डूंगरपुर शहर के सबका हॉस्पिटल में शनिवार को कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें उत्साहपूर्वक 20 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोगरा थे, जबकि अध्यक्षता पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत में चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल ने सभी अतिथियों का फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत किया। शिविर के दौरान पूर्व राज्यमंत्री असरार अहमद, वरिष्ठ नेता प्रेमकुमार पाटीदार, संगठन महासचिव नारायण पण्ड्या और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रियकांत पण्ड्या सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। शिविर को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं विधायक गणेश घोगरा ने रक्तदान को महादान और इंसानियत का जीता-जागता उदाहरण बताया। उन्होंने राजनीतिक परिदृश्य पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि जहां एक तरफ भाजपा देश में जाति और धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है, वहीं ऐसे रक्तदान शिविर हमें इन संकीर्णताओं से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने की सीख देते हैं। उन्होंने कहा कि रक्त किसी कारखाने में नहीं बनता और न ही रक्तदान के समय किसी की जाति या धर्म देखा जाता है। समारोह की अध्यक्षता कर रहे पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने डॉ. गोविंद पटेल की सराहना की। भगोरा ने हाल ही के एक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद पुलिस ने डॉ. गोविंद को थाने बुलाकर सवाल-जवाब किए थे, लेकिन उन्होंने कांग्रेस की मजबूत विचारधारा के अनुरूप इस चुनौती का निडरता से सामना किया। चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि सबका अस्पताल में आयोजित होने वाला यह पांचवां शिविर है, जबकि चिकित्सा प्रकोष्ठ के बैनर तले यह पहली अनूठी पहल है। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रवक्ता सुखदेव यादव ने किया। इस मौके पर सेवादल जिलाध्यक्ष उर्मिला अहारी, बंशीलाल साद और राकेश अहारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे। शिविर में ब्लड बैंक के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ सिंह, डॉ. अमन जैन और प्रभारी मोहनलाल यादव के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने अपनी सेवाएं दीं। वहीं, अतिथियों द्वारा डॉ. गोविंद पटेल, डॉ. राम लखन और डॉ. विकास पारीख सहित कई रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
डूंगरपुर शहर के सबका हॉस्पिटल में शनिवार को कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें उत्साहपूर्वक 20 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोगरा थे, जबकि अध्यक्षता पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत में चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल ने सभी अतिथियों का फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत किया। शिविर के दौरान पूर्व राज्यमंत्री असरार अहमद, वरिष्ठ नेता प्रेमकुमार पाटीदार, संगठन महासचिव नारायण पण्ड्या और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रियकांत पण्ड्या सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। शिविर को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं विधायक गणेश घोगरा ने रक्तदान को महादान और इंसानियत का जीता-जागता उदाहरण बताया। उन्होंने राजनीतिक परिदृश्य पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि जहां एक तरफ भाजपा देश में जाति और धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है, वहीं ऐसे रक्तदान शिविर हमें इन संकीर्णताओं से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने की सीख देते हैं। उन्होंने कहा कि रक्त किसी कारखाने में नहीं बनता और न ही रक्तदान के समय किसी की जाति या धर्म देखा जाता है। समारोह की अध्यक्षता कर रहे पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने डॉ. गोविंद पटेल की सराहना की। भगोरा ने हाल ही के एक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद पुलिस ने डॉ. गोविंद को थाने बुलाकर सवाल-जवाब किए थे, लेकिन उन्होंने कांग्रेस की मजबूत विचारधारा के अनुरूप इस चुनौती का निडरता से सामना किया। चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि सबका अस्पताल में आयोजित होने वाला यह पांचवां शिविर है, जबकि चिकित्सा प्रकोष्ठ के बैनर तले यह पहली अनूठी पहल है। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रवक्ता सुखदेव यादव ने किया। इस मौके पर सेवादल जिलाध्यक्ष उर्मिला अहारी, बंशीलाल साद और राकेश अहारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे। शिविर में ब्लड बैंक के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ सिंह, डॉ. अमन जैन और प्रभारी मोहनलाल यादव के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने अपनी सेवाएं दीं। वहीं, अतिथियों द्वारा डॉ. गोविंद पटेल, डॉ. राम लखन और डॉ. विकास पारीख सहित कई रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
- डूंगरपुर से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अहमदाबाद पहुंचे। वहाँ उन्होंने एक निजी अस्पताल में जाकर दशा हुमड़ समाज के अध्यक्ष दिनेश खोडनिया के पुत्र अदिश खोडनिया के जुड़वां बच्चे होने पर उनके परिवार को ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई दीं। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री अर्जुन, महेंद्रजीत सिंह मालवीय और असरार अहमद भी मौजूद रहे। इसके अलावा अहमदाबाद के पूर्व मेयर और विधायक हिम्मत पटेल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।2
- डूंगरपुर शहर के सबका हॉस्पीटल में शनिवार को कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के बैनर तले एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 20 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोगरा मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत में चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल सबका ने अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया। शिविर को संबोधित करते हुए विधायक गणेश घोगरा ने कहा कि रक्तदान आज के दौर में इंसानियत का जीता-जागता उदाहरण है, जो सामाजिक सरोकारों से जुड़ा है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि रक्तदान में कभी जाति और धर्म आड़े नहीं आता और यह हमें इनसे ऊपर उठकर कार्य करने की सीख देता है, लेकिन मौजूदा दौर में भाजपा जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने लगी है। वहीं, चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल ने आभार जताते हुए कहा कि सबका अस्पताल में यह पांचवां और चिकित्सा प्रकोष्ठ के बैनर तले पहला शिविर है। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने डॉ. गोविंद पटेल की सराहना करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के बाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें थाने बुलाकर सवाल-जवाब किए थे, जिसका उन्होंने कांग्रेस विचारधारा के अनुरूप मजबूती से सामना किया। शिविर में पूर्व राज्यमंत्री असरार अहमद, वरिष्ठ नेता प्रेमकुमार पाटीदार, नारायण पण्ड्या, प्रियकांत पण्ड्या सहित कई कांग्रेस नेता उपस्थित रहे। इस अवसर पर ओमप्रकाश सिंह, रामनिवास, राजेंद्र, चेतन और डॉ. गोविंद पटेल समेत कुल 15 लोगों ने रक्तदान किया, जिन्हें अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।2
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के चौरासी विधानसभा क्षेत्र से भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायक अनिल कुमार कटारा ने वन मित्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग उठाई है। इस संबंध में विधायक ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा को पत्र लिखकर पूरी चयन प्रक्रिया की समीक्षा करने का आग्रह किया है। विधायक ने सरकार का ध्यान खींचते हुए बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा 2024-25 के तहत वन विभाग द्वारा संचालित इस भर्ती के आदेश 07 जुलाई 2026 को रात 11:54 बजे जारी किए गए थे, और पंजीयन कराने व रिपोर्ट भिजवाने की अंतिम तिथि अगले ही दिन यानी 08 जुलाई 2026 की शाम तक ही निर्धारित कर दी गई। विधायक अनिल कटारा ने प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इतनी अल्प समयावधि मिलने और सूचना के सीमित साधनों के कारण ग्रामीण व आदिवासी अंचलों के हजारों जरूरतमंद व बेरोजगार युवा आवेदन करने से पूरी तरह वंचित रह गए हैं। उनका आरोप है कि इस जल्दबाजी के कारण केवल पूर्व जानकारी रखने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को ही इसका लाभ मिल सका है, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जनता में सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मांग की है कि वर्तमान वन मित्र पंजीयन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय समीक्षा कराई जाए और पर्याप्त समयावधि व ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ दोबारा आवेदन आमंत्रित किए जाएं ताकि सभी पात्र युवाओं और महिलाओं को समान अवसर मिल सके।1
- डूंगरपुर के सीमलवाड़ा में शिक्षा के क्षेत्र में समाज की भागीदारी का एक प्रेरणादायी उदाहरण देखने को मिला है। यहाँ विद्या भारती जनजाति समिति राजस्थान द्वारा संचालित विद्या निकेतन प्राथमिक विद्यालय, वाकाखाण्डा भीण्डा में भामाशाह के सहयोग से 52 विद्यार्थियों को नए स्कूल बैग वितरित किए गए। नए बैग पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं जनजाति समिति राजस्थान के अध्यक्ष प्रभुलाल कटारा ने अपने संबोधन में कहा कि विद्या भारती केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण का कार्य भी कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। वहीं, भामाशाह राजकुमार कलाल ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक उन्नति शिक्षित और संस्कारित पीढ़ी से होती है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से शिक्षा के क्षेत्र में आगे आकर सहयोग करने की अपील की, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने। विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों ने भामाशाह राजकुमार कलाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध हुई है, जिससे उनका उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ेगा। इस कार्यक्रम में विभाग प्रमुख दिनेश डामोर, जिला प्रवासी देवीलाल मनात, सह खण्ड कार्यवाह राजेन्द्र पाटीदार, विद्यालय के प्रधानाचार्य, आचार्य तथा विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इस सामाजिक सहयोग को शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय पहल बताया।4
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के आसपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के प्रस्तावित वागड़ दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 14 जुलाई को आसपुर विधानसभा क्षेत्र के साबला और आसपुर महाराणा प्रताप सर्कल पर होने वाले स्वागत कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए शनिवार को पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है ताकि कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाया जा सके। सचिन पायलट के इस दौरे को लेकर पूरे वागड़ क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और उमंग का माहौल है। इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नया जोश, उत्साह और ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद जताई जा रही है। तैयारियों की समीक्षा के अवसर पर पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार के साथ पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष करणसिंह चौहान, पूर्व विधायक पुजीलाल परमार, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष विरेन्द्र सिंह सिसोदिया, मनोज पाटीदार, महेंद्र पाटीदार, केशर सिंह, नेपाल सिंह, भगवानसिंह, ताजेग पाटीदार, दीपक मीणा और दिग्पाल सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा पंचायत समिति स्थित पीठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। पिछले करीब 12 माह से जर्जर स्थिति के कारण बंद पड़े इस स्वास्थ्य केंद्र के स्थान पर अब नए भवन के निर्माण को आधिकारिक स्वीकृति मिल गई है। भवन को जर्जर घोषित किए जाने के बाद से ही क्षेत्र के निवासियों को उपचार के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए निवर्तमान प्रधान एवं चौरासी से भाजपा विधायक प्रत्याशी रहे कारीलाल ननोमा ने चिकित्सा मंत्री और जिला प्रशासन को बार-बार पत्र लिखकर जर्जर भवन को हटाने और नया भवन बनवाने की मांग की थी। उनके लगातार प्रयासों के बाद प्रशासन ने इस पर मुहर लगा दी है, जिसके तहत पुराने जर्जर भवन को ध्वस्त करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। कारीलाल ननोमा ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। नया भवन बनकर तैयार होने के बाद पीठ सहित आसपास के हजारों ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं फिर से सुलभ हो सकेंगी।4
- राजस्थान के बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद राजकुमार रोत आगामी 13 से 17 जुलाई 2026 तक स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय 'पैलेस डेस नेशंस' में आयोजित होने वाले 'आदिवासी लोगों के अधिकारों पर विशेषज्ञ मंच' (EMRIP) के 19वें सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। संयुक्त राष्ट्र का यह वही प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसने 9 अगस्त को 'विश्व आदिवासी दिवस' के रूप में वैश्विक पहचान दिलाने और दुनिया भर में मूल निवासियों के अधिकारों को सुदृढ़ करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। अब इसी वैश्विक पटल पर सांसद रोत भारतीय आदिवासी समाज की आवाज़ बुलंद करेंगे। इस गौरवपूर्ण अवसर पर सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि यह आमंत्रण केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों आदिवासियों के मुद्दों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक बड़ा माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सम्मेलन के दौरान जल, जंगल, जमीन, भारतीय संविधान की पाँचवीं और छठी अनुसूची, वनाधिकार अधिनियम, शिक्षा, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक संरक्षण तथा विस्थापन जैसी गंभीर चुनौतियों और अधिकारों से जुड़े विषयों को संयुक्त राष्ट्र के समक्ष मजबूती से रखेंगे। सांसद रोत ने इस वैश्विक भागीदारी को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने के लिए देश भर के आदिवासी समाज, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, शोधकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से व्यापक सहयोग की अपील की है। उन्होंने आह्वान किया है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े आदिवासियों के वास्तविक मुद्दों और सुझावों को उन तक पहुँचाया जाए। सांसद ने विश्वास दिलाया कि प्राप्त होने वाले सभी महत्वपूर्ण सुझावों का गहन अध्ययन कर उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के एजेंडे में शामिल किया जाएगा, ताकि भारतीय मूल निवासियों की वास्तविक परिस्थितियों और माँगों को वैश्विक स्तर पर सही ढंग से रेखांकित किया जा सके।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से एक अत्यंत दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 13 साल की एक मासूम बच्ची के साथ अमानवीय कृत्य किया गया है। इस घटना ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं, जिसके चलते देश भर में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में बढ़ती नाराजगी के बीच, राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की है। इस दौरान उन्होंने पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई और मामले की मौजूदा स्थिति को लेकर अपना आधिकारिक बयान दिया है। मामले में 'बुलडोजर एक्शन' के बाद पुलिस प्रशासन की यह पहली बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।1