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राजस्थान के डूंगरपुर जिले के आसपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के प्रस्तावित वागड़ दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 14 जुलाई को आसपुर विधानसभा क्षेत्र के साबला और आसपुर महाराणा प्रताप सर्कल पर होने वाले स्वागत कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए शनिवार को पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है ताकि कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाया जा सके। सचिन पायलट के इस दौरे को लेकर पूरे वागड़ क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और उमंग का माहौल है। इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नया जोश, उत्साह और ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद जताई जा रही है। तैयारियों की समीक्षा के अवसर पर पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार के साथ पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष करणसिंह चौहान, पूर्व विधायक पुजीलाल परमार, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष विरेन्द्र सिंह सिसोदिया, मनोज पाटीदार, महेंद्र पाटीदार, केशर सिंह, नेपाल सिंह, भगवानसिंह, ताजेग पाटीदार, दीपक मीणा और दिग्पाल सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

1 hr ago
user_Pravin Kothari
Pravin Kothari
पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
1 hr ago

राजस्थान के डूंगरपुर जिले के आसपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के प्रस्तावित वागड़ दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 14 जुलाई को आसपुर विधानसभा क्षेत्र के साबला और आसपुर महाराणा प्रताप सर्कल पर होने वाले स्वागत कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए शनिवार को पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है ताकि कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाया जा सके। सचिन पायलट के इस दौरे को लेकर पूरे वागड़ क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और उमंग का माहौल है। इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नया जोश, उत्साह और ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद जताई जा रही है। तैयारियों की समीक्षा के अवसर पर पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार के साथ पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष करणसिंह चौहान, पूर्व विधायक पुजीलाल परमार, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष विरेन्द्र सिंह सिसोदिया, मनोज पाटीदार, महेंद्र पाटीदार, केशर सिंह, नेपाल सिंह, भगवानसिंह, ताजेग पाटीदार, दीपक मीणा और दिग्पाल सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

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  • राजस्थान के डूंगरपुर जिले के आसपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के प्रस्तावित वागड़ दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 14 जुलाई को आसपुर विधानसभा क्षेत्र के साबला और आसपुर महाराणा प्रताप सर्कल पर होने वाले स्वागत कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए शनिवार को पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है ताकि कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाया जा सके। सचिन पायलट के इस दौरे को लेकर पूरे वागड़ क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और उमंग का माहौल है। इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नया जोश, उत्साह और ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद जताई जा रही है। तैयारियों की समीक्षा के अवसर पर पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार के साथ पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष करणसिंह चौहान, पूर्व विधायक पुजीलाल परमार, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष विरेन्द्र सिंह सिसोदिया, मनोज पाटीदार, महेंद्र पाटीदार, केशर सिंह, नेपाल सिंह, भगवानसिंह, ताजेग पाटीदार, दीपक मीणा और दिग्पाल सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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    राजस्थान के डूंगरपुर जिले के आसपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के प्रस्तावित वागड़ दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 14 जुलाई को आसपुर विधानसभा क्षेत्र के साबला और आसपुर महाराणा प्रताप सर्कल पर होने वाले स्वागत कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए शनिवार को पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है ताकि कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाया जा सके।

सचिन पायलट के इस दौरे को लेकर पूरे वागड़ क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और उमंग का माहौल है। इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नया जोश, उत्साह और ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद जताई जा रही है। तैयारियों की समीक्षा के अवसर पर पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार के साथ पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष करणसिंह चौहान, पूर्व विधायक पुजीलाल परमार, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष विरेन्द्र सिंह सिसोदिया, मनोज पाटीदार, महेंद्र पाटीदार, केशर सिंह, नेपाल सिंह, भगवानसिंह, ताजेग पाटीदार, दीपक मीणा और दिग्पाल सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • डूंगरपुर से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अहमदाबाद पहुंचे। वहाँ उन्होंने एक निजी अस्पताल में जाकर दशा हुमड़ समाज के अध्यक्ष दिनेश खोडनिया के पुत्र अदिश खोडनिया के जुड़वां बच्चे होने पर उनके परिवार को ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई दीं। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री अर्जुन, महेंद्रजीत सिंह मालवीय और असरार अहमद भी मौजूद रहे। इसके अलावा अहमदाबाद के पूर्व मेयर और विधायक हिम्मत पटेल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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    डूंगरपुर से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अहमदाबाद पहुंचे। वहाँ उन्होंने एक निजी अस्पताल में जाकर दशा हुमड़ समाज के अध्यक्ष दिनेश खोडनिया के पुत्र अदिश खोडनिया के जुड़वां बच्चे होने पर उनके परिवार को ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई दीं।

इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री अर्जुन, महेंद्रजीत सिंह मालवीय और असरार अहमद भी मौजूद रहे। इसके अलावा अहमदाबाद के पूर्व मेयर और विधायक हिम्मत पटेल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
    user_Maheshwar choubisa
    Maheshwar choubisa
    Graphic designer डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    36 min ago
  • डूंगरपुर शहर के सबका हॉस्पीटल में शनिवार को कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के बैनर तले एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 20 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोगरा मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत में चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल सबका ने अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया। शिविर को संबोधित करते हुए विधायक गणेश घोगरा ने कहा कि रक्तदान आज के दौर में इंसानियत का जीता-जागता उदाहरण है, जो सामाजिक सरोकारों से जुड़ा है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि रक्तदान में कभी जाति और धर्म आड़े नहीं आता और यह हमें इनसे ऊपर उठकर कार्य करने की सीख देता है, लेकिन मौजूदा दौर में भाजपा जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने लगी है। वहीं, चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल ने आभार जताते हुए कहा कि सबका अस्पताल में यह पांचवां और चिकित्सा प्रकोष्ठ के बैनर तले पहला शिविर है। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने डॉ. गोविंद पटेल की सराहना करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के बाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें थाने बुलाकर सवाल-जवाब किए थे, जिसका उन्होंने कांग्रेस विचारधारा के अनुरूप मजबूती से सामना किया। शिविर में पूर्व राज्यमंत्री असरार अहमद, वरिष्ठ नेता प्रेमकुमार पाटीदार, नारायण पण्ड्या, प्रियकांत पण्ड्या सहित कई कांग्रेस नेता उपस्थित रहे। इस अवसर पर ओमप्रकाश सिंह, रामनिवास, राजेंद्र, चेतन और डॉ. गोविंद पटेल समेत कुल 15 लोगों ने रक्तदान किया, जिन्हें अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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    डूंगरपुर शहर के सबका हॉस्पीटल में शनिवार को कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के बैनर तले एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 20 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोगरा मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत में चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल सबका ने अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया।

शिविर को संबोधित करते हुए विधायक गणेश घोगरा ने कहा कि रक्तदान आज के दौर में इंसानियत का जीता-जागता उदाहरण है, जो सामाजिक सरोकारों से जुड़ा है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि रक्तदान में कभी जाति और धर्म आड़े नहीं आता और यह हमें इनसे ऊपर उठकर कार्य करने की सीख देता है, लेकिन मौजूदा दौर में भाजपा जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने लगी है। वहीं, चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल ने आभार जताते हुए कहा कि सबका अस्पताल में यह पांचवां और चिकित्सा प्रकोष्ठ के बैनर तले पहला शिविर है।

पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने डॉ. गोविंद पटेल की सराहना करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के बाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें थाने बुलाकर सवाल-जवाब किए थे, जिसका उन्होंने कांग्रेस विचारधारा के अनुरूप मजबूती से सामना किया। शिविर में पूर्व राज्यमंत्री असरार अहमद, वरिष्ठ नेता प्रेमकुमार पाटीदार, नारायण पण्ड्या, प्रियकांत पण्ड्या सहित कई कांग्रेस नेता उपस्थित रहे। इस अवसर पर ओमप्रकाश सिंह, रामनिवास, राजेंद्र, चेतन और डॉ. गोविंद पटेल समेत कुल 15 लोगों ने रक्तदान किया, जिन्हें अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
    user_तेजसिंह राठौड
    तेजसिंह राठौड
    Nurse डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    36 min ago
  • राजस्थान के डूंगरपुर जिले के चौरासी विधानसभा क्षेत्र से भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायक अनिल कुमार कटारा ने वन मित्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग उठाई है। इस संबंध में विधायक ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा को पत्र लिखकर पूरी चयन प्रक्रिया की समीक्षा करने का आग्रह किया है। विधायक ने सरकार का ध्यान खींचते हुए बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा 2024-25 के तहत वन विभाग द्वारा संचालित इस भर्ती के आदेश 07 जुलाई 2026 को रात 11:54 बजे जारी किए गए थे, और पंजीयन कराने व रिपोर्ट भिजवाने की अंतिम तिथि अगले ही दिन यानी 08 जुलाई 2026 की शाम तक ही निर्धारित कर दी गई। विधायक अनिल कटारा ने प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इतनी अल्प समयावधि मिलने और सूचना के सीमित साधनों के कारण ग्रामीण व आदिवासी अंचलों के हजारों जरूरतमंद व बेरोजगार युवा आवेदन करने से पूरी तरह वंचित रह गए हैं। उनका आरोप है कि इस जल्दबाजी के कारण केवल पूर्व जानकारी रखने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को ही इसका लाभ मिल सका है, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जनता में सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मांग की है कि वर्तमान वन मित्र पंजीयन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय समीक्षा कराई जाए और पर्याप्त समयावधि व ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ दोबारा आवेदन आमंत्रित किए जाएं ताकि सभी पात्र युवाओं और महिलाओं को समान अवसर मिल सके।
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    राजस्थान के डूंगरपुर जिले के चौरासी विधानसभा क्षेत्र से भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायक अनिल कुमार कटारा ने वन मित्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग उठाई है। इस संबंध में विधायक ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा को पत्र लिखकर पूरी चयन प्रक्रिया की समीक्षा करने का आग्रह किया है। विधायक ने सरकार का ध्यान खींचते हुए बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा 2024-25 के तहत वन विभाग द्वारा संचालित इस भर्ती के आदेश 07 जुलाई 2026 को रात 11:54 बजे जारी किए गए थे, और पंजीयन कराने व रिपोर्ट भिजवाने की अंतिम तिथि अगले ही दिन यानी 08 जुलाई 2026 की शाम तक ही निर्धारित कर दी गई।

विधायक अनिल कटारा ने प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इतनी अल्प समयावधि मिलने और सूचना के सीमित साधनों के कारण ग्रामीण व आदिवासी अंचलों के हजारों जरूरतमंद व बेरोजगार युवा आवेदन करने से पूरी तरह वंचित रह गए हैं। उनका आरोप है कि इस जल्दबाजी के कारण केवल पूर्व जानकारी रखने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को ही इसका लाभ मिल सका है, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जनता में सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मांग की है कि वर्तमान वन मित्र पंजीयन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय समीक्षा कराई जाए और पर्याप्त समयावधि व ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ दोबारा आवेदन आमंत्रित किए जाएं ताकि सभी पात्र युवाओं और महिलाओं को समान अवसर मिल सके।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    59 min ago
  • धरियावद के वजपुरा ग्राम पंचायत स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, राठौड़ो का सेमलिया की सरकारी भूमि पर वर्षों से चल रहे अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा है। ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति ने जिला कलेक्टर प्रतापगढ़ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तीन कार्यदिवस के भीतर अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में विद्यालय भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से धरना, तालाबंदी और उग्र जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय के नाम दर्ज खाता संख्या 127, खसरा संख्या 73/7 और खाता संख्या 126, खसरा संख्या 73/5 की लगभग 0.7894 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा है। इस मामले में विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा 7 अक्टूबर 2025 को प्रस्ताव पारित कर प्रधानाध्यापक के जरिए उपखण्ड अधिकारी को पत्र भेजा गया था। इससे पहले सितंबर 2025 और 26 दिसंबर 2025 को भी शिकायतें और ज्ञापन सौंपकर दो बार रिमाइंडर दिए गए थे, लेकिन प्रशासन ने अब तक न तो जमीन का सीमांकन किया और न ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्कूल के मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। विद्यालय के चार कमरे पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी हो चुके हैं, जिससे वर्तमान में कक्षा 1 से 8 तक के सभी बच्चों को मात्र दो कमरों में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस वजह से हर समय किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, पर्याप्त सरकारी भूमि होने के बावजूद अतिक्रमण के कारण विद्यालय में खेल का मैदान तक उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। प्रशासन स्कूल में कम नामांकन का हवाला देकर इसे माध्यमिक स्तर पर प्रमोट करने से इनकार करता है, जबकि वास्तविकता यह है कि मूलभूत सुविधाओं और खेल मैदान के अभाव के कारण अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में करवाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी कोई इस सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की आवाज उठाता है, तो कुछ अतिक्रमणकारी उन्हें खुलेआम धमकियां देकर भय का माहौल बनाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का नहीं, बल्कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार (अनुच्छेद 21-ए), सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार, मानवाधिकारों, बाल अधिकारों तथा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। ज्ञापन के जरिए जिला प्रशासन से तत्काल पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में जमीन का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने, शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा देने, स्कूल की चारदीवारी व नए भवन का निर्माण करने और लंबे समय से कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर विभागीय जांच की मांग की गई है।
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    धरियावद के वजपुरा ग्राम पंचायत स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, राठौड़ो का सेमलिया की सरकारी भूमि पर वर्षों से चल रहे अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा है। ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति ने जिला कलेक्टर प्रतापगढ़ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तीन कार्यदिवस के भीतर अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में विद्यालय भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से धरना, तालाबंदी और उग्र जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय के नाम दर्ज खाता संख्या 127, खसरा संख्या 73/7 और खाता संख्या 126, खसरा संख्या 73/5 की लगभग 0.7894 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा है। इस मामले में विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा 7 अक्टूबर 2025 को प्रस्ताव पारित कर प्रधानाध्यापक के जरिए उपखण्ड अधिकारी को पत्र भेजा गया था। इससे पहले सितंबर 2025 और 26 दिसंबर 2025 को भी शिकायतें और ज्ञापन सौंपकर दो बार रिमाइंडर दिए गए थे, लेकिन प्रशासन ने अब तक न तो जमीन का सीमांकन किया और न ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की है।

प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्कूल के मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। विद्यालय के चार कमरे पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी हो चुके हैं, जिससे वर्तमान में कक्षा 1 से 8 तक के सभी बच्चों को मात्र दो कमरों में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस वजह से हर समय किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, पर्याप्त सरकारी भूमि होने के बावजूद अतिक्रमण के कारण विद्यालय में खेल का मैदान तक उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। प्रशासन स्कूल में कम नामांकन का हवाला देकर इसे माध्यमिक स्तर पर प्रमोट करने से इनकार करता है, जबकि वास्तविकता यह है कि मूलभूत सुविधाओं और खेल मैदान के अभाव के कारण अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में करवाने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी कोई इस सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की आवाज उठाता है, तो कुछ अतिक्रमणकारी उन्हें खुलेआम धमकियां देकर भय का माहौल बनाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का नहीं, बल्कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार (अनुच्छेद 21-ए), सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार, मानवाधिकारों, बाल अधिकारों तथा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। ज्ञापन के जरिए जिला प्रशासन से तत्काल पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में जमीन का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने, शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा देने, स्कूल की चारदीवारी व नए भवन का निर्माण करने और लंबे समय से कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर विभागीय जांच की मांग की गई है।
    user_जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    धरियावद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    48 min ago
  • राजस्थान के बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद राजकुमार रोत आगामी 13 से 17 जुलाई 2026 तक स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय 'पैलेस डेस नेशंस' में आयोजित होने वाले 'आदिवासी लोगों के अधिकारों पर विशेषज्ञ मंच' (EMRIP) के 19वें सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। संयुक्त राष्ट्र का यह वही प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसने 9 अगस्त को 'विश्व आदिवासी दिवस' के रूप में वैश्विक पहचान दिलाने और दुनिया भर में मूल निवासियों के अधिकारों को सुदृढ़ करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। अब इसी वैश्विक पटल पर सांसद रोत भारतीय आदिवासी समाज की आवाज़ बुलंद करेंगे। इस गौरवपूर्ण अवसर पर सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि यह आमंत्रण केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों आदिवासियों के मुद्दों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक बड़ा माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सम्मेलन के दौरान जल, जंगल, जमीन, भारतीय संविधान की पाँचवीं और छठी अनुसूची, वनाधिकार अधिनियम, शिक्षा, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक संरक्षण तथा विस्थापन जैसी गंभीर चुनौतियों और अधिकारों से जुड़े विषयों को संयुक्त राष्ट्र के समक्ष मजबूती से रखेंगे। सांसद रोत ने इस वैश्विक भागीदारी को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने के लिए देश भर के आदिवासी समाज, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, शोधकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से व्यापक सहयोग की अपील की है। उन्होंने आह्वान किया है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े आदिवासियों के वास्तविक मुद्दों और सुझावों को उन तक पहुँचाया जाए। सांसद ने विश्वास दिलाया कि प्राप्त होने वाले सभी महत्वपूर्ण सुझावों का गहन अध्ययन कर उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के एजेंडे में शामिल किया जाएगा, ताकि भारतीय मूल निवासियों की वास्तविक परिस्थितियों और माँगों को वैश्विक स्तर पर सही ढंग से रेखांकित किया जा सके।
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    राजस्थान के बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद राजकुमार रोत आगामी 13 से 17 जुलाई 2026 तक स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय 'पैलेस डेस नेशंस' में आयोजित होने वाले 'आदिवासी लोगों के अधिकारों पर विशेषज्ञ मंच' (EMRIP) के 19वें सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। संयुक्त राष्ट्र का यह वही प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसने 9 अगस्त को 'विश्व आदिवासी दिवस' के रूप में वैश्विक पहचान दिलाने और दुनिया भर में मूल निवासियों के अधिकारों को सुदृढ़ करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। अब इसी वैश्विक पटल पर सांसद रोत भारतीय आदिवासी समाज की आवाज़ बुलंद करेंगे।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि यह आमंत्रण केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों आदिवासियों के मुद्दों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक बड़ा माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सम्मेलन के दौरान जल, जंगल, जमीन, भारतीय संविधान की पाँचवीं और छठी अनुसूची, वनाधिकार अधिनियम, शिक्षा, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक संरक्षण तथा विस्थापन जैसी गंभीर चुनौतियों और अधिकारों से जुड़े विषयों को संयुक्त राष्ट्र के समक्ष मजबूती से रखेंगे।

सांसद रोत ने इस वैश्विक भागीदारी को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने के लिए देश भर के आदिवासी समाज, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, शोधकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से व्यापक सहयोग की अपील की है। उन्होंने आह्वान किया है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े आदिवासियों के वास्तविक मुद्दों और सुझावों को उन तक पहुँचाया जाए। सांसद ने विश्वास दिलाया कि प्राप्त होने वाले सभी महत्वपूर्ण सुझावों का गहन अध्ययन कर उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के एजेंडे में शामिल किया जाएगा, ताकि भारतीय मूल निवासियों की वास्तविक परिस्थितियों और माँगों को वैश्विक स्तर पर सही ढंग से रेखांकित किया जा सके।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से एक अत्यंत दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 13 साल की एक मासूम बच्ची के साथ अमानवीय कृत्य किया गया है। इस घटना ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं, जिसके चलते देश भर में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में बढ़ती नाराजगी के बीच, राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की है। इस दौरान उन्होंने पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई और मामले की मौजूदा स्थिति को लेकर अपना आधिकारिक बयान दिया है। मामले में 'बुलडोजर एक्शन' के बाद पुलिस प्रशासन की यह पहली बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।
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    राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से एक अत्यंत दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 13 साल की एक मासूम बच्ची के साथ अमानवीय कृत्य किया गया है। इस घटना ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं, जिसके चलते देश भर में भारी आक्रोश व्याप्त है।

इस मामले में बढ़ती नाराजगी के बीच, राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की है। इस दौरान उन्होंने पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई और मामले की मौजूदा स्थिति को लेकर अपना आधिकारिक बयान दिया है। मामले में 'बुलडोजर एक्शन' के बाद पुलिस प्रशासन की यह पहली बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।
    user_Pandit Repotar
    Pandit Repotar
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