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झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग-522 (NH-522) की वर्तमान स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई है, जिसे 'गड्ढों का महासागर' बताया जा रहा है। सड़क की इस खराब हालत पर सवाल उठाया गया है कि आखिर आम जनता की समस्याओं और पुकार को कौन सुनेगा, जो स्थानीय लोगों की अनसुनी परेशानियों को दर्शाता है।
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झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग-522 (NH-522) की वर्तमान स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई है, जिसे 'गड्ढों का महासागर' बताया जा रहा है। सड़क की इस खराब हालत पर सवाल उठाया गया है कि आखिर आम जनता की समस्याओं और पुकार को कौन सुनेगा, जो स्थानीय लोगों की अनसुनी परेशानियों को दर्शाता है।
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- हजारीबाग प्रेस क्लब के अध्यक्ष उमेश प्रताप के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण से संबंधित छह सूत्री ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकारों पर बढ़ते हमलों, फर्जी मुकदमों, आर्थिक असुरक्षा और कार्य के दौरान सुरक्षा की आवश्यकता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला। ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने सहित कई अहम मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया गया। इस पहल को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की मजबूती और स्वतंत्र पत्रकारिता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से बरही विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का सघन दौरा किया। इस अभियान के तहत, उन्होंने खोड़ाआहर, कुंडवा, रालो लठिया, धनवार, पड़रिया, दुलमाहा, लखना, बेलादोहर और रानीचुवां सहित एक दर्जन से अधिक गांवों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। खोड़ाआहर गांव में आदिवासी समाज ने मांदर की थाप और पारंपरिक वेशभूषा के साथ सांसद का भव्य स्वागत किया। इस दौरान सांसद ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का आश्वासन भी दिया। विभिन्न जनसभाओं को संबोधित करते हुए सांसद जायसवाल ने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों के दर्द को अच्छी तरह समझते हैं और देश में जो अभूतपूर्व विकास हो रहा है, वह जनता द्वारा दिए गए एक-एक वोट का ही परिणाम है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चलाया गया था, जिसमें आदिवासी गांवों में चौपाल लगाकर केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाई गईं।3
- हजारीबाग के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित सरकारी क्वार्टर में रहने वाले परिवार गंभीर 'मानवीय त्रासदी' का सामना कर रहे हैं। यहां के निवासी बदबू और बीमारियों के जाल में फंसे हुए हैं। स्थिति इतनी खराब है कि बच्चों को लगातार उल्टियां हो रही हैं और कई लोग पेट संबंधी बीमारियों से ग्रस्त हैं, जिससे उन्हें इलाज के लिए बार-बार डॉक्टरों के पास जाना पड़ रहा है। कॉलोनी में जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। घरों से निकलने वाला पानी सड़कों पर जमा हो रहा है, जिससे कीचड़ और गंदगी का अंबार लग गया है। इस गंदगी के कारण मच्छर पनप रहे हैं, जो बीमारियों का मुख्य कारण बन रहे हैं। निवासियों का कहना है कि यह समस्या पिछले कई सालों से बनी हुई है और उन्होंने इसे ठीक करवाने के लिए कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई है, लेकिन उनकी शिकायतें अनसुनी की जा रही हैं। इस गंभीर स्थिति के कारण सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले परिवार एक अस्वस्थ और नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।1
- सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती का 76वां जन्मदिन बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।1
- बनासो क्षेत्र को अब पानी का एक महत्वपूर्ण और बड़ा सहारा मिलेगा। यहाँ एक गगनचुंबी टंकी का निर्माण किया जाएगा, जिसकी मदद से हर घर तक नल का स्वच्छ जल पहुँचाया जा सकेगा।1
- इंसान अपने नजरिये में बदलाव लाकर अपनी जिंदगी को पूरी तरह से बदल सकते हैं। यह बात एक कहानी के माध्यम से समझाई गई है, जिसका सार है कि 'सोच बदलो सितारे बदल जाएंगे, नजरें बदलो सितारे बदल जाएंगे'। यह संदेश इस बात पर जोर देता है कि सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और अपनी सोच को बदलने से व्यक्ति अपने भाग्य और जीवन की दिशा को भी बदल सकता है।1
- झारखंड के हजारीबाग में एक मेडिकल कॉलेज के बाहर कई गरीब परिवारों की रोजी-रोटी और घर उजाड़ दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा चलाए गए बुलडोजर से दर्जनों परिवारों की दुनिया उजड़ गई, जिससे वे बेघर हो गए हैं। इस कार्रवाई ने उन लोगों को प्रभावित किया है जो वहां छोटी-मोटी दुकानें लगाकर या अन्य तरीकों से अपना जीवन यापन कर रहे थे।1
- झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग-522 (NH-522) की वर्तमान स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई है, जिसे 'गड्ढों का महासागर' बताया जा रहा है। सड़क की इस खराब हालत पर सवाल उठाया गया है कि आखिर आम जनता की समस्याओं और पुकार को कौन सुनेगा, जो स्थानीय लोगों की अनसुनी परेशानियों को दर्शाता है।1