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मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में पुलिस ने एक नाबालिग के साथ गलत काम करने वाले आरोपी को घटना के महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मामले की सूचना मिलते ही तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और आरोपी को शीघ्र ही हिरासत में ले लिया गया। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे थाने ले गई और अब आगे की कानूनी कार्यवाही तथा मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है, ताकि उसे सख्त सजा दिलाई जा सके। पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी और ऐसे आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में पुलिस ने एक नाबालिग के साथ गलत काम करने वाले आरोपी को घटना के महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मामले की सूचना मिलते ही तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और आरोपी को शीघ्र ही हिरासत में ले लिया गया। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे थाने ले गई और अब आगे की कानूनी कार्यवाही तथा मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है, ताकि उसे सख्त सजा दिलाई जा सके। पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी और ऐसे आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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- मैहर जिले की आदर्श कॉलोनी वार्ड क्रमांक-14 में शासकीय राशि से बनी सीसी रोड को लेकर विवाद गंभीर रूप ले रहा है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि 16 जून 2026 की शाम करीब 6 बजे बबलू पांडे, ऋषि पांडे और पराग द्विवेदी जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचे और सरकारी सड़क को अपना बताते हुए तोड़ने का प्रयास किया। जब कॉलोनीवासियों, जिनमें शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार तिवारी भी शामिल थे, ने इसका विरोध किया, तो कथित तौर पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, अश्लील गाली-गलौज की गई और जान से मारने तक की धमकियां दी गईं। इस मामले में मैहर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कॉलोनीवासियों ने बताया है कि यह लगभग 20 फीट चौड़ा मार्ग पिछले 10 से 12 वर्षों से सार्वजनिक उपयोग में है और नगर पालिका परिषद मैहर द्वारा इस पर सीसी रोड का निर्माण कराया गया था। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि सड़क निर्माण के दौरान भी बबलू पांडे और ऋषि पांडे ने निर्माण कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया और ठेकेदार पर दबाव बनाया था। रहवासियों का दावा है कि सड़क को जेसीबी से उखाड़ने की चेतावनी पहले भी दी जा रही थी, जिसकी जानकारी प्रशासन को भी दी गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के समय कई महिलाएं मौके पर मौजूद थीं और पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया गया है। उनका विश्वास है कि यदि वीडियो और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच होती है तो वास्तविकता सामने आ सकती है। इस घटना के बाद कई रहवासियों ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि उन्हें सार्वजनिक रूप से कथित धमकियां मिली हैं। कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से शिकायतकर्ताओं और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(ए) और 351(3) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच, नगर पालिका के अभिलेखों और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या सरकारी धन से बनी सड़क को नुकसान पहुंचाने, महिलाओं से अभद्रता करने और सार्वजनिक आवागमन बाधित करने के आरोपों पर प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा।4
- मैहर जिले के ग्राम मड़ाई में ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए तालाब से निकाली गई मिट्टी का उपयोग सरपंच द्वारा सार्वजनिक कार्यों में न करके निजी उपयोग में किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, तालाब की इस मिट्टी का इस्तेमाल गांव के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए ही किया जाना था, लेकिन इसके बजाय मिट्टी को निजी स्थानों पर ले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले को लेकर गांव में जनआक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग रोकने के लिए संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, इस मामले पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के बरौधा थाने में देर रात तक हंगामा जारी रहा। ड्यूटी पर तैनात नाइट एचसीएम, प्रधान आरक्षक रामचंद्र साकेत, जो बिना वर्दी के थे, उन्होंने एक पीड़िता का आवेदन लेने से इनकार कर दिया। एक महिला अपनी 2 साल की मासूम बच्ची को गोद में लिए थाने की चौखट पर गुहार लगाती रही, लेकिन उसकी फरियाद नहीं सुनी गई। प्रधान आरक्षक आवेदन की पावती देने तक को तैयार नहीं थे।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मढ़ा में फूड डिपार्टमेंट की कार्यशैली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक वायरल वीडियो में फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल पर हितग्राहियों से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतें कटवाने का दबाव बनाने और वीडियो बना रहे पत्रकार से उलझने तथा उसे धमकाने का आरोप लगा है। वायरल वीडियो में विनय कुमार मिश्रा जैसे हितग्राहियों का कहना है कि उनकी राशन पर्ची 3-4 साल से नहीं बन पा रही है। हितग्राहियों ने आरोप लगाया है कि फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल उनसे सीधे पर्ची बनाने से मना कर रही हैं और कह रही हैं कि पहले सीएम हेल्पलाइन की शिकायत कटवा लो, फिर पर्ची बन जाएगी। हितग्राहियों का सवाल है कि शिकायत कटने के बाद पर्ची कैसे बन पाएगी। पत्रकार को जब यह सूचना मिली कि एक अधिकारी हितग्राहियों पर शिकायतें कटवाने का दबाव बना रही हैं, तो वे मौके पर पहुंचे और पहले शिकायतकर्ता का वीडियो बनाया। इसके बाद जब पत्रकार ने फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल का वीडियो बनाना चाहा, तो उन्होंने पत्रकार से ही सवाल करना शुरू कर दिया कि "तुम कौन होते हो वीडियो बनाने वाले? मेरे से परमिशन ली?" वीडियो में मैडम यह भी कहती दिख रही हैं कि वह GRS को "फालतू में तड़का रही थीं" और उसी दौरान पत्रकार शूटिंग कर रहा था। वीडियो देखते ही मैडम हाइपर हो गईं और उन्होंने पत्रकार का खुद वीडियो बनाकर उसे "मैं बताती हूं" कहकर धमकाना शुरू कर दिया। हितग्राहियों का आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन कटवाने का दबाव इसलिए बनाया जा रहा है ताकि शिकायत सिस्टम से हट जाए और अधिकारी विभागीय कार्रवाई से बच सकें। पत्रकार ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है और सवाल किया है कि क्या अब किसी अधिकारी का वीडियो बनाने से पहले अनुमति लेनी होगी। इस खबर में बताए गए सभी आरोप वायरल वीडियो और हितग्राहियों/पत्रकार के बयानों पर आधारित हैं। फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल या संबंधित विभाग का पक्ष अभी सामने नहीं आया है और निष्पक्षता के लिए उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार है। हितग्राहियों ने मांग की है कि पर्ची/राशन की समस्या बिना शर्त हल की जाए और सीएम हेल्पलाइन को दबाव का माध्यम न बनाया जाए, जबकि पत्रकार संगठनों ने भी इस मामले को प्रेस की स्वतंत्रता से जोड़ा है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले से प्रशासन और स्थानीय ग्राम पंचायत की मनमानी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सिरमौर तहसील के खरौली गांव की एक 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने ग्राम पंचायत पर उनकी निजी और पैतृक भूमि पर जबरन कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- सिरमौर तहसील की ग्राम पंचायत पड़री में दलित और आदिवासी किसान भाइयों की सैकड़ों एकड़ स्वामित्व वाली जमीन के सीमांकन में राजस्व विभाग के कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह जमीन कांग्रेस सरकार द्वारा गरीबों को 5-5 एकड़ के भूखंड के रूप में दी गई थी, जिस पर दलित और आदिवासी किसान खेती करके अपना जीवन यापन करते थे। यूथ कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार में यह जमीन गरीबों से छीनी जा रही है। यूथ कांग्रेस की टीम का कहना है कि वे ऐसा नहीं होने देंगे और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे।1
- मैहर प्रशासन पर संवेदनहीनता की सारी हदें पार करने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में सीधे तौर पर यह सवाल उठाया गया है कि क्या प्रशासन ने वास्तव में संवेदनहीनता की सारी सीमाएं लांघ दी हैं।1
- आज मैहर नगर में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य शौर्य यात्रा निकाली गई। इस यात्रा का भाजपा मैहर नगर मंडल अध्यक्ष विकास तिवारी के नेतृत्व में पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। यात्रा में शामिल लोगों ने ध्वज लहराते हुए और भगवा पगड़ियां पहनकर महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग और स्वाभिमान को याद किया, साथ ही देश प्रेम का संदेश दिया। यात्रा में सजे-धजे बैंड, पारंपरिक वेशभूषा में घुड़सवार और सांस्कृतिक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए उनके बताए मार्गों पर चलने का संकल्प लिया। यात्रा के स्वागत के दौरान विकास तिवारी, कल्लू पाल, विनोद चौरसिया, विष्णु चौरसिया, अनिल बढ़ोलिया, हेतराम प्रजापति, मुकेश ओझा, अनिल श्रीवास्तव, सुमित जग्यासी, पवन संतानी, छोटू मैनी, राकेश मौर्य और अभिषेक तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- Post by Prime 24 News1