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1 hr ago
user_Sunil singh
Sunil singh
रंका, गढ़वा, झारखंड•
1 hr ago

More news from झारखंड and nearby areas
  • रंका में पैगंबर मोहम्मद साहब की जयंती पर निकला भव्य जुलूस, गूंजा ‘सरकार की आमद मरहबा’ का नारा रंका। रंका दर्जी मोहल्ला स्थित इस्लाहुल मुसलमीन कमेटी के तत्वावधान में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की जयंती के अवसर पर बुधवार को भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। जुलूस पूरे उत्साह, अनुशासन और भाईचारे के माहौल में निकाला गया। जुलूस रंका दर्जी मोहल्ला से निकलकर रंका थाना मोड़ पहुंचा, जहां सोनपुरवा की ओर से निकाला गया जुलूस भी आकर इसमें शामिल हुआ। इसके बाद दोनों जुलूस एक साथ रंका मुख्य बाजार की ओर रवाना हुए। इस दौरान श्रद्धालु पूरे जोश के साथ ‘सरकार की आमद मरहबा’ सहित विभिन्न धार्मिक नारों का उद्घोष कर रहे थे। जुलूस के दौरान वातावरण पूरी तरह धार्मिक एवं उत्साहपूर्ण नजर आया। जुलूस रंका मुख्य बाजार होते हुए चेकनाका पहुंचा। इसके बाद सभी लोग तक्कू साह दाता के मजार शरीफ पर पहुंचे, जहां नमाज अदा कर अमन, शांति, भाईचारे और देश की खुशहाली के लिए दुआ की गई। नमाज के बाद जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से वापस रंका दर्जी मोहल्ला पहुंचा, जहां जुलूस का समापन किया गया। मौके पर लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनके संदेशों को याद किया। इस्लाम धर्म में हजरत मोहम्मद साहब को पैगंबर माना जाता है। उनका जन्म अरब के मक्का शहर में हुआ था। उन्होंने मानवता, सत्य, दया, न्याय, भाईचारे, गरीबों की मदद और शांति का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान रखने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने की सीख दी। उनके जीवन और शिक्षाओं को मुस्लिम समाज के लिए आदर्श माना जाता है। जुलूस में रंका सदर शोएब खलीफा, डॉक्टर इस्लाम शाह, मोहम्मद खान, मोहम्मद नजीर, मोहम्मद परवेज, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद मुर्तुजा, मोहम्मद शमीम उर्फ गुड्डू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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    रंका में पैगंबर मोहम्मद साहब की जयंती पर निकला भव्य जुलूस, गूंजा ‘सरकार की आमद मरहबा’ का नारा


रंका। रंका दर्जी मोहल्ला स्थित इस्लाहुल मुसलमीन कमेटी के तत्वावधान में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की जयंती के अवसर पर बुधवार को भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। जुलूस पूरे उत्साह, अनुशासन और भाईचारे के माहौल में निकाला गया।
जुलूस रंका दर्जी मोहल्ला से निकलकर रंका थाना मोड़ पहुंचा, जहां सोनपुरवा की ओर से निकाला गया जुलूस भी आकर इसमें शामिल हुआ। इसके बाद दोनों जुलूस एक साथ रंका मुख्य बाजार की ओर रवाना हुए। इस दौरान श्रद्धालु पूरे जोश के साथ ‘सरकार की आमद मरहबा’ सहित विभिन्न धार्मिक नारों का उद्घोष कर रहे थे। जुलूस के दौरान वातावरण पूरी तरह धार्मिक एवं उत्साहपूर्ण नजर आया।
जुलूस रंका मुख्य बाजार होते हुए चेकनाका पहुंचा। इसके बाद सभी लोग तक्कू साह दाता के मजार शरीफ पर पहुंचे, जहां नमाज अदा कर अमन, शांति, भाईचारे और देश की खुशहाली के लिए दुआ की गई। नमाज के बाद जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से वापस रंका दर्जी मोहल्ला पहुंचा, जहां जुलूस का समापन किया गया।
मौके पर लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनके संदेशों को याद किया। इस्लाम धर्म में हजरत मोहम्मद साहब को  पैगंबर माना जाता है। उनका जन्म अरब के मक्का शहर में हुआ था। उन्होंने मानवता, सत्य, दया, न्याय, भाईचारे, गरीबों की मदद और शांति का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान रखने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने की सीख दी। उनके जीवन और शिक्षाओं को मुस्लिम समाज के लिए आदर्श माना जाता है।
जुलूस में रंका सदर शोएब खलीफा, डॉक्टर इस्लाम शाह, मोहम्मद खान, मोहम्मद नजीर, मोहम्मद परवेज, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद मुर्तुजा, मोहम्मद शमीम उर्फ गुड्डू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    56 min ago
  • बिहार का एक 6 साल का बच्चा छात्र आंदोलन में दहाड़ा l शिक्षा एक ऐसा शेरनी का दुध है जो जितना पीयेगा उतना दहाड़ेगा या तो ये बच्चा अब्दुल कलाम बनेगा या नहीं तो नटवरलाल 420, इसलिए अभिभावक और अन्य समाजसेवी से विनम्र आग्रह है कि इसके पॉजिटिव एनर्जी को किसी बढ़िया स्कूल के माध्यम से निखारने में योगदान दीजिए और इसका भविष्य संवारिए अन्यथा ? मनीष जी अन्यथा ना लीजियेगा आप ही नहीं कोई और भी संक्षम व्यक्ति आपकी जानकारी में हो तो इस बच्चे की अच्छी शिक्षा के लिए व्यवस्था करवा दीजिए, पढ़ाई में इसकी गरीबी आड़े ना आए ,प्रखर जीनियस बुद्धि का धनी है, बहुत आगे जाएगा देश और समाज के काम आएगा l यह मेरा बिहार का भविष्य है यह मेरा देश का भविष्य है हमें इन पर गर्व है हमें बिहारी होने पर गर्व है बिहार दुनिया को बहुत कुछ दिया शायद यह बच्चा भी दुनिया को कुछ भी दे सकता है हमारे बाद यही संभालेंगे हमारे बिहार को और हमारे देश को l जियो मेरे शेर तुम्हारे जैसे हर घर में बच्चा होना चाहिए तुम्हारे मां-बाप को मैं सलाम करता हू यह बच्चा के बारे में कोई जाती तो नहीं पूछ रहा है हमको तो नहीं लगता है कोई कमेंट में जाति पूछेगा कि कौन सा जात का बच्चा है जो अच्छा है अच्छा है l जिस पुलिसकर्मी ने इस बच्चे के साथ अत्याचार किया है, वक्त आने पर यही बच्चा उसे सलाम करवाएगा—और उस दिन इतिहास गवाह होगा। आज यह बच्चा छोटा है, लेकिन जो कुछ इसके साथ हुआ है, उसे यह कभी नहीं भूलेगा। ऐसे अनुभव इंसान को अंदर से मजबूत बनाते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में यह बच्चा अपनी मेहनत और हौसले से एक बड़ा मुकाम हासिल करेगा और समाज के लिए एक मजबूत आवाज बनेगा। आज जो अन्याय सह रहा है, कल वही अपने हक के लिए खड़ा होकर इतिहास लिख l मनीष भैया ये बच्चा एक दिन भविष्य में कुछ बड़ा करेगा। इसकी बौद्धिक क्षमता, यादाश्त एवं बेबाक बोलने का अंदाज बहुत प्रशंसनीय है। और भीड़ के बाहर बच्चों की स्थिति और सच्चाई दिखाने के लिए मनीष भैया आपको सलाम । पुलिस ने इनके माता पिता के साथ जो टॉर्चर किया ये बहुत निंदनीय है।इसको हमलोग फुल सपोर्ट करते हैं। जय हिंद ❤️📍
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    बिहार का एक 6 साल का बच्चा छात्र आंदोलन में दहाड़ा l शिक्षा एक ऐसा शेरनी का दुध है जो जितना पीयेगा उतना दहाड़ेगा
या तो ये बच्चा अब्दुल कलाम बनेगा या नहीं तो नटवरलाल 420, इसलिए अभिभावक और अन्य समाजसेवी से विनम्र आग्रह है कि इसके पॉजिटिव एनर्जी को किसी बढ़िया स्कूल के माध्यम से निखारने में योगदान दीजिए और इसका भविष्य संवारिए अन्यथा ?
मनीष जी अन्यथा ना लीजियेगा आप ही नहीं  कोई और भी संक्षम व्यक्ति आपकी जानकारी में हो तो इस बच्चे की अच्छी शिक्षा के लिए व्यवस्था करवा दीजिए, पढ़ाई में इसकी गरीबी आड़े ना आए ,प्रखर जीनियस बुद्धि का धनी है, बहुत आगे जाएगा देश और समाज के काम आएगा l
यह मेरा बिहार का भविष्य है यह मेरा देश का भविष्य है हमें इन पर गर्व है हमें बिहारी होने पर गर्व है बिहार दुनिया को बहुत कुछ दिया शायद यह बच्चा भी दुनिया को कुछ भी दे सकता है हमारे बाद यही संभालेंगे हमारे बिहार को और हमारे देश को l
जियो मेरे शेर तुम्हारे जैसे हर घर में बच्चा होना चाहिए तुम्हारे मां-बाप को मैं सलाम करता हू यह बच्चा के बारे में कोई जाती तो नहीं पूछ रहा है हमको तो नहीं लगता है कोई कमेंट में जाति पूछेगा कि कौन सा जात का बच्चा है जो अच्छा है अच्छा है l
जिस पुलिसकर्मी ने इस बच्चे के साथ अत्याचार किया है, वक्त आने पर यही बच्चा उसे सलाम करवाएगा—और उस दिन इतिहास गवाह होगा।
आज यह बच्चा छोटा है, लेकिन जो कुछ इसके साथ हुआ है, उसे यह कभी नहीं भूलेगा। ऐसे अनुभव इंसान को अंदर से मजबूत बनाते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में यह बच्चा अपनी मेहनत और हौसले से एक बड़ा मुकाम हासिल करेगा और समाज के लिए एक मजबूत आवाज बनेगा।
आज जो अन्याय सह रहा है, कल वही अपने हक के लिए खड़ा होकर इतिहास लिख l
मनीष भैया ये बच्चा एक दिन भविष्य में कुछ बड़ा करेगा। इसकी बौद्धिक क्षमता, यादाश्त एवं बेबाक बोलने का अंदाज बहुत प्रशंसनीय है। और भीड़ के बाहर बच्चों की स्थिति और सच्चाई दिखाने के लिए मनीष भैया आपको सलाम । पुलिस ने इनके माता पिता के साथ जो टॉर्चर किया ये बहुत निंदनीय है।इसको हमलोग फुल सपोर्ट करते हैं। जय हिंद ❤️📍
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    1 hr ago
  • भीषण सड़क हादसा: बिजली पोल से टकराई बाइक, दो बच्चे गंभीर हेमंत कुमारकी रिपोर्ट चिनिया थाना क्षेत्र के चिनिया-रंका मुख्य सड़क पर बड़का नाला से कुछ दूरी ऊपर मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे भीषण मोटरसाइकिल दुर्घटना में दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार डंडई थाना क्षेत्र के बालेखाड़ गांव निवासी दयाशंकर सिंह अपने बहनोई चिनिया थाना क्षेत्र के सरोइदोहर निवासी सुरेश सिंह और अपने भांजे के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बिजली के पोल से जा टकराई। हादसे में बाइक सवार सभी लोग घायल हो गए, जबकि दो बच्चे मनीष कुमार उम्र 4 वर्ष तथा अंशु कुमारी 3 वर्ष की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, दोनों के सर पर गंभीर चोटे आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को चिनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही चिनिया थाना प्रभारी विकु कुमार रजक के निर्देश पर एएसआई काशी भूषण पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और घायलों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा भेजने में सहयोग किया।
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    भीषण सड़क हादसा: बिजली पोल से टकराई बाइक, दो बच्चे गंभीर
हेमंत कुमारकी रिपोर्ट
चिनिया थाना क्षेत्र के चिनिया-रंका मुख्य सड़क पर बड़का नाला से कुछ दूरी ऊपर मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे भीषण मोटरसाइकिल दुर्घटना में दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार डंडई थाना क्षेत्र के बालेखाड़ गांव निवासी दयाशंकर सिंह अपने बहनोई चिनिया थाना क्षेत्र के सरोइदोहर निवासी सुरेश सिंह और अपने भांजे के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बिजली के पोल से जा टकराई।
हादसे में बाइक सवार सभी लोग घायल हो गए, जबकि दो बच्चे मनीष कुमार उम्र 4 वर्ष तथा अंशु कुमारी 3 वर्ष  की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, दोनों के सर पर गंभीर चोटे आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को चिनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही चिनिया थाना प्रभारी विकु कुमार रजक के निर्देश पर एएसआई काशी भूषण पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और घायलों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा भेजने में सहयोग किया।
    user_Hemant Kumar.  (7294972353)
    Hemant Kumar. (7294972353)
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    19 hrs ago
  • नगर परिषद मुख्यालय में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर निकला जुलूस ए मोहम्मदी,सरकार की आमद मरहबा से गुंजा क्षेत्र विश्रामपुर नगर परिषद व आंचलिक क्षेत्र में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर परंपरागत तरीके से जुलूस ए मोहम्मदी निकाला गया। क्षेत्र के विभिन्न मदरसों से जुलूस निकला और विश्रामपुर नगर परिषद मुख्यालय में सभी जुलूस शामिल हुआ। जहां सभी जुलूस एक साथ होकर एसबीआई बैंक चौक से बस स्टैंड,थाना चौक होते हुये पुनः बस स्टैंड आया। जहां जुलूस का समापन हुआ।
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    नगर परिषद मुख्यालय में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर निकला जुलूस ए मोहम्मदी,सरकार की आमद मरहबा से गुंजा क्षेत्र
विश्रामपुर नगर परिषद व आंचलिक क्षेत्र में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर परंपरागत तरीके से जुलूस ए मोहम्मदी निकाला गया। क्षेत्र के विभिन्न मदरसों से जुलूस निकला और विश्रामपुर नगर परिषद मुख्यालय में सभी जुलूस शामिल हुआ। जहां सभी जुलूस एक साथ होकर एसबीआई बैंक चौक से बस स्टैंड,थाना चौक होते हुये पुनः बस स्टैंड आया। जहां जुलूस का समापन हुआ।
    user_पब्लिक लोकल न्यूज झारखंड
    पब्लिक लोकल न्यूज झारखंड
    विश्रामपुर, पलामू, झारखंड•
    1 hr ago
  • ब्रेकिंग बलरामपुर छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे बलरामपुर जिले के राजपुर के कर्रा करमेश्वर मंदिर में करेंगे पूजा अर्चना शिव महापुराण कथा कार्यक्रम में होंगे शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत जशपुर जिले के आयोजीत विभिन्न कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री ब्रेकिंग बलरामपुर छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे बलरामपुर जिले के राजपुर के कर्रा करमेश्वर मंदिर में करेंगे पूजा अर्चना शिव महापुराण कथा कार्यक्रम में होंगे शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत जशपुर जिले के आयोजीत विभिन्न कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री
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    ब्रेकिंग बलरामपुर  छत्तीसगढ़ 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे बलरामपुर 

जिले के  राजपुर के कर्रा  करमेश्वर  मंदिर  में करेंगे पूजा अर्चना

 शिव महापुराण कथा कार्यक्रम में होंगे शामिल 

भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत 

 जशपुर जिले के आयोजीत विभिन्न कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री
ब्रेकिंग बलरामपुर  छत्तीसगढ़ 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे बलरामपुर 
जिले के  राजपुर के कर्रा  करमेश्वर  मंदिर  में करेंगे पूजा अर्चना
शिव महापुराण कथा कार्यक्रम में होंगे शामिल 
भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत 
जशपुर जिले के आयोजीत विभिन्न कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    22 min ago
  • महुली में भुगतान रुका, शौचालय हैंडपंप ठपः ग्रामीणों को पेयजल व स्वच्छता के लिए जूझना पड़ रहा महुली में भुगतान रुका, शौचालय हैंडपंप ठपः ग्रामीणों को पेयजल व स्वच्छता के लिए जूझना पड़ रहा
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    महुली में भुगतान रुका, शौचालय हैंडपंप ठपः ग्रामीणों को पेयजल व स्वच्छता के लिए जूझना पड़ रहा
महुली में भुगतान रुका, शौचालय हैंडपंप ठपः ग्रामीणों को पेयजल व स्वच्छता के लिए जूझना पड़ रहा
    user_Nitesh Kumar
    Nitesh Kumar
    Mandi Agent Mahuli•
    4 hrs ago
  • Post by Sunil singh
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    Post by Sunil singh
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    1 hr ago
  • मकई के खेत में मिला राजेंद्र यादव का शव, हत्या की आशंका के बीच दो मासूम बेटियों के भविष्य पर सवाल गांव निवासी राजेंद्र यादव का शव सोमवार को उनके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित मकई के खेत के बीच से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि राजेंद्र यादव मानसिक रूप से कुछ कमजोर थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक बड़ा भाई कन्हाई यादव है, जो फिलहाल रायपुर में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद कन्हाई यादव गांव के लिए रवाना हो गए हैं। राजेंद्र यादव की पत्नी का भी करीब पांच से सात वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनके पालन-पोषण और देखभाल का एकमात्र सहारा उनके पिता राजेंद्र यादव ही थे। ऐसे में राजेंद्र यादव की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके भविष्य और देखभाल का खड़ा हो गया है। पुलिस ने सोमवार शाम मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। शव पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। नाक से खून निकलने और जीभ बाहर निकली होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। लेकिन सवाल सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। राजेंद्र यादव की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियों का क्या होगा? उनकी देखभाल कौन करेगा? इस घटना के पीछे कौन है? राजेंद्र यादव की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? उनका मोबाइल फोन कहां है और इस समय किसके पास है? इन तमाम सवालों के जवाब मिलना जरूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करे तथा यदि यह हत्या है तो इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। साथ ही प्रशासन को राजेंद्र यादव की दोनों बेटियों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर भी तत्काल पहल करनी चाहिए। सिर्फ शव का अंतिम संस्कार कर देना इस घटना का समाधान नहीं है। असली सवाल यह है कि राजेंद्र यादव की मौत की सच्चाई सामने कब आएगी और उनके पीछे छूट गईं दो मासूम बेटियों को न्याय और सहारा कौन देगा? मकई के खेत में मिला राजेंद्र यादव का शव, हत्या की आशंका के बीच दो मासूम बेटियों के भविष्य पर सवाल गांव निवासी राजेंद्र यादव का शव सोमवार को उनके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित मकई के खेत के बीच से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि राजेंद्र यादव मानसिक रूप से कुछ कमजोर थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक बड़ा भाई कन्हाई यादव है, जो फिलहाल रायपुर में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद कन्हाई यादव गांव के लिए रवाना हो गए हैं। राजेंद्र यादव की पत्नी का भी करीब पांच से सात वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनके पालन-पोषण और देखभाल का एकमात्र सहारा उनके पिता राजेंद्र यादव ही थे। ऐसे में राजेंद्र यादव की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके भविष्य और देखभाल का खड़ा हो गया है। पुलिस ने सोमवार शाम मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। शव पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। नाक से खून निकलने और जीभ बाहर निकली होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। लेकिन सवाल सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। राजेंद्र यादव की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियों का क्या होगा? उनकी देखभाल कौन करेगा? इस घटना के पीछे कौन है? राजेंद्र यादव की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? उनका मोबाइल फोन कहां है और इस समय किसके पास है? इन तमाम सवालों के जवाब मिलना जरूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करे तथा यदि यह हत्या है तो इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। साथ ही प्रशासन को राजेंद्र यादव की दोनों बेटियों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर भी तत्काल पहल करनी चाहिए। सिर्फ शव का अंतिम संस्कार कर देना इस घटना का समाधान नहीं है। असली सवाल यह है कि राजेंद्र यादव की मौत की सच्चाई सामने कब आएगी और उनके पीछे छूट गईं दो मासूम बेटियों को न्याय और सहारा कौन देगा?
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    मकई के खेत में मिला राजेंद्र यादव का शव, हत्या की आशंका के बीच दो मासूम बेटियों के भविष्य पर सवाल

गांव निवासी राजेंद्र यादव का शव सोमवार को उनके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित मकई के खेत के बीच से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि राजेंद्र यादव मानसिक रूप से कुछ कमजोर थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक बड़ा भाई कन्हाई यादव है, जो फिलहाल रायपुर में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद कन्हाई यादव गांव के लिए रवाना हो गए हैं।

राजेंद्र यादव की पत्नी का भी करीब पांच से सात वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनके पालन-पोषण और देखभाल का एकमात्र सहारा उनके पिता राजेंद्र यादव ही थे। ऐसे में राजेंद्र यादव की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके भविष्य और देखभाल का खड़ा हो गया है।

पुलिस ने सोमवार शाम मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। शव पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। नाक से खून निकलने और जीभ बाहर निकली होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।

लेकिन सवाल सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। राजेंद्र यादव की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियों का क्या होगा? उनकी देखभाल कौन करेगा? इस घटना के पीछे कौन है? राजेंद्र यादव की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? उनका मोबाइल फोन कहां है और इस समय किसके पास है? इन तमाम सवालों के जवाब मिलना जरूरी है।

ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करे तथा यदि यह हत्या है तो इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। साथ ही प्रशासन को राजेंद्र यादव की दोनों बेटियों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर भी तत्काल पहल करनी चाहिए।

सिर्फ शव का अंतिम संस्कार कर देना इस घटना का समाधान नहीं है। असली सवाल यह है कि राजेंद्र यादव की मौत की सच्चाई सामने कब आएगी और उनके पीछे छूट गईं दो मासूम बेटियों को न्याय और सहारा कौन देगा?
मकई के खेत में मिला राजेंद्र यादव का शव, हत्या की आशंका के बीच दो मासूम बेटियों के भविष्य पर सवाल
गांव निवासी राजेंद्र यादव का शव सोमवार को उनके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित मकई के खेत के बीच से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया जाता है कि राजेंद्र यादव मानसिक रूप से कुछ कमजोर थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक बड़ा भाई कन्हाई यादव है, जो फिलहाल रायपुर में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद कन्हाई यादव गांव के लिए रवाना हो गए हैं।
राजेंद्र यादव की पत्नी का भी करीब पांच से सात वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनके पालन-पोषण और देखभाल का एकमात्र सहारा उनके पिता राजेंद्र यादव ही थे। ऐसे में राजेंद्र यादव की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके भविष्य और देखभाल का खड़ा हो गया है।
पुलिस ने सोमवार शाम मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। शव पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। नाक से खून निकलने और जीभ बाहर निकली होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
लेकिन सवाल सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। राजेंद्र यादव की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियों का क्या होगा? उनकी देखभाल कौन करेगा? इस घटना के पीछे कौन है? राजेंद्र यादव की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? उनका मोबाइल फोन कहां है और इस समय किसके पास है? इन तमाम सवालों के जवाब मिलना जरूरी है।
ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करे तथा यदि यह हत्या है तो इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। साथ ही प्रशासन को राजेंद्र यादव की दोनों बेटियों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर भी तत्काल पहल करनी चाहिए।
सिर्फ शव का अंतिम संस्कार कर देना इस घटना का समाधान नहीं है। असली सवाल यह है कि राजेंद्र यादव की मौत की सच्चाई सामने कब आएगी और उनके पीछे छूट गईं दो मासूम बेटियों को न्याय और सहारा कौन देगा?
    user_Men of jharkhand
    Men of jharkhand
    Court reporter धुरकी, गढ़वा, झारखंड•
    22 hrs ago
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