सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र के पिपरखाड़ ग्राम पंचायत के सिद्धवादामर टोला में एक अधेड़ श्याम बिहारी उरांव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। मृतक के परिजनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि गाँव के कुछ लोगों द्वारा की गई मारपीट के कारण ही उनकी जान गई है। इस घटना से परिवार में मातम पसरा हुआ है और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं। मृतक के भाई प्रमोद कुमार उरांव ने कोन थाना में तहरीर देकर दर्जनभर लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भाई के साथ हुई मारपीट की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। परिजनों का यह भी दावा है कि घटना से जुड़े कुछ वीडियो मौजूद हैं, जो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, श्याम बिहारी उरांव अपने परिवार के एकमात्र सहारा थे, और उनकी आकस्मिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद से क्षेत्र में गहन चर्चा का माहौल गर्म है, और सभी की निगाहें अब पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो उनका विश्वास व्यवस्था से उठ जाएगा और वे आंदोलन करेंगे। फिलहाल, पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों से भी मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है, ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो और दोषी बच न सकें।
सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र के पिपरखाड़ ग्राम पंचायत के सिद्धवादामर टोला में एक अधेड़ श्याम बिहारी उरांव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। मृतक के परिजनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि गाँव के कुछ लोगों द्वारा की गई मारपीट के कारण ही उनकी जान गई है। इस घटना से परिवार में मातम पसरा हुआ है और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं। मृतक के भाई प्रमोद कुमार उरांव ने कोन थाना में तहरीर देकर दर्जनभर लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भाई के साथ हुई मारपीट की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। परिजनों का यह भी दावा है कि घटना से जुड़े कुछ वीडियो मौजूद हैं, जो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, श्याम बिहारी उरांव अपने परिवार के एकमात्र सहारा थे, और उनकी आकस्मिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद से क्षेत्र में गहन चर्चा का माहौल गर्म है, और सभी की निगाहें अब पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो उनका विश्वास व्यवस्था से उठ जाएगा और वे आंदोलन करेंगे। फिलहाल, पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों से भी मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है, ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो और दोषी बच न सकें।
- सोनभद्र जिले के कोन थाना क्षेत्र की पिपरखाड़ ग्राम पंचायत के सिद्धवादामर टोला निवासी श्याम बिहारी उरांव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनके परिवार ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। मृतक के भाई लेखराज उरांव ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि श्याम बिहारी उरांव की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। लेखराज उरांव ने आरोप लगाया है कि घटना की गहन जांच करके सच्चाई सामने लानी चाहिए। उन्होंने ज़ोर दिया कि यदि किसी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। लेखराज ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "हमारा परिवार न्याय चाहता है। मेरे भाई की मौत की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी हो, उसे कानून के तहत कड़ी सजा मिले। प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए।" उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की है कि वे मामले का संज्ञान लें, गरीब परिवार की आवाज सुनें और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें। उरांव परिवार को कानून पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई अवश्य सामने आएगी। इस घटना के बाद से गांव में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है, और ग्रामीणों ने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।1
- सोनभद्र जिले के पन्नूगंज थाना क्षेत्र में हुई एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की दुखद मृत्यु हो गई है। इस घटना के संबंध में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सोनभद्र, श्री अनिल कुमार ने इस पूरे मामले को लेकर एक बाइट जारी की है, जिसमें उन्होंने दुर्घटना और पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही से जुड़ी जानकारी प्रदान की।1
- सोनभद्र के म्योरपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत आरंगपानी स्थित बरवा टोला चौराहे पर ग्रामीणों ने सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि यह चौराहा चार गांवों को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है, जहाँ शाम 7 बजे के बाद घना अंधेरा छा जाता है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह चौराहा चांगा, कुदरी, लिलासी, चैरी, आरंगपानी, फाटपखना और किरबिल सहित दर्जनों गांवों को आपस में जोड़ता है, और यहाँ एक बस स्टैंड भी है, जिससे क्षेत्र में लोगों का आवागमन लगातार बना रहता है। ग्रामीणों ने इस स्थान के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि कुदरी गांव में विभिन्न विशिष्ट व्यक्तियों का भी आना-जाना लगा रहता है। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि इस संबंध में उन्होंने पहले भी खंड विकास अधिकारी से स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग की थी, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस प्रदर्शन में युवा समाजसेवी राजू कुमार गुप्ता, पूर्व ग्राम प्रधान सुदर्शन प्रसाद, भगवान दास गुप्ता, डॉ. गणेश प्रसाद सोनी, रामजी सोनी, छबीश खरवार, उत्कर्ष गुप्ता, सीताराम आयाम सहित कई दर्जन ग्रामीण शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने तत्काल बरवा टोला चौराहे पर सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित करने की मांग की है, ताकि राहगीरों और स्थानीय लोगों को सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग जल्द पूरी नहीं की गई, तो वे आगे भी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।2
- सोनभद्र जिले के बभनी क्षेत्र के एक युवक ने तहसीलदार दूधी पर भ्रामक सूचना प्रेषित करने और आरटीआई के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। युवक ने एक वीडियो के माध्यम से अपना बयान जारी किया, जिसमें उसने बताया कि उसने 4 दिसंबर 2025 को तहसीलदार दूधी के समक्ष एक आरटीआई आवेदन प्रस्तुत किया था। युवक के अनुसार, उसके आवेदन पर समय पर सूचना नहीं दी गई और उसकी अनदेखी की गई। इस संबंध में उसने विभाग में शिकायत भी दर्ज कराई है, लेकिन आरटीआई अधिनियम के स्पष्ट उल्लंघन के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।1
- सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र की सलखन ग्राम पंचायत में रविवार सुबह एक व्यक्ति का शव घर से लगभग आधा किलोमीटर दूर बबूल के पेड़ पर लटका हुआ मिला। मृतक की पहचान 45 वर्षीय धर्मेंद्र उर्फ पौड़ी धइकार के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, पुलिस द्वारा आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- जनपद सोनभद्र के ओबरा क्षेत्र में स्थित बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र की खैरटिया ग्राम पंचायत (गोंडवाना बस्ती) से एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने एक पत्थर खदान के संचालन पर नाराजगी जताते हुए जिला मुख्यालय पर प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। हाथों में पत्थर लेकर प्रदर्शन करने पहुंची इन महिलाओं ने क्षेत्र में सुरक्षा और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खैरटिया टोला की आबादी के बेहद नजदीक मेसर्स डी.एस. माइनिंग खदान का संचालन हो रहा है। उनकी शिकायत के अनुसार, तीव्र ब्लास्टिंग के कारण पत्थर के टुकड़े उड़कर सीधे उनकी झोपड़ियों, खपरैल के मकानों और अस्थाई छावनियों तक पहुंच रहे हैं। विस्फोटों से होने वाले कंपन से आदिवासियों द्वारा जैसे-तैसे बनाए गए इन कच्चे-पक्के मकानों और छावनियों की दीवारों में दरारें आ रही हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। आर्थिक रूप से कमजोर ये परिवार अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर पैंतीस किलोमीटर दूर से भाड़ा लगाकर जिला मुख्यालय पहुंचे थे। उत्तर प्रदेश उपखनिज नियमावली 2021 के प्रावधानों के तहत, खनन पट्टा स्वीकृत करते समय यह अनुबंध होता है कि खनन संक्रियाओं से स्थानीय जनजीवन या उनके आवासों को कोई क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए। साथ ही, पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी के लिए पट्टा क्षेत्र में 360 डिग्री कैमरा सेटअप अनिवार्य है। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि नियमों की अनदेखी हो रही है और वहां ऐसा कोई कैमरा क्रियाशील नहीं है। इसके विपरीत, पट्टा संचालक का समाचार पत्रों में पक्ष है कि वे नियमों के तहत ही काम कर रहे हैं और पत्थर पट्टा क्षेत्र से बाहर नहीं जा रहे। इन विरोधाभासी दावों के बीच, धरातल पर किसी निष्पक्ष जांच कमेटी द्वारा स्थिति स्पष्ट किया जाना अभी बाकी है। इस घटनाक्रम और दोनों पक्षों के दावों की सत्यता जानने के लिए जब मीडिया ने जनपद के मुख्य खनन अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया, तो फोन पर उनसे बात नहीं हो सकी। उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से सुरक्षा संबंधी आरोपों पर ब्लास्टिंग रोकने, 'सिस्मीग्राफ' यंत्र से कंपन की वैज्ञानिक माप कराने, 360 डिग्री कैमरों की उपलब्धता पर विभाग की तकनीकी रिपोर्ट और कथित अमर्यादित बयानों पर विभाग की प्रतिक्रिया जैसे बिंदुवार सवाल भेजे गए। माइनिंग ऑफिसर द्वारा संदेश देखे जाने के बावजूद, इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने तक इन तकनीकी और प्रशासनिक सवालों पर उनकी तरफ से कोई आधिकारिक जवाब या स्पष्टीकरण नहीं आया। राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' और पारदर्शिता की नीति के बीच, खनन विभाग का यह मौन पीड़ित परिवारों की सुरक्षा और स्वीकृत खनन पट्टों के नियमों की वास्तविकता से जुड़े सवालों पर उनकी प्रशासनिक जवाबदेही को कटघरे में खड़ा करता है।1
- सोनभद्र के कोन स्थित पिपरखाड़ ग्राम पंचायत के सिद्धवादामर टोला निवासी श्याम बिहारी उरांव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनका परिवार न्याय के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहा है। मृतक के भाई लेखराज उरांव ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि श्याम बिहारी उरांव की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है, और आरोप लगाया कि घटना की गहन जांच कर सच्चाई को सामने लाया जाए तथा यदि किसी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। लेखराज उरांव ने दृढ़ता से कहा, "हमारा परिवार न्याय चाहता है। मेरे भाई की मौत की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी हो, उसे कानून के तहत कड़ी सजा मिले।" उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपील की। लेखराज उरांव ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए कहा कि एक गरीब परिवार की आवाज सुनी जाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को कानून पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। इस घटना के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल है, और ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।1
- सोनभद्र जिले में एक और दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के सोनवट पेट्रोल पंप के पास एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से 24 वर्षीय युवक सत्यम उर्फ राहुल सोनी की मौके पर ही दुखद मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि, परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें उचित सूचना दिए बिना ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। इस घटना से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने पहले थाने पर प्रदर्शन किया और फिर रामगढ़ क्षेत्र में चक्का जाम कर आरोपी चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर मालिक एवं चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार चालक की तलाश में दबिश दी जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।4