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न्यूटन नगर पंचायत में इंजीनियर की अनुपस्थिति के कारण सभी विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। इस स्थिति के चलते न्यूटन चिखली नगर परिषद में विकास कार्य पूरी तरह से रुक गए हैं।
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न्यूटन नगर पंचायत में इंजीनियर की अनुपस्थिति के कारण सभी विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। इस स्थिति के चलते न्यूटन चिखली नगर परिषद में विकास कार्य पूरी तरह से रुक गए हैं।
- User9978Parasia, Chhindwara😡19 hrs ago
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More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- दशकों पहले छिंदवाड़ा जिला, जिसे कोयले के कारण 'हीरे के नाम' से पहचाना जाता था और जहाँ परासिया, जमाई तथा दमोह जैसे विभिन्न विकासखंडों में कई खदानें संचालित होने से रोजगार एवं व्यापार में खासी रौनक थी, वहाँ अब हालात बदल गए हैं। बीते लगभग 15 वर्षों से प्रशासन द्वारा लगातार खदानें बंद की जा रही हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और शिक्षित बेरोजगारों के लिए रोजगार की कमी एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। मध्य भारत के इस जिले में, खासकर परासिया-पेंच और कन्हान क्षेत्र में, कभी कई भूमिगत और ओपन कास्ट कोयला खदानें थीं। ये खदानें धीरे-धीरे अपने अंतिम चरण में पहुँच गई हैं और नियमित कामगार भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसी वजह से क्षेत्र के कई पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक काम की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। क्षेत्र के पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक लगातार कोयला मंत्रालय को पत्र लिखकर एवं उच्च अधिकारियों से मिलकर नई खदानें खोलने का अनुरोध कर रहे हैं, ताकि स्थानीय व्यापार को फिर से फायदा मिल सके। जानकारी के अनुसार, बीते कई वर्षों से कोयला मंत्रालय के स्पष्ट निर्देशों के तहत कई क्षेत्र निजी सेक्टर में चले गए हैं, और वर्ष 2004 के बाद से कोयला कामगारों को मिलने वाली पेंशन की सुविधा भी बंद कर दी गई है। पेंच और कन्हान क्षेत्र की पुरानी रौनक अब पूरी तरह खत्म हो गई है, जिससे कोयलांचल क्षेत्र का अस्तित्व ही अंतिम चरण में पहुँच गया है, जहाँ काम के अभाव के कारण व्यापार में लगातार गिरावट आ रही है।1
- छिंदवाड़ा जिले में SafeClick2_0 पहल के तहत एक विशेष कार्यक्रम 'एक शाम साहस और समर्पण के नाम' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Cyber Safe Dance प्रस्तुत किए गए, साइबर जागरूकता से संबंधित संदेश प्रसारित किए गए और समाजसेवियों का सम्मान भी किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एक सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण का संकल्प लेना था।1
- डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में "सेफ क्लिक अभियान 2.0" संचालित किया जा रहा है। इस पहल के तहत, पुलिस प्रशासन लगातार गांव के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता पहुंचाने का प्रयास कर रहा है, जिसके लिए कोटवार गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। इसी क्रम में, "सेफ क्लिक 2.0" के 12वें दिन, झमाझम बारिश के दौरान भी ग्राम कोटवारों ने अपनी मुनादी से साइबर सुरक्षा का संदेश हर गांव तक पहुंचाया।1
- घरों में पानी भर जाने से लोगों का सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया है। इस स्थिति के कारण प्रभावित परिवारों को एक दर्दनाक कहानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- कुरई विकासखंड के अंतर्गत आने वाला श्यामटोला से चक्की खमरिया तक का कच्चा पहुँच मार्ग भारी बरसात के कारण पूरी तरह दलदल में बदल गया है। इस स्थिति के चलते क्षेत्र में आवागमन करने वाले राहगीरों को आवाजाही में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- आठनेर तहसील की ग्राम पंचायत टेमुरनी स्थित प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक श्री उत्तम साहू के स्थानांतरण को निरस्त करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवाने एवं सहायक आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों का कहना है कि ज्ञापन दिए जाने के बावजूद अब तक उनकी मांग पर कोई सकारात्मक कार्रवाई या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और वे पुनः इस संबंध में अपील कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, श्री उत्तम साहू के नेतृत्व में विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उनके कार्यों से प्रभावित होकर ग्रामीणों के सहयोग से विद्यालय परिसर में लगभग 275 फीट लंबी बाउंड्री वॉल, सांस्कृतिक मंच और प्रांगण में पेविंग ब्लॉक सहित कई विकास कार्य कराए गए हैं। श्री उत्तम साहू ने भी अपने व्यक्तिगत सहयोग से झूला एवं बाउंड्री वॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विद्यालय का परीक्षा परिणाम पिछले कई वर्षों से शत-प्रतिशत रहा है और यहां के विद्यार्थियों ने जिले में प्रथम स्थान भी प्राप्त किया है, जिसके लिए विद्यालय को जिला कलेक्टर द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि श्री उत्तम साहू विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखते हैं, जिससे विद्यालय में अनुशासन एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति लगभग शत-प्रतिशत बनी रहती है। वे आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों की व्यक्तिगत रूप से आर्थिक सहायता करने के साथ-साथ उनके लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था भी कराते हैं। ग्रामीणों ने इस बात पर भी जोर दिया है कि प्राथमिक शाला में वर्तमान में तीन शिक्षक पदस्थ हैं, जिनमें से शिक्षिका श्रीमती पल्लवी पांडे मातृत्व अवकाश पर हैं। ऐसी स्थिति में, यदि श्री उत्तम साहू का स्थानांतरण किया जाता है, तो विद्यालय में केवल एक शिक्षक ही शेष रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित होंगी। इसलिए, उन्होंने जिला कलेक्टर एवं सहायक आयुक्त से पुनः आग्रह किया है कि श्री उत्तम साहू की शैक्षिक कार्यकुशलता, विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनका स्थानांतरण तत्काल निरस्त किया जाए और उन्हें प्राथमिक शाला टेमुरनी में यथावत पदस्थ रखा जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो और उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।1
- छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत माचागोरा डेम की मायनर नहर का काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। नहर का निर्माण कच्ची अवस्था में छोड़ दिया गया है, जिसके चलते इसमें पानी भरने पर इसका फूटना तय माना जा रहा है। इसके फटने से खेतों में पानी का प्रवाह रुक जाएगा और किसानों की फसल को गंभीर क्षति पहुंचेगी। यह मायनर नहर भूतेरा गेट से जुड़ी है और जब तीन किलोमीटर की रेंज से पानी आएगा, तो उसे आगे निकलने का कोई उपाय नहीं है। एरिकेशन विभाग के एस.डी.ओ. और इंजीनियर जितेंद्र सिंह मर्शकोले सहित मध्य प्रदेश शासन के अधिकारियों के इस गैर-जिम्मेदाराना काम के कारण 30 एकड़ से ज़्यादा खेतों को नुकसान होने की संभावना है, जिससे किसानों को बहुत बड़ी आर्थिक हानि होगी। जब अधिकारियों और ठेकेदार से इस समस्या के समाधान के लिए बात की गई, तो उन्होंने कोई हल निकालने के बजाय अपने बातों से मुकर गए। नहर की खुदाई करके काम को अधूरा छोड़ दिया गया है। बारिश का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन माचागोरा डेम की मायनर नहर का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है, जिससे बड़ी हानि की पूरी संभावना बनी हुई है। इस पूरी स्थिति और किसानों के संभावित नुकसान के लिए एरिकेशन विभाग के अधिकारियों को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।1
- सिवनी जिले के खैरी क्षेत्र में लगातार भारी बारिश के चलते सागर कुलार पुल (रपटा) के ऊपर से पानी बहने लगा है। इस स्थिति के कारण आमाकोला और जामुनटोला सहित आसपास के कई गाँवों का मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पुल पार करने का जोखिम न लें और पानी का स्तर कम होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहें।1