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मथुरा जिले के छाता अंतर्गत गाँव रन्हेरा में नल न चलने से परेशान ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले जो भी प्रधान हुए, उनके समय में यह नल हमेशा चलता था। लेकिन गाँव में जो नए प्रधान आए हैं, वे इस नल को नहीं बनवा रहे हैं। इस नल से गाँव के बहुत से लोग अपने घरों के लिए पानी ले जाते थे, जो अब बंद पड़ा है।
Avi rana
मथुरा जिले के छाता अंतर्गत गाँव रन्हेरा में नल न चलने से परेशान ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले जो भी प्रधान हुए, उनके समय में यह नल हमेशा चलता था। लेकिन गाँव में जो नए प्रधान आए हैं, वे इस नल को नहीं बनवा रहे हैं। इस नल से गाँव के बहुत से लोग अपने घरों के लिए पानी ले जाते थे, जो अब बंद पड़ा है।
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- मथुरा जनपद के छाता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर छाता पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 15 लोगों के चालान काटे। इसके साथ ही, कुछ लोगों को पुलिस ने हिदायत देकर छोड़ दिया।1
- मथुरा जिले के छाता अंतर्गत गाँव रन्हेरा में नल न चलने से परेशान ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले जो भी प्रधान हुए, उनके समय में यह नल हमेशा चलता था। लेकिन गाँव में जो नए प्रधान आए हैं, वे इस नल को नहीं बनवा रहे हैं। इस नल से गाँव के बहुत से लोग अपने घरों के लिए पानी ले जाते थे, जो अब बंद पड़ा है।1
- मथुरा के गोवर्धन स्थित राजकीय महाविद्यालय में 11 जुलाई, 2026 को 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम के तहत कॉलेज परिसर में विभिन्न औषधीय व छायादार पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) सविता गौतम ने पौधा लगाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं। अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाना और उसकी देखभाल करना न सिर्फ पर्यावरण को बचाना है, बल्कि धरती माँ के प्रति हमारी सच्ची जिम्मेदारी भी है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से रोपे गए इन पौधों की सुरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस मुहिम के तहत महाविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. ललित कुमार सिंह, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. धर्मेंद्र सिंह चाहर, डॉ. दीपक देव, श्रीमती रिंकी अग्रवाल और डॉ. देवेंद्र शर्मा ने भी पौधे रोपे और पर्यावरण को हरा-भरा बनाने की शपथ ली। इस दौरान महाविद्यालय में कुल एक हजार पौधों को लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया, जिसमें गैर-शिक्षण कर्मचारी श्री कृष्णा कर्दम, श्री घनश्याम, श्री अशोक और डालचंद का विशेष सहयोग रहा।1
- मथुरा महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता और अध्यक्ष यतेंद्र मुकदम ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के नाम पर भारी वित्तीय अनियमितताओं और चंदे की चोरी का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों देशवासियों की आस्था का केंद्र है, लेकिन इसके नाम पर बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया है। मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मामला सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि जन-जन की आस्था पर लगी गहरी चोट है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर वह पवित्र स्थान है जिसके लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के समय से प्रयास और आस्था की शुरुआत हुई थी, लेकिन आज भगवान राम के नाम पर जो करोड़ों रुपये का चंदा इकट्ठा हुआ है, उसमें भारी चोरी की जा रही है। वर्तमान सरकार और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने इसे सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि राम भक्तों की भावनाओं की चोरी करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरे देश और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता और राम भक्त सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक चंदे और आस्था की चोरी करने वाले लोग सलाखों के पीछे नहीं जाते, तब तक राम भक्तों को न्याय और उनकी आहत भावनाओं को राहत नहीं मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि प्रभु श्री राम के नाम का सहारा लेकर उत्तर प्रदेश और देश की सत्ता पर काबिज होने वाले लोग अगर थोड़ी भी नैतिकता रखते हैं, तो वे इस विफलता को अपनी उपलब्धि मानते हुए तुरंत अपने पदों से इस्तीफा दें।4
- मथुरा के वृंदावन में रुक्मिणी विहार मुख्य द्वार पर प्रदर्शनकारी ई-रिक्शा चालकों ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने इस मार्ग से गुजरने वाले अन्य ई-रिक्शों को जबरन रोका और बात न मानने वाले चालकों के साथ सरेराह हाथापाई और अभद्रता की। प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों ने चलते हुए ई-रिक्शों की चाबियां जबरदस्ती छीन लीं और इस भीषण गर्मी में सवारियों को गाड़ियों से उतारकर सड़क पर खड़ा होने के लिए मजबूर कर दिया। इस पूरे हंगामे के दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पुलिस के सामने ही ई-रिक्शा चालकों को जबरन रोका जा रहा था, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनकर तमाशबीन बनी रही। इस खुलेआम हुई गुंडागर्दी के बाद से स्थानीय रिक्शा चालकों और राहगीरों में भारी गुस्सा है और पूरे इलाके में डर का माहौल है।1