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हरदोई के बघौली थाना क्षेत्र से संबंधित एक मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक हरदोई ने तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना परिवहन विभाग द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़ी है। इसी क्रम में, बघौली थाना में एक सिपाही को बस परिचालक के साथ अभद्रता करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
राम सागर
हरदोई के बघौली थाना क्षेत्र से संबंधित एक मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक हरदोई ने तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना परिवहन विभाग द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़ी है। इसी क्रम में, बघौली थाना में एक सिपाही को बस परिचालक के साथ अभद्रता करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
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- हरदोई के शाहाबाद में ड्यूटी पर जा रहे एक होमगार्ड जवान अरविंद कुमार (28) की सड़क हादसे में मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक पुनीत (30) गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। इस दुखद घटना के बाद मृतक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं ड्यूटी पर जान गंवाने वाले जवान के प्रति प्रशासनिक उदासीनता को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह हादसा शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र की आंझी चौकी के अंतर्गत टुमुर्की मोड़ के पास आलमनगर रोड पर हुआ, जब अरविंद की बाइक सामने से आ रही एक अन्य बाइक से टकरा गई। मझिला थाना क्षेत्र के टेडवां फत्तेपुर निवासी अरविंद, जो टोडरपुर होमगार्ड कंपनी में तैनात थे, शनिवार शाम को ड्यूटी के लिए मझिला थाना जा रहे थे। भीषण टक्कर के बाद दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। सूचना पर पहुंची एम्बुलेंस दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाई, जहां चिकित्सकों ने अरविंद को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पचदेवरा थाना के फेरमा किलकिली निवासी पुनीत की हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर भेजा गया; वह दिल्ली से घर आया था और अपनी बहन के घर रेभा मुरादपुर जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, अरविंद के पिता जुगराज भी होमगार्ड थे और उनके निधन के बाद अरविंद को मृतक आश्रित के रूप में यह नौकरी मिली थी। परिवार की सारी जिम्मेदारियां संभाल रहे अरविंद की असमय मौत से घर का सहारा छिन गया है। वह अपने पीछे पत्नी, पांच वर्षीय पुत्री शिवांकी और दो वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं। अस्पताल में परिजनों का विलाप देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय पुलिस कर्मी और आंझी चौकी प्रभारी सक्रिय दिखे, लेकिन ड्यूटी पर जान गंवाने वाले होमगार्ड जवान के लिए कोई भी वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल या अस्पताल नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी के साथ ऐसी घटना होती तो जिले के बड़े अधिकारी संवेदना व्यक्त करने पहुंचते, लेकिन एक होमगार्ड जवान की मौत के बाद न तो पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और न ही होमगार्ड विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी दिखाई दिया। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या होमगार्ड जवान केवल ड्यूटी लेने तक ही सिस्टम के अपने हैं और क्या उनकी शहादत व उनके परिवार का दर्द किसी बड़े अधिकारी की संवेदना का भी हकदार नहीं?4
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में स्थित कैरमैर गाँव में एक घटना हुई है, जिस पर तत्काल ध्यान देने और जल्द से जल्द सुनवाई करने की मांग की जा रही है। इस मामले में अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।1
- आज सोमवार को हरदोई जनपद के सुन्नी ग्राम स्थित मां महिषासुर मर्दिनी धाम में भगवान भोलेनाथ के दिव्य श्रृंगार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान, शिवभक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ जलाभिषेक किया और पूजन-अर्चन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। सुन्नी धाम में भक्तों की गहरी आस्था देखने को मिली।2
- हरदोई जिले के सुरसा थाना क्षेत्र अंतर्गत खजुरहरा मजरा ककुम्मर के पास एक हैरान करने वाली घटना सामने आई, जहाँ झबरा पूर्वा निवासी साहिल पुत्र राम रतन अपनी प्रेमिका को हासिल करने की जिद में एक हाई वोल्टेज बिजली के खंभे पर चढ़ गया। गांव और घर के लोगों ने उसे नीचे उतारने के लिए काफी समझाया, लेकिन युवक उनकी बातों पर ध्यान नहीं दे रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सुरसा पुलिस प्रशासन और ग्राम पंचायत प्रधान पति उदय प्रताप को मौके पर बुलाया गया। इन सभी लोगों द्वारा काफी समझाने-बुझाने के बाद ही युवक साहिल खंभे से सुरक्षित नीचे उतरा, जिसके बाद यह मामला शांत हुआ।1
- हरदोई जनपद में कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर थाना बघौली से संबंधित खबर प्रसारित होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एक मुख्य आरक्षी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई हरदोई के परिवहन विभाग द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान हुई। अभियान में एक बस को क्षमता से अधिक सवारियां ले जाने के आरोप में पीटीओ अधिकारी ने सीज कर बस चालक के माध्यम से थाना बघौली पहुंचाया था। थाना परिसर में बस खड़ी करने को लेकर बस चालक द्वारा विरोध किया जा रहा था, और इसी दौरान थाना बघौली पर तैनात मु0आ0 कृष्ण कुमार ने बस परिचालक के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस पूरे प्रकरण को तुरंत संज्ञान में लेते हुए, हरदोई जनपद के पुलिस अधीक्षक महोदय ने मु0आ0 कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस प्रकरण के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री सुबोध गौतम की बाइट भी जारी की गई है।1
- हरदोई के सुरसा थाना क्षेत्र में जमीन बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घायल युवक विनोद कुमार ने लखनऊ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिसके बाद रविवार शाम को उसका शव गांव लाया गया और सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने इस मामले में आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार दोपहर को थाना क्षेत्र के तुंदवल मजरा काहटरा गांव की नहर पटरी पर जमीनी बंटवारे को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी, जिसमें लोहे के रॉड और लाठी-डंडे चले। इसी बीच, सुरसा क्षेत्र के तुंदवल मजरा बदरूद्दीन पुर निवासी विनोद कुमार अपने साथी मित्रसेन के साथ हरदोई से स्कूटी पर गांव वापस जा रहे थे। आरोप है कि गांव की नहर पटरी पर विपक्षी, जिनमें थाना सांडी के बघराई निवासी हरिश्चंद्र, उसके पुत्र राहुल और ओंमसिह, तथा उसका साथी कासिम अली शामिल थे, घात लगाकर बैठे थे। उन्होंने विनोद की स्कूटी के आगे मोटरसाइकिल लगाकर उसे रोका और लोहे की रॉड तथा लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिससे विनोद और मित्रसेन घायल हो गए। विनोद की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया, जहाँ शनिवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह विवाद बुधवार को हुई एक और मारपीट से जुड़ा है। हरिश्चंद्र पुत्र रामलाल ने बुधवार को थाने में तहरीर दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि विनोद कुमार, ओंमकार, पुनीत और अजीत ने उसके घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की थी। उसे बचाने आई उसकी पत्नी कमला देवी को भी काफी चोटें आई थीं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी और इस जमीनी विवाद में पहले भी दोनों पक्षों पर कार्रवाई की थी।1
- हरदोई के सबायजपुर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में उस समय अव्यवस्था फैल गई, जब जिलाधिकारी के जाने के कुछ ही देर बाद, लगभग दोपहर 1:20 बजे, अधिकांश अधिकारी जनसुनवाई कक्ष छोड़कर चले गए। अधिकारियों के उठकर चले जाने के बाद कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, जबकि बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतों के समाधान की उम्मीद में इंतजार करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिलाधिकारी के पास अधिक शिकायतें न पहुंचें, यह सुनिश्चित करने के लिए सैकड़ों फरियादियों को गेट पर ही रोक दिया गया था। एसडीएम सबायजपुर द्वारा की गई अव्यवस्था और फरियादियों की अत्यधिक संख्या को देखकर ही जिलाधिकारी समय से पहले ही उठकर चले गए थे। इसके परिणामस्वरूप, दर्जनों फरियादी बिना सुनवाई के ही वापस लौटने को मजबूर हुए, जिससे तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि तहसील स्तर पर शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से निस्तारण होता, तो सम्पूर्ण समाधान दिवस में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ नहीं उमड़ती। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान न होने के कारण उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह घटना इस बात पर प्रश्नचिह्न लगाती है कि क्या सम्पूर्ण समाधान दिवस केवल एक औपचारिकता बनकर रह गया है? जब इस दिवस का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का समाधान करना है, तो जिलाधिकारी के जाते ही अधिकारियों का जनसुनवाई छोड़कर चले जाना इस व्यवस्था की गंभीरता पर संदेह पैदा करता है। बिना सुनवाई के लौटे फरियादियों की जिम्मेदारी कौन लेगा और जब तहसील स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, तो जवाबदेही किसकी तय होगी, यह सवाल अब उठ रहे हैं।1
- यह पोस्ट 'जय महाकाल', 'जय सनातन धर्म' और 'जय बजरंग बली' जैसे भक्तिपूर्ण उद्घोषों को दर्शाता है, जिसे 'ट्रेंडिंग रील्स' के माध्यम से साझा किया गया है। यह सामग्री धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा के प्रति गहरी पहचान व श्रद्धा को प्रकट करती है।1