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इसकी जाँच होनी चाहिए
Sumant Paswan
इसकी जाँच होनी चाहिए
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- इसकी जाँच होनी चाहिए1
- देवरिया । यातायात पुलिस देवरिया द्वारा दुर्घनाओं की रोकथाम हेतु चेकिंग अभियान चलाकर वाहनों की चेकिंग की गयी व नियमों का पालन न करने वालों का एमवी एक्ट में चालान किया गया। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देश पर आज यातायात प्रभारी गुलाब सिंह और यातायात पुलिस द्वारा दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु शहर क्षेत्र में अभियान चलाकर मालवीय रोड, गोरखपुर रोड, बस स्टैंड पर अभियान चलाकर बिना फिटनेस एवं बिना ड्राइविंग लाइसेंस के चलने वाले ऑटो एवं ई–रिक्शा वाहनों तथा सोनूघाट, सलेमपुर रोड पर सड़क पर खड़े भारी वाहनों के विरुद्ध एम वी एक्ट में चालान एवं सीज की कार्यवाही की गयी। साथ ही चिरैया ढाला पर ट्रक, ऑटो एवं ई–रिक्शा चालकों को यातायात पुलिस देवरिया एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी देवरिया द्वारा यातायात नियमों के संबंध में शपथ दिलाई गयी एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। इस प्रकार अभियान के दौरान यातायात पुलिस देवरिया द्वारा कुल 116 वाहनों का ई-चालान किया गया तथा 06 वाहनों को सीज किया गया। 1.यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाता है। 2.दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलती है। 3.वाहन चालकों को यह संदेश दिया जाता है कि यातायात के नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ।3
- लखनऊ में मनचले को मिला तुरंत जवाब 🚨 एक लड़का लड़की से छेड़छाड़ कर रहा था.. लड़की ने डरने की बजाय... खुद का बचाव करते हुए विरोध किया.. यह हिंसा नहीं,आत्मरक्षा और हिम्मत की मिसाल है 👉 सवाल यही है... क्या अब भी चुप रहना ही सही माना जाएगा..1
- Post by Dhananjay Kumar Yadav1
- कुशीनगर जिले के मोतीचक विकासखंड स्थित एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां मिड-डे मील योजना के तहत भोजन करने के बाद छोटे-छोटे बच्चों से ठंड के मौसम में बर्तन धुलवाए जाने का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। यह मामला न केवल सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत उजागर करता है, बल्कि बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है। विद्यालय परिसर में सरकारी नल के पास कतार में खड़े बच्चे कभी नल चलाकर, तो कभी अपने नन्हे हाथों में थाली लेकर कांपते हुए बर्तन धोते नजर आए। ठंड लगातार बढ़ रही है, इसके बावजूद बच्चों को ठंडे पानी से बर्तन साफ करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई थी, लेकिन अब इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सार्वजनिक हो गया। प्रधानाध्यापक ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि बच्चों से हल्की-फुल्की थाली धुलवाना ‘स्वच्छता अभियान’ का हिस्सा है। हालांकि सवाल यह उठता है कि क्या कड़ाके की ठंड में बच्चों से इस तरह का कार्य करवाना उचित है। वहीं ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि जिन हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उन्हीं हाथों से बर्तन धुलवाना सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। मामले की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान ने भी नाराजगी जताई और स्पष्ट कहा कि उन्हें इस तरह की व्यवस्था की जानकारी नहीं थी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मिड-डे मील योजना के तहत बर्तन धोने की जिम्मेदारी रसोइयों की होती है, न कि बच्चों की। ग्राम प्रधान ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कुशीनगर राम जियावन ने कहा कि यदि बच्चों से जूठे बर्तन धुलवाने की पुष्टि होती है तो यह गंभीर लापरवाही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिड-डे मील योजना में बर्तन धोने की जिम्मेदारी पूरी तरह से नियुक्त रसोइयों की होती है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सरकार द्वारा मिड-डे मील योजना चलाई जाती है, जिसमें भोजन पकाने, परोसने और साफ-सफाई के लिए रसोइयों की नियुक्ति की जाती है। इसके बावजूद बच्चों से यह कार्य करवाया जाना शिक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करता है। यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सरकारी योजनाएं कागजों में भले ही मजबूत दिखें, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ सकती है। अब देखना यह है कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है1
- बिहार सुधार के क्रम में जो भी काम लिया उसे पूरी ईमानदारी और शुद्धता से निभाया!1
- u g c hona chahiye jat dekhkar kat rahe number khan sir ka sabut ke sath pardafas1
- देवरिया । नगे पैर पहुंचे थे अपने बात को रखने के लिए3