मध्य प्रदेश के कटनी जिले के स्लीमनाबाद में लगभग 12 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक नर्मदा टनल परियोजना पूर्णता की ओर बढ़ रही है। इस परियोजना के पूरा होने से विंध्य क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को बड़ा लाभ मिलेगा और करीब 2.5 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी। परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने इसे विज्ञान और इंजीनियरिंग का एक अद्भुत उदाहरण बताया है। इस टनल के जरिए नर्मदा का जल गंगा बेसिन की सोन नदी के आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचेगा, जिससे विंध्य क्षेत्र में हरियाली और कृषि विकास को नई गति मिलेगी। भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से चित्रकूट क्षेत्र सहित कटनी, रीवा, सतना, मैहर और पन्ना जिलों में सिंचाई का बड़ा विस्तार होने जा रहा है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ कृषि आधारित व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है और कहा है कि इसका शुभारंभ जल्द ही किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के कटनी जिले के स्लीमनाबाद में लगभग 12 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक नर्मदा टनल परियोजना पूर्णता की ओर बढ़ रही है। इस परियोजना के पूरा होने से विंध्य क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को बड़ा लाभ मिलेगा और करीब 2.5 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी। परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने इसे विज्ञान और इंजीनियरिंग का एक अद्भुत उदाहरण बताया है। इस टनल के जरिए नर्मदा का जल गंगा बेसिन की सोन नदी के आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचेगा, जिससे विंध्य क्षेत्र में हरियाली और कृषि विकास को नई गति मिलेगी। भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से चित्रकूट क्षेत्र सहित कटनी, रीवा, सतना, मैहर और पन्ना जिलों में सिंचाई का बड़ा विस्तार होने जा रहा है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ कृषि आधारित व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है और कहा है कि इसका शुभारंभ जल्द ही किया जाएगा।
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्लीमनाबाद टनल का निरीक्षण किया है।1
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कटनी जिले के स्लीमनाबाद में स्थित देश की सबसे लंबी जल सुरंग का निरीक्षण किया। लगभग 12 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी जल परियोजना ₹1600 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार की गई है। इस परियोजना को प्रदेश में सिंचाई और जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की तकनीकी विशेषताओं की जानकारी ली। इस सुरंग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके माध्यम से बिना किसी पंप के मां नर्मदा का जल सीधे सोन बेसिन तक पहुंचेगा। इससे लगभग 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सीधा लाभ जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, पन्ना और रीवा जिलों के किसानों को मिलेगा, जिससे वहां की सिंचाई व्यवस्था बेहद मजबूत होगी। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्लीमनाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण, जल संरक्षण और समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह परियोजना भविष्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। इस कार्यक्रम के दौरान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों में कटनी जिले से मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्याम निषाद, मझगवां के सरपंच संतोष निषाद, बच्चू निषाद, जिला प्रचार मंत्री राकेश निषाद (पत्रकार), संतोष निषाद, अजय केवट, बच्चू निषाद, हार्दिक बर्मन, अनिकेत बर्मन, वैभव पुरवार, पार्षद राजकिशोर निषाद, पवन रैकवार, दिलीप सिंह, सरपंच धनीराम और बच्चू निषाद शामिल थे।4
- मध्यप्रदेश के कटनी जिले में बरगी दाईं तट नहर परियोजना की लगभग 12 किलोमीटर लंबी सुरंग बनकर तैयार हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह और सांसद वी.डी. शर्मा ने इस नवनिर्मित सुरंग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात मुख्यमंत्री ने एक प्रेसवार्ता में इसे विंध्य और बुंदेलखंड के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दिन को सतना, मैहर, कटनी, रीवा सहित पूरे बुंदेलखंड के किसानों के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब नर्मदा मैया का जल किसानों के खेतों तक पहुंचेगा। इससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन कई गुना बढ़ेगा और सिंचाई व्यवस्था को एक नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह समर्पित है और इस परियोजना के पूरा होने से हजारों किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा, जिससे खेती अधिक लाभकारी बनेगी। इस महत्वाकांक्षी सुरंग के निर्माण कार्य को समय पर पूरा कराने के लिए मुख्यमंत्री ने सतना सांसद गणेश सिंह के लगातार प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने बताया कि सांसद गणेश सिंह ने अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखा और निर्माण में आने वाली समस्याओं से सरकार को लगातार अवगत कराते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा कराया। मुख्यमंत्री ने अपने पिछले निरीक्षण को याद करते हुए कहा कि उस समय निर्माण में आ रही कठिनाइयों को मौके पर देखा गया था, जिनका अब पूरी तरह समाधान हो चुका है। उन्होंने इस सफलता के लिए सभी इंजीनियरों, अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को बधाई दी।1
- कटनी नगर के श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित भव्य महाआरती का दिव्य दृश्य श्रद्धालुओं को पूरी तरह भक्ति से सराबोर कर गया। इस पावन अवसर पर पूरा मंदिर परिसर शंख, घंटियों और मंत्रोच्चार की पावन ध्वनि से गूंज उठा। भगवान जगन्नाथ के अलौकिक दर्शन कर भक्तों ने अत्यंत श्रद्धाभाव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूरा माहौल 'जय जगन्नाथ!' के जयकारों से गुंजायमान रहा।1
- मध्य प्रदेश के पन्ना पहुंचे बाबा बागेश्वर सरकार ने जुगल किशोर सरकार को लेकर एक बड़ी बात कही है।1
- मध्यप्रदेश के कटनी जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश की सबसे लंबी जल सुरंग, स्लीमनाबाद टनल का निरीक्षण किया है। 'जो असंभव था, हमने उसे संभव कर दिखाया' के गौरवपूर्ण संदेश के साथ लगभग ₹1,600 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित यह लगभग 12 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी हुई है। इसके माध्यम से बिना किसी पंप के मां नर्मदा का जल सीधे सोन बेसिन तक पहुंचेगा, जिससे लगभग 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का सीधा लाभ मिलेगा। इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार द्वारा ₹275 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जबकि शेष राशि का वहन मध्यप्रदेश सरकार ने किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, पन्ना और रीवा सहित आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई एवं पेयजल की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे पूरे विंध्य क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी और लाखों किसानों व नागरिकों को इसका दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।1
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले के स्लीमनाबाद में लगभग 12 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक नर्मदा टनल परियोजना पूर्णता की ओर बढ़ रही है। इस परियोजना के पूरा होने से विंध्य क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को बड़ा लाभ मिलेगा और करीब 2.5 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी। परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने इसे विज्ञान और इंजीनियरिंग का एक अद्भुत उदाहरण बताया है। इस टनल के जरिए नर्मदा का जल गंगा बेसिन की सोन नदी के आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचेगा, जिससे विंध्य क्षेत्र में हरियाली और कृषि विकास को नई गति मिलेगी। भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से चित्रकूट क्षेत्र सहित कटनी, रीवा, सतना, मैहर और पन्ना जिलों में सिंचाई का बड़ा विस्तार होने जा रहा है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ कृषि आधारित व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है और कहा है कि इसका शुभारंभ जल्द ही किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव स्लीमनाबाद टनल के अंदर पहुंचे और वहां का नजारा देखा। इस दौरान उनके साथ सांसद बीडी शर्मा, विधायक संजय पाठक, विधायक संदीप जयसवाल, विधायक प्रणय पांडे एवं विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह भी टनल के अंदर पहुंचे।2