस की सहायता से सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए पीजीआई पिलखनी पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1