नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत चावंडिया में ग्रामीण बुनियादी समस्याओं को लेकर बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य नाला क्षतिग्रस्त होने, तालाब के किनारे उगी बबूल की झाड़ियों और सीसी सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को सूचित किए जाने के बावजूद अब तक इन जनसमस्याओं का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव का मुख्य नाला लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ा है, जिससे आगामी बरसात के मौसम में जल निकासी बाधित होने और गांव की गलियों व आसपास के इलाकों में जलभराव होने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा, तालाब के किनारे उगी घनी बबूल की झाड़ियों के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और तालाब की सफाई व रखरखाव में भी बाधा आ रही है। सीसी सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि नई सड़क बनाने से पहले पुरानी सड़क को हटाया ही नहीं गया, बल्कि उसके ऊपर ही सीधे कंक्रीट की नई परत बिछाई जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के निर्माण कार्य से भविष्य में सड़क की मजबूती और गुणवत्ता प्रभावित होगी। स्थानीय निवासी और अजमेर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दीनाराम धोलिया ने बताया कि स्थानीय प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को इन सभी समस्याओं की जानकारी कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत कराने, तालाब किनारे की झाड़ियों को साफ करने और सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जनहित में इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत चावंडिया में ग्रामीण बुनियादी समस्याओं को लेकर बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य नाला क्षतिग्रस्त होने, तालाब के किनारे उगी बबूल की झाड़ियों और सीसी सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को सूचित किए जाने के बावजूद अब तक इन जनसमस्याओं का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव का मुख्य नाला लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ा है, जिससे आगामी बरसात के मौसम में जल निकासी बाधित होने और गांव की गलियों व आसपास के इलाकों में जलभराव होने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा, तालाब के किनारे उगी घनी बबूल की झाड़ियों के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और तालाब की सफाई व रखरखाव में भी बाधा आ रही है। सीसी सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि नई सड़क बनाने से पहले पुरानी सड़क को हटाया ही नहीं गया, बल्कि उसके ऊपर ही सीधे कंक्रीट की नई परत बिछाई जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के निर्माण कार्य से भविष्य में सड़क की मजबूती और गुणवत्ता प्रभावित होगी। स्थानीय निवासी और अजमेर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दीनाराम धोलिया ने बताया कि स्थानीय प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को इन सभी समस्याओं की जानकारी कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत कराने, तालाब किनारे की झाड़ियों को साफ करने और सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जनहित में इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- आज अजमेर जिले के विकास को नई गति देते हुए करीब ₹880 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। इन परियोजनाओं में 'देवली-नसीराबाद फोरलेन सड़क परियोजना' के प्रथम चरण का शिलान्यास भी शामिल है। पिछले ढाई वर्षों में सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के निर्माण को अभूतपूर्व गति देते हुए 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।1
- राजस्थान के अलवर और चूरू में आज झमाझम बरसात दर्ज की गई है। राज्य के शेष हिस्सों में मानसून की स्थिति पर नजर डालें तो अब तक कुल 24 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि आज राज्य के 5 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। वर्तमान में राज्य में मानसून कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।1
- अजमेर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में अंगदान के प्रति जन जागरण अभियान के तहत कॉलेज के 2024 बैच के 134 विद्यार्थियों ने पिछले तीन दिनों में ऑनलाइन शपथ पत्र भरकर अपने सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन किया है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया ने बताया कि इस अभियान में डॉ. महेश मेहता का विशेष योगदान रहा है। इस अभियान को गति देने के लिए संस्थान में पोस्टर बनाने, स्लोगन लिखने और रील बनाने जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें विद्यार्थी उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। राज्य सरकार और जिलाधीश के निर्देशों के अनुसार, डॉ. अनिल सामरिया ने मेडिकल कॉलेज से संबंधित सभी संस्थानों में अंगदान के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रतिज्ञा पत्र भरने और इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया गया है।1
- अजमेर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में एकत्रित होकर कार्यकर्ताओं ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाया और अपनी आवाज बुलंद करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। आंदोलनरत कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, मानदेय में बढ़ोतरी करने, सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सुरक्षा और पदोन्नति सहित कई मांगों को लेकर सरकार से लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कार्यकर्ताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर वे कार्य बहिष्कार करने और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने जैसे सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सरकार से जल्द वार्ता कर इन समस्याओं का समाधान करने की अपील की है।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बिना प्रशासनिक स्वीकृति के सार्वजनिक गली की सड़क तोड़कर विद्युत केबल बिछाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में किरण नर्सिंग होम एंड रिसर्च सेंटर की निदेशक डॉ. किरण माला जैन ने उपखंड अधिकारी और नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर काम पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और संबंधित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के मालिकों द्वारा बिना किसी प्रशासनिक मंजूरी के सार्वजनिक गली में विद्युत केबल बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा, पुराने बस स्टैंड के जीर्णोद्धार के दौरान बनी नई दीवार के पास विद्युत विभाग द्वारा दो खंभे स्थापित कर कॉम्प्लेक्स को बिजली कनेक्शन देने की तैयारी भी की जा रही है। डॉ. जैन के अनुसार, यह गली पहले करीब 12 फीट चौड़ी थी, लेकिन अतिक्रमण के चलते इसकी चौड़ाई काफी कम हो गई है, जिससे आम लोगों के आवागमन में लगातार परेशानी हो रही है। इस पूरे मामले में एक बड़ा कानूनी पहलू भी शामिल है। दीवानी वाद संख्या 69/2024 एवं 37/2024 (सीआईएस संख्या 68/2024) में न्यायालय द्वारा पहले ही यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पारित किए जा चुके हैं। इसके बावजूद सड़क तोड़कर काम किया जाना सीधे तौर पर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। ज्ञापन के जरिए प्रशासन से पुरजोर मांग की गई है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, अदालती आदेशों की पालना और आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए इस निर्माण और केबल बिछाने के कार्य को तुरंत रुकवाया जाए तथा निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।1
- पिछली सरकार में युवाओं के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ हुआ था, उसे हमारी सरकार ने पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। आज राजस्थान में बिना किसी पेपर लीक के, पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को उनके हक की नौकरियां मिल रही हैं। सरकार का संकल्प 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के साथ प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाना है।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज हेलीकॉप्टर के माध्यम से केकड़ी पहुंचे। इस दौरान स्थानीय स्तर पर उनके आगमन की जानकारी सामने आई है।1
- राजस्थान के अजमेर में रीको के सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर अंजय विश्वकर्मा को 50,000 रुपये और ब्यावर स्थित रीको की उप इकाई के कनिष्ठ सहायक कमलेश गुर्जर को 35,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जयपुर मुख्यालय के निर्देशों पर यह बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि परिवादी को औद्योगिक क्षेत्र संस्थान ब्यावर में आवंटित औद्योगिक भूखण्ड की लीजडीड और उत्पाद परिवर्तन के काम के बदले ये रिश्वत मांगी गई थी। मामले में आरोपी कमलेश गुर्जर पुत्र पूसाराम गुर्जर (26), निवासी भाटीपुरा, जिला डिडवाना-कुचामन, को 35,000 रुपये लेते हुए पकड़ा गया, जबकि अंजय विश्वकर्मा को 50,000 रुपये की रिश्वत राशि के साथ दबोचा गया। यह पूरी कार्रवाई एसीबी के उप महानिरीक्षक-द्वितीय ओमप्रकाश मीणा के सुपरवीजन में जयपुर नगर चतुर्थ इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता और ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व में संपन्न हुई। एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता, अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के मार्गदर्शन में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले में आगे की अनुसंधान प्रक्रिया जारी है।1
- कोटा में बाइक से घूमने निकले तीन दोस्तों को एक तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में दो दोस्तों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना 10 जुलाई (शुक्रवार) की रात करीब 11:30 बजे कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में कोटा-उदयपुर हाईवे (NH-27) पर धाकड़खेड़ी के पास हुई। हादसे का शिकार होने से थोड़ी देर पहले ही इन दोस्तों ने एक सेल्फी भी ली थी। मृतकों की पहचान उम्मेदगंज (थाना उद्योगनगर) के रहने वाले अभिषेक (19) और मोनू (20) के रूप में हुई है। वहीं, उनका तीसरा दोस्त कालू (21) गंभीर रूप से घायल है, जिसे इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। शनिवार को कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी में दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया गया।1